मजदूर माता-पिता की बेटी ने रचा इतिहास — प्रदेश में 6 वां स्थान, जिले में टॉप बड़वानी जिले की एक मेहनतकश परिवार की बेटी ने यह साबित कर दिखाया है। मजदूरी करने वाले माता-पिता की इस होनहार बेटी महक पिता बलिराम गोले ने परीक्षा में 494 अंक हासिल कर प्रदेश में छठा स्थान और जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन कर दिया है। बड़वानी जिले के एक साधारण परिवार की इस बेटी की सफलता आज हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई है। पिता जहां मिट्टी के मटके बनाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, वहीं माता मजदूरी कर घर का खर्च संभालती हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद बेटी ने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया। निजी स्कूल में पढ़ाई करते हुए उसने दिन-रात मेहनत की और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। महक पिता बलिराम गोले बेटी ने परिणामस्वरूप, उसने 494 अंक प्राप्त कर प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया और पूरे जिले में टॉप कर लिया। (छात्रा): महक गोले ने क्या कहा “मेरे माता-पिता ने बहुत संघर्ष किया है। उनकी मेहनत और आशीर्वाद से ही मैं यह मुकाम हासिल कर पाई हूँ। मेरा सपना आगे पढ़कर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करना है और मुझे आईएएस ऑफिसर बनकर मेरे माता-पिता का नाम रोशन करना है।” वही पिता बलिराम गोले ने क्या कहा “हमें हमारी बेटी पर गर्व है। हमने गरीबी जरूर देखी, लेकिन बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। आज उसकी मेहनत रंग लाई है।” यह सफलता केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। बड़वानी की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और हौसले के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
मजदूर माता-पिता की बेटी ने रचा इतिहास — प्रदेश में 6 वां स्थान, जिले में टॉप बड़वानी जिले की एक मेहनतकश परिवार की बेटी ने यह साबित कर दिखाया है। मजदूरी करने वाले माता-पिता की इस होनहार बेटी महक पिता बलिराम गोले ने परीक्षा में 494 अंक हासिल कर प्रदेश में छठा स्थान और जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन कर दिया है। बड़वानी जिले के एक साधारण परिवार की इस बेटी की सफलता आज हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई है। पिता जहां मिट्टी के मटके बनाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, वहीं माता मजदूरी कर घर का खर्च संभालती हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद बेटी ने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया। निजी स्कूल में पढ़ाई करते हुए उसने दिन-रात मेहनत की और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। महक पिता बलिराम गोले बेटी ने परिणामस्वरूप, उसने 494 अंक
प्राप्त कर प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया और पूरे जिले में टॉप कर लिया। (छात्रा): महक गोले ने क्या कहा “मेरे माता-पिता ने बहुत संघर्ष किया है। उनकी मेहनत और आशीर्वाद से ही मैं यह मुकाम हासिल कर पाई हूँ। मेरा सपना आगे पढ़कर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करना है और मुझे आईएएस ऑफिसर बनकर मेरे माता-पिता का नाम रोशन करना है।” वही पिता बलिराम गोले ने क्या कहा “हमें हमारी बेटी पर गर्व है। हमने गरीबी जरूर देखी, लेकिन बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। आज उसकी मेहनत रंग लाई है।” यह सफलता केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। बड़वानी की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और हौसले के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
- बड़वानी जिले की एक मेहनतकश परिवार की बेटी ने यह साबित कर दिखाया है। मजदूरी करने वाले माता-पिता की इस होनहार बेटी महक पिता बलिराम गोले ने परीक्षा में 494 अंक हासिल कर प्रदेश में छठा स्थान और जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन कर दिया है। बड़वानी जिले के एक साधारण परिवार की इस बेटी की सफलता आज हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई है। पिता जहां मिट्टी के मटके बनाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, वहीं माता मजदूरी कर घर का खर्च संभालती हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद बेटी ने पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया। निजी स्कूल में पढ़ाई करते हुए उसने दिन-रात मेहनत की और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। महक पिता बलिराम गोले बेटी ने परिणामस्वरूप, उसने 494 अंक प्राप्त कर प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया और पूरे जिले में टॉप कर लिया। (छात्रा): महक गोले ने क्या कहा “मेरे माता-पिता ने बहुत संघर्ष किया है। उनकी मेहनत और आशीर्वाद से ही मैं यह मुकाम हासिल कर पाई हूँ। मेरा सपना आगे पढ़कर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करना है और मुझे आईएएस ऑफिसर बनकर मेरे माता-पिता का नाम रोशन करना है।” वही पिता बलिराम गोले ने क्या कहा “हमें हमारी बेटी पर गर्व है। हमने गरीबी जरूर देखी, लेकिन बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। आज उसकी मेहनत रंग लाई है।” यह सफलता केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मान लेते हैं। बड़वानी की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और हौसले के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।2
- Post by Lucky Gole (Aditya)1
- aadiwasi1
- सेंधवा के वरला रोड स्थित नवलपुरा के आगे पिपलिया गोई मार्ग पर रविवार को दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें चार लोग घायल हो गए। घायलों में मुकेश पिता थावरिया, दीपक पिता धुरसिंह निवासी घुड़चाल तथा दिवानिया निवासी नीलेश शामिल हैं। दुर्घटना के बाद दो घायलों को डायल 112 की मदद से सेंधवा अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि अन्य घायलों को निजी वाहन से उपचार हेतु भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस स्टाफ लखन मंडलोई एवं पायलट ऋतुराज वर्मा मौजूद रहे।1
- Post by निमाड़ का दबंग न्यूज1
- मुरैना में वनकर्मी की ट्रेक्टर से कुचलकर मारने की घटना को लेकर बड़वानी जिले सहित अन्य स्थानों पर दिवंगत वनकर्मी को मोन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की है।1
- बोर्ड परीक्षा परिणाम प्रदर्शन पर कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने हर्ष व्यक्त कर विद्यार्थियों को दी बधाई1
- बड़वानी जिले के राजपुर क्षेत्र के किसानों ने खराब ग्वारफली के बीज बिक्री के आरोप दुकानदार पर लगाए हैं।किसानो ने JAYS के साथ जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंप कार्यवाही एवं मुआवजे की मांग की हे।1