मथुरा के महावन क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा खड़ेरा में विकास कार्य पूरी तरह ठप होने और बदहाली के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा इस पूरे क्षेत्र को बुनियादी विकास कार्यों से पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है और जो थोड़ा-बहुत कार्य हो रहा है, वह भी अत्यंत गुणवत्ताहीन है। इस बदहाली के खिलाफ आवाज उठाने पर ग्राम पंचायत सचिव अनु चौधरी द्वारा ग्रामीणों को भद्दी-भद्दी गालियां और धमकियां देने का मामला सामने आया है। इस दोहरे रवैये से आक्रोशित होकर सोमवार को भारी संख्या में खड़ेरा के निवासी जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय और जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की नालियां अवरुद्ध पड़ी हैं और रास्ते कीचड़ व गंदगी से पटे पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कागजों पर सफाई दिखाई जा रही है और जब उन्होंने इस लापरवाही को लेकर सचिव अनु चौधरी से जवाब मांगा, तो उन्होंने अपनी गलती सुधारने के बजाय ग्रामीणों के साथ घोर अभद्रता की, गाली-गलौज की और गंभीर परिणाम भुगतने की धौंस जमाई। ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मंगलवार से संबंधित अधिकारी गांव पहुंचकर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और सभी कमियों को तुरंत दूर कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए भरोसा दिलाया कि जनता के साथ बदसलूकी करने वाले सचिव अनु चौधरी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में कराए गए सफाई कार्यों की तकनीकी जांच हो और सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। इस शिकायत के दौरान मुख्य रूप से नेता मुकेश धनगर, जोगेन्द्र, मुन्शीलाल, पवन कुमार, महेश, शंकर, रवि कुमार, रूपो, रामकिशन, विष्णु कुमार सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मथुरा के महावन क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा खड़ेरा में विकास कार्य पूरी तरह ठप होने और बदहाली के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा इस पूरे क्षेत्र को बुनियादी विकास कार्यों से पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है और जो थोड़ा-बहुत कार्य हो रहा है, वह भी अत्यंत गुणवत्ताहीन है। इस बदहाली के खिलाफ आवाज उठाने पर ग्राम पंचायत सचिव अनु चौधरी द्वारा
ग्रामीणों को भद्दी-भद्दी गालियां और धमकियां देने का मामला सामने आया है। इस दोहरे रवैये से आक्रोशित होकर सोमवार को भारी संख्या में खड़ेरा के निवासी जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय और जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की नालियां अवरुद्ध पड़ी हैं और रास्ते कीचड़ व गंदगी से पटे पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कागजों पर सफाई दिखाई जा रही है और जब उन्होंने इस लापरवाही को लेकर सचिव अनु चौधरी से जवाब मांगा, तो उन्होंने अपनी गलती सुधारने के बजाय ग्रामीणों के साथ घोर अभद्रता की, गाली-गलौज की और गंभीर परिणाम भुगतने की धौंस जमाई। ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मंगलवार से संबंधित अधिकारी गांव पहुंचकर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और सभी कमियों को तुरंत
दूर कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए भरोसा दिलाया कि जनता के साथ बदसलूकी करने वाले सचिव अनु चौधरी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में कराए गए सफाई कार्यों की तकनीकी जांच हो और सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। इस शिकायत के दौरान मुख्य रूप से नेता मुकेश धनगर, जोगेन्द्र, मुन्शीलाल, पवन कुमार, महेश, शंकर, रवि कुमार, रूपो, रामकिशन, विष्णु कुमार सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
- मथुरा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और स्टाफ की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने कर्मचारियों और वार्ड बॉय पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। हालात इतने खराब हैं कि मरीजों को खुद उनके परिजन स्ट्रेचर पर ले जाने को मजबूर हो रहे हैं। पहला मामला रामकटोरी नामक महिला मरीज से जुड़ा है, जो पिछले आठ दिनों से फोड़े के घाव का इलाज कराने के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। परिजनों का आरोप है कि वार्ड बॉय की मौजूदगी के बाद भी मरीज को ड्रेसिंग के लिए वार्ड से नहीं ले जाया गया। स्टाफ से मदद मांगने पर कथित तौर पर "अभी समय नहीं है" का जवाब मिला, जिसके बाद परिजनों को स्वयं मरीज को स्ट्रेचर पर रखकर ले जाना पड़ा। इस व्यवहार से परेशान होकर परिजन अब मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की सोच रहे हैं। दूसरा मामला अस्पताल के मेल वार्ड का है, जहाँ गोवर्धन चौराहा, हंसराज कॉलोनी के निवासी त्रिलोक सिंह को उल्टी-दस्त और एक पैर में कमजोरी की शिकायत के बाद 30 जून 2026 को भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने से पहले ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि मरीज की हालत ऐसी है कि वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा है। इन दोनों घटनाओं ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है।1
- मथुरा जिले के राया ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पीली गाड़ी गांव की सड़क पूरी तरह से टूटी पड़ी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उनकी इस समस्या को लेकर कोई भी विधायक सुनवाई नहीं कर रहा है। विधायक द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण गांव की सड़क बदहाल है, इसलिए ग्रामीणों की पुरजोर मांग है कि उनके गांव की सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाना चाहिए।1
- मथुरा के महावन क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा खड़ेरा में विकास कार्य पूरी तरह ठप होने और बदहाली के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा इस पूरे क्षेत्र को बुनियादी विकास कार्यों से पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है और जो थोड़ा-बहुत कार्य हो रहा है, वह भी अत्यंत गुणवत्ताहीन है। इस बदहाली के खिलाफ आवाज उठाने पर ग्राम पंचायत सचिव अनु चौधरी द्वारा ग्रामीणों को भद्दी-भद्दी गालियां और धमकियां देने का मामला सामने आया है। इस दोहरे रवैये से आक्रोशित होकर सोमवार को भारी संख्या में खड़ेरा के निवासी जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय और जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की नालियां अवरुद्ध पड़ी हैं और रास्ते कीचड़ व गंदगी से पटे पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कागजों पर सफाई दिखाई जा रही है और जब उन्होंने इस लापरवाही को लेकर सचिव अनु चौधरी से जवाब मांगा, तो उन्होंने अपनी गलती सुधारने के बजाय ग्रामीणों के साथ घोर अभद्रता की, गाली-गलौज की और गंभीर परिणाम भुगतने की धौंस जमाई। ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मंगलवार से संबंधित अधिकारी गांव पहुंचकर विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और सभी कमियों को तुरंत दूर कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए भरोसा दिलाया कि जनता के साथ बदसलूकी करने वाले सचिव अनु चौधरी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में कराए गए सफाई कार्यों की तकनीकी जांच हो और सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। इस शिकायत के दौरान मुख्य रूप से नेता मुकेश धनगर, जोगेन्द्र, मुन्शीलाल, पवन कुमार, महेश, शंकर, रवि कुमार, रूपो, रामकिशन, विष्णु कुमार सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।4
- मथुरा के वृंदावन से राजेश भाई ने मांग उठाई है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' को जल्द से जल्द समर्थक मिलने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने तीखा रुख अपनाते हुए एजुकेशन मिनिस्टर से भी तुरंत इस्तीफा देने को कहा है। राजेश भाई का कहना है कि उनका स्पष्ट समर्थन इसी बात को लेकर है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' को जल्दी से जल्दी लोगों का साथ मिले और एजुकेशन मिनिस्टर तत्काल अपना पद छोड़ें।1
- उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक चलती कार में भीषण आग लग गई। इस हादसे के दौरान कार में सवार अभिनव अरोड़ा का परिवार बाल-बाल बच गया।1
- मथुरा के गोकुल में व्रज वैभव अभियान के तहत एक विशाल और प्रेरणादायक स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें 350 से अधिक स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर स्वच्छ व्रज का संदेश दिया। इस अभियान के दौरान दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, इटावा, हाथरस और भरतपुर सहित कई शहरों से पहुंचे सेवाभावी लोगों ने गोकुल के प्रसिद्ध चिंता हरण महादेव और श्री नंद भवन (84 खंबा) परिसर में जमकर सफाई की। इस विशेष अभियान की शुरुआत हार्टफुलनेस ध्यान के साथ हुई। इसके बाद सभी स्वयंसेवकों ने मंदिर परिसरों और उनके आसपास के पूरे क्षेत्र की गहन सफाई की और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। आयोजकों ने सभी से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग बंद करने और व्रज की इस पवित्र धरोहर को साफ-सुथरा रखने की पुरजोर अपील की। सेवा के इस अद्भुत कार्य के बाद सभी स्वयंसेवकों ने भविष्य में भी इस अभियान को निरंतर जारी रखने का अटूट संकल्प लिया है।1
- मथुरा में सीवर का ढक्कन खुला हुआ है। इस खुले हुए ढक्कन को कृपया करके जल्द से जल्द ठीक करवाने की अपील की गई है।2
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में रविवार को करीब 2:00 बजे बाल कथावाचक अभिनव अरोड़ा की डस्टर कार में अचानक आग लग गई।1