बापिणी। बापिणी क्षेत्र के पूनासर गांव में पिछले कई दिनों से जारी जल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को तेज हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मटकी फोड़कर विरोध जताया और हाईवे जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार समस्या से अवगत करवाने के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर मटकी फोड़ प्रदर्शन किया और हाईवे जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों ने जल संकट का स्थायी समाधान करने और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, ग्रामी बापिणी। बापिणी क्षेत्र के पूनासर गांव में पिछले कई दिनों से जारी जल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को तेज हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मटकी फोड़कर विरोध जताया और हाईवे जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार समस्या से अवगत करवाने के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर मटकी फोड़ प्रदर्शन किया और हाईवे जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों ने जल संकट का स्थायी समाधान करने और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, ग्रामी
बापिणी। बापिणी क्षेत्र के पूनासर गांव में पिछले कई दिनों से जारी जल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को तेज हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मटकी फोड़कर विरोध जताया और हाईवे जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना
करना पड़ रहा है। बार-बार समस्या से अवगत करवाने के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर मटकी फोड़ प्रदर्शन किया और हाईवे जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों ने जल संकट का स्थायी समाधान करने और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, ग्रामी बापिणी। बापिणी
क्षेत्र के पूनासर गांव में पिछले कई दिनों से जारी जल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन मंगलवार को तेज हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मटकी फोड़कर विरोध जताया और हाईवे जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़
रहा है। बार-बार समस्या से अवगत करवाने के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर मटकी फोड़ प्रदर्शन किया और हाईवे जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों ने जल संकट का स्थायी समाधान करने और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पानी की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, ग्रामी
- *बासनी आगजनी हादसे में शहीद हुए खींवसर के फायर फाइटर सुरेंद्र मेघवाल, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई* खींवसर/भेड़। जोधपुर के बासनी क्षेत्र में आगजनी की घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए खींवसर क्षेत्र के भेड़ निवासी 22 वर्षीय फायर फाइटर सुरेंद्र पुत्र ओमाराम का सोमवार सुबह महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। गहन चिकित्सा इकाई में चिकित्सकों के अथक प्रयास के बावजूद सुरेंद्र को बचाया नहीं जा सका। महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी ने भी उनके निधन की पुष्टि की है। नगर निगम जोधपुर की ओर से जारी सूचना के अनुसार सुरेंद्र नगर निगम में संवेदक के माध्यम से नियोजित कार्मिक थे। बासनी क्षेत्र में आगजनी की घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान सोमवार सुबह उनका निधन हो गया। सुरेंद्र के निधन की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव भेड़ सहित खींवसर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इस दौरान विधायक रेवंत राम डांगा, गणपत राम विश्नोई सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और फायर विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। परिवार को विभिन्न मदों से मिलेगी आर्थिक सहायता नगर निगम जोधपुर ने सुरेंद्र के परिवार को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। निगम के अनुसार मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए की राहत राशि नगर निगम की ओर से दी जाएगी। वहीं संवेदक की ओर से अधिकतम 10 लाख रुपए का मृत्यु बीमा दावा तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए का दुर्घटना दावा मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा नगर निगम के सभी कर्मचारियों के एक दिन के वेतन से गठित कोष से हादसे में घायल कार्मिकों एवं मृतकों के परिजनों को राहत सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से भी 20 लाख रुपए की राहत सहायता दिए जाने की जानकारी नगर निगम ने दी है। मृतक के आश्रितों को नियमानुसार पीएफ/ईएसआई से बीमित राशि के आधार पर पेंशन का लाभ भी मिलेगा। दो दिन पहले एक और फायर फाइटर की हुई थी मौत जोधपुर में हुई इस आगजनी की घटना में फायर फाइटरों के लगातार हताहत होने से क्षेत्र में शोक का माहौल है। दो दिन पहले डूंगरगढ़ निवासी फायर फाइटर प्रीतेश की भी मौत हो चुकी है। वहीं एक अन्य फायर फाइटर का उपचार जारी है और वह वेंटिलेटर पर बताया जा रहा है। सुरेंद्र मेघवाल के निधन से भेड़ सहित पूरे खींवसर क्षेत्र में गहरा शोक है। क्षेत्रवासियों ने शहीद फायर फाइटर के बलिदान को नमन करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।4
- स्वच्छता ही सेवा अभियान: वार्ड 51 में दिलाई गई स्वच्छता की शपथ जोधपुर। नगर निगम जोधपुर द्वारा चलाए जा रहे 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत आज वार्ड संख्या 51, खारड़ा रणधीर में स्वच्छता शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा नेता हीरालाल प्रजापत, वार्ड प्रभारी नरेश जावा और वार्डवासियों ने स्वच्छता ही सेवा की शपथ ली और वार्ड को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।1
- SIR पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर कांग्रेस को घेरा निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाने को लेकर राठौड़ ने कांग्रेस पर साधा निशाना1
- आदमी पीता था शराब महिला ने तोड़ डाला ठेका मच गई अफरा तफरी शराबी की लत के कारण परेशान होती महिला दुकानदार का भारी नुकसान1
- बीकानेर से बड़ी ख़बर* *मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में बड़ी वारदात: AC कोच से 1 करोड़ के जेवर और 8 लाख नकद पार, घर पहुंचकर खुला बैग तो उड़े होश* *बीकानेर से बड़ी ख़बर* *जितेन्द्र सिंह बीकानेर वन्दे भारत न्यूज* *मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में बड़ी वारदात: AC कोच से 1 करोड़ के जेवर और 8 लाख नकद पार, घर पहुंचकर खुला बैग तो उड़े होश* बीकानेर। चलती ट्रेन के वातानुकूलित (AC) कोच में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22631) के 3rd AC कोच में सफर कर रही मां-बेटी के बैग से चोरों ने करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और आठ लाख रुपए की नकदी पार कर दी। पीड़ित परिवार को चोरी की भनक तब लगी जब वे अपने पैतृक गांव पहुंचे और सामान खोला। पीड़ित की शिकायत पर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) बीकानेर ने मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। नागपुर से नोखा आ रही थीं मां-बेटी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, देसलसर निवासी विक्रम राजपुरोहित ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। विक्रम का परिवार महाराष्ट्र के वरूड़ (अमरावती) में मिठाई का कारोबार करता है। विक्रम की मां मांगीदेवी और बहन डिंपल राजपुरोहित 11 सितम्बर को नागपुर रेलवे स्टेशन से नोखा आने के लिए मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। दोनों को बी-1 कोच में सीट नंबर 25 और 28 आवंटित थी। उनके पास दो ट्रॉली बैग सहित तीन-चार अन्य बैग थे, जिन्हें उन्होंने अपनी बर्थ के नीचे सुरक्षित रख दिया था। घर पहुंचकर ट्रॉली बैग खोला तो उड़े होश ट्रेन 12 सितम्बर को तय समय पर नोखा स्टेशन पहुंची। वहां से परिजन उन्हें और उनके सामान को लेकर पैतृक गांव देसलसर पहुंचे। गांव पहुंचकर जब मांगीदेवी ने अपना ट्रॉली बैग खोला, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैग में रखे करीब 70 तोला सोने के गहने, आधा किलो चांदी के आभूषण और 8 लाख रुपए की नकदी गायब थी। GRP ने दर्ज किया मामला, जांच में जुटी टीमें घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तुरंत बीकानेर जीआरपी थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। एसी कोच में हुई इतनी बड़ी चोरी की घटना के बाद रेलवे सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं। जीआरपी पुलिस के अनुसार, ट्रेन के रूट, संबंधित स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध यात्रियों की जानकारी खंगाली जा रही है ताकि गिरोह का सुराग लगाया जा सके। JitSa Journalist Bikaner1
- मोबाइल रिचार्ज के नियमों में बदलाव, अब 30 दिन की वैधता वाले प्लान भी होंगे उपलब्ध नई दिल्ली। प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए रिचार्ज से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 22 सितंबर 2026 को Telecom Consumers Protection (Thirteenth Amendment) Regulations, 2026 जारी किए हैं। इसके बाद मोबाइल कंपनियों को 30 दिन की वैधता वाले रिचार्ज विकल्प उपलब्ध कराने होंगे। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इस बदलाव पर एक वीडियो जारी कर सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने 11 मार्च को संसद में प्रीपेड मोबाइल ग्राहकों की समस्याओं को उठाया था और अब सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार किया है। चड्ढा ने इसे प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए अच्छी खबर बताया। चड्ढा ने खास तौर पर 28 दिन की वैधता वाले रिचार्ज का मुद्दा उठाया था। उनका तर्क था कि एक साल में 12 महीने होते हैं, लेकिन 28 दिन की वैधता के कारण ग्राहकों को साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है। अब 30 दिन की वैधता वाला विकल्प मिलने से साल में 12 मासिक रिचार्ज का विकल्प उपलब्ध होगा। नए नियमों में वॉयस और एसएमएस-ओनली प्लान की सुविधा भी महत्वपूर्ण है। जिन ग्राहकों को मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है, उनके लिए केवल कॉल और एसएमएस वाले विकल्प उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। TRAI के अनुसार, ऑपरेटरों को अपने मौजूदा बंडल प्लान की संबंधित वैधता के अनुरूप वॉयस-एसएमएस-ओनली विकल्प भी देने होंगे और ऐसे प्लान में डेटा की सुविधा नहीं होने के कारण टैरिफ में उचित कमी करनी होगी। इन प्लान में 30 दिन या उससे कम की वैधता वाले विकल्प शामिल होंगे। साथ ही ऐसा विकल्प भी होना चाहिए जो हर महीने उसी तारीख को नवीनीकृत हो। यदि किसी महीने में वह तारीख मौजूद नहीं है तो उस महीने के अंतिम दिन नवीनीकरण का प्रावधान रहेगा। राघव चड्ढा ने संसद में यह भी मांग रखी थी कि रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल और एसएमएस तुरंत बंद नहीं होने चाहिए तथा कम कीमत वाले केवल-इनकमिंग प्लान की सुविधा होनी चाहिए। हालांकि, नए 13वें संशोधन में मुख्य रूप से 30-दिन वाले विकल्प और वॉयस-एसएमएस-ओनली प्लान से जुड़े प्रावधान शामिल हैं; इसलिए इन सभी पुरानी मांगों को पूरी तरह लागू मानना सही नहीं होगा। राघव चड्ढा ने कहा कि यह बदलाव खास तौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी हो सकता है जो मोबाइल का इस्तेमाल मुख्य रूप से फोन कॉल और एसएमएस के लिए करते हैं और जिन्हें महंगे डेटा बंडल की जरूरत नहीं होती।1
- उत्तर प्रदेश में IAS से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने राजनीति में जाने का किया ऐलान, वीडियो जारी कर कहा- किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ूंगी, उत्तर प्रदेश से स्वतंत्र रूप से शुरू करूंगी अपनी राजनीतिक यात्रा जैतारण राधेश्याम दाधीच उत्तर प्रदेश में IAS से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने राजनीति में जाने का किया ऐलान, वीडियो जारी कर कहा- किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ूंगी, उत्तर प्रदेश से स्वतंत्र रूप से शुरू करूंगी अपनी राजनीतिक यात्रा1