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करीब दो वर्षों से पन्ना जिले में हीरा कार्यालय में हीरा तो पर्याप्त जमा हो रहे लेकिन उदास 3 ग्राहकों के लिए जो हीरा जमा कर चुके हैं उनको अब अपना विश्वास है कि हीरे की बिक्री कब होगी और कब हमारा पैसा मिलेगा लेकिन अधिकारियों द्वारा प्रयास अभी तक कोई लिखित नहीं दिया गया इससे काफी उदास जो हीरा जमा कर चुके हैं ग्राहकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है अब देखना होगा अधिकारी रवि पटेल द्वारा कब हीरा की मिस्त्री और सेललगवाते हैं यूं ही चलता रहेगा नहीं तो चिंता का विषय हीरा जमा करता हूं के लिए पैसों की जरूरत सबको होती है किसी को शादी करना है किसी को अपना घर बनाना है किसी को अपना बैंक का कर्ज चुकाना है लेकिन अभी तक 2 साल से कोई सेल नहीं लगी है
Media panna atul Raikwar
करीब दो वर्षों से पन्ना जिले में हीरा कार्यालय में हीरा तो पर्याप्त जमा हो रहे लेकिन उदास 3 ग्राहकों के लिए जो हीरा जमा कर चुके हैं उनको अब अपना विश्वास है कि हीरे की बिक्री कब होगी और कब हमारा पैसा मिलेगा लेकिन अधिकारियों द्वारा प्रयास अभी तक कोई लिखित नहीं दिया गया इससे काफी उदास जो हीरा जमा कर चुके हैं ग्राहकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है अब देखना होगा अधिकारी रवि पटेल द्वारा कब हीरा की मिस्त्री और सेललगवाते हैं यूं ही चलता रहेगा नहीं तो चिंता का विषय हीरा जमा करता हूं के लिए पैसों की जरूरत सबको होती है किसी को शादी करना है किसी को अपना घर बनाना है किसी को अपना बैंक का कर्ज चुकाना है लेकिन अभी तक 2 साल से कोई सेल नहीं लगी है
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- अजयगढ़ में तिरंगे के सम्मान पर सवाल, कुर्सी पर राष्ट्रीय ध्वज बिछाकर बैठे बीएमओ अजयगढ़ में तिरंगे के सम्मान पर सवाल, कुर्सी पर राष्ट्रीय ध्वज बिछाकर बैठे बीएमओ अजयगढ़। अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. शोभाराम शर्मा द्वारा अपने कार्यालय की कुर्सी पर राष्ट्रीय ध्वज बिछाकर बैठने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और ध्वज संहिता के पालन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। देशभर में इन दिनों 'हर घर तिरंगा' अभियान के माध्यम से नागरिकों को तिरंगे के सम्मान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ऐसे समय में एक जिम्मेदार शासकीय अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का इस प्रकार उपयोग किए जाने को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग किसी भी प्रकार के गद्दे, मेज, कुर्सी, मंच अथवा अन्य वस्तुओं को ढकने के लिए नहीं किया जा सकता। वहीं राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत तिरंगे का अपमान दंडनीय अपराध है। नियमों के उल्लंघन पर तीन वर्ष तक के कारावास, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग संबंधी नियमों की अनदेखी करेंगे, तो आम जनता तक गलत संदेश जाएगा। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।3
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- सियार के हमले से दो भैंसों की मौत पशुपालकों में दहशत।. अजयगढ़ क्षेत्र में सियार के हमले के बाद दो भैंसों की मौत का मामला सामने आया है। मोहाना गड़रियाखुड़ा निवासी राजू पाल और मोहाना जखौट निवासी प्रकाश यादव की भैंसों को जंगल में चरते समय सियार ने काट लिया था। दोनों पशुपालकों ने संबंधित चौकी में शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार राजू पाल की भैंस पर जंगल में दो सियारों ने हमला कर दिया था। सियार के काटने के बाद करीब पांच दिनों तक भैंस का उपचार कराया गया, लेकिन उपचार के बावजूद उसकी मौत हो गई। वहीं प्रकाश यादव की भैंस भी जंगल में चरते समय सियार के हमले का शिकार हुई। उपचार कराने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई। लगातार दो पशुओं की मौत से क्षेत्र के पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। पशुपालकों ने वन विभाग से मामले की जांच कराने और क्षेत्र में सियारों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- अवंती बाई की दहाड से शासन प्रशासन मनुवादी विधायक सांसद काँप उठा mp जिला अशोकनगर#चंदेरी विधानसभा के माहोली में 1857 की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अंग्रेजों को धूल चटाने वाली शहीद वीरांगना महारानी अबंती बाई लोधी जी की कई बर्षो से लगी मूर्ति हटवाने के बाद ओबीसी एससी एसटी संगठन की एकता विरोध करते हुए एक बड़े आंदोलन के चेतावनी को देखते हुए शासन प्रशासन विधायक सांसद में घुटने टेक कर मूर्ति को पुनः उसी जगह स्थापित करवाया मनुवादियों का दिमाग नहीं चल पाया जय जवान जय किसान जय संविधान जय अवंती बाई जय लोधेश्वर1
- श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन हुआ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव गौरीशंकर मंदिर में चल रहीं श्रीमद भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धांलुओं का जन सैलाब श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन हुआ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव गौरीशंकर मंदिर गढ़ीपड़रिया में आयोजित सार्वजनिक श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास श्रीमत्परमहंस हजारीया जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का सुंदर वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनते ही कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारे लगाए। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में सहभागिता की। कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, कंस के अत्याचार तथा वासुदेव जी द्वारा श्रीकृष्ण को गोकुल पहुंचाने की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। आयोजन में क्षेत्र के श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।4
- बृहस्पति कुंड पन्ना आज का सुंदर नजारा1
- दक्षिण पन्ना वनमण्डल का अनोखा प्रयोग, ‘सर्पलोक’ से बच्चों को दी सर्प संरक्षण की सीख नाग पंचमी पर बच्चों के हाथों में पहुँचा ‘सर्पलोक’, खेल-खेल में सीख रहे साँपों से बचाव और संरक्षण के वैज्ञानिक तरीके पन्ना। नाग पंचमी के अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमण्डल ने सर्प संरक्षण और सर्पदंश से बचाव को लेकर अभिनव जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों में सैकड़ों विद्यार्थियों को विशेष रूप से तैयार किया गया 54 कार्डों वाला ‘सर्पलोक’ कार्ड गेम वितरित किया गया। ‘सर्पलोक’ के माध्यम से बच्चों को विषैले एवं विषहीन साँपों की पहचान, सर्पदंश से बचाव, सही प्राथमिक उपचार और साँपों से जुड़े अंधविश्वासों व मिथकों की वास्तविकता समझाई गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे और अपने आसपास साँपों से जुड़े अनुभव भी साझा किए। वन विभाग ने बच्चों को बताया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अवैज्ञानिक उपचार के बजाय पीड़ित को बिना देरी किए अस्पताल पहुँचाना सबसे जरूरी है। अभियान का संदेश रहा— “साँप नहीं, अज्ञानता सबसे बड़ी दुश्मन है।” रैपुरा रेंज के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रैपुरा, हाई स्कूल अधराड़, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बघवार कला और शासकीय स्कूल हरदुआ सरसबाहु में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा अधिकारी एवं प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी रैपुरा कृष्णा प्रसाद सहित वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को सर्प संरक्षण एवं सर्पदंश से सुरक्षा की जानकारी दी। इसी क्रम में मोहन्द्रा रेंज के शासकीय कन्या हाई स्कूल मोहन्द्रा में वनपाल जगदीश प्रसाद अहिरवार ने विद्यार्थियों को सर्पदंश से बचाव और आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया। वनमण्डल का कहना है कि साँपों के प्रति अनावश्यक भय के कारण उनकी हत्या की घटनाओं को रोकना और मनुष्य-साँप के बीच सुरक्षित सहअस्तित्व विकसित करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा इससे पहले वर्ष 2025 में ‘साँप-सीढ़ी’ खेल के माध्यम से भी सर्प जागरूकता का अभिनव प्रयास किया गया था। अब ‘सर्पलोक’ कार्ड गेम इस अभियान को एक नया और रोचक माध्यम दे रहा है। वन विभाग का प्रयास है कि गेम आधारित शिक्षा के जरिए बच्चों और ग्रामीण समुदायों तक सर्पदंश की रोकथाम, प्राथमिक उपचार तथा सर्प संरक्षण की वैज्ञानिक जानकारी सरल और यादगार तरीके से पहुँचाई जाए। इस पहल से बच्चों में साँपों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के साथ ही सर्पदंश की स्थिति में सही समय पर सही कदम उठाने की समझ विकसित होने की उम्मीद है।4
- *उफनते नाले में मौत को बुलावा, ग्रामीणों ने बचाई 3 जिंदगियां* पन्ना जिले में जारी खोरा से अमरछी मार्ग पर सामने आया, जहां एक उफनते नाले को पार करते समय महिला समेत तीन लोग तेज बहाव में बह गए। हादसा देख मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिना देर किए अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में छलांग लगा दी। ग्रामीणों की सूझबूझ और बहादुरी के चलते तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।1