पत्र सूचना कार्यालय (PIB), चंडीगढ़ ने 30 जून, 2026 को हरियाणा के यमुनानगर में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला 'वार्तालाप' का आयोजन किया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय "केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के 12 वर्षों की उपलब्धियां" था, जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन और पिछले 12 वर्षों में हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस कार्यक्रम में यमुनानगर की उपायुक्त सुश्री प्रीति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जहाँ मीडिया जगत के प्रतिष्ठित पत्रकारों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। यमुनानगर की उपायुक्त सुश्री प्रीति (आईएएस) ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 12 वर्षों में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं ने नागरिकों, खासकर समाज के अंतिम छोर पर मौजूद लोगों के जीवन को सरल और समृद्ध बनाया है। उन्होंने आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, मुद्रा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में बड़ी उपलब्धियां गिनाईं। उपायुक्त ने सभी विभागों के ठोस प्रयासों की सराहना करते हुए प्रशासन और मीडिया के बीच निरंतर संवाद और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मीडियाकर्मियों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सामाजिक ज़िम्मेदारी का ध्यान रखने और सकारात्मक उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने का भी आग्रह किया। इस अवसर पर, यमुनानगर के अतिरिक्त उपायुक्त श्री नवीन कुमार अहुजा ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की जनहित योजनाएं यमुनानगर के विकास में मील का पत्थर साबित हुई हैं, जिनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा और रोज़गार सृजन में सराहनीय उपलब्धियां मिली हैं। पीआईबी मुख्यालय, दिल्ली के श्री पुनीत सक्सेना ने पीआईबी फैक्ट चेक इकाई के कुशल कामकाज और जनता तथा सरकार के बीच पीआईबी की मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री अहमद खान ने 'वार्तालाप' के उद्देश्यों को बताते हुए इसे जनकल्याण की योजनाओं को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का एक सार्थक कदम बताया। उन्होंने विकास संबंधी जानकारी को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका पर भी ज़ोर दिया। कार्यशाला के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा पिछले 12 वर्षों के अपने-अपने रिपोर्ट कार्ड और उपलब्धियां प्रस्तुत करने के लिए कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। यमुनानगर के सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला और उप सिविल सर्जन डॉ. चारू कालरा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY), आयुष्मान भारत, टीबी मुक्त भारत अभियान और एचपीवी टीकाकरण सहित प्रमुख स्वास्थ्य पहलों पर व्यापक प्रगति रिपोर्ट साझा की। डॉ. दिव्या मंगला ने रेखांकित किया कि यमुनानगर में मातृ मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है, जिसका बड़ा श्रेय PMSMY को जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल से यमुनानगर के सरकारी अस्पतालों में एक भी मातृ मृत्यु की सूचना नहीं मिली है। एचपीवी टीकाकरण के बारे में उन्होंने 100% उपलब्धि हासिल करने का लक्ष्य बताया, ताकि एक भी लड़की पीछे न छूटे। डॉ. कालरा ने जिले में लिंग अनुपात में सराहनीय कार्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, जिला परिषद, यमुनानगर के श्री मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत हुए परिवर्तनकारी संरचनात्मक सुधारों और ग्रामीण आवास के सफल कार्यान्वयन की जानकारी दी। वित्तीय सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यमुनानगर के अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) श्री सुभाष चंद ने मुद्रा (MUDRA) योजना और स्टैंड अप इंडिया का उल्लेख किया, जिससे स्थानीय युवाओं और उभरते उद्यमियों के बीच आत्मनिर्भरता को बल मिला है। एमएसएमई विभाग के औद्योगिक विस्तार अधिकारी श्री रोहित टिंडल ने औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (FME) के माध्यम से उत्पन्न आजीविका के नए अवसरों के बारे में बताया। कृषि विभाग, यमुनानगर के वरिष्ठ अधिकारी श्री आदित्य प्रताप ने पिछले 12 वर्षों के कृषि सुधारों पर प्रकाश डाला, खासकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और जल संरक्षण पहल 'मेरा पानी-मेरी विरासत' की सफलता पर। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अब तक प्रति किसान ₹30,000 से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है और कम पानी का उपयोग करने वाली खेती करने वाले किसानों को ₹8000 प्रति एकड़ से पुरस्कृत किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पराली अब 'वेस्ट से वेल्थ' में परिवर्तित हो रही है, और 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल ने किसानों को यूरिया प्राप्त करने और इसकी कालाबाज़ारी रोकने में मदद की है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के प्रतिनिधि ने कहा कि 'पीएम सूर्य घर योजना' सौर ऊर्जा और हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा हासिल करने में सहायक साबित हुई है। कार्यशाला का समापन पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री अहमद खान द्वारा दिए गए औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और पत्रकारों कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पत्र सूचना कार्यालय (PIB), चंडीगढ़ ने 30 जून, 2026 को हरियाणा के यमुनानगर में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला 'वार्तालाप' का आयोजन किया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय "केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के 12 वर्षों की उपलब्धियां" था, जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन और पिछले 12 वर्षों में हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस कार्यक्रम में यमुनानगर की उपायुक्त सुश्री प्रीति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जहाँ मीडिया जगत के प्रतिष्ठित पत्रकारों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। यमुनानगर की उपायुक्त सुश्री प्रीति (आईएएस) ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 12 वर्षों में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं ने नागरिकों, खासकर समाज के अंतिम छोर पर मौजूद लोगों के जीवन को सरल और समृद्ध बनाया है। उन्होंने आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, मुद्रा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में बड़ी उपलब्धियां गिनाईं। उपायुक्त ने सभी विभागों के ठोस प्रयासों की सराहना करते हुए प्रशासन और मीडिया के बीच निरंतर संवाद और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मीडियाकर्मियों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सामाजिक ज़िम्मेदारी का ध्यान रखने और सकारात्मक उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने का भी आग्रह किया। इस अवसर पर, यमुनानगर के अतिरिक्त उपायुक्त श्री नवीन कुमार अहुजा ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की जनहित योजनाएं यमुनानगर के विकास में मील का पत्थर साबित हुई हैं, जिनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा और रोज़गार सृजन में सराहनीय उपलब्धियां मिली हैं। पीआईबी मुख्यालय, दिल्ली
के श्री पुनीत सक्सेना ने पीआईबी फैक्ट चेक इकाई के कुशल कामकाज और जनता तथा सरकार के बीच पीआईबी की मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री अहमद खान ने 'वार्तालाप' के उद्देश्यों को बताते हुए इसे जनकल्याण की योजनाओं को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का एक सार्थक कदम बताया। उन्होंने विकास संबंधी जानकारी को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका पर भी ज़ोर दिया। कार्यशाला के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा पिछले 12 वर्षों के अपने-अपने रिपोर्ट कार्ड और उपलब्धियां प्रस्तुत करने के लिए कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। यमुनानगर के सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला और उप सिविल सर्जन डॉ. चारू कालरा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY), आयुष्मान भारत, टीबी मुक्त भारत अभियान और एचपीवी टीकाकरण सहित प्रमुख स्वास्थ्य पहलों पर व्यापक प्रगति रिपोर्ट साझा की। डॉ. दिव्या मंगला ने रेखांकित किया कि यमुनानगर में मातृ मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है, जिसका बड़ा श्रेय PMSMY को जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल से यमुनानगर के सरकारी अस्पतालों में एक भी मातृ मृत्यु की सूचना नहीं मिली है। एचपीवी टीकाकरण के बारे में उन्होंने 100% उपलब्धि हासिल करने का लक्ष्य बताया, ताकि एक भी लड़की पीछे न छूटे। डॉ. कालरा ने जिले में लिंग अनुपात में सराहनीय कार्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, जिला परिषद, यमुनानगर के श्री मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत हुए परिवर्तनकारी संरचनात्मक सुधारों और ग्रामीण आवास के सफल कार्यान्वयन की जानकारी दी। वित्तीय
सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यमुनानगर के अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) श्री सुभाष चंद ने मुद्रा (MUDRA) योजना और स्टैंड अप इंडिया का उल्लेख किया, जिससे स्थानीय युवाओं और उभरते उद्यमियों के बीच आत्मनिर्भरता को बल मिला है। एमएसएमई विभाग के औद्योगिक विस्तार अधिकारी श्री रोहित टिंडल ने औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (FME) के माध्यम से उत्पन्न आजीविका के नए अवसरों के बारे में बताया। कृषि विभाग, यमुनानगर के वरिष्ठ अधिकारी श्री आदित्य प्रताप ने पिछले 12 वर्षों के कृषि सुधारों पर प्रकाश डाला, खासकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और जल संरक्षण पहल 'मेरा पानी-मेरी विरासत' की सफलता पर। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अब तक प्रति किसान ₹30,000 से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है और कम पानी का उपयोग करने वाली खेती करने वाले किसानों को ₹8000 प्रति एकड़ से पुरस्कृत किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पराली अब 'वेस्ट से वेल्थ' में परिवर्तित हो रही है, और 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल ने किसानों को यूरिया प्राप्त करने और इसकी कालाबाज़ारी रोकने में मदद की है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के प्रतिनिधि ने कहा कि 'पीएम सूर्य घर योजना' सौर ऊर्जा और हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा हासिल करने में सहायक साबित हुई है। कार्यशाला का समापन पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री अहमद खान द्वारा दिए गए औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और पत्रकारों कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
- यमुनानगर में प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा 'वार्तालाप' नामक एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में केंद्र सरकार की पिछले 12 वर्षों की जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न उपलब्धियों पर अधिकारियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।1
- यमुनानगर में एचएसईबी वर्कर यूनियन ने मंगलवार, 30 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक एस.ई. कार्यालय परिसर में अपनी लंबित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। यूनियन का आरोप है कि सरकार और बोर्ड मैनेजमेंट द्वारा उनकी इन मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके कारण कर्मचारियों में भारी रोष और नाराजगी व्याप्त है। यूनियन नेताओं ने बताया कि इस मौजूदा विरोध-प्रदर्शन से पहले भी 25 और 26 जून 2026 को सभी एक्सईएन (XEN) कार्यालयों पर इन्हीं 14 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किए गए थे। इसके बावजूद, सरकार और बोर्ड प्रबंधन ने केंद्रीय परिषद के नेताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं किया, जिससे कर्मचारियों का असंतोष और गहरा हो गया है। धरने को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने हरियाणा सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी 14 सूत्रीय मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे 2 जुलाई 2026 को अंबाला में बिजली मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि इस दौरान औद्योगिक शांति भंग होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्किल सचिव श्री मनदीप शर्मा ने की, जबकि केंद्रीय परिषद के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री अशोक शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। श्री अशोक शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए आगामी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने हरियाणा सरकार से कर्मचारियों की 14 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र विचार करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो कर्मचारी एक व्यापक आंदोलन के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर यूनिट प्रधान जगाधरी श्री राजेश कश्यप, यूनिट प्रधान यमुनानगर श्री करम सिंह, यूनिट प्रधान बिलासपुर श्री सुनील कुमार, यूनिट सचिव जगाधरी श्री कंवर पाल, यूनिट सचिव यमुनानगर श्री नितिन राणा, यूनिट सचिव बिलासपुर श्री रविंद्र सैनी सहित सभी सब-यूनिटों के प्रधान एवं सचिव श्री बिक्रम सिंह, श्री जयकुमार, श्री जरनैल सिंह, श्री राजेंद्र शर्मा, श्री विकास, श्री राम भवन, श्री अश्विनी राणा, श्री संजीव कंबोज और श्री राजकुमार समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।4
- यमुनानगर जिले में हमीदा हेड से पांजूपुर पुल तक नहर के दोनों किनारों पर बनी सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग दो साल पहले नहर के निर्माण कार्य के लिए इस सड़क को उखाड़ दिया गया था, लेकिन तब से न तो नहर का निर्माण कार्य शुरू हुआ और न ही ग्रामीणों के आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया गया। यह सड़क यमुनानगर से होकर कई गांवों तक पहुँचने का मुख्य मार्ग है और रादौर तक जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चे और मजदूर, जो शहर जाने के लिए साइकिलों पर इसी रास्ते का उपयोग करते थे क्योंकि यह नजदीक पड़ता था, अब कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने को मजबूर हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के गांव का रास्ता भी इसी नहर के पास से गुजरता है, फिर भी सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह मार्ग आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए शहर तक पहुँचने का प्रमुख साधन है। ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को लेकर जब नहर विभाग के कार्यकारी अभियंता (XEN) से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस स्थिति से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस रास्ते को नहीं बनाया गया, तो वे मजबूर होकर धरना प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, यह धरना यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के निवास पर आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में जिला अध्यक्ष संजू गुन्दियाना, जिला महा सचिव गुरवीर सिंह, जिला प्रभारी प्पपल गुन्दियना, साहब सिंह, राजेश खंडवा, हाकम सिंह, नवाब सिंह और सतीश कुमार जैसे पदाधिकारी शामिल होंगे।1
- हरियाणा के यमुनानगर जिले में एक चार साल का मासूम बच्चा निर्भय 220 फीट गहरे बोरवेल में फंस गया है। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन की सभी बचाव टीमें सक्रिय रूप से रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं।1
- पत्र सूचना कार्यालय (PIB), चंडीगढ़ ने 30 जून, 2026 को हरियाणा के यमुनानगर में एक दिवसीय जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला 'वार्तालाप' का आयोजन किया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय "केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के 12 वर्षों की उपलब्धियां" था, जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन और पिछले 12 वर्षों में हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस कार्यक्रम में यमुनानगर की उपायुक्त सुश्री प्रीति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जहाँ मीडिया जगत के प्रतिष्ठित पत्रकारों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। यमुनानगर की उपायुक्त सुश्री प्रीति (आईएएस) ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 12 वर्षों में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं ने नागरिकों, खासकर समाज के अंतिम छोर पर मौजूद लोगों के जीवन को सरल और समृद्ध बनाया है। उन्होंने आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, मुद्रा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में बड़ी उपलब्धियां गिनाईं। उपायुक्त ने सभी विभागों के ठोस प्रयासों की सराहना करते हुए प्रशासन और मीडिया के बीच निरंतर संवाद और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मीडियाकर्मियों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सामाजिक ज़िम्मेदारी का ध्यान रखने और सकारात्मक उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने का भी आग्रह किया। इस अवसर पर, यमुनानगर के अतिरिक्त उपायुक्त श्री नवीन कुमार अहुजा ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की जनहित योजनाएं यमुनानगर के विकास में मील का पत्थर साबित हुई हैं, जिनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा और रोज़गार सृजन में सराहनीय उपलब्धियां मिली हैं। पीआईबी मुख्यालय, दिल्ली के श्री पुनीत सक्सेना ने पीआईबी फैक्ट चेक इकाई के कुशल कामकाज और जनता तथा सरकार के बीच पीआईबी की मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री अहमद खान ने 'वार्तालाप' के उद्देश्यों को बताते हुए इसे जनकल्याण की योजनाओं को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का एक सार्थक कदम बताया। उन्होंने विकास संबंधी जानकारी को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका पर भी ज़ोर दिया। कार्यशाला के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा पिछले 12 वर्षों के अपने-अपने रिपोर्ट कार्ड और उपलब्धियां प्रस्तुत करने के लिए कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। यमुनानगर के सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला और उप सिविल सर्जन डॉ. चारू कालरा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMY), आयुष्मान भारत, टीबी मुक्त भारत अभियान और एचपीवी टीकाकरण सहित प्रमुख स्वास्थ्य पहलों पर व्यापक प्रगति रिपोर्ट साझा की। डॉ. दिव्या मंगला ने रेखांकित किया कि यमुनानगर में मातृ मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है, जिसका बड़ा श्रेय PMSMY को जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल से यमुनानगर के सरकारी अस्पतालों में एक भी मातृ मृत्यु की सूचना नहीं मिली है। एचपीवी टीकाकरण के बारे में उन्होंने 100% उपलब्धि हासिल करने का लक्ष्य बताया, ताकि एक भी लड़की पीछे न छूटे। डॉ. कालरा ने जिले में लिंग अनुपात में सराहनीय कार्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, जिला परिषद, यमुनानगर के श्री मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत हुए परिवर्तनकारी संरचनात्मक सुधारों और ग्रामीण आवास के सफल कार्यान्वयन की जानकारी दी। वित्तीय सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यमुनानगर के अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) श्री सुभाष चंद ने मुद्रा (MUDRA) योजना और स्टैंड अप इंडिया का उल्लेख किया, जिससे स्थानीय युवाओं और उभरते उद्यमियों के बीच आत्मनिर्भरता को बल मिला है। एमएसएमई विभाग के औद्योगिक विस्तार अधिकारी श्री रोहित टिंडल ने औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (FME) के माध्यम से उत्पन्न आजीविका के नए अवसरों के बारे में बताया। कृषि विभाग, यमुनानगर के वरिष्ठ अधिकारी श्री आदित्य प्रताप ने पिछले 12 वर्षों के कृषि सुधारों पर प्रकाश डाला, खासकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और जल संरक्षण पहल 'मेरा पानी-मेरी विरासत' की सफलता पर। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को अब तक प्रति किसान ₹30,000 से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है और कम पानी का उपयोग करने वाली खेती करने वाले किसानों को ₹8000 प्रति एकड़ से पुरस्कृत किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पराली अब 'वेस्ट से वेल्थ' में परिवर्तित हो रही है, और 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल ने किसानों को यूरिया प्राप्त करने और इसकी कालाबाज़ारी रोकने में मदद की है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के प्रतिनिधि ने कहा कि 'पीएम सूर्य घर योजना' सौर ऊर्जा और हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा हासिल करने में सहायक साबित हुई है। कार्यशाला का समापन पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी श्री अहमद खान द्वारा दिए गए औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और पत्रकारों कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।3
- मंगलवार दोपहर भीम आर्मी जय भीम संगठन के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर सहारनपुर कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने ज़ोरदार नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने लोकतंत्र के चारों स्तंभों में आरक्षण लागू करने सहित अपनी नौ प्रमुख माँगें रखीं। जिला अध्यक्ष अभिषेक कुमार और भीम आर्मी लीगल सेल के जिलाध्यक्ष सुमित कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता में दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी वर्गों को उनकी संख्या के आधार पर आरक्षण देने की माँग की गई। इसके अतिरिक्त, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने और लंबे समय से लंबित बैकलॉग पदों को भरने की भी माँग उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि आज़ादी के कई वर्षों बाद भी वंचित वर्गों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। उन्होंने भूमिहीन लोगों को स्थायी पट्टे आवंटित करने, जातिगत जनगणना कराने और संख्या के आधार पर उनकी हिस्सेदारी तय करने की माँग की। शिक्षा क्षेत्र में, एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण देने, नीट, जेईई और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में आरक्षण व्यवस्था लागू करने और सभी स्कूल, कॉलेज तथा विश्वविद्यालयों में संविधान की शिक्षा अनिवार्य करने की बात कही गई। कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और नगर पंचायतों में कार्यरत संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, ठेका प्रथा समाप्त करने और सफाई व्यवस्था में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल की माँग भी उठाई। उन्होंने दलित, मुस्लिम, पिछड़े और आदिवासी समाज के लोगों पर होने वाली हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की भी वकालत की। किसानों और मजदूरों से जुड़ी मांगों में भूमिहीन गरीबों को कृषि भूमि के पट्टे देने, मजदूरी बढ़ाकर 1000 रुपये करने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और 100 प्रतिशत फसल बीमा की माँग शामिल थी। अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया कि आरक्षण व्यवस्था होने के बावजूद बैकलॉग पद खाली पड़े हैं और रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन पूरे देश में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में भीम आर्मी जय भीम संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- एक व्यक्ति ने अपनी आँखों से एक ऐसा दृश्य देखा जिसे उन्होंने साझा करते हुए बताया कि प्रकृति के समक्ष कोई गरीब या अमीर नहीं, सभी समान हैं। इस दृश्य में, एक सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति, जिसकी तनख्वाह 70,000 रुपये है और वह 100 बीघा जमीन का मालिक है, तथा एक 700 रुपये दिहाड़ी पर काम करने वाला मजदूर, जो किराए के मकान में रहता है — इन दोनों को कुदरत ने एक साथ ला दिया। इस अनुभव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राकृतिक के यहाँ न कोई गरीब है न कोई अमीर; सब एक समान हैं। इसलिए, सभी को अच्छे कर्म करने चाहिए क्योंकि अंत में हिसाब केवल उनके कर्मों का ही होगा।1
- यमुनानगर जिले में सिख समुदाय के प्रतिनिधियों और संगत ने गुरुद्वारा किला लोहगढ़ साहिब में कथित रूप से आयोजित गैर-धार्मिक गतिविधियों को लेकर जिला प्रशासन को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से भविष्य में ऐसी सभी गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की गई है, क्योंकि संगत का मानना है कि गुरुद्वारों की पवित्रता और सिख मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की गैर-धार्मिक गतिविधि धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। शिकायत पत्र में सिख संगत ने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा किला लोहगढ़ साहिब परिसर में आयोजित योग शिविर का उल्लेख किया है, जिसे सिख समुदाय ने सिख धर्म की मर्यादा के विपरीत बताया है। संगत के अनुसार, गुरुद्वारा केवल गुरबाणी, कीर्तन, अरदास, कथा, लंगर और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए समर्पित स्थान है, और ऐसे पवित्र स्थल पर किसी भी गैर-धार्मिक गतिविधि का आयोजन उचित नहीं है। सिख प्रतिनिधियों ने यह भी उल्लेख किया कि सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पूर्व में जारी हुक्मनामों और निर्देशों में गुरुद्वारों के भीतर योग सहित अन्य गैर-धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई है। उनका कहना है कि इन निर्देशों का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति और प्रशासन की जिम्मेदारी है ताकि धार्मिक परंपराओं और मर्यादा का सम्मान बना रहे। संगत ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि भविष्य में जिले के किसी भी गुरुद्वारे में जानबूझकर अथवा अनजाने में ऐसी कोई गतिविधि आयोजित न हो, जिससे सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हों। उनका स्पष्ट कहना है कि गुरुद्वारे सभी श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और उनकी गरिमा तथा पवित्रता हर हाल में बरकरार रहनी चाहिए। शिकायतकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं की मर्यादा और परंपराओं की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन से सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी धार्मिक स्थलों की गरिमा सुरक्षित बनी रहे। सिख समुदाय ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए आवश्यक कदम उठाएगा, साथ ही जिले में आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने की भी अपील की।2