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निजी खर्च से बनी सड़क को बस्ती तक पहुंचाने की पहल, विकास तिवारी ने ग्रामीणों से की सार्थक चर्चा
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निजी खर्च से बनी सड़क को बस्ती तक पहुंचाने की पहल, विकास तिवारी ने ग्रामीणों से की सार्थक चर्चा
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- मोहन और हेमंत ताकते रह गए आशुतोष के अरमां नरोत्तम के आसुओं में बह गए *मोहन और हेमंत ताकते रह गए आशुतोष के अरमां नरोत्तम के आसुओं में बह गए*1
- अनशन को मिला देश बचाओ आंदोलन के राष्ट्रीय प्रचारक मुंद्रिका त्रिपाठी विश्वामित्र और कवि विवेक नामदेव का समर्थन मऊगंज। ग्राम पंचायत नौढ़िया में चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन को अब सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। मंगलवार को देश बचाओ आंदोलन के राष्ट्रीय प्रचारक मुंद्रिका त्रिपाठी 'विश्वामित्र' एवं विवेक नामदेव 'कवि' धरना स्थल पहुंचे और अनशनरत युवाओं से मुलाकात कर उनका समर्थन किया। इस दौरान मुंद्रिका त्रिपाठी 'विश्वामित्र' ने कहा कि "यदि कोई युवा वर्षों से लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर संविधान और लोकतंत्र के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहा है, तो प्रशासन का दायित्व है कि उसकी बात गंभीरता से सुने। लोकतंत्र में संवाद और निष्पक्ष जांच ही जनता का विश्वास बनाए रख सकती है।" उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों की उपेक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित संकेत नहीं है। यदि शिकायतों में तथ्य नहीं हैं तो जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि शिकायतें सही हैं तो दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। वहीं विवेक नामदेव 'कवि' ने भी अनशनरत युवाओं के संघर्ष को समर्थन देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।1
- एंकर इंट्रो: रीवा जिले में अब एम्बुलेंस मालिक ही अपने ड्राइवर से परेशान हैं। मामला ऐसा है जिसमें कर्ज, भरोसा और सामान गायब होने के आरोप सामने आए हैं। एम्बुलेंस मालिक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। रीवा जिले के एम्बुलेंस मालिक राजा द्विवेदी ने अपने ड्राइवर दिनेश सोदिया, निवासी बेलवा, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दिनेश पिछले लगभग एक वर्ष से उनकी एम्बुलेंस चलाता था। इसी दौरान उसकी मां की तबीयत खराब होने पर उसने इलाज के लिए 30 हजार रुपये उधार लिए और भरोसा दिलाया कि वह एम्बुलेंस चलाकर धीरे-धीरे पूरी रकम चुका देगा। एम्बुलेंस मालिक का आरोप है कि इसके बाद तो ड्राइवर काम पर लौटा तो जब मोटर मालिक उधार की राशि वापस मांगे तो ड्राइवर मलिक के खिलाफ भ्रमिक वीडियो और उनकी छवि धूमिल कर रहा है और इतना ही नहीं उनकी एम्बुलेंस से दो स्टेपनी और दो जैक भी गायब कर दिए गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित एम्बुलेंस मालिक ने मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। कैमरामैन के साथ, पंडित विकास, News Rewa।1
- कामदगिरि राम मोहल्ला के पास एक घंटे से भीषण जाम, ऑटो-ई-रिक्शा की अव्यवस्था से श्रद्धालु परेशान चित्रकूट। सावन सोमवार के अवसर पर कामदगिरि परिक्रमा मार्ग स्थित राम मोहल्ला के पास लगभग एक घंटे से भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है। ऑटो और ई-रिक्शा की अव्यवस्थित आवाजाही के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और अन्य वाहन लंबे समय से फंसे हुए हैं। मौके पर यातायात को सुचारु कराने के लिए प्रशासन या पुलिस की प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। इससे श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी जा रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन सोमवार जैसे विशेष अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पहले से यातायात की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए थी। लोगों ने प्रशासन से तत्काल जाम खुलवाने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन की मांग की है।1
- भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बढ़त के बाद कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बांटकर जश्न शुरू कर दिया है। भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बढ़त के बाद कार्यकर्ताओं ने मिठाइयाँ बांटकर जश्न शुरू कर दिया है।1
- गुढ़ से लगे दुआरी में शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, स्कूल और आदिवासी बस्ती के बीच संचालन पर उठे सवाल* *गुढ़ ब्रेकिंग* * *शराब माफिया बेलगाम प्रशाशन मौन! शराब दुकान से फैल रहे गंभीर दुष्परिणाम* गुढ़। गुढ़ से लगे दुआरी गांव में संचालित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा है और आम जनमानुष को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान स्कूल और आदिवासी बस्ती के बीच स्थित होने के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, शराब दुकान के आसपास दिनभर लोगों की भीड़ लगी रहती है, जिससे आने-जाने वाले विद्यार्थियों और महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई बार शराब के नशे में लोगों द्वारा हंगामा और अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को इस संबंध में शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि आबादी और स्कूल के समीप संचालित शराब दुकान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए तथा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनआंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य और आदिवासी बस्ती के शांतिपूर्ण वातावरण की रक्षा के लिए प्रशासन को शीघ्र हस्तक्षेप करना चाहिए। हालांकि, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। *आदिवासी बस्ती के बीच संचालित शराब दुकान पर प्रशासन मौन क्यों? ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग तेज* गुढ़ से लगे दुआरी गांव में आदिवासी बस्ती और स्कूल के बीच संचालित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, महिलाओं और आदिवासी परिवारों को आए दिन असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन अब तक मौन क्यों है? क्या शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा, या फिर कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है? लोगों का कहना है कि प्रशासन को इन सवालों का जवाब देना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि आबादी और शैक्षणिक संस्थान के बीच शराब दुकान का संचालन नियमों के विपरीत हो रहा है, तो उसे तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।1
- 1: सड़को पर उतरे छात्र और गूंजते नारे अस्पताल परिसर/सड़क के बाहर बड़ी संख्या में सफेद कोट (एप्रन) पहने मेडिकल छात्र और इंटर्न्स एकत्र हैं। वे हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों के नारे "अबकी बार... 30 हजार!" "न हम किसी से भीख मांगते... हम अपना अधिकार मांगते!" "भारत माता की जय!" "रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज (SSMC) परिसर के बाहर आज उस समय माहौल गरमा गया, जब सैकड़ों की संख्या में मेडिकल इंटर्न्स और छात्र सड़कों पर उतर आए। हाथों में बैनर-पोस्टर थामे इन भावी डॉक्टरों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। विरोध का अनूठा तरीका और मांगें छात्र बड़े-बड़े पोस्टर और चार्ट प्रदर्शित करते हैं, जिस पर लिखा है (14,377 to 30,000) "प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम स्टाइपेंड पर काम करने को मजबूर हैं। 'एक देश, एक स्टाइपेंड' के नारे के साथ छात्र मांग कर रहे हैं कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम ₹30,000 किया जाए।" एक रिपोर्टर/पत्रकार छात्र से माइक पर बात करता है। छात्र अपनी समस्याएं और मांगें सामने रखता है। "हमारी मुख्य मांग स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर है। वर्तमान में हमें लगभग ₹14,000 ही मिलते हैं, जो कि बहुत कम है। अन्य राज्यों में इंटर्न्स को इससे कहीं अधिक स्टाइपेंड मिलता है, जबकि मध्यप्रदेश में स्थिति सबसे खराब है। हमारी मांग है कि इसे बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए, क्योंकि जितनी मेहनत और ड्यूटी हम करते हैं, उसके हिसाब से यह न्यायसंगत नहीं है।" "छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी वाजिब मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।1
- शिव मंदिर देवतालाब मार्केट में उपलब्ध है सामान का सोमवार बारिश में भोले बाबा नहा रहे हैं सावन का सोमवार हुआ आज है पहला सोमवार है1