लोकतंत्र की मजबूती के लिए आगे आएं, 23 फरवरी को अवश्य करें मतदान : उपायुक्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों की सक्रिय सहभागिता में निहित है। आपका एक मत आपके नगर के विकास, पारदर्शी प्रशासन और सशक्त स्थानीय स्वशासन की दिशा निर्धारित करता है।_ _उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे 23 फरवरी को प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुँचकर निर्भीक एवं निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।_ _उपायुक्त ने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं से लोकतांत्रिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकाधिक मतदान ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।_
लोकतंत्र की मजबूती के लिए आगे आएं, 23 फरवरी को अवश्य करें मतदान : उपायुक्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों की सक्रिय सहभागिता में निहित है। आपका एक मत आपके नगर के विकास, पारदर्शी प्रशासन और सशक्त स्थानीय स्वशासन की दिशा निर्धारित करता है।_ _उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे 23 फरवरी को प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुँचकर निर्भीक एवं निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।_ _उपायुक्त ने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं से लोकतांत्रिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकाधिक मतदान ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।_
- मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना वर्ष 2024-25 अंतर्गत सूकर विकास योजना के तहत बुधवार को प्रखंड परिसर, चैनपुर में चयनित 7 लाभुकों के बीच सूकर इकाइयों का वितरण किया गया। प्रत्येक लाभुक को 04 मादा सूकरी एवं 01 नर सूकर की दर से एक-एक इकाई प्रदान की गई।कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे से प्रखंड परिसर में किया गया, जहां लाभुकों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा एवं जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा , प्रथम पशुचिकित्सक पदाधिकारी डॉक्टर धर्मरक्षित उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने लाभुकों को पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने एवं आय में वृद्धि करने का संदेश दिया।इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल मानी जा रही है। चयनित लाभुकों में सरिता टोप्पो, गांगी देवी, फरीदा लकड़ा, तिलिना मिंस, बेसिस मिंस, जेम्स दीपक हुजूर सहित अन्य शामिल रहे।ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पशुपालन से परिवार की आमदनी बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होग।3
- गुमला:जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों की सक्रिय सहभागिता में निहित है। आपका एक मत आपके नगर के विकास, पारदर्शी प्रशासन और सशक्त स्थानीय स्वशासन की दिशा निर्धारित करता है।उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे 23 फरवरी को प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुँचकर निर्भीक एवं निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।उपायुक्त ने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं से लोकतांत्रिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकाधिक मतदान ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।1
- चैनपुर – बुधवार शाम करीब 4 बजे चैनपुर ब्लॉक चौक के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बैंक का काम निपटाकर घर लौट रहा एक परिवार उस वक्त हादसे का शिकार हो गया, जब उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक घर के गेट से जा टकराई। इस दुर्घटना में 5 वर्षीय मासूम बच्ची सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान संजित असुर, कुष्मिता असुर और सरिता असुर (ग्राम लुपुंग पाठ) के रूप में हुई है। सभी घायलों को आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।1
- गुमला: निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(सी) के अंतर्गत जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें पड़ोस के अभिवंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस प्रावधान के तहत शैक्षणिक सत्र हेतु निम्नलिखित विद्यालयों में नामांकन लिया जाना है: * सरस्वती विद्या मंदिर, गुमला * सरस्वती शिशु मंदिर, गुमल * सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, भरनो * डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गुमला * संत मेरी स्कूल, कुदा, कामडारा * चंचल सिग्नेस स्कूल, अरमई * सरस्वती शिशु मंदिर, भलमंदा * सोलिटियर एजुकेशनल अकादमी, मकरा * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया * उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल, टोंगों, चैनपुर * मॉट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोनबीर नवाटोली, बसिया, * किशोर मोहन लाल साहू, सरस्वती शिशु मंदिर, कयम्बा, पालकोट * रंजीत नारायण सिंह सरस्वती विद्यालय, कुदरा, सिसई * कार्तिक उरांव आदिवासी बाल विद्यालय, निजमा बधराईटोली * संत अन्ना मध्य विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु * नोट्रेडेम स्कूल, गुमला * जटया मध्य विद्यालय, बुरहू * संत जेवियर्स स्कूल, गुमला * विकास चिल्ड्रेन एकेडमी, विशुनपुर अधिनियम के प्रावधान के अनुसार ‘पड़ोस’ से आशय विद्यालय से 01 किलोमीटर की परिधि के अंतर्गत निवास करने वाले बच्चों से है। यदि 01 किलोमीटर की परिधि में पर्याप्त संख्या में बच्चे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विद्यालय की विस्तारित सीमा 06 किलोमीटर की परिधि तक निवास करने वाले बच्चों का नामांकन किया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक, गुमला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएँ तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर आवेदन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आरटीई अधिनियम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे संबंधित विद्यालय अथवा प्रखंड शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करें एवं अपने बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।1
- पेशा कानून का दिया गया प्रशिक्षण चैनपुर गुमला झारखंड संवाददाता कुलदीप कुमार कि रिपोर्ट। चैनपुर मुख्यालय स्थित पुस्तकालय भवन में ग्राम प्रधान मुखिया वार्ड सदस्यों का पेशा कानून का प्रशिक्षण दिया गया जिसका प्रशिक्षण भुषण भगत बड़ाइक एवं संतोष महतो के द्वारा दिया गया। जिसपर बताया गया कि पेशा कानून 23 दिसंबर 2025 को विधानसभा में पारित हुआ और 2 जनवरी 2026 को पुरे प्रदेश में लागू किया गया। वहीं बताया गया कि ग्राम सभा को पेशा कानून लागू होने से पहले उतना मान्यता नहीं मिलता था। पर पेशा कानून लागू होने पर ग्राम सभा को और ग्राम प्रधान सहित मुखिया को गांव के रूढ़िवादी परंपरा को फिरे लागू करते हुए अपने गांव के शासन व्यवस्था को फिर से स्वतंत्र रूप से से जीवन जीने एवं कोई बाहरी आक्रांता हावी ना हो और प्राणों का बलिदान देना ना पड़े पुर्वजों ने जो जीवन जिया था जिसमें अनेकों आक्रांताओं के द्वारा हमारा जल जंगल जमीन संस्कृति धार्मिक मान्यताओं को क्षतिग्रस्त किया गया था उसे बचाने के लिए पेशा कानून लागू किया गया है। वहीं बताया गया कि झारखंड में कुल 33 जनजातियां है जिसमें पड़हा व्यवस्था झारखंड कि सबसे सर्वोच्च व्यवस्था है फिर भी भारत के संविधान कि आवश्यकता हमारी रूढ़ी व्यवस्था को बेहतर ढंग से चलने के लिए संविधान में दिया गया है। वहीं झारखंड के मुख्य पाढ़ा व्यवस्था के बारे में बताया गया जिसमें पाढ़ा मतलब तीन चार गांवो का समुह को बताया साथ ही बताया कि झारखंड में कुल चार पाढ़ा व्यवस्था है जिसमें पाढ़ा व्यवस्था उरांव बहुल के लिए,डोकला सोहर खड़िया बहुल के लिए,मानकी मुण्डा व्यवस्था मुण्डा क्षेत्र बहुल के लिए,मांझी परगनैत मांझी बहुल क्षेत्र के लिए । वहीं मुख्य रूप से बताया गया कि पेशा कानून लागू कराने के लिए 8 समिति का गठन कराना आवश्यक है जिसमें ग्राम शिक्षा समिति,वन समिति विकास समिति,शिक्षा समिति, स्वास्थ्य समिति, न्याय समिति साथ ही लघु खनिज,लघु वन,वन उपज,ग्रमिण कोष, जैसे क्षेत्रों में काम करना होगा जिससे ग्राम सभा को सिधा फायदा होगा।1
- डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा एडीजे वन प्रेम शंकर की अदालत ने डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी लूटो गांव निवासी विपदा उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के सजा सुनाई। मालूम हो कि 25 सितंबर 2021 को आरोपी ने डायन बिसाही के शक में छोटा खटगा निवासी बसमणी देवी, सोमारी देवी और बंधन उरांव की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। आरोपी ने अपनी बीमारी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। आरोपी के खिलाफ मृतक के परिजनों के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत ने आरोपी को दोषी कर देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। बाइट, अजय कुमार रजक, लोक अभियोजक, गुमला न्यायालय।3
- Post by ANGAD YADAV1
- उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार जिले की आंगनबाड़ी सेविकाओं को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों में दक्ष बनाने की कवायद तेज हो गई है। जानकारी देते हुए बुधवार को शाम पाँच बजे बताया गया कि चैनपुर प्रखंड सभागार में आयोजित तीन दिवसीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला स्तरीय चयन समिति के अनुमोदन पर विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसाइटी के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाना है। चैनपुर प्रखंड की चालीस आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सोलह फरवरी से अठारह फरवरी तक चले इस प्रशिक्षण में भाग लिया। मुख्य प्रशिक्षक एवं जिला समन्वयक पिंटू दास, सहायक प्रशिक्षक सुमन गोस्वामी तथा प्रशांत कुमार महतो ने सत्र का संचालन किया। प्रशिक्षण के दौरान सभी सेविकाओं को “नन्हे कदम” पुस्तक एवं आवश्यक शिक्षण सामग्री किट उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि खेल-खेल में और रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास को कैसे बढ़ावा दिया जाए। प्रशिक्षकों ने बताया कि सेविकाओं की कार्यक्षमता बढ़ने से केंद्रों पर बच्चों के लिए सीखने का एक खुशनुमा और अनुकूल वातावरण तैयार होगा। गौरतलब है कि उपायुक्त के विजन के तहत पूरे जिले की पाँच सौ आंगनबाड़ी सेविकाओं को इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जमीनी स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य की नींव को और अधिक मजबूत किया जा सके।4