बेतिया में दिनदहाड़े पुलिस बनकर ठगी! सोने की चेन-अंगूठी की जगह थमाए पत्थर, घर पहुंचते ही उड़े होश बेतिया से इस वक्त की बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है जहां दिनदहाड़े खुद को पुलिसकर्मी बताकर दो ठगों ने एक व्यक्ति से सोने की चेन और अंगूठी की ठगी कर ली। यह पूरी घटना नगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित की पहचान अजय कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार अजय कुमार गुप्ता सुबह करीब 8:30 बजे अपनी पत्नी को RLSY कॉलेज छोड़कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह दुर्गाबाग मंदिर के मुख्य द्वार के पास पहुंचे, तभी दो अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और बड़ी चालाकी से बातचीत शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इलाके में हत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से आप अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतारकर सुरक्षित रख लीजिए। ठगों की बातों में आकर अजय कुमार गुप्ता ने अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतार दी। इसके बाद आरोप है कि दोनों युवकों ने गहनों को कागज में लपेटकर एक पॉलिथीन में रखा और वह पॉलिथीन पीड़ित के ही पॉकेट में रखवा दी। लेकिन असली धोखा तो तब सामने आया जब अजय कुमार गुप्ता घर पहुंचे। घर पहुंचकर जब उन्होंने पॉकेट से पॉलिथीन निकाली और खोली तो उनके होश उड़ गए। उसमें सोने की चेन और अंगूठी की जगह केवल दो छोटे पत्थर रखे हुए थे। यह देखकर वह पूरी तरह हैरान रह गए और तुरंत समझ गए कि उनके साथ बड़ी ठगी हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए नगर थाना पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पीड़ित का कहना है कि दोनों अज्ञात युवकों ने खुद को पुलिस बताकर भरोसा जीत लिया और इसी का फायदा उठाकर गहनों की ठगी कर ली। वहीं घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुट गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर दुर्गाबाग जैसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े पुलिस बनकर ठगी की यह वारदात कैसे हो गई। यह घटना पुलिस प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई है और इलाके में लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बेतिया में दिनदहाड़े पुलिस बनकर ठगी! सोने की चेन-अंगूठी की जगह थमाए पत्थर, घर पहुंचते ही उड़े होश बेतिया से इस वक्त की बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है जहां दिनदहाड़े खुद को पुलिसकर्मी बताकर दो ठगों ने एक व्यक्ति से सोने की चेन और अंगूठी की ठगी कर ली। यह पूरी घटना नगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित की पहचान अजय कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार अजय कुमार गुप्ता सुबह करीब 8:30 बजे अपनी पत्नी को RLSY कॉलेज छोड़कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह दुर्गाबाग मंदिर के मुख्य द्वार के पास पहुंचे, तभी दो अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और बड़ी चालाकी से बातचीत शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इलाके में हत्या जैसी घटनाएं हो रही हैं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से आप अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतारकर सुरक्षित रख लीजिए। ठगों की बातों में आकर अजय कुमार गुप्ता ने अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतार दी। इसके बाद आरोप है कि दोनों युवकों ने गहनों को कागज में लपेटकर एक पॉलिथीन में रखा और वह पॉलिथीन पीड़ित के ही पॉकेट में रखवा दी। लेकिन असली धोखा तो तब सामने आया जब अजय कुमार गुप्ता घर पहुंचे। घर पहुंचकर जब उन्होंने पॉकेट से पॉलिथीन निकाली और खोली तो उनके होश उड़ गए। उसमें सोने की चेन और अंगूठी की जगह केवल दो छोटे पत्थर रखे हुए थे। यह देखकर वह पूरी तरह हैरान रह गए और तुरंत समझ गए कि उनके साथ बड़ी ठगी हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए नगर थाना पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पीड़ित का कहना है कि दोनों अज्ञात युवकों ने खुद को पुलिस बताकर भरोसा जीत लिया और इसी का फायदा उठाकर गहनों की ठगी कर ली। वहीं घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुट गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर दुर्गाबाग जैसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े पुलिस बनकर ठगी की यह वारदात कैसे हो गई। यह घटना पुलिस प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई है और इलाके में लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
- बरवाँ सेमरा घाट पंचायत के बरवाँ में 23 तारीख को समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से नवनिर्मित राम जानकी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य यज्ञ का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ मुख्य अतिथि अंकेश्वर मिश्रा ने फीता काटकर और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया। इस पावन अवसर पर गाँव की एकता देखते ही बनी, जहाँ परमानन्द यादव, चनरमन चौरसिया, विनोद चौरसिया, सिद्धेश्वर मिश्र, अजय श्रीवास्तव, दिलीप चौरसिया और आनंद चौरसिया सहित भारी संख्या में ग्रामीणों ने सक्रिय योगदान दिया। मंत्रों की गूँज और भक्तिमय वातावरण से पूरा क्षेत्र सराबोर रहा। ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने आपसी भाईचारे और श्रद्धा की एक अनूठी मिसाल पेश की है।4
- मझौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने जानकारी दी कि मारपीट और चाकूबाजी के पुराने मामले में माधोपुर मलाही टोला निवासी शिव पूजन कुमार (पिता स्व. सत्यनारायण चौधरी) को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, शराब कांड से जुड़े मामले में रमपुरवा महनवा पंचायत के सेमुआपुर निवासी दो सगे भाई शिव शंकर यादव और रमाशंकर यादव (दोनों पिता बचन यादव) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया गया कि दोनों आरोपी पहले से दर्ज शराब मामले में फरार चल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस कार्रवाई से इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।1
- नेपाल बॉर्डर से जाली नोट और हथियार के साथ दो शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी का बड़ा मामला बेतिया से सामने आया है जहां कंगली थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्रिवेणी घोड़ासहन पुल के पास वाहन जांच अभियान चलाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नेपाल की ओर से कुछ संदिग्ध लोग जाली नोट बनाने से जुड़ी सामग्री और अवैध हथियार लेकर इस इलाके से गुजरने वाले हैं जिसके बाद तत्काल जांच अभियान शुरू किया गया और इसी दौरान एक वाहन को रोककर तलाशी ली गई जिसमें दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उनका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के दरपा थाना क्षेत्र निवासी ज्वाला सिंह और सचिन कुमार के रूप में हुई है जबकि फरार आरोपी की पहचान दिलीप कुमार के रूप में की गई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला संदिग्ध सफेद कागज, एक लोडेड देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह नेपाल सीमा से जाली नोट और हथियार की तस्करी से जुड़ा हो सकता है हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और बरामद कागज का प्रयोग जाली नोट छापने में होता था या नहीं इसकी भी पुष्टि वैज्ञानिक जांच के बाद ही की जाएगी। इस पूरे मामले पर नरकटियागंज एसडीपीओ जय प्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस को पहले से ही इनपुट मिला था जिसके आधार पर कार्रवाई की गई और वाहन जांच के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है जबकि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया गया है।1
- मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के तहत लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वृहद आश्रय गृह कुमार बाग का शुभारंभ आज जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने किया। 24.04.2026.1
- In a surprising incident, local police uncovered an unusual method of illegal liquor smuggling where a horse was being used to transport alcohol. Acting on a tip-off, the police conducted a raid and successfully seized a large quantity of liquor along with the arrest of the accused. This incident highlights the growing creativity in illegal activities and the alertness of the police in stopping such crimes. Strict action is being taken against those involved.1
- सुगौली के दक्षिणी छपरा बहास पंचायत में दो संप्रदायों के बीच हुआ जम कर मारपीट,पहुंची पुलिस छावनी में तब्दील। स्थिति शांत।पुलिस जुटी कार्रवाई में।1
- Post by Ksr bihar news1
- वैशाख नवमी के शुभ अवसर पर सरिसवा स्थित मां गढ़ी माई के मंदिर में भव्य मेले का आयोजन किया गया। यह मेला न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि सीमा पार नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए भी अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक बन चुका है। मान्यता है कि मां गढ़ी माई के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता और मैया सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इस विशेष दिन पर दूर-दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर मंदिर पहुंचे। यहाँ बलि देने की प्राचीन परंपरा आज भी प्रधान है। जहाँ भक्तों ने अपनी मन्नत पूरी होने पर बकरे की बलि अर्पित की। वहीं, शांति और भक्ति के प्रतीक के रूप में कई श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में 'परेवा' (कबूतर) भी छोड़े। मेले का दृश्य भक्तिमय रहा, जहाँ 'जय माता दी' के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान था। भारत-नेपाल सीमा के समीप होने के कारण इस मेले में नेपाली श्रद्धालुओं की भी भारी भागीदारी रही। सांस्कृतिक और धार्मिक साझा विरासत को दर्शाते हुए, दोनों देशों के लोगों ने एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना की। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच सामाजिक समरसता की झलक भी देखने को मिली। भक्तों द्वारा कुंवारी कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया गया और उन्हें 'अंग वस्त्र' भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही, मेले में 'सदा बलबरत' (भंडारा) का भी आयोजन निरंतर चलता रहा, जिससे भक्तों की सेवा और समर्पण का भाव स्पष्ट झलकता रहा। यह मेला क्षेत्र की एकता और गहरी धार्मिक जड़ों को मजबूती प्रदान करता है।4