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भूख से शरीर भले ही थका हो, लेकिन हक की लड़ाई का जज़्बा आज भी अटूट है। देवेंद्रनाथ महतो का विधानसभा के पास यह संघर्ष इतिहास लिखेगा!!! 🇮🇳🫡 #झारखंडप्रोटेस्ट #भूखहड़ताल
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भूख से शरीर भले ही थका हो, लेकिन हक की लड़ाई का जज़्बा आज भी अटूट है। देवेंद्रनाथ महतो का विधानसभा के पास यह संघर्ष इतिहास लिखेगा!!! 🇮🇳🫡 #झारखंडप्रोटेस्ट #भूखहड़ताल
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- भूख से शरीर भले ही थका हो, लेकिन हक की लड़ाई का जज़्बा आज भी अटूट है। देवेंद्रनाथ महतो का विधानसभा के पास यह संघर्ष इतिहास लिखेगा!!! 🇮🇳🫡 #झारखंडप्रोटेस्ट #भूखहड़ताल1
- सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया के बार एसोसिएशन अध्यक्ष पद के लिए1
- विपक्षी सांसदों का आज फिर सनसद परिषद में विरोध प्रदर्शन राहुल गांधी व अखिलेश यादव भी आए नजर अमित शाह से जवाब मांगते नजर आए दोनों नेता विपक्षी सांसदों का आज फिर सनसद परिषद में विरोध प्रदर्शन राहुल गांधी व अखिलेश यादव भी आए नजर1
- आम आदमी पार्टी की सरकार ने किया है, जिसका भुगतान वर्तमान में दिल्ली की जनता को करना पड़ रहा है। 30 हजार करोड़ से भी ज्यादा का घोटाला आम आदमी पार्टी की सरकार ने किया है, जिसका भुगतान वर्तमान में दिल्ली की जनता को करना पड़ रहा है। घोटालों की श्रृंखला अगर गिनाऊं, तो घोटाले सुन-सुनकर थक जाएंगे। शीशमहल घोटाला, शराब घोटाला, क्लासरूम घोटाला, आर्बिट्रेशन घोटाला, ट्यूशन फीस घोटाला, हॉस्पिटल घोटाला, ई-वे बिल घोटाला, सब्सिडी घोटाला, एडवरटाइजमेंट घोटाला।1
- शाहदरा साइबर थाने की टीम ने एक जाल साज को गिरफ्तार किया उड़ीसा से साइबर पुलिस स्टेशन शाहदरा ने स्टॉक ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का पर्दाफाश किया; ओडिशा से साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता से स्टॉक मार्केट/IPO में निवेश के नाम पर ₹4.75 लाख की धोखाधड़ी की गई। आरोपी के बैंक खाते में सिर्फ़ दो महीनों में लगभग ₹2.97 करोड़ जमा हुए। यह बैंक खाता पूरे भारत में साइबर धोखाधड़ी की 17 शिकायतों से जुड़ा हुआ है। सिम कार्ड के साथ एक मोबाइल फ़ोन बरामद किया गया।1
- राजस्थान के बालोतरा में एक किसान की 5 लाख रुपये की जीवनभर की कमाई दीमकों ने बर्बाद कर दी। किसान ने प्लॉट बेचकर मिले पैसे अपने बेटों और चोरों से छिपाकर पॉलीथिन में रखे थे और खेत में गाड़ दिए थे। लेकिन बाद में वह उस जगह को भूल गया। करीब एक साल बाद बारिश के दौरान जब उसे वह थैली मिली, तो उसमें रखे 500-500 रुपये के नोट दीमकों के कारण पूरी तरह नष्ट हो चुके थे। परिवार नोट बदलवाने के लिए बैंक पहुंचा, लेकिन वहां से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी मांगों को लेकर क्या विशाल धरना प्रदर्शन1
- AATS/शाहदरा ने एक शातिर ऑटो लिफ्टर और लुटेरे को गिरफ़्तार किया; चोरी की 5 दो-पहिया गाड़ियाँ बरामद। आरोपी चोरी, लूट, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के 34 पुराने मामलों में शामिल रहा है। चार ज़िलों में 06 मामलों का खुलासा हुआ, जिनमें मोटर वाहन चोरी के 05 और लूट की कोशिश का 01 मामला शामिल है। शाहदरा ज़िले के एंटी-ऑटो थेफ़्ट स्क्वाड (AATS) को मोटर वाहन चोरी रोकने में बड़ी कामयाबी मिली है; उन्होंने एक सक्रिय ऑटो लिफ्टर और लुटेरे को गिरफ़्तार किया है। आरोपी, जो चोरी, लूट, झपटमारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े 34 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है2
- सेंट्रल दिल्ली के साइबर थाने की टीम ने 9 साइबर जालसाजो को गिरफ्तार किया 10.08.2026 दो चरणों वाले साइबर रैकेट का पर्दाफाश: दिल्ली पुलिस ने उस सिंडिकेट को पकड़ा जो मोबाइल फोन चुराकर उनसे जुड़े बैंक खातों से पैसे निकालता था; 09 लोग गिरफ्तार ● 88 साल के एक बुजुर्ग का चोरी हुआ मोबाइल फोन साइबर पुलिस स्टेशन, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट को एक हाई-टेक अंतर-राज्यीय साइबर-धोखाधड़ी नेटवर्क का पता लगाने में मदद करता है। ● जयपुर (राजस्थान) और मेरठ-गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में एक साथ छापेमारी की गई। ● जयपुर में पूरी तरह से चल रहे धोखाधड़ी वाले कॉल-सेंटर पर छापा मारा गया, जिसमें सर्वर, लैपटॉप, टैब और POS डिवाइस मौजूद थे। ● 04 लैपटॉप, 02 मोबाइल टैब, 52 मोबाइल फोन, 70 डेबिट कार्ड, 145 सिम कार्ड, 06 POS मशीनें, 13 बैंक पासबुक और 4,00,000 रुपये नकद बरामद किए गए। ● दो राज्यों में 09 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे बैकएंड कॉल-सेंटर ऑपरेटर और 'म्यूल-अकाउंट' (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) उपलब्ध कराने वाले - दोनों नेटवर्क खत्म हो गए। घटना का विवरण और मुख्य तथ्य जांच की शुरुआत दिल्ली के वेस्ट पटेल नगर में रहने वाले 88 वर्षीय बुजुर्ग द्वारा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। 19 मई, 2026 को शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन चोरी हो गया था। दो दिन बाद, 21 मई, 2026 को जब बुजुर्ग ने अपना सिम कार्ड दोबारा जारी करवाया, तो उन्हें SMS अलर्ट मिले जिनसे पता चला कि उनके केनरा बैंक खाते से बिना उनकी इजाज़त के तीन तेज़ी से हुए ट्रांज़ैक्शन (25,000 रुपये, 20,000 रुपये और 25,000 रुपये) के ज़रिए कुल 70,000 रुपये निकाल लिए गए थे। तुरंत समझदारी दिखाते हुए, पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 (शिकायत नंबर 30805260039432 और 30805260039350) पर पैसों की चोरी की रिपोर्ट की। शिकायत की जानकारी मिलने पर, PS साइबर सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में FIR नंबर 36/2026 (तारीख 23/07/2026, धारा 318(4) BNS के तहत) दर्ज की गई और हाई-प्रायोरिटी टेक्निकल जांच शुरू की गई। टीम और ऑपरेशन डिजिटल सबूतों के तेज़ी से नष्ट होने की संभावना को देखते हुए, SHO/PS साइबर, इंस्पेक्टर योगराज दलाल की सीधी देखरेख और ACP/पहाड़गंज, श्री सौरभ नरेंद्र की कुल देखरेख में खास टीमें बनाई गईं। ● टीम 1 (जयपुर स्ट्राइक टीम): SI नवीन (जांच अधिकारी) और कॉन्स्टेबल मुकेश की अगुवाई में, मुख्य बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन ऑपरेटरों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए तैनात किया गया। ● टीम 2 (NCR और UP स्ट्राइक टीम): HC संजीव, HC दीपक और कॉन्स्टेबल दीपक को मेरठ और गाजियाबाद भेजा गया ताकि 'म्यूल अकाउंट' (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) की लॉजिस्टिकल सप्लाई लाइन को टारगेट किया जा सके। काम करने का तरीका (Modus Operandi): चोरी हुए फ़ोन से बैंक अकाउंट तक पैसे निकालने का नेटवर्क जांच में एक संगठित, दो-स्तरीय अंतर-राज्यीय साइबर क्राइम सिंडिकेट का पता चला। पहले चरण में, सड़क पर काम करने वाले ऑपरेटिव होते हैं जो अनजान पीड़ितों के मोबाइल फ़ोन चुराते हैं। दूसरे चरण में, मेरठ और गाजियाबाद में मौजूद ऑपरेटिव होते हैं जिनके पास म्यूल बैंक अकाउंट, POS मशीन और नकली सिम कार्ड का बड़ा स्टॉक होता है, जिनका इस्तेमाल पीड़ित के बैंक अकाउंट से पैसे निकालने/चुराने के लिए किया जाता है। तीसरे चरण के ऑपरेटिव राजस्थान के जयपुर में एक हाई-टेक, कॉल-सेंटर जैसे सेटअप से काम करते हैं। ये मुख्य टेक्निकल हैंडलर पीड़ित के बैंकिंग अकाउंट में लॉग-इन करते थे, म्यूल अकाउंट में अनधिकृत ट्रांज़ैक्शन भेजते थे और POS मशीन व ऑनलाइन पेमेंट चैनल का इस्तेमाल करके तेज़ी से कैश निकाल लेते थे। आरोपियों के नाम और प्रोफ़ाइल (09 आरोपी गिरफ्तार) जयपुर कॉल-सेंटर मॉड्यूल (राजस्थान): 1. निखिल सोनी (उम्र 26), निवासी झोटवाड़ा, जयपुर, राजस्थान। (जयपुर सिंडिकेट का मुख्य ऑपरेटर और टेक्निकल मास्टरमाइंड) 2. अभिषेक कुमार झा (उम्र 23), निवासी कैलाश नगर, जयपुर, राजस्थान। (कॉल-सेंटर ऑपरेटर) 3. आनंद साह सोनार (उम्र 26), निवासी कैलाश नगर, जयपुर, राजस्थान। (कॉल-सेंटर ऑपरेटर) 4. प्रिंस साह सोनार (उम्र 20), निवासी कैलाश नगर, जयपुर, राजस्थान। (कॉल-सेंटर ऑपरेटर) 5. बिशेक कुमार झा (उम्र 21), निवासी कैलाश नगर, जयपुर, राजस्थान। (कॉल-सेंटर ऑपरेटर) म्यूल अकाउंट सप्लाई मॉड्यूल (दिल्ली-NCR / UP): 6. अमर जाटव (उम्र 23), निवासी हापुड़ बाईपास, मेरठ, UP. (म्यूल अकाउंट सप्लायर) 7. हर्ष (उम्र 23), निवासी सिद्धार्थ विहार, विजय नगर, गाजियाबाद, UP. (म्यूल अकाउंट सप्लायर) 8. मोहन (उम्र 24), निवासी विजय नगर, गाजियाबाद, UP. (म्यूल अकाउंट सप्लायर) 9. वाशु (उम्र 19), निवासी मेरठ, UP. (म्यूल अकाउंट सप्लायर) बरामदगी ● 04 लैपटॉप और 02 मोबाइल टैब (सर्वर ऑपरेशन और ट्रांज़ैक्शन राउटिंग के लिए इस्तेमाल किए गए) ● 52 मोबाइल फ़ोन (जिनमें पीड़ितों का आपत्तिजनक डेटा, बैंकिंग ऐप्स और WhatsApp लॉग्स थे) ● 145 सिम कार्ड (अनधिकृत UPI/बैंकिंग सेशन को मैनेज करने के लिए इस्तेमाल किए गए) ● 70 डेबिट कार्ड और 13 बैंक पासबुक (म्यूल अकाउंट इन्वेंट्री) ● 06 POS मशीनें (तेज़ी से कैश निकालने के लिए इस्तेमाल की गईं) ● 04 हाई-स्पीड इंटरनेट राउटर ● 4,00,000 रुपये कैश (साइबर अपराध से मिली रकम)1