जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित मखदूम साहब दरगाह में 26 जुलाई को हज़रत शेख हमज़ा मखदूम (र०अ०) का वार्षिक ज़ियारत शरीफ शुरू हो गया है। इसके साथ ही कई दिनों तक चलने वाले गहरे आध्यात्मिक और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई है। इस पावन अवसर पर सूफी संत को नमन करने, दुआएं मांगने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर से अकीदतमंदों का दरगाह पर लगातार आगमन हो रहा है। पवित्र अनुष्ठानों के तहत दरगाह में विशेष प्रार्थनाएं, पवित्र कुरान की तिलावत, नात और धार्मिक सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान दरगाह को खूबसूरती से सजाया गया है और भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कश्मीर में हज़रत मखदूम साहब (र०अ०) के उर्स और ज़ियारत का बहुत अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, जहाँ हर साल हजारों श्रद्धालु शांति, करुणा और अल्लाह के प्रति भक्ति के उनके उपदेशों को याद करते हुए हाजिरी देते हैं।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित मखदूम साहब दरगाह में 26 जुलाई को हज़रत शेख हमज़ा मखदूम (र०अ०) का वार्षिक ज़ियारत शरीफ शुरू हो गया है। इसके साथ ही कई दिनों तक चलने वाले गहरे आध्यात्मिक और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई है। इस पावन अवसर पर सूफी संत को नमन करने, दुआएं मांगने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर से अकीदतमंदों का दरगाह पर लगातार आगमन हो रहा है। पवित्र अनुष्ठानों के तहत दरगाह में विशेष प्रार्थनाएं, पवित्र कुरान की तिलावत, नात और धार्मिक सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान दरगाह को खूबसूरती से सजाया गया है और भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कश्मीर में हज़रत मखदूम साहब (र०अ०) के उर्स और ज़ियारत का बहुत अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, जहाँ हर साल हजारों श्रद्धालु शांति, करुणा और अल्लाह के प्रति भक्ति के उनके उपदेशों को याद करते हुए हाजिरी देते हैं।
- पीडीपी के युवा नेता वहीद-उर-रहमान परा ने कश्मीर घाटी में जारी सुरक्षा कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए एक बयान में परा ने कहा कि सरकार देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेकर सहानुभूति दिखाती है, लेकिन कश्मीर के युवाओं के साथ अलग पैमाना अपनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अनंतनाग में हुई सुरक्षा घटना के बाद से विभिन्न जिलों से अब तक लगभग 2,500 युवाओं को हिरासत में लिया जा चुका है। परा ने चेतावनी दी कि कश्मीर के लिए अलग कानून और मानक लागू करने से एक खतरनाक संदेश जाता है, जिससे स्थानीय युवाओं के बीच अलगाव की भावना और गहरी होने का जोखिम है। राजनीतिक स्तर पर यह तीखी प्रतिक्रिया सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान के बीच आई है। दरअसल, अनंतनाग के लाल चौक पर अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक हेड कांस्टेबल पर हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों ने संयुक्त रूप से यह बड़ा अभियान शुरू किया है। श्रीनगर, पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग सहित कई जिलों में चलाए जा रहे इस सुरक्षा अभियान के तहत स्थानीय लॉजिस्टिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से सैकड़ों संदिग्धों, ओवर-ग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) और पूर्व आतंकवादियों को हिरासत में लिया गया है।1
- जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित मखदूम साहब दरगाह में 26 जुलाई को हज़रत शेख हमज़ा मखदूम (र०अ०) का वार्षिक ज़ियारत शरीफ शुरू हो गया है। इसके साथ ही कई दिनों तक चलने वाले गहरे आध्यात्मिक और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई है। इस पावन अवसर पर सूफी संत को नमन करने, दुआएं मांगने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर से अकीदतमंदों का दरगाह पर लगातार आगमन हो रहा है। पवित्र अनुष्ठानों के तहत दरगाह में विशेष प्रार्थनाएं, पवित्र कुरान की तिलावत, नात और धार्मिक सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान दरगाह को खूबसूरती से सजाया गया है और भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कश्मीर में हज़रत मखदूम साहब (र०अ०) के उर्स और ज़ियारत का बहुत अधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, जहाँ हर साल हजारों श्रद्धालु शांति, करुणा और अल्लाह के प्रति भक्ति के उनके उपदेशों को याद करते हुए हाजिरी देते हैं।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए एक उच्च स्तरीय (हाई-पावर्ड) टास्क फोर्स का ऐलान किया है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व नंदन नीलेकणि करेंगे।1
- गांदरबल जिले के सलूरा स्थित रेशीपोरा में हज़रत सैयद क़मर-उद्-दीन बुखारी (रह०) का सालाना उर्स बड़े ही धार्मिक उत्साह, श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया गया।1
- बीजेपी नेता रविंद्र रैना ने बीयरवाह का दौरा कर इमारत ढहने के हादसे के दौरान कई लोगों की जान बचाने वाले SHO मुदस्सिर अहमद की बहादुरी और समय पर की गई कार्रवाई की सराहना की है। इस दौरान रविंद्र रैना ने अधिकारी को उनकी निष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट सेवा के लिए बधाई दी और उनका धन्यवाद व्यक्त किया।1
- जम्मू-कश्मीर के टंगमर्ग में लगातार हो रही बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण द्रुंग-टंगमर्ग मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। रविवार सुबह सड़क का एक हिस्सा मलबे की चपेट में आ जाने से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बहाली कार्य को बिना किसी खतरे के चलाने के उद्देश्य से यातायात को तुरंत निलंबित कर दिया गया। मार्ग को दोबारा खोलने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस, नागरिक प्रशासन, सीआरपीएफ 176 बटालियन, जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग (PHE) विभाग, सड़क एवं भवन (R&B) विभाग टंगमर्ग और स्थानीय स्वयंसेवकों की एक संयुक्त टीम मौके पर तैनात है। मलबे को साफ करने और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए कर्मचारियों और मशीनरी को काम में लगाया गया है। प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों को काम पूरा होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करने तथा प्रतिकूल मौसम में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।1
- जम्मू-कश्मीर में मौसम की स्थिति में सुधार के बाद सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल सोमवार, 27 जुलाई से अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खुलेंगे। शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने रविवार को यह जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में आगे कोई विस्तार नहीं किया जाएगा। मौसम बेहतर होने के चलते तय समय सारणी के तहत ही सभी विद्यालयों को फिर से संचालित करने का निर्णय लिया गया है।1
- वहीद पारा ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की माँग की है। उन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ भी भारत के अन्य हिस्सों के प्रदर्शनकारियों की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ दर्ज केस वापस लिए जाने चाहिए।1