तिल्दा नेवरा क्षेत्र में अग्रवाल समाज भवन की बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद अब और गहराता जा रहा है। तिल्दा नेवरा क्षेत्र में अग्रवाल समाज भवन की बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद अब और गहराता जा रहा है। मामला सिर्फ अवैध कब्जे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पहले ग्राम पंचायत के उपसरपंच और पंचों द्वारा इस मामले में दबाव बनाए जाने की बात कही गई थी और इस संबंध में एसडीएम तथा तहसील कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया गया था। लेकिन इसके बाद जब दस्तावेज सामने आए, तो पता चला कि उसी एनओसी दस्तावेज पर सरपंच, उपसरपंच और कुछ पंचों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। जब इस विषय पर पत्रकारों ने सरपंच से सवाल किया, तो सरपंच ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि बाउंड्री वॉल अवैध है तो उसे तोड़ा जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कुछ पंचों द्वारा इस पूरे मामले में लिखित रूप से विरोध भी दर्ज कराया गया है। पंचों का कहना है कि इस विषय में शासन-प्रशासन को सही तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एक ओर एनओसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हैं और दूसरी ओर उसी विषय में विरोध का लिखित आवेदन भी दिया गया है, तो आखिर शासन-प्रशासन किसे मान्य मानेगा? क्या एनओसी के हस्ताक्षर को वैध माना जाएगा, या फिर विरोध में दिए गए आवेदन को आधार बनाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी? अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेता है और विवादित बाउंड्री वॉल के संबंध में आगे क्या कार्रवाई होती है। संवाददाता – धीरेंद्र कुमार जायसवाल जय जोहार सीजी न्यूज़
तिल्दा नेवरा क्षेत्र में अग्रवाल समाज भवन की बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद अब और गहराता जा रहा है। तिल्दा नेवरा क्षेत्र में अग्रवाल समाज भवन की बाउंड्री वॉल को लेकर विवाद अब और गहराता जा रहा है। मामला सिर्फ अवैध कब्जे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पहले ग्राम पंचायत के उपसरपंच और पंचों द्वारा इस मामले में दबाव बनाए जाने की बात कही गई थी और इस संबंध में एसडीएम तथा तहसील कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया गया था। लेकिन इसके बाद जब दस्तावेज सामने आए, तो पता चला कि उसी एनओसी दस्तावेज पर सरपंच, उपसरपंच और कुछ पंचों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। जब इस विषय पर पत्रकारों ने सरपंच से सवाल किया, तो सरपंच ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि बाउंड्री वॉल अवैध है तो उसे तोड़ा जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कुछ पंचों द्वारा इस पूरे मामले में लिखित रूप से विरोध भी दर्ज कराया गया है। पंचों का कहना है कि इस विषय में शासन-प्रशासन को सही तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब एक ओर एनओसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हैं और दूसरी ओर उसी विषय में विरोध का लिखित आवेदन भी दिया गया है, तो आखिर शासन-प्रशासन किसे मान्य मानेगा? क्या एनओसी के हस्ताक्षर को वैध माना जाएगा, या फिर विरोध में दिए गए आवेदन को आधार बनाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी? अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेता है और विवादित बाउंड्री वॉल के संबंध में आगे क्या कार्रवाई होती है। संवाददाता – धीरेंद्र कुमार जायसवाल जय जोहार सीजी न्यूज़
- तिल्दा नेवरा के सासाहोली चौक में दर्दनाक हादसा | ट्रेलर की चपेट में युवक की मौत संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/91314197351
- Post by गोविंद राम 92947315371
- Post by पत्रकार1
- छत्तीसगढ़ में भू-माफियाओं की सक्रियता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। कई मामलों में किसानों की जमीन को बिना खरीदी किए ही हड़पने की कोशिश की जा रही है। ऐसा ही एक मामला मुंगेली जिले की सर्गांव तहसील से सामने आया है।1
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- सासाहोली चौक में दर्दनाक हादसा, बाइक सवार युवक की मौत टंडवा निवासी युवक ट्रेलर की चपेट में आने से मौत1
- Post by गोविंद राम 92947315371
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- Post by Rameshwar sahu1