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सिरसौद मे स्कूटी के सहारे साइकिल चला रहे दो नाबालिग, हादसे का खतरा सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव से सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक नाबालिग इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे दो अन्य नाबालिग साइकिल से स्कूटी का सहारा लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चों की यह हरकत सड़क पर किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। स्कूटी की गति बढ़ने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में साइकिल सवार बच्चों के अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं सड़क पर सामने से या पीछे से आने वाले किसी वाहन की चपेट में आने पर बड़ा हादसा भी हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा इस तरह वाहन चलाना और एक-दूसरे के सहारे सड़क पर चलना बेहद खतरनाक है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों ने संबंधित जिम्मेदारों से ऐसे मामलों में जागरूकता और कार्रवाई की मांग की है। सिरसौद मे स्कूटी के सहारे साइकिल चला रहे दो नाबालिग, हादसे का खतरा सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव से सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक नाबालिग इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे दो अन्य नाबालिग साइकिल से स्कूटी का सहारा लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चों की यह हरकत सड़क पर किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। स्कूटी की गति बढ़ने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में साइकिल सवार बच्चों के अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं सड़क पर सामने से या पीछे से आने वाले किसी वाहन की चपेट में आने पर बड़ा हादसा भी हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा इस तरह वाहन चलाना और एक-दूसरे के सहारे सड़क पर चलना बेहद खतरनाक है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों ने संबंधित जिम्मेदारों से ऐसे मामलों में जागरूकता और कार्रवाई की मांग की है।

18 hrs ago
user_Sachin jha
Sachin jha
दैनिक भास्कर, संवादाता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
18 hrs ago

सिरसौद मे स्कूटी के सहारे साइकिल चला रहे दो नाबालिग, हादसे का खतरा सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव से सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक नाबालिग इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे दो अन्य नाबालिग साइकिल से स्कूटी का सहारा लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चों की यह हरकत सड़क पर किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। स्कूटी की गति बढ़ने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में साइकिल सवार बच्चों के अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं सड़क पर सामने से या पीछे से आने वाले किसी वाहन की चपेट में आने पर बड़ा हादसा भी हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा इस तरह वाहन चलाना और एक-दूसरे के सहारे सड़क पर चलना बेहद खतरनाक है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों ने संबंधित जिम्मेदारों से ऐसे मामलों में जागरूकता और कार्रवाई की मांग की है। सिरसौद मे स्कूटी के सहारे साइकिल चला रहे दो नाबालिग, हादसे का खतरा सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव से सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक नाबालिग इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे दो अन्य नाबालिग साइकिल से स्कूटी का सहारा लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चों की यह हरकत सड़क पर किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। स्कूटी की गति बढ़ने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में साइकिल सवार बच्चों के अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं सड़क पर सामने से या पीछे से आने वाले किसी वाहन की चपेट में आने पर बड़ा हादसा भी हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा इस तरह वाहन चलाना और एक-दूसरे के सहारे सड़क पर चलना बेहद खतरनाक है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों ने संबंधित जिम्मेदारों से ऐसे मामलों में जागरूकता और कार्रवाई की मांग की है।

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  • पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने जारी किया वीडियो.... कहा किसी भी समाज के प्रति गलत टिप्पणी या अपमानजनक बयान देने वाले व्यक्ति से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे व्यक्ति अपने कृत्य के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए सभी स्वतंत्र हैं। पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने जारी किया वीडियो.... कहा किसी भी समाज के प्रति गलत टिप्पणी या अपमानजनक बयान देने वाले व्यक्ति से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे व्यक्ति अपने कृत्य के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए सभी स्वतंत्र हैं।
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    पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने जारी किया वीडियो....

कहा किसी भी समाज के प्रति गलत टिप्पणी या अपमानजनक बयान देने वाले व्यक्ति से हमारा कोई लेना-देना नहीं है।

ऐसे व्यक्ति अपने कृत्य के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए सभी स्वतंत्र हैं।

पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने जारी किया वीडियो....
कहा किसी भी समाज के प्रति गलत टिप्पणी या अपमानजनक बयान देने वाले व्यक्ति से हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
ऐसे व्यक्ति अपने कृत्य के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए सभी स्वतंत्र हैं।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सिरसौद मे स्कूटी के सहारे साइकिल चला रहे दो नाबालिग, हादसे का खतरा सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव से सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक नाबालिग इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे दो अन्य नाबालिग साइकिल से स्कूटी का सहारा लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चों की यह हरकत सड़क पर किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। स्कूटी की गति बढ़ने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में साइकिल सवार बच्चों के अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं सड़क पर सामने से या पीछे से आने वाले किसी वाहन की चपेट में आने पर बड़ा हादसा भी हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा इस तरह वाहन चलाना और एक-दूसरे के सहारे सड़क पर चलना बेहद खतरनाक है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों ने संबंधित जिम्मेदारों से ऐसे मामलों में जागरूकता और कार्रवाई की मांग की है। सिरसौद मे स्कूटी के सहारे साइकिल चला रहे दो नाबालिग, हादसे का खतरा सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव से सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक नाबालिग इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे दो अन्य नाबालिग साइकिल से स्कूटी का सहारा लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चों की यह हरकत सड़क पर किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। स्कूटी की गति बढ़ने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में साइकिल सवार बच्चों के अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं सड़क पर सामने से या पीछे से आने वाले किसी वाहन की चपेट में आने पर बड़ा हादसा भी हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा इस तरह वाहन चलाना और एक-दूसरे के सहारे सड़क पर चलना बेहद खतरनाक है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों ने संबंधित जिम्मेदारों से ऐसे मामलों में जागरूकता और कार्रवाई की मांग की है।
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    सिरसौद मे स्कूटी के सहारे साइकिल चला रहे दो नाबालिग, हादसे का खतरा

सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव से सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक नाबालिग इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे दो अन्य नाबालिग साइकिल से स्कूटी का सहारा लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चों की यह हरकत सड़क पर किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। स्कूटी की गति बढ़ने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में साइकिल सवार बच्चों के अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं सड़क पर सामने से या पीछे से आने वाले किसी वाहन की चपेट में आने पर बड़ा हादसा भी हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा इस तरह वाहन चलाना और एक-दूसरे के सहारे सड़क पर चलना बेहद खतरनाक है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों ने संबंधित जिम्मेदारों से ऐसे मामलों में जागरूकता और कार्रवाई की मांग की है।
सिरसौद मे स्कूटी के सहारे साइकिल चला रहे दो नाबालिग, हादसे का खतरा
सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव से सोमवार दोपहर करीब 3 बजे लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक नाबालिग इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता नजर आ रहा है, जबकि उसके पीछे दो अन्य नाबालिग साइकिल से स्कूटी का सहारा लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बच्चों की यह हरकत सड़क पर किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। स्कूटी की गति बढ़ने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में साइकिल सवार बच्चों के अनियंत्रित होकर गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं सड़क पर सामने से या पीछे से आने वाले किसी वाहन की चपेट में आने पर बड़ा हादसा भी हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि नाबालिगों द्वारा इस तरह वाहन चलाना और एक-दूसरे के सहारे सड़क पर चलना बेहद खतरनाक है। ऐसे मामलों में अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। वीडियो सामने आने के बाद अब लोगों ने संबंधित जिम्मेदारों से ऐसे मामलों में जागरूकता और कार्रवाई की मांग की है।
    user_Sachin jha
    Sachin jha
    दैनिक भास्कर, संवादाता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • नाली की सफाई के बजाय सड़क खोदने का आरोप, ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग शिवपुरी/नरवर। जनपद पंचायत नरवर के ग्राम पंचायत जैतपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम काशीपुर में नाली की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नरवर को शिकायत सौंपकर सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम काशीपुर में लंबे समय से बंद पड़ी नाली को खुलवाकर साफ कराने के बजाय सड़क को खोदकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। शिकायत के अनुसार नाली का गंदा पानी खेतों में पहुंचने लगा, जिससे ग्रामीणों की फसलों को नुकसान होने की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने बताया कि नाली का पानी चौक होकर सड़क पर जमा हो रहा है और आसपास रहने वाले लोगों के घरों के सामने भी गंदा पानी भर रहा है। इससे गांव में गंदगी फैलने के साथ बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। सड़क पर पानी भरने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत में कहा गया है कि ग्रामीणों ने मौके पर पंचायत के सरपंच एवं सचिव से नाली की सफाई कराने की बात कही थी, लेकिन आरोप है कि नाली की सफाई कराने के बजाय सड़क को खोद दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे समस्या का समाधान होने के बजाय स्थिति और खराब हो गई। ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मामले की जांच कराने, बंद नाली को खुलवाकर पानी की निकासी की व्यवस्था कराने, क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने तथा ग्राम पंचायत जैतपुर की सरपंच ममता सोलंकी एवं सचिव देवेंद्र शर्मा के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों की ओर से यह शिकायत 24 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत नरवर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दी गई है।
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    नाली की सफाई के बजाय सड़क खोदने का आरोप, ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग
शिवपुरी/नरवर। जनपद पंचायत नरवर के ग्राम पंचायत जैतपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम काशीपुर में नाली की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नरवर को शिकायत सौंपकर सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम काशीपुर में लंबे समय से बंद पड़ी नाली को खुलवाकर साफ कराने के बजाय सड़क को खोदकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। शिकायत के अनुसार नाली का गंदा पानी खेतों में पहुंचने लगा, जिससे ग्रामीणों की फसलों को नुकसान होने की स्थिति बन गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि नाली का पानी चौक होकर सड़क पर जमा हो रहा है और आसपास रहने वाले लोगों के घरों के सामने भी गंदा पानी भर रहा है। इससे गांव में गंदगी फैलने के साथ बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। सड़क पर पानी भरने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि ग्रामीणों ने मौके पर पंचायत के सरपंच एवं सचिव से नाली की सफाई कराने की बात कही थी, लेकिन आरोप है कि नाली की सफाई कराने के बजाय सड़क को खोद दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे समस्या का समाधान होने के बजाय स्थिति और खराब हो गई।
ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मामले की जांच कराने, बंद नाली को खुलवाकर पानी की निकासी की व्यवस्था कराने, क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने तथा ग्राम पंचायत जैतपुर की सरपंच ममता सोलंकी एवं सचिव देवेंद्र शर्मा के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों की ओर से यह शिकायत 24 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत नरवर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दी गई है।
    user_पूजा
    पूजा
    Court reporter नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ग्वालियर की चर्चित ‘किसिंग कार’ का एक और वीडियो सामने आया है, ग्वालियर की चर्चित ‘किसिंग कार’ का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें गर्लफ्रेंड कार को किस करते हुए नजर आ रही है। कार पर करीब 900 रुपये की लिपस्टिक से लगभग 3400 किस के निशान बनाए गए थे। बताया जा रहा है कि विदेशी ट्रेंड से प्रभावित होकर गर्लफ्रेंड ने कार को यह अनोखा डिजाइन दिया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार को पकड़ा और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। गोला का मंदिर ट्रैफिक थाना पुलिस ने कार चालक का 5,500 रुपये का चालान किया। #socialmediaviralvedio #KissingCar #traficpolice #TrafficChallan
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    ग्वालियर की चर्चित ‘किसिंग कार’ का एक और वीडियो सामने आया है,
ग्वालियर की चर्चित ‘किसिंग कार’ का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें गर्लफ्रेंड कार को किस करते हुए नजर आ रही है। कार पर करीब 900 रुपये की लिपस्टिक से लगभग 3400 किस के निशान बनाए गए थे। बताया जा रहा है कि विदेशी ट्रेंड से प्रभावित होकर गर्लफ्रेंड ने कार को यह अनोखा डिजाइन दिया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार को पकड़ा और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की। गोला का मंदिर ट्रैफिक थाना पुलिस ने कार चालक का 5,500 रुपये का चालान किया।
#socialmediaviralvedio #KissingCar #traficpolice #TrafficChallan
    user_Rahul kushwah
    Rahul kushwah
    Local News Reporter भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • *ईद-ए-मिलादुन्नबी पर इंसानियत की मिसाल: जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल, दिया भाईचारे का पैगाम* दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से सेवा, सद्भाव और इंसानियत की मिसाल पेश की गई। मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए और उनकी कुशलक्षेम जानी। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए पैगंबर साहब की शिक्षाओं और इंसानियत के संदेश को साझा किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है। पैगंबर साहब ने इंसानियत, प्रेम, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और पड़ोसियों के हक को विशेष महत्व दिया। *पड़ोसी भूखा हो तो अपनी खुशी अधूरी* कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की उस शिक्षा को भी याद किया, जिसमें पड़ोसी के अधिकार और उसकी जरूरत का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है। समाजजनों ने बताया कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं का भाव यही है कि जब आपके पड़ोस में कोई व्यक्ति भूखा हो और आप स्वयं पेट भरकर खाना खा लें, तो यह इंसानियत और पड़ोसी के हक की भावना के विपरीत है। समाजजनों ने कहा कि इस संदेश की सबसे खूबसूरत बात यह है कि पड़ोसी की मदद को धर्म की सीमा में नहीं बांधा गया। पड़ोसी चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—पड़ोसी तो पड़ोसी होता है। उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना, उसकी जरूरत में मदद करना और उसके भूखे होने पर भोजन उपलब्ध कराना ही सच्ची इंसानियत है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पैगंबर साहब की यह शिक्षा समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आसपास रहने वाला व्यक्ति परेशान है, भूखा है या किसी मुसीबत में है तो उसकी मदद करना हर इंसान की जिम्मेदारी होनी चाहिए। यही सोच समाज में आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत करती है। *मरीजों के बीच पहुंचकर बांटीं खुशियां* ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन जिला चिकित्सालय पहुंचे और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरित किए। इस दौरान मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई। समाजजनों ने कहा कि बीमारी के समय व्यक्ति शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजरता है। ऐसे समय में उसके पास पहुंचकर हालचाल पूछना, फल देना और उसके साथ कुछ समय बिताना भी सेवा और इंसानियत का हिस्सा है। इसी भावना के साथ मिलाद उन नबी की खुशियां मरीजों के साथ साझा की गईं। *गरीब, यतीम और जरूरतमंदों की मदद का संदेश* समाजजनों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने गरीबों, यतीमों, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने की शिक्षा दी। उन्होंने इंसान को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और आसपास के लोगों के लिए भी जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी इबादत और इंसानियत की भावना से जुड़ा कार्य है। *हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश* कार्यक्रम में समाजजनों ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे का सम्मान करें और सुख-दुख में साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की कोई जाति और इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहें, एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल हों तथा जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करें—यही समाज को मजबूत बनाने का रास्ता है। सेवा के साथ दिया इंसानियत का संदेश जिला अस्पताल में फल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की खुशियों को जरूरतमंद और बीमार लोगों के साथ साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ फल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से पैगंबर साहब के प्रेम, सद्भाव, पड़ोसी के हक और इंसानियत के संदेश को भी लोगों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में हाफिज कासिम साहब, मौलाना खलील साहब, कारी फरीद साहब, हाफिज अंजर साहब, हाफिज शमीम साहब, हाफिज नईमउल्ला साहब, अनीस खान (पपोली), राहत अली जैदी, जाहिद भाई (बल्ले), शानू भाई, फैसल भाई, कल्लू भाई टेलर, मुईन कुरैशी साहब, अशफाक खान, राजू खान और आरिफ खान सहित समाज के कई वरिष्ठजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने लोगों से अपील की कि ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने आसपास रहने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। क्योंकि पड़ोसी की पहचान उसका धर्म नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी होना है और इंसानियत की पहचान यही है कि किसी के भूखे रहते हम अपनी खुशी को अधूरा समझें। *ईद-ए-मिलादुन्नबी पर इंसानियत की मिसाल: जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल, दिया भाईचारे का पैगाम* दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से सेवा, सद्भाव और इंसानियत की मिसाल पेश की गई। मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए और उनकी कुशलक्षेम जानी। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए पैगंबर साहब की शिक्षाओं और इंसानियत के संदेश को साझा किया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है। पैगंबर साहब ने इंसानियत, प्रेम, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और पड़ोसियों के हक को विशेष महत्व दिया। *पड़ोसी भूखा हो तो अपनी खुशी अधूरी* कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की उस शिक्षा को भी याद किया, जिसमें पड़ोसी के अधिकार और उसकी जरूरत का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है। समाजजनों ने बताया कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं का भाव यही है कि जब आपके पड़ोस में कोई व्यक्ति भूखा हो और आप स्वयं पेट भरकर खाना खा लें, तो यह इंसानियत और पड़ोसी के हक की भावना के विपरीत है। समाजजनों ने कहा कि इस संदेश की सबसे खूबसूरत बात यह है कि पड़ोसी की मदद को धर्म की सीमा में नहीं बांधा गया। पड़ोसी चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—पड़ोसी तो पड़ोसी होता है। उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना, उसकी जरूरत में मदद करना और उसके भूखे होने पर भोजन उपलब्ध कराना ही सच्ची इंसानियत है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पैगंबर साहब की यह शिक्षा समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आसपास रहने वाला व्यक्ति परेशान है, भूखा है या किसी मुसीबत में है तो उसकी मदद करना हर इंसान की जिम्मेदारी होनी चाहिए। यही सोच समाज में आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत करती है। *मरीजों के बीच पहुंचकर बांटीं खुशियां* ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन जिला चिकित्सालय पहुंचे और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरित किए। इस दौरान मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई। समाजजनों ने कहा कि बीमारी के समय व्यक्ति शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजरता है। ऐसे समय में उसके पास पहुंचकर हालचाल पूछना, फल देना और उसके साथ कुछ समय बिताना भी सेवा और इंसानियत का हिस्सा है। इसी भावना के साथ मिलाद उन नबी की खुशियां मरीजों के साथ साझा की गईं। *गरीब, यतीम और जरूरतमंदों की मदद का संदेश* समाजजनों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने गरीबों, यतीमों, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने की शिक्षा दी। उन्होंने इंसान को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और आसपास के लोगों के लिए भी जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी इबादत और इंसानियत की भावना से जुड़ा कार्य है। *हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश* कार्यक्रम में समाजजनों ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे का सम्मान करें और सुख-दुख में साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की कोई जाति और इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहें, एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल हों तथा जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करें—यही समाज को मजबूत बनाने का रास्ता है। सेवा के साथ दिया इंसानियत का संदेश जिला अस्पताल में फल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की खुशियों को जरूरतमंद और बीमार लोगों के साथ साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ फल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से पैगंबर साहब के प्रेम, सद्भाव, पड़ोसी के हक और इंसानियत के संदेश को भी लोगों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में हाफिज कासिम साहब, मौलाना खलील साहब, कारी फरीद साहब, हाफिज अंजर साहब, हाफिज शमीम साहब, हाफिज नईमउल्ला साहब, अनीस खान (पपोली), राहत अली जैदी, जाहिद भाई (बल्ले), शानू भाई, फैसल भाई, कल्लू भाई टेलर, मुईन कुरैशी साहब, अशफाक खान, राजू खान और आरिफ खान सहित समाज के कई वरिष्ठजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने लोगों से अपील की कि ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने आसपास रहने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। क्योंकि पड़ोसी की पहचान उसका धर्म नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी होना है और इंसानियत की पहचान यही है कि किसी के भूखे रहते हम अपनी खुशी को अधूरा समझें।
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    *ईद-ए-मिलादुन्नबी पर इंसानियत की मिसाल: जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल, दिया भाईचारे का पैगाम*

दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से सेवा, सद्भाव और इंसानियत की मिसाल पेश की गई। मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए और उनकी कुशलक्षेम जानी। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए पैगंबर साहब की शिक्षाओं और इंसानियत के संदेश को साझा किया गया।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है। पैगंबर साहब ने इंसानियत, प्रेम, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और पड़ोसियों के हक को विशेष महत्व दिया।

*पड़ोसी भूखा हो तो अपनी खुशी अधूरी*

कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की उस शिक्षा को भी याद किया, जिसमें पड़ोसी के अधिकार और उसकी जरूरत का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है। समाजजनों ने बताया कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं का भाव यही है कि जब आपके पड़ोस में कोई व्यक्ति भूखा हो और आप स्वयं पेट भरकर खाना खा लें, तो यह इंसानियत और पड़ोसी के हक की भावना के विपरीत है।
समाजजनों ने कहा कि इस संदेश की सबसे खूबसूरत बात यह है कि पड़ोसी की मदद को धर्म की सीमा में नहीं बांधा गया। पड़ोसी चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—पड़ोसी तो पड़ोसी होता है। उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना, उसकी जरूरत में मदद करना और उसके भूखे होने पर भोजन उपलब्ध कराना ही सच्ची इंसानियत है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में पैगंबर साहब की यह शिक्षा समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आसपास रहने वाला व्यक्ति परेशान है, भूखा है या किसी मुसीबत में है तो उसकी मदद करना हर इंसान की जिम्मेदारी होनी चाहिए। यही सोच समाज में आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत करती है।

*मरीजों के बीच पहुंचकर बांटीं खुशियां*

ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन जिला चिकित्सालय पहुंचे और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरित किए। इस दौरान मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई।
समाजजनों ने कहा कि बीमारी के समय व्यक्ति शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजरता है। ऐसे समय में उसके पास पहुंचकर हालचाल पूछना, फल देना और उसके साथ कुछ समय बिताना भी सेवा और इंसानियत का हिस्सा है। इसी भावना के साथ मिलाद उन नबी की खुशियां मरीजों के साथ साझा की गईं।

*गरीब, यतीम और जरूरतमंदों की मदद का संदेश*

समाजजनों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने गरीबों, यतीमों, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने की शिक्षा दी। उन्होंने इंसान को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और आसपास के लोगों के लिए भी जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी इबादत और इंसानियत की भावना से जुड़ा कार्य है।

*हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश*

कार्यक्रम में समाजजनों ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे का सम्मान करें और सुख-दुख में साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की कोई जाति और इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता।

हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहें, एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल हों तथा जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करें—यही समाज को मजबूत बनाने का रास्ता है।

सेवा के साथ दिया इंसानियत का संदेश

जिला अस्पताल में फल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की खुशियों को जरूरतमंद और बीमार लोगों के साथ साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ फल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से पैगंबर साहब के प्रेम, सद्भाव, पड़ोसी के हक और इंसानियत के संदेश को भी लोगों तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम में हाफिज कासिम साहब, मौलाना खलील साहब, कारी फरीद साहब, हाफिज अंजर साहब, हाफिज शमीम साहब, हाफिज नईमउल्ला साहब, अनीस खान (पपोली), राहत अली जैदी, जाहिद भाई (बल्ले), शानू भाई, फैसल भाई, कल्लू भाई टेलर, मुईन कुरैशी साहब, अशफाक खान, राजू खान और आरिफ खान सहित समाज के कई वरिष्ठजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने लोगों से अपील की कि ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने आसपास रहने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। क्योंकि पड़ोसी की पहचान उसका धर्म नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी होना है और इंसानियत की पहचान यही है कि किसी के भूखे रहते हम अपनी खुशी को अधूरा समझें।
*ईद-ए-मिलादुन्नबी पर इंसानियत की मिसाल: जिला अस्पताल में मरीजों को बांटे फल, दिया भाईचारे का पैगाम*
दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से सेवा, सद्भाव और इंसानियत की मिसाल पेश की गई। मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों ने जिला चिकित्सालय पहुंचकर मरीजों को फल वितरित किए और उनकी कुशलक्षेम जानी। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों को ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए पैगंबर साहब की शिक्षाओं और इंसानियत के संदेश को साझा किया गया।
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का पर्व नहीं, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है। पैगंबर साहब ने इंसानियत, प्रेम, भाईचारे, जरूरतमंदों की मदद और पड़ोसियों के हक को विशेष महत्व दिया।
*पड़ोसी भूखा हो तो अपनी खुशी अधूरी*
कार्यक्रम के दौरान समाजजनों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की उस शिक्षा को भी याद किया, जिसमें पड़ोसी के अधिकार और उसकी जरूरत का ध्यान रखने पर जोर दिया गया है। समाजजनों ने बताया कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं का भाव यही है कि जब आपके पड़ोस में कोई व्यक्ति भूखा हो और आप स्वयं पेट भरकर खाना खा लें, तो यह इंसानियत और पड़ोसी के हक की भावना के विपरीत है।
समाजजनों ने कहा कि इस संदेश की सबसे खूबसूरत बात यह है कि पड़ोसी की मदद को धर्म की सीमा में नहीं बांधा गया। पड़ोसी चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई—पड़ोसी तो पड़ोसी होता है। उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना, उसकी जरूरत में मदद करना और उसके भूखे होने पर भोजन उपलब्ध कराना ही सच्ची इंसानियत है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में पैगंबर साहब की यह शिक्षा समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आसपास रहने वाला व्यक्ति परेशान है, भूखा है या किसी मुसीबत में है तो उसकी मदद करना हर इंसान की जिम्मेदारी होनी चाहिए। यही सोच समाज में आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत करती है।
*मरीजों के बीच पहुंचकर बांटीं खुशियां*
ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन जिला चिकित्सालय पहुंचे और विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरित किए। इस दौरान मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई।
समाजजनों ने कहा कि बीमारी के समय व्यक्ति शारीरिक और मानसिक परेशानी से गुजरता है। ऐसे समय में उसके पास पहुंचकर हालचाल पूछना, फल देना और उसके साथ कुछ समय बिताना भी सेवा और इंसानियत का हिस्सा है। इसी भावना के साथ मिलाद उन नबी की खुशियां मरीजों के साथ साझा की गईं।
*गरीब, यतीम और जरूरतमंदों की मदद का संदेश*
समाजजनों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने गरीबों, यतीमों, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने की शिक्षा दी। उन्होंने इंसान को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और आसपास के लोगों के लिए भी जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना, किसी भूखे को खाना खिलाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी दुखी व्यक्ति के साथ खड़ा होना भी इबादत और इंसानियत की भावना से जुड़ा कार्य है।
*हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश*
कार्यक्रम में समाजजनों ने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे का सम्मान करें और सुख-दुख में साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की कोई जाति और इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहें, एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल हों तथा जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करें—यही समाज को मजबूत बनाने का रास्ता है।
सेवा के साथ दिया इंसानियत का संदेश
जिला अस्पताल में फल वितरण कार्यक्रम के माध्यम से मुस्लिम समाज ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की खुशियों को जरूरतमंद और बीमार लोगों के साथ साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ फल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से पैगंबर साहब के प्रेम, सद्भाव, पड़ोसी के हक और इंसानियत के संदेश को भी लोगों तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम में हाफिज कासिम साहब, मौलाना खलील साहब, कारी फरीद साहब, हाफिज अंजर साहब, हाफिज शमीम साहब, हाफिज नईमउल्ला साहब, अनीस खान (पपोली), राहत अली जैदी, जाहिद भाई (बल्ले), शानू भाई, फैसल भाई, कल्लू भाई टेलर, मुईन कुरैशी साहब, अशफाक खान, राजू खान और आरिफ खान सहित समाज के कई वरिष्ठजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने लोगों से अपील की कि ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर पैगंबर साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अपने आसपास रहने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए आगे आएं। क्योंकि पड़ोसी की पहचान उसका धर्म नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी होना है और इंसानियत की पहचान यही है कि किसी के भूखे रहते हम अपनी खुशी को अधूरा समझें।
    user_Safik kazi Midia
    Safik kazi Midia
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    25 min ago
  • बारिश के बीच झाँसी मे दो मंजिल मकान ढहा,, बाल बाल बचा 5 सदस्यीय परिवार.
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    बारिश के बीच झाँसी मे दो मंजिल मकान ढहा,, बाल बाल बचा 5 सदस्यीय परिवार.
    user_Hemant Kumar Gupta
    Hemant Kumar Gupta
    पत्रकार झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?" इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?" ​इंदरगढ़ (दतिया/विशेष रिपोर्ट): नगर परिषद इंदरगढ़ द्वारा अंदर बस्ती रोड पर जल भराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए चलाए जा रहे सफाई अभियान के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस अभियान के तहत स्थानीय व्यापारी हनी खान (बबलू) ने नगर परिषद के कर्मचारियों और अमले पर स्पष्ट रूप से पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं। हनी खान का कहना है कि प्रशासन द्वारा केवल उनकी ही दुकान के सामने की नाली साफ की गई और उनकी ही दुकान की पटियां हटाई गईं, जबकि पूरी सड़क पर अन्य कई दुकानदारों ने भी नाली पर अतिक्रमण या पटियां डाली हुई हैं, जिन्हें छुआ तक नहीं गया। ​मुख्य बिंदु और विवाद के केंद्र: ​चुनिंदा कार्रवाई (Selective Action) का आरोप: पीड़ित व्यापारी हनी खान का सवाल है कि यदि जल भराव की समस्या पूरे अंदर बस्ती रोड पर है, तो नगर परिषद की टीम ने केवल उनकी ही दुकान के सामने कार्रवाई क्यों की? आसपास के अन्य दुकानदारों के अतिक्रमण और नालियों को जस का तस क्यों छोड़ दिया गया? ​पटिया हटाने पर आक्रोश: व्यापारी का कहना है कि प्रशासनिक अमले ने मनमाने तरीके से उनकी दुकान की पटियां हटाईं, जिससे उनके व्यापार और आवागमन पर बुरा असर पड़ा है। इस दौरान लापरवाही के चलते उनका नल भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
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    इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?"
इंदरगढ़: अंदर बस्ती रोड सफाई अभियान पर उठे सवाल, व्यापारी हनी खान बोले— "सिर्फ हमारी ही पटिया और नाली क्यों हटाई गई, बाकी दुकानदारों पर मेहरबानी क्यों?"
​इंदरगढ़ (दतिया/विशेष रिपोर्ट):
नगर परिषद इंदरगढ़ द्वारा अंदर बस्ती रोड पर जल भराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए चलाए जा रहे सफाई अभियान के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस अभियान के तहत स्थानीय व्यापारी हनी खान (बबलू) ने नगर परिषद के कर्मचारियों और अमले पर स्पष्ट रूप से पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं। हनी खान का कहना है कि प्रशासन द्वारा केवल उनकी ही दुकान के सामने की नाली साफ की गई और उनकी ही दुकान की पटियां हटाई गईं, जबकि पूरी सड़क पर अन्य कई दुकानदारों ने भी नाली पर अतिक्रमण या पटियां डाली हुई हैं, जिन्हें छुआ तक नहीं गया।
​मुख्य बिंदु और विवाद के केंद्र:
​चुनिंदा कार्रवाई (Selective Action) का आरोप: पीड़ित व्यापारी हनी खान का सवाल है कि यदि जल भराव की समस्या पूरे अंदर बस्ती रोड पर है, तो नगर परिषद की टीम ने केवल उनकी ही दुकान के सामने कार्रवाई क्यों की? आसपास के अन्य दुकानदारों के अतिक्रमण और नालियों को जस का तस क्यों छोड़ दिया गया?
​पटिया हटाने पर आक्रोश: व्यापारी का कहना है कि प्रशासनिक अमले ने मनमाने तरीके से उनकी दुकान की पटियां हटाईं, जिससे उनके व्यापार और आवागमन पर बुरा असर पड़ा है। इस दौरान लापरवाही के चलते उनका नल भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
    user_पत्रकार पवन दांतरे इंदरगढ
    पत्रकार पवन दांतरे इंदरगढ
    Video Creator दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 32 लाख रुपये के 150 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए शिवपुरी। साइबर सेल शिवपुरी ने चोरी एवं गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन आपकी अमानत” के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 32 लाख रुपये कीमत के 150 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से ट्रेस कर बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में 5 आईफोन भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 450 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने शिवपुरी पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस का कहना है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत मिलने के बाद तकनीकी माध्यमों से उनकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी जुटाकर बरामदगी की कार्रवाई की जा रही है। 32 लाख रुपये के 150 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए शिवपुरी। साइबर सेल शिवपुरी ने चोरी एवं गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन आपकी अमानत” के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 32 लाख रुपये कीमत के 150 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से ट्रेस कर बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में 5 आईफोन भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 450 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने शिवपुरी पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस का कहना है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत मिलने के बाद तकनीकी माध्यमों से उनकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी जुटाकर बरामदगी की कार्रवाई की जा रही है।
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    32 लाख रुपये के 150 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए

शिवपुरी। साइबर सेल शिवपुरी ने चोरी एवं गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन आपकी अमानत” के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 32 लाख रुपये कीमत के 150 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए।

पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से ट्रेस कर बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में 5 आईफोन भी शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 450 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये है।

मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने शिवपुरी पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस का कहना है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत मिलने के बाद तकनीकी माध्यमों से उनकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी जुटाकर बरामदगी की कार्रवाई की जा रही है।
32 लाख रुपये के 150 मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए
शिवपुरी। साइबर सेल शिवपुरी ने चोरी एवं गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन आपकी अमानत” के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 32 लाख रुपये कीमत के 150 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए।
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से ट्रेस कर बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में 5 आईफोन भी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कुल 450 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये है।
मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने शिवपुरी पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस का कहना है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत मिलने के बाद तकनीकी माध्यमों से उनकी लोकेशन और उपयोग की जानकारी जुटाकर बरामदगी की कार्रवाई की जा रही है।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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