जहरीले मध्यान भोजन से सैकड़ों बच्चे बीमार, NSUI ने दी आंदोलन की चेतावनी बिहार के मधेपुरा जिले में मध्यान भोजन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 15 दिनों के अंदर दो अलग-अलग जगहों पर जहरीला मिड डे मील खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए। इस मामले को लेकर NSUI का एक प्रतिनिधिमंडल जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिला और सप्लाई करने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने समेत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। VO मधेपुरा में मध्यान भोजन अब छात्रों के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। बीते 15 दिनों के अंदर जिले में दो अलग-अलग स्कूलों में जहरीला खाना खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए। कई बच्चों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ताजा मामले को लेकर NSUI का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और मिड डे मील सप्लाई करने वाली एजेंसी को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। NSUI का आरोप है कि मध्यान भोजन में छिपकली मिलने की घटना सप्लाई एजेंसी की भारी लापरवाही को दर्शाती है। संगठन ने कहा कि यह बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट – निशांत यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष, NSUI "पिछले 15 दिनों में दो-दो जगहों पर सैकड़ों बच्चे बीमार पड़े हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया गया है। हमारी मांग है कि सप्लाई एजेंसी को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए, दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो और पीड़ित बच्चों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। अगर सात दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं होती है तो NSUI चरणबद्ध आंदोलन करेगी।" Vo.f फिलहाल जिला शिक्षा विभाग ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय होगी?
जहरीले मध्यान भोजन से सैकड़ों बच्चे बीमार, NSUI ने दी आंदोलन की चेतावनी बिहार के मधेपुरा जिले में मध्यान भोजन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 15 दिनों के अंदर दो अलग-अलग जगहों पर जहरीला मिड डे मील खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए। इस मामले को लेकर NSUI का एक प्रतिनिधिमंडल जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिला और सप्लाई करने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने समेत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। VO मधेपुरा में मध्यान भोजन अब छात्रों के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। बीते 15 दिनों के अंदर जिले में दो अलग-अलग स्कूलों में जहरीला खाना खाने
से सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए। कई बच्चों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ताजा मामले को लेकर NSUI का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और मिड डे मील सप्लाई करने वाली एजेंसी को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। NSUI का आरोप है कि मध्यान भोजन में छिपकली मिलने की घटना सप्लाई एजेंसी की भारी लापरवाही को दर्शाती है। संगठन ने कहा कि यह बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी सूरत
में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट – निशांत यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष, NSUI "पिछले 15 दिनों में दो-दो जगहों पर सैकड़ों बच्चे बीमार पड़े हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया गया है। हमारी मांग है कि सप्लाई एजेंसी को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए, दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो और पीड़ित बच्चों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। अगर सात दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं होती है तो NSUI चरणबद्ध आंदोलन करेगी।" Vo.f फिलहाल जिला शिक्षा विभाग ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय होगी?
- बिहार के मधेपुरा जिले में पुरानी रंजिश में एक महिला की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में 2021 में हुई इस वारदात में मुख्य आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया गया है। मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में वर्ष 2021 में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में न्यायालय ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया। एडीजे-9 रघुवीर प्रसाद की अदालत ने अभियुक्त मो. आलम को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला 28 अगस्त 2021 का है। मृतका के पति मो. शाहीद साह के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे जब वे काम से घर लौटे तो देखा कि उनके पड़ोसी मो. आलम अपने परिजनों के साथ मिलकर उनकी पत्नी जूही प्रवीण पर चाकू से हमला कर रहे थे। आरोप है कि हमलावरों ने जूही प्रवीण का गला और पेट चाकू से रेत दिया। घटना के दौरान घर में मौजूद बच्चों और परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे। भीड़ को देख आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में जूही प्रवीण को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतका के पति ने सिंहेश्वर थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराते हुए न्याय की मांग की थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक जय नारायण पंडित ने प्रभावी बहस करते हुए अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन्हीं आधारों पर अदालत ने मो. आलम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। बाइट -अपर लोक, अभियोजक बाइट --जय नारायण, पंडित "अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त को दोषी पाया है। यह हत्या अत्यंत निर्ममता के साथ की गई थी। न्यायालय ने गंभीरता को देखते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।"3
- सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र में सच की आवाज उठाने और निष्पक्ष तरीके से किसी भी खबर को प्रकाशित करने में महारथ हासिल करने वाले ईमानदार पत्रकार का 39 वीं जन्मदिवस सीएचसी सौर बाजार परिसर में मंगलवार को सौर बाजार पत्रकार संघ एवं सीएचसी सौर बाजार के वरीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि के साथ बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान पत्रकार ललन कुमार द्वारा जन्मदिन की केक काटने के बाद सभी ने उसे केक खिलाकर बधाई दिया। इसको लेकर मौजूद सभी लोगों ने बताया की ललन जी को पत्रकारिता के क्षेत्र में पुराना अनुभव है जो अपने अनोखे अंदाज में किसी भी खबर को निष्पक्ष तरीके से प्रकाशित किया करते हैं जिससे सभी जगह मान सम्मान मिलता रहता है हम सभी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं की इनकी उम्र लंबी हो और इसी तरह अपना जलवा दिखाते रहे।1
- आगरा: देखिए ज़रा… साइबर ठगों के हौसले अब किस हद तक बुलंद हो चुके हैं। जो अपराधी कल तक आम आदमी की फर्जी आईडी बनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे थे, अब वही ठग सीधे पुलिस को ही निशाना बना रहे हैं। और वो भी किसी छोटे अधिकारी को नहीं, बल्कि एसीपी रैंक के अफसर को। ताज़ा मामला आगरा से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने सदर एसीपी इमरान अहमद की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक नहीं, बल्कि तीन-तीन फर्जी फेसबुक आईडी बना डालीं। इन आईडी के ज़रिए एसीपी के परिचितों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई और भरोसा जीतने के बाद ठगी का खेल शुरू हुआ।1
- कैलाशपुरी मेला का होगा सर्वागिण विकास: डीएम पिपरा (सुपौल) उत्तर बिहार में प्रसिद्ध पिपरा प्रखंड के पथरा उत्तर पंचायत वार्ड नंबर 3 में बुधवार को डीएम सावन कुमार ने कैलाशपुरी मेला स्थल और मंदिर परिसर का जायजा किया। इस मौके पर वरीय उपसमाहर्ता, जिला योजना पदाधिकारी पिपरा सीओ उमा कुमारी मेला सचिव सुनील कुमार पासवान सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। डीएम सावन कुमार की मेला स्थल और मंदिर परिसर का बारीकी से अवलोकन किया इस ऐतिहासिक जगह के सर्वांगीण विकास को लेकर उन्होंने मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। मंदिर परिसर में बने तालाब का सौंदर्यीकरण करवाने पौखर के चारों तरफ फाइबर ब्लॉग और बैठने की व्यवस्था सहित समुचित व्यवस्था उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया। वहीं मेला समिति के मांग पर कला मंच बनवाने का भी निर्देश दिया गया। दरअसल इस मेला को पर्याप्त जमीन है। सरकार के महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलना है। डीएम ने पिपरा सीओ को निर्देश दिया कि प्रखंड क्षेत्र में बनने वाले डिग्री कॉलेज के लिए जमीन का प्रपोजल कैलाशपुरी मेला स्थल का ही भेजना है। मंदिर का जिला गजेटियर में शामिल नहीं किए जाने की बात मेला समिति द्वारा कहा गया जिस पर डीएम ने आश्वासन दिया की बहुत जल्द गजेटियर में नाम शामिल करवाया जाएगा। इस मौके पर कार्यपालक अभियंता स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण कार्य प्रमंडल सुपौल रामबरन पासवान सहायक अभियंता यशोधर कुमार और कनीय अभियंता कुंदन कुमार अंचल अधिकारी उमा कुमारी सहित ग्रामीण पूर्व सरपंच ब्रह्मदेव ठाकुर, सीताराम पासवान, लखन चौधरी, शम्भू शरण चौधरी, महेश पासवान, मोहम्मद केयूम राजकुमार चौधरी, ललित चौधरी इंद्रभूषण कुमार मंडल, लक्ष्मण कुमार मंडल मौजूद थे4
- देश की राजधानी Delhi के Guru Teg Bahadur Hospital से सामने आई तस्वीरें स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। मरीजों के परिजन गंदे फर्श पर कार्डबोर्ड बिछाकर सोने को मजबूर हैं। अस्पताल में गंदगी फैली हुई है, वॉशरूम में पानी नहीं है और आवारा कुत्ते खुलेआम घूमते हुए दीवारों पर पेशाब करते नजर आ रहे हैं। यह हालात मरीजों के लिए खतरे की घंटी हैं। 👉 ऐसी ही ज़मीनी और सच्ची खबरों के लिए Lock MooD News को फॉलो करें।1
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- Post by MD Anees1
- बिहार के मधेपुरा जिले में मध्यान भोजन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 15 दिनों के अंदर दो अलग-अलग जगहों पर जहरीला मिड डे मील खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए। इस मामले को लेकर NSUI का एक प्रतिनिधिमंडल जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिला और सप्लाई करने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने समेत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। VO मधेपुरा में मध्यान भोजन अब छात्रों के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। बीते 15 दिनों के अंदर जिले में दो अलग-अलग स्कूलों में जहरीला खाना खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए। कई बच्चों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ताजा मामले को लेकर NSUI का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और मिड डे मील सप्लाई करने वाली एजेंसी को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। NSUI का आरोप है कि मध्यान भोजन में छिपकली मिलने की घटना सप्लाई एजेंसी की भारी लापरवाही को दर्शाती है। संगठन ने कहा कि यह बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट – निशांत यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष, NSUI "पिछले 15 दिनों में दो-दो जगहों पर सैकड़ों बच्चे बीमार पड़े हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया गया है। हमारी मांग है कि सप्लाई एजेंसी को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए, दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो और पीड़ित बच्चों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। अगर सात दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं होती है तो NSUI चरणबद्ध आंदोलन करेगी।" Vo.f फिलहाल जिला शिक्षा विभाग ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदारों की जवाबदेही कब तय होगी?3