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1 hr ago
user_User6144
User6144
Jalalpur, Ambedkar Nagar•
1 hr ago

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • शराब ने कैलाश चंद्र वर्मा का उजाड़ दिया पूरा कायनात- तरस गए मुखाग्नि के लिए - बेटे और पत्नी ने किनारा कसा- देखिए... एक शराबी की दर्दभरी दास्तान Ambedkarnagar_news
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    शराब ने कैलाश चंद्र वर्मा का उजाड़ दिया पूरा कायनात- तरस गए मुखाग्नि के लिए - बेटे और पत्नी ने किनारा कसा- देखिए... एक शराबी की दर्दभरी दास्तान Ambedkarnagar_news
    user_ABN News Plus
    ABN News Plus
    Journalist Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
    49 min ago
  • Post by User6144
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    Post by User6144
    user_User6144
    User6144
    Jalalpur, Ambedkar Nagar•
    1 hr ago
  • अम्बेडकरनगर जनपद मे नीलगाय के आतंक से किसान परेशान रिपोर्ट-अनन्त कुशवाहा
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    अम्बेडकरनगर जनपद मे नीलगाय के आतंक से किसान परेशान 
रिपोर्ट-अनन्त कुशवाहा
    user_Anant kushwaha
    Anant kushwaha
    Journalist अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • ये एक राज्य का डीजीपी है,
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    ये एक राज्य का डीजीपी है,
    user_Al hikma pharmacy
    Al hikma pharmacy
    Video Creator अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • लेखपाल की मृत्यु के बाद परिवार रजिस्टर बना विवाद की जड़, युवती के वैवाहिक दर्जे पर सवाल अम्बेडकरनगर। विकास खंड रामनगर की ग्राम सभा शेखपुर मलपुरा में परिवार रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वर्गीय सत्यनारायण, जो राजस्व विभाग में लेखपाल पद पर कार्यरत रह चुके थे, की मृत्यु के बाद उनकी पुत्री अर्चना के वैवाहिक दर्जे को लेकर गांव और प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अर्चना का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद गांव की एक महिला ने स्वयं को सत्यनारायण की पत्नी बताते हुए परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया, जबकि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसी कथित गलत प्रविष्टि के बाद सत्यनारायण की चल-अचल संपत्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता चला गया। वैवाहिक स्थिति बनी विवाद की धुरी अर्चना के वैवाहिक होने या न होने को लेकर गांव में दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं। एक पक्ष में ग्राम सभा के वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान और अर्चना के मामा सहित 13 लोग शामिल हैं, जो अर्चना को विवाहित बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, गांव में आयोजित खुली बैठक में 26 ग्रामीणों ने अर्चना को अविवाहित बताते हुए समर्थन दिया, जिससे पूरे मामले में विरोधाभास सामने आया है। तीन वर्षों से नहीं सुलझ सका मामला अर्चना का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से अपना नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर विकास खंड कार्यालय तक के चक्कर काट रही है। हर बार जांच और विचार का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। अर्चना का तर्क है कि यदि उसे विवाहित बताया जा रहा है तो संबंधित पक्ष को विवाह से जुड़े प्रमाण—जैसे विवाह पंजीकरण, पति का विवरण या अन्य वैधानिक दस्तावेज—प्रस्तुत करने चाहिए। उसका दावा है कि आज तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आ सका है। नियमों की अनदेखी का आरोप पंचायत और राजस्व नियमों के अनुसार परिवार रजिस्टर में किसी भी नाम को जोड़ने या संशोधित करने से पहले दस्तावेजी साक्ष्य और विधिवत सत्यापन आवश्यक होता है। ऐसे में बिना स्पष्ट प्रमाण के प्रविष्टि किए जाने के आरोप प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला जानकारों के अनुसार, सत्यनारायण के पास सरकारी सेवा के साथ-साथ पर्याप्त चल और अचल संपत्ति थी। परिवार रजिस्टर में प्रविष्टियों के आधार पर ही संपत्ति के उत्तराधिकार का निर्धारण होता है, इसलिए यह विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है। निष्पक्ष जांच की मांग गांव के लोगों और अर्चना ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक न केवल परिवार रजिस्टर बल्कि संपत्ति संबंधी विवाद भी सुलझ नहीं पाएगा। फिलहाल यह मामला ग्राम सभा की सीमाओं से निकलकर प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और महिला के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक नियमों के अनुसार कार्रवाई कर इस विवाद पर विराम लगाते हैं।
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    लेखपाल की मृत्यु के बाद परिवार रजिस्टर बना विवाद की जड़, युवती के वैवाहिक दर्जे पर सवाल
अम्बेडकरनगर।
विकास खंड रामनगर की ग्राम सभा शेखपुर मलपुरा में परिवार रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वर्गीय सत्यनारायण, जो राजस्व विभाग में लेखपाल पद पर कार्यरत रह चुके थे, की मृत्यु के बाद उनकी पुत्री अर्चना के वैवाहिक दर्जे को लेकर गांव और प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अर्चना का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद गांव की एक महिला ने स्वयं को सत्यनारायण की पत्नी बताते हुए परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया, जबकि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसी कथित गलत प्रविष्टि के बाद सत्यनारायण की चल-अचल संपत्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता चला गया।
वैवाहिक स्थिति बनी विवाद की धुरी
अर्चना के वैवाहिक होने या न होने को लेकर गांव में दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं।
एक पक्ष में ग्राम सभा के वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान और अर्चना के मामा  सहित 13 लोग शामिल हैं, जो अर्चना को विवाहित बता रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, गांव में आयोजित खुली बैठक में 26 ग्रामीणों ने अर्चना को अविवाहित बताते हुए समर्थन दिया, जिससे पूरे मामले में विरोधाभास सामने आया है।
तीन वर्षों से नहीं सुलझ सका मामला
अर्चना का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से अपना नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर विकास खंड कार्यालय तक के चक्कर काट रही है। हर बार जांच और विचार का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।
अर्चना का तर्क है कि यदि उसे विवाहित बताया जा रहा है तो संबंधित पक्ष को विवाह से जुड़े प्रमाण—जैसे विवाह पंजीकरण, पति का विवरण या अन्य वैधानिक दस्तावेज—प्रस्तुत करने चाहिए। उसका दावा है कि आज तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आ सका है।
नियमों की अनदेखी का आरोप
पंचायत और राजस्व नियमों के अनुसार परिवार रजिस्टर में किसी भी नाम को जोड़ने या संशोधित करने से पहले दस्तावेजी साक्ष्य और विधिवत सत्यापन आवश्यक होता है। ऐसे में बिना स्पष्ट प्रमाण के प्रविष्टि किए जाने के आरोप प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला
जानकारों के अनुसार, सत्यनारायण के पास सरकारी सेवा के साथ-साथ पर्याप्त चल और अचल संपत्ति थी। परिवार रजिस्टर में प्रविष्टियों के आधार पर ही संपत्ति के उत्तराधिकार का निर्धारण होता है, इसलिए यह विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है।
निष्पक्ष जांच की मांग
गांव के लोगों और अर्चना ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक न केवल परिवार रजिस्टर बल्कि संपत्ति संबंधी विवाद भी सुलझ नहीं पाएगा।
फिलहाल यह मामला ग्राम सभा की सीमाओं से निकलकर प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और महिला के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक नियमों के अनुसार कार्रवाई कर इस विवाद पर विराम लगाते हैं।
    user_Anubhavi Aankhen
    Anubhavi Aankhen
    Journalist अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • धनघटा थाने में मिशन शक्ति अभियान की समीक्षा, महिला इंस्पेक्टर ने खंगाले रजिस्टर रिपोर्टर विंध्यवासिनी यादव संत कबीर नगर
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    धनघटा थाने में मिशन शक्ति अभियान की समीक्षा, महिला इंस्पेक्टर ने खंगाले रजिस्टर
रिपोर्टर विंध्यवासिनी यादव संत कबीर नगर
    user_Vindhyavasini Yadav
    Vindhyavasini Yadav
    Local News Reporter Ghanghata, Sant Kabeer Nagar•
    2 hrs ago
  • Post by Vinay Vishwakarma
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    Post by Vinay Vishwakarma
    user_Vinay Vishwakarma
    Vinay Vishwakarma
    Farmer मार्टिनगंज, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अम्बेडकर नगर भीषण सड़क हादसा...आधा दर्जन से अधिक लोग घायल... अर्टिगा -डिजायर में भिड़ंत... घायलों में अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर और आजमगढ़ के लोग Ambedkarnagar_news
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    अम्बेडकर नगर भीषण सड़क हादसा...आधा दर्जन से अधिक लोग घायल... अर्टिगा -डिजायर  में भिड़ंत... घायलों में अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर और आजमगढ़ के लोग Ambedkarnagar_news
    user_ABN News Plus
    ABN News Plus
    Journalist Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
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