शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा के सख्त निर्देशों पर ग्राम पंचायत करई के सचिव अशोक रावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जनसुनवाई में प्राप्त एक शिकायत की जांच के आधार पर की गई थी, जिसमें जनमन आवास योजना के भुगतान संबंधी गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए थे। शिकायत मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए थे और सचिव को इस संबंध में एक नोटिस भी जारी किया गया था। पंचायत सचिव द्वारा किए गए इस कृत्य को पदीय दायित्वों और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए, जिला पंचायत सीईओ विजय राज ने अशोक रावत को निलंबित किया है। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय जिला पंचायत शिवपुरी निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत करई में हितग्राहीमूलक एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, ग्राम रोजगार सहायक श्री नीलम रावत को आगामी आदेश तक ग्राम पंचायत करई के सचिव के दायित्वों का निर्वहन करने हेतु अधिकृत किया गया है।
शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा के सख्त निर्देशों पर ग्राम पंचायत करई के सचिव अशोक रावत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जनसुनवाई में प्राप्त एक शिकायत की जांच के आधार पर की गई थी, जिसमें जनमन आवास योजना के भुगतान संबंधी गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए थे। शिकायत मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए थे और सचिव को इस संबंध में एक नोटिस भी जारी किया गया था। पंचायत सचिव द्वारा किए गए इस कृत्य को पदीय दायित्वों और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए, जिला पंचायत सीईओ विजय राज ने अशोक रावत को निलंबित किया है। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय जिला पंचायत शिवपुरी निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत करई में हितग्राहीमूलक एवं रोजगारोन्मुखी योजनाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, ग्राम रोजगार सहायक श्री नीलम रावत को आगामी आदेश तक ग्राम पंचायत करई के सचिव के दायित्वों का निर्वहन करने हेतु अधिकृत किया गया है।
- भोजपुर में भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, श्योपुर जिले में लोगों ने एक कैंडल मार्च निकाला और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान, उपस्थित लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एनकाउंटर को कथित रूप से फर्जी बताया और न्याय की गुहार लगाई। इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के अन्य लोगों ने भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां लिए लोगों ने शांतिपूर्वक मार्च निकाला और भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनसमूह ने भरत तिवारी के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही सच्चाई का उजागर होना आवश्यक है, जिससे आमजन का न्यायपालिका पर विश्वास कायम रह सके। कैंडल मार्च के दौरान, लोगों ने शांति बनाए रखते हुए न्याय की मांग से जुड़े नारे भी लगाए, और आयोजकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की। आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में एनकाउंटर की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराना, घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना, दोषी पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करना, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना शामिल है।3
- पूर्व सांसद एवं महापौर श्री अशोक अर्गल जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ भेजी गई हैं। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने अर्गल जी को अपने जीवन का एक 'बहुत ही खास इंसान' बताते हुए, उनके जन्मदिन समारोह में उपस्थित न हो पाने पर गहरा अफसोस व्यक्त किया है। शुभकामना संदेश में यह आशा व्यक्त की गई कि अर्गल जी का जन्मदिन प्यार और खुशियों से भरपूर रहा होगा, जिसके वे पूर्ण रूप से हकदार हैं।1
- जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर जिले में बिजली सुधार के लिए शुरू किया गया लगभग 200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट अटक गया है। यह स्थिति RDSS (रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) प्रोजेक्ट की विफलता के कारण पैदा हुई है।1
- सवाई माधोपुर जिले के सारसोप गांव स्थित ऐतिहासिक किले पर विराजमान मां चामुंडा माता का मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अपनी दिव्यता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए यहां पहुंचते हैं। विशेष अवसरों, नवरात्रों और अन्य धार्मिक आयोजनों पर तो दूर-दूर से भक्तगण मां के दरबार में शीश नवाने आते हैं। मंदिर परिसर से आसपास का मनमोहक दृश्य भी दिखाई देता है, जो भक्तों और पर्यटकों को समान रूप से आकर्षित करता है। ग्रामीणों की प्रबल मान्यता है कि मां चामुंडा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं, जिससे यहां का आध्यात्मिक वातावरण सदैव जीवंत बना रहता है। जय माता रानी।1
- राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर बनास नदी बॉर्डर पर बजरी परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है, जिससे इसरदा-सोलापुर और बनेठा क्षेत्र में बजरी ढुलाई रुक गई है। आरोप है कि रवन्ना (ई-परमिट) और रॉयल्टी होने के बावजूद वाहनों को रोका गया है। इस कारण दर्जनों वाहन कई घंटों से नदी क्षेत्र में खड़े हैं, जहां उन्हें न तो आगे जाने की अनुमति मिल रही है और न ही वापस लौटने का रास्ता है। इस स्थिति के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर खाने-पीने की व्यवस्था न होने के कारण वे अत्यधिक परेशान हैं। यह विवाद स्थानीय विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच फँसे वाहनों के कारण उत्पन्न हुआ है। वाहन चालकों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है, साथ ही यह सवाल भी उठाया है कि वैध परिवहन को क्यों रोका जा रहा है। बनास नदी में फँसे इन दर्जनों बजरी वाहनों के चालकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।1
- चौथ का बरवाड़ा के ग्राम समुद्रपुरा में धार्मिक आस्था और श्रद्धा के अनूठे माहौल के बीच बजरंग बली मंदिर की विधिवत नींव रखी गई, जिससे ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ मंदिर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने शुभ मुहूर्त में नींव रखी, विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाई और भगवान बजरंग बली का स्मरण करते हुए मंदिर निर्माण की सफलता तथा गांव की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर आयोजन की शोभा बढ़ाई, जबकि ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण को गांव के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया। उपस्थित लोगों का मानना था कि मंदिर बनने से गांव में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लंबे समय से गांव में बजरंग बली मंदिर निर्माण की मांग की जा रही थी, जिसकी नींव रखे जाने के बाद लोगों में काफी उत्साह है। मंदिर निर्माण में गांव के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है, और कई लोगों ने तन, मन और धन से योगदान देने का संकल्प लिया है। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक स्थल समाज को एकता, सद्भाव और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक हैं, और उनके मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यक्रम के अंत में, सभी श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंग बली के जयकारे लगाए और मंदिर निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होने की कामना की। आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें सभी ग्रामीणों ने भाग लिया। इस पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल होगा और यहां नियमित रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
- राजस्थान वन विभाग द्वारा सवाई माधोपुर में आयोजित दो दिवसीय सीएसआर कॉन्क्लेव का पहला दिन अत्यंत सफल और सार्थक रहा। इस कॉन्क्लेव में विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों, गैर-सरकारी संगठनों और वन एवं वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक विकास हेतु कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया। कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में, माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज, उद्योग जगत और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से ही अधिक प्रभावी बन सकता है। उन्होंने राज्य में जैव विविधता संरक्षण, हरित विकास और सतत आजीविका संवर्धन के लिए CSR के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव के पहले दिन के बाद, माननीय वन मंत्री ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें रिजर्व के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 8 बाघों के दर्शन हुए, जिनमें वयस्क बाघ, बाघिनें और शावक शामिल थे। बाघों का यह सफल दिखना रणथम्भौर में वन्यजीव संरक्षण और आवास प्रबंधन की प्रभावशीलता को दर्शाता है। भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने माननीय मंत्री को रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में चल रहे संरक्षण कार्यों, वन्यजीव निगरानी, मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलों की जानकारी दी। मंत्री ने संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों और फील्ड स्टाफ के प्रयासों की प्रशंसा की। कॉन्क्लेव के पहले दिन विभिन्न संस्थाओं द्वारा वन एवं वन्यजीव संरक्षण, जल संरक्षण, हरित अवसंरचना, इको-टूरिज्म विकास, कौशल विकास और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कई प्रस्तावों पर सकारात्मक चर्चा हुई। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉन्क्लेव राज्य में संरक्षण और विकास के क्षेत्र में CSR निवेश को एक नई दिशा प्रदान करेगा। द्वितीय दिवस पर तकनीकी सत्रों, विषयगत प्रस्तुतियों और संभावित CSR साझेदारियों पर विस्तृत चर्चा आयोजित की जाएगी।1
- Post by Naresh dhakad1