करौली जिले के टोडाभीम उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत जहांनगर मोरडा में चारागाह भूमि और आम रास्तों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है। इस गंभीर समस्या पर गहनता से चर्चा करने के लिए मोरडा की खटीकों की थाई पर एक पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत में उपस्थित सभी ग्राम वासियों और पांच पटेलों ने सर्वसम्मति से चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को शीघ्र हटाने की मांग रखी, जिस पर सभी पांच पटेलों ने अपनी सहमति जताई। निर्णय लिया गया है कि सोमवार को करौली जिला कलेक्टर को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें चारागाह भूमि और आम रास्तों से अतिक्रमण हटवाने की तत्काल कार्रवाई की मांग की जाएगी। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों और ग्राम पंचायत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया है कि दशकों से हो रहे ये अतिक्रमण आखिर उनके अधिकार क्षेत्र में कैसे संभव हो पाते हैं, इसे ग्राम पंचायत जहांनगर मोरडा और राजस्व विभाग की अनदेखी का परिणाम बताया गया है। इस पंचायत में मगन सिंह चौहान, देवेंद्र शर्मा, सोहन सिंह चौहान, प्रहलाद सिंह चौहान, महेंद्र सिंह चौहान, गजेंद्र सिंह, रामजी लाल महावर, दिनेश शर्मा, अशोक सिंह चौहान, सुगन लाल बेरवा, कैलाश बेरवा, रणवीर सिंह चौहान, राजेंद्र शर्मा, इंदर सिंह चौहान, दिलीप सिंह चौहान, पदम गुर्जर, शेर सिंह चौहान, नजीर खान, इस्माइल खान, मुंशी खान, विजेंद्र सिंह चौहान, हरिओम शर्मा, भूर सिंह महावर, चंद्रभान सिंह, जितेंद्र सिंह और संतोष शर्मा सहित सैकड़ों से अधिक ग्रामीण उपस्थित रहे।
करौली जिले के टोडाभीम उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत जहांनगर मोरडा में चारागाह भूमि और आम रास्तों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है। इस गंभीर समस्या पर गहनता से चर्चा करने के लिए मोरडा की खटीकों की थाई पर एक पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत में उपस्थित सभी ग्राम वासियों और पांच पटेलों ने सर्वसम्मति से चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को शीघ्र हटाने की मांग रखी, जिस पर सभी पांच पटेलों ने अपनी सहमति जताई। निर्णय लिया गया है कि सोमवार को करौली जिला कलेक्टर को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें चारागाह भूमि और आम रास्तों से अतिक्रमण हटवाने की तत्काल कार्रवाई की मांग की जाएगी। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों और ग्राम पंचायत कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया है कि दशकों से हो रहे ये अतिक्रमण आखिर उनके अधिकार क्षेत्र में कैसे संभव हो पाते हैं, इसे ग्राम पंचायत जहांनगर मोरडा और राजस्व विभाग की अनदेखी का परिणाम बताया गया है। इस पंचायत में मगन सिंह चौहान, देवेंद्र शर्मा, सोहन सिंह चौहान, प्रहलाद सिंह चौहान, महेंद्र सिंह चौहान, गजेंद्र सिंह, रामजी लाल महावर, दिनेश शर्मा, अशोक सिंह चौहान, सुगन लाल बेरवा, कैलाश बेरवा, रणवीर सिंह चौहान, राजेंद्र शर्मा, इंदर सिंह चौहान, दिलीप सिंह चौहान, पदम गुर्जर, शेर सिंह चौहान, नजीर खान, इस्माइल खान, मुंशी खान, विजेंद्र सिंह चौहान, हरिओम शर्मा, भूर सिंह महावर, चंद्रभान सिंह, जितेंद्र सिंह और संतोष शर्मा सहित सैकड़ों से अधिक ग्रामीण उपस्थित रहे।
- करौली में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली को राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार नायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कलेक्ट्रेट सर्किल से शुरू होकर, यह साइकिल रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल की प्रत्येक बूंद के महत्व और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। रविवार दोपहर 2:00 बजे, रैली के प्रतिभागियों ने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने, जल की बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधायक दर्शन सिंह गुर्जर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- यह माँग उठाई गई है कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।1
- सपोटरा में रविवार को डूंगरी बांध परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर कुशालसिंह बाबा देवस्थान पर किशोर सिंह अडूदा की अध्यक्षता में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। करौली और सवाईमाधोपुर जिले के प्रभावित 76 गांवों से आए हजारों किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांध का विरोध किया और इस आंदोलन को अंतिम निर्णय तक जारी रखने का संकल्प लिया। महापंचायत में वक्ताओं ने साफ किया कि प्रस्तावित परियोजना से हजारों परिवारों के विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है; यह 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान है। पूर्व अधीक्षण अभियंता आशाराम मीणा ने आरोप लगाया कि डूंगरी बांध परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, सामाजिक और पर्यावरणीय तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और 32 बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी का भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने अजनोटी स्थित मीणा हाईकोर्ट मैदान में 21 जनवरी 2026 को हुए ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न बताया, लेकिन इसके बावजूद थाना सूरवाल में एफआईआर संख्या 0017/2026 और 0018/2026 दर्ज कर आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। हेमराज दीवाकर ने केंद्र सरकार पर किसानों और ग्रामीणों की आवाज को अनसुना करने का आरोप लगाया और बनास नदी पर बांध बनाने के बजाय वैकल्पिक जल प्रबंधन योजनाओं पर विचार करने को कहा। विशाल खूबपुरा ने डूंगरी बांध और टाइगर रिजर्व जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को उनके गांवों और जमीनों से बेदखल करने की कोशिश का विरोध करते हुए आंदोलन को गैर-राजनीतिक रखते हुए जन-एकता बनाए रखने का आह्वान किया। मुकेश भू-प्रेमी ने आंदोलन को पूरी तरह गांधीवादी बताया, जबकि प्रहलाद दीवानपुरा ने इसे केवल जमीन का नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन को बचाने का संघर्ष बताया। लोकेंद्र सिंह भरतपुर ने विकास के नाम पर ग्रामीणों के प्राकृतिक संसाधनों को छीनने का विरोध करते हुए कहा कि विकास जनता की इच्छा और आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व आईएएस पी.आर. मीणा ने डूंगरी बांध संघर्ष समिति के पुनर्गठन का सुझाव देते हुए आंदोलन को और मजबूत बनाने की बात कही, और सभी गांवों से अंतिम निर्णय तक संगठित रहने का आग्रह किया। मौलाना अफसाद खान ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी इस संघर्ष में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा है, क्योंकि यह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि क्षेत्र के अस्तित्व और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी पंकज बडगूजर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में डूंगरी बांध परियोजना को निरस्त करने तथा अजनोटी प्रकरण में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की प्रमुख मांगें शामिल थीं। इस दौरान तहसीलदार दिलीप कुमार अग्रवाल, पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार, थाना प्रभारी अबजीत कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।2
- खटवा में संयुक्त कर्मचारी संघ खटवा द्वारा नव चयनित कर्मचारी एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा और राजकीय सेवा में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को सम्मानित किया गया, साथ ही नव नियुक्त कर्मचारियों को भी सराहा गया। समारोह के दौरान, संरक्षक धर्मेंद्र मीणा (पायलट) ने क्षेत्र के 10वीं और 12वीं कक्षा के टॉपर्स को जयपुर से दिल्ली तक हवाई यात्रा कराने की महत्वपूर्ण घोषणा की। वहीं, मुख्य अतिथि आईएएस विजय प्रकाश मीना ने विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग और मेंटरशिप कार्यक्रम शुरू करने का ऐलान किया। इस अवसर पर कुल 38 मेधावी विद्यार्थियों और 10 नव चयनित कर्मचारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस आयोजन में कई प्रशासनिक, शैक्षणिक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने समारोह की शोभा बढ़ाई।2
- क्षेत्र में कचरा उठाने का काम नहीं हो रहा है, जिसके कारण सफाई व्यवस्था बाधित है।1
- लालसोट के परशुराम मंदिर में रविवार को एक भव्य संस्कार शिविर का शुभारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस शिविर के माध्यम से प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, धार्मिक ज्ञान, योग, अनुशासन और जीवन मूल्यों की महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। आयोजकों ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना है। इसमें बच्चों और युवाओं को व्यक्तित्व विकास, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारियों तथा सनातन संस्कृति के महत्व के बारे में अवगत कराया जा रहा है। शिविर के शुभारंभ के अवसर पर वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संस्कार ही व्यक्ति के जीवन की वास्तविक पूंजी हैं और ऐसे आयोजन युवाओं को सही दिशा देने के साथ-साथ समाज में एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं। शिविर में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।1
- लालसोट में ब्राह्मण समाज और श्री परशुराम सेना संघ के संयुक्त तत्वावधान में भगवान श्री परशुराम मंदिर परिसर में तृतीय विप्र बालक संस्कार शिविर का शुभारंभ हुआ है। शिविर के पहले दिन बालकों को सनातन संस्कृति, नित्यकर्म, पूजा-पाठ, योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और गायत्री मंत्र जप का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान, आचार्यों ने ब्राह्मण धर्म, संस्कारों और नैतिक मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला, साथ ही बच्चों को सदाचार और अनुशासन को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस महत्वपूर्ण शिविर में बड़ी संख्या में बालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, और समाज के कई गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।2
- हिण्डोन स्थित मनीराम पार्क के बयाना मोड पर एक शराबी को बाइक ने टक्कर मार दी।2