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अधिवक्ता संघ भाटापारा ने संगठन में अनुशासन, पेशेवर आचरण और अधिवक्ता पेशे की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संघ ने 18 जून 2026 को अपने कार्यालय में आयोजित आमसभा बैठक में अधिवक्ता सूरज शर्मा की नियमित सदस्यता को निलंबित या निष्कासित करने का सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया है। संघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सूरज शर्मा के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों, उपलब्ध अभिलेखों और प्रस्तुत तथ्यों पर विचार-विमर्श करने के लिए यह आमसभा बुलाई गई थी। बैठक में संघ के अध्यक्ष अनिल मिश्रा, सचिव, अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य अधिवक्ता उपस्थित थे। विस्तृत चर्चा के दौरान कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी सूरज शर्मा के कथित कदाचरण से संबंधित शिकायतें प्रस्तुत कीं। संघ ने शिकायतों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर माना, जिसके परिणामस्वरूप यह सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित हुआ। संघ के अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से सूरज शर्मा के विरुद्ध लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में कुछ पुलिस कर्मचारियों के साथ कथित सांठगांठ कर जमानत संबंधी मामलों को प्रभावित करने अथवा अपने पक्ष में करवाने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। संघ का मानना है कि इन गतिविधियों से अधिवक्ता संघ की छवि प्रभावित हो रही थी। पदाधिकारियों के अनुसार, संबंधित अधिवक्ता को पहले कई बार मौखिक चेतावनी दी गई थी और आचरण सुधारने की सलाह भी दी गई थी, लेकिन शिकायतों का सिलसिला जारी रहा, जिसे संघ की आचार संहिता, अनुशासनात्मक नियमों और संगठनात्मक मर्यादाओं का उल्लंघन माना गया। इसी कारण कठोर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। संघ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह निलंबन या निष्कासन 18 जून 2026 से प्रभावी होगा। इस अवधि के दौरान, सूरज शर्मा संघ की सदस्यता से प्राप्त किसी भी अधिकार, सुविधा या गतिविधि में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि यदि किसी पुलिस कर्मचारी या अधिकारी द्वारा किसी अधिवक्ता को अनुचित लाभ पहुँचाने संबंधी तथ्य सामने आते हैं, तो उनकी भूमिका की भी जांच कराई जा सकती है, हालांकि अभी तक किसी कर्मचारी या अधिकारी के विरुद्ध कोई औपचारिक कार्रवाई घोषित नहीं की गई है। अधिवक्ता संघ भाटापारा ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि संगठन में अनुशासन, पारदर्शिता, पेशेवर नैतिकता और पेशे की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। संघ ने अपने सभी सदस्यों से विधिक व्यवसाय के उच्च नैतिक मानकों का पालन करने की अपेक्षा की है। इस निर्णय की प्रति व्यवहार न्यायालय भाटापारा, जिला न्यायालय बलौदाबाजार और राज्य विधिज्ञ परिषद छत्तीसगढ़, बिलासपुर को भी भेज दी गई है, और संघ ने भविष्य में भी संगठन की मर्यादा व अधिवक्ता समुदाय की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

11 hrs ago
user_SIDDH JYOTI -LIGHT OF TRUTH
SIDDH JYOTI -LIGHT OF TRUTH
पत्रकार बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
11 hrs ago
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अधिवक्ता संघ भाटापारा ने संगठन में अनुशासन, पेशेवर आचरण और अधिवक्ता पेशे की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संघ ने 18 जून 2026 को अपने कार्यालय में आयोजित आमसभा बैठक में अधिवक्ता सूरज शर्मा की नियमित सदस्यता को निलंबित या निष्कासित करने का सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया है। संघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सूरज शर्मा के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों, उपलब्ध अभिलेखों और प्रस्तुत तथ्यों पर विचार-विमर्श करने के लिए यह आमसभा बुलाई गई थी। बैठक में संघ के अध्यक्ष अनिल मिश्रा, सचिव, अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य अधिवक्ता उपस्थित थे। विस्तृत चर्चा के दौरान कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी सूरज शर्मा के कथित कदाचरण से संबंधित शिकायतें प्रस्तुत कीं। संघ ने शिकायतों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर माना, जिसके परिणामस्वरूप यह सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित हुआ। संघ के अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से सूरज शर्मा के विरुद्ध लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में कुछ पुलिस कर्मचारियों के साथ कथित सांठगांठ कर जमानत संबंधी मामलों को प्रभावित करने अथवा अपने पक्ष में करवाने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। संघ का मानना है कि इन गतिविधियों से अधिवक्ता संघ की छवि प्रभावित हो रही थी। पदाधिकारियों के अनुसार, संबंधित अधिवक्ता को पहले कई बार मौखिक चेतावनी दी गई थी और आचरण सुधारने की सलाह भी दी गई थी, लेकिन शिकायतों का सिलसिला जारी रहा, जिसे संघ की आचार संहिता, अनुशासनात्मक नियमों और संगठनात्मक मर्यादाओं का उल्लंघन माना गया। इसी कारण कठोर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। संघ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह निलंबन या निष्कासन 18 जून 2026 से प्रभावी होगा। इस अवधि के दौरान, सूरज शर्मा संघ की सदस्यता से प्राप्त किसी भी अधिकार, सुविधा या गतिविधि में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि यदि किसी पुलिस कर्मचारी या अधिकारी द्वारा किसी अधिवक्ता को अनुचित लाभ पहुँचाने संबंधी तथ्य सामने आते हैं, तो उनकी भूमिका की भी जांच कराई जा सकती है, हालांकि अभी तक किसी कर्मचारी या अधिकारी के विरुद्ध कोई औपचारिक कार्रवाई घोषित नहीं की गई है। अधिवक्ता संघ भाटापारा ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि संगठन में अनुशासन, पारदर्शिता, पेशेवर नैतिकता और पेशे की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। संघ ने अपने सभी सदस्यों से विधिक व्यवसाय के उच्च नैतिक मानकों का पालन करने की अपेक्षा की है। इस निर्णय की प्रति व्यवहार न्यायालय भाटापारा, जिला न्यायालय बलौदाबाजार और राज्य विधिज्ञ परिषद छत्तीसगढ़, बिलासपुर को भी भेज दी गई है, और संघ ने भविष्य में भी संगठन की मर्यादा व अधिवक्ता समुदाय की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

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  • बलौदाबाजार सिटी कोतवाली पुलिस ने जिला बदर किए गए एक शातिर अपराधी विलास चेलक उर्फ कानू को जिले की सीमा में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक वर्ष के लिए बलौदाबाजार और आसपास के कई जिलों से बाहर रहने का आदेश था, जिसका उल्लंघन करते हुए वह चोरी-छिपे जिले में घूम रहा था। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशानुसार अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, 19 जून को सिटी कोतवाली पुलिस क्षेत्र में कानून व्यवस्था और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पुरानी बस्ती निवासी विलास चेलक उर्फ कानू जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर बलौदाबाजार जिले में मौजूद है। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया, जिसने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने मुस्तैदी से उसे धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट के आदेश का उल्लंघन करने पर की गई है। आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 497/2026 दर्ज किया गया है, जिसके तहत धारा 14 छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 और धारा 223 बीएनएस के तहत कार्रवाई हुई है। गिरफ्तार आरोपी को अब न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक लखेश केवट, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र देवांगन और सिटी कोतवाली पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
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    बलौदाबाजार सिटी कोतवाली पुलिस ने जिला बदर किए गए एक शातिर अपराधी विलास चेलक उर्फ कानू को जिले की सीमा में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक वर्ष के लिए बलौदाबाजार और आसपास के कई जिलों से बाहर रहने का आदेश था, जिसका उल्लंघन करते हुए वह चोरी-छिपे जिले में घूम रहा था।

पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशानुसार अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, 19 जून को सिटी कोतवाली पुलिस क्षेत्र में कानून व्यवस्था और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पुरानी बस्ती निवासी विलास चेलक उर्फ कानू जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर बलौदाबाजार जिले में मौजूद है। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया, जिसने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने मुस्तैदी से उसे धर दबोचा।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट के आदेश का उल्लंघन करने पर की गई है। आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 497/2026 दर्ज किया गया है, जिसके तहत धारा 14 छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 और धारा 223 बीएनएस के तहत कार्रवाई हुई है। गिरफ्तार आरोपी को अब न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक लखेश केवट, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र देवांगन और सिटी कोतवाली पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
    user_Kishor Banjare
    Kishor Banjare
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खैरघटा और पंहदा के किसानों को पिछले नौ दिनों से गंभीर बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। अटल ज्योति योजना के तहत कृषि कार्यों के लिए मिलने वाली विद्युत आपूर्ति बंद होने के कारण खेतों में लगे बोरवेल ठप पड़ गए हैं, जिससे किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुँच गई हैं। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विद्युत वितरण कंपनी समस्या के समाधान के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रही है। किसानों के अनुसार, विद्युत वितरण कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण चार से पांच विद्युत खंभों के टूटने को बताया था और मरम्मत में समय लगने की बात कही थी। हालांकि, गुरुवार को परेशान किसानों ने खैरघटा से पंहदा तक खेतों और विद्युत लाइन का स्वयं निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें कहीं भी कोई खंभा टूटा हुआ नहीं मिला। इसके बाद किसानों ने विभाग द्वारा बताए गए कारणों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली बंद रहने से क्षेत्र में सिंचाई कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। जिन किसानों ने अपने बोरवेल और विद्युत पंप के भरोसे खेती की थी, उनकी फसलें तेजी से सूख रही हैं। पंहदा निवासी किसान विष्णु निषाद ने बताया कि समय पर सिंचाई न होने से उनकी फसल खराब हो गई है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द बिजली चालू नहीं की गई तो क्षेत्र के अनेक किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों बर्बाद हो जाएंगी। किसानों ने प्रशासन और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर समस्या का तत्काल समाधान करने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस बिजली संकट को लेकर किसानों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है।
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    बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खैरघटा और पंहदा के किसानों को पिछले नौ दिनों से गंभीर बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। अटल ज्योति योजना के तहत कृषि कार्यों के लिए मिलने वाली विद्युत आपूर्ति बंद होने के कारण खेतों में लगे बोरवेल ठप पड़ गए हैं, जिससे किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुँच गई हैं। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विद्युत वितरण कंपनी समस्या के समाधान के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रही है।

किसानों के अनुसार, विद्युत वितरण कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण चार से पांच विद्युत खंभों के टूटने को बताया था और मरम्मत में समय लगने की बात कही थी। हालांकि, गुरुवार को परेशान किसानों ने खैरघटा से पंहदा तक खेतों और विद्युत लाइन का स्वयं निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें कहीं भी कोई खंभा टूटा हुआ नहीं मिला। इसके बाद किसानों ने विभाग द्वारा बताए गए कारणों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिजली बंद रहने से क्षेत्र में सिंचाई कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। जिन किसानों ने अपने बोरवेल और विद्युत पंप के भरोसे खेती की थी, उनकी फसलें तेजी से सूख रही हैं। पंहदा निवासी किसान विष्णु निषाद ने बताया कि समय पर सिंचाई न होने से उनकी फसल खराब हो गई है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द बिजली चालू नहीं की गई तो क्षेत्र के अनेक किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों बर्बाद हो जाएंगी। किसानों ने प्रशासन और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर समस्या का तत्काल समाधान करने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस बिजली संकट को लेकर किसानों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है।
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चांटीपाली में कथित प्रशासनिक प्रताड़ना से व्यथित एक किसान ने ज़हर का सेवन कर लिया। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे किसान कमल ओगरे ने यह कदम उठाया, जिसके बाद उन्हें तत्काल कसडोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं। पीड़ित किसान कमल ओगरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कसडोल की नायब तहसीलदार ने गुरुवार को तीन ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की थी। किसान के अनुसार, इनमें से दो ट्रैक्टर कथित पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिए गए, जबकि एक ट्रैक्टर मालिक द्वारा पैसे नहीं देने पर उसका वाहन जब्त कर लिया गया। ओगरे ने दावा किया कि उनके ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए भी रुपयों की मांग की गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे यह रकम नहीं दे पाए, जिसके चलते उनका ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेत से भरा एक ट्रैक्टर भद्रा में ही छोड़ दिया गया, जबकि ईंट से भरे एक अन्य ट्रैक्टर को थाना ले जाकर देर शाम कथित रूप से पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिया गया। कमल ओगरे के पास पकड़े गए ईंट से भरे ट्रैक्टर की तस्वीरें भी मौजूद होने का दावा है, और उन्होंने क्षेत्र में ट्रैक्टर संचालकों से लगातार अवैध वसूली का आरोप लगाया, जिसमें रिश्वत देने वालों को छोड़ दिया जाता है और पैसे न देने वालों पर कार्रवाई की जाती है। किसान ने निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई। इस घटना की सूचना मिलने पर कसडोल विधायक संदीप साहू देर रात अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से मिलकर उनका हालचाल जाना। विधायक साहू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ट्रैक्टर संचालकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे किसान और वाहन संचालक बेहद परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कार्य भी अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। विधायक ने इस पूरे मामले की जाँच कर दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कराने तथा इस विषय को कलेक्टर और संबंधित मंत्री के समक्ष उठाकर जाँच एवं कार्रवाई की माँग करने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, कसडोल की नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने दूरभाष पर सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा केवल नियमों के तहत ईंट से भरे ट्रैक्टर पर कार्रवाई की गई थी और उन्होंने किसी भी व्यक्ति से कोई राशि नहीं मांगी है, उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने किसान के जहर सेवन की पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी स्थिति सामान्य है। अब इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है, और सभी की निगाहें प्रशासनिक जाँच के परिणामों पर टिकी हैं।
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    छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चांटीपाली में कथित प्रशासनिक प्रताड़ना से व्यथित एक किसान ने ज़हर का सेवन कर लिया। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे किसान कमल ओगरे ने यह कदम उठाया, जिसके बाद उन्हें तत्काल कसडोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

पीड़ित किसान कमल ओगरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कसडोल की नायब तहसीलदार ने गुरुवार को तीन ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की थी। किसान के अनुसार, इनमें से दो ट्रैक्टर कथित पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिए गए, जबकि एक ट्रैक्टर मालिक द्वारा पैसे नहीं देने पर उसका वाहन जब्त कर लिया गया। ओगरे ने दावा किया कि उनके ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए भी रुपयों की मांग की गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे यह रकम नहीं दे पाए, जिसके चलते उनका ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेत से भरा एक ट्रैक्टर भद्रा में ही छोड़ दिया गया, जबकि ईंट से भरे एक अन्य ट्रैक्टर को थाना ले जाकर देर शाम कथित रूप से पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिया गया। कमल ओगरे के पास पकड़े गए ईंट से भरे ट्रैक्टर की तस्वीरें भी मौजूद होने का दावा है, और उन्होंने क्षेत्र में ट्रैक्टर संचालकों से लगातार अवैध वसूली का आरोप लगाया, जिसमें रिश्वत देने वालों को छोड़ दिया जाता है और पैसे न देने वालों पर कार्रवाई की जाती है। किसान ने निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई।

इस घटना की सूचना मिलने पर कसडोल विधायक संदीप साहू देर रात अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से मिलकर उनका हालचाल जाना। विधायक साहू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ट्रैक्टर संचालकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे किसान और वाहन संचालक बेहद परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कार्य भी अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। विधायक ने इस पूरे मामले की जाँच कर दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कराने तथा इस विषय को कलेक्टर और संबंधित मंत्री के समक्ष उठाकर जाँच एवं कार्रवाई की माँग करने का आश्वासन दिया।

दूसरी ओर, कसडोल की नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने दूरभाष पर सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा केवल नियमों के तहत ईंट से भरे ट्रैक्टर पर कार्रवाई की गई थी और उन्होंने किसी भी व्यक्ति से कोई राशि नहीं मांगी है, उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने किसान के जहर सेवन की पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी स्थिति सामान्य है। अब इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है, और सभी की निगाहें प्रशासनिक जाँच के परिणामों पर टिकी हैं।
    user_तुलसी राम
    तुलसी राम
    Local News Reporter पलारी, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • एक जिला पंचायत सदस्य को पेट्रोल पंप पर डीजल न दिए जाने के कारण, उन्होंने अपनी कार को बैलों के सहारे खींचकर पेट्रोल पंप तक पहुंचाया।
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    एक जिला पंचायत सदस्य को पेट्रोल पंप पर डीजल न दिए जाने के कारण, उन्होंने अपनी कार को बैलों के सहारे खींचकर पेट्रोल पंप तक पहुंचाया।
    user_Chetan Purena
    Chetan Purena
    पलारी, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के हिर्री माईनस इंद्रपुरी से 14 वर्षीय बालक लक्ष्य उर्फ कान्हा दुबे अपने नीले रंग के रेजर साइकिल पर खेलने निकला, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा और लापता हो गया। परिजनों ने चकरभाठा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। लापता बालक लक्ष्य, जो कि विक्की दुबे का बेटा और मोहन दुबे का पोता है, हिर्री माईनस इंद्रपुरी वार्ड नंबर 19 का निवासी है। वह 19 जून 2026 की शाम करीब 5:30 बजे अपने छोटे भाई पीयूष को यह बताकर घर से निकला था कि वह खेलने जा रहा है। परिजनों ने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों के साथ-साथ लक्ष्य के साथ खेलने वाले बच्चों से भी पूछताछ की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। लक्ष्य का हुलिया बताया गया है कि उसकी लंबाई करीब 4 फीट है, रंग गोरा, चेहरा गोल और बाल काले हैं। वह हाफ टी-शर्ट और फुल पैंट पहने हुए था। लक्ष्य 7वीं कक्षा में पढ़ता है और छत्तीसगढ़ी तथा हिंदी भाषा बोलता है। शनिवार को करीब 12 बजे बालक के पिता विक्की दुबे ने चकरभाठा थाने में मौखिक रूप से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चकरभाठा पुलिस को शनिवार रात 9 बजे यह जानकारी मिली। सूचक की सूचना पर गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी गई है। साथ ही, गुम इंसान की कायमी की सूचना RM के माध्यम से सभी थाना-चौकी प्रभारियों और DCRB को भेज दी गई है।
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    बिलासपुर जिले के हिर्री माईनस इंद्रपुरी से 14 वर्षीय बालक लक्ष्य उर्फ कान्हा दुबे अपने नीले रंग के रेजर साइकिल पर खेलने निकला, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा और लापता हो गया। परिजनों ने चकरभाठा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

लापता बालक लक्ष्य, जो कि विक्की दुबे का बेटा और मोहन दुबे का पोता है, हिर्री माईनस इंद्रपुरी वार्ड नंबर 19 का निवासी है। वह 19 जून 2026 की शाम करीब 5:30 बजे अपने छोटे भाई पीयूष को यह बताकर घर से निकला था कि वह खेलने जा रहा है।

परिजनों ने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों के साथ-साथ लक्ष्य के साथ खेलने वाले बच्चों से भी पूछताछ की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। लक्ष्य का हुलिया बताया गया है कि उसकी लंबाई करीब 4 फीट है, रंग गोरा, चेहरा गोल और बाल काले हैं। वह हाफ टी-शर्ट और फुल पैंट पहने हुए था। लक्ष्य 7वीं कक्षा में पढ़ता है और छत्तीसगढ़ी तथा हिंदी भाषा बोलता है।

शनिवार को करीब 12 बजे बालक के पिता विक्की दुबे ने चकरभाठा थाने में मौखिक रूप से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चकरभाठा पुलिस को शनिवार रात 9 बजे यह जानकारी मिली। सूचक की सूचना पर गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी गई है। साथ ही, गुम इंसान की कायमी की सूचना RM के माध्यम से सभी थाना-चौकी प्रभारियों और DCRB को भेज दी गई है।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    4 hrs ago
  • जो लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, उन्हें आनंद मानिकपुरी की फिल्म में काम करने का अवसर मिल सकता है। यह मौका खासकर 'The ADM Show Production' के तहत बन रही एक 'CG फिल्म' के लिए है।
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    जो लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, उन्हें आनंद मानिकपुरी की फिल्म में काम करने का अवसर मिल सकता है। यह मौका खासकर 'The ADM Show Production' के तहत बन रही एक 'CG फिल्म' के लिए है।
    user_News30live
    News30live
    Local News Reporter Bilha, Bilaspur•
    9 hrs ago
  • मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें तिल्दा-नेवरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पहल से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार देखने को मिला है और माताओं में भी बच्चों की उम्र तथा आवश्यकता के अनुसार उचित आहार देने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालकर कुपोषण की दर में कमी लाना है। योजना के तहत बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, आवश्यक उपचार और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।
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    मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें तिल्दा-नेवरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पहल से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार देखने को मिला है और माताओं में भी बच्चों की उम्र तथा आवश्यकता के अनुसार उचित आहार देने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालकर कुपोषण की दर में कमी लाना है। योजना के तहत बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, आवश्यक उपचार और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।
    user_जय जोहार छत्तीसगढ़'केसरिया हिंदुस्तान' press
    जय जोहार छत्तीसगढ़'केसरिया हिंदुस्तान' press
    Journalist टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • बलौदाबाजार में की गई एक कार्यवाही के दौरान, दस रेत से भरे हाइवा जब्त किए गए हैं। इस दौरान, हाइवा के ड्राइवर मौके से अपनी चाबियाँ लेकर भाग निकले।
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    बलौदाबाजार में की गई एक कार्यवाही के दौरान, दस रेत से भरे हाइवा जब्त किए गए हैं। इस दौरान, हाइवा के ड्राइवर मौके से अपनी चाबियाँ लेकर भाग निकले।
    user_Chetan Purena
    Chetan Purena
    पलारी, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
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