Shuru
Apke Nagar Ki App…
बुलावे भेजे नहीं जाते सम्मान में , वीर खुद ही चले आते हैं मैदान में। 22 फरवरी दिल्ली चलो जंतर मंतर चलो संपर्क : - 858687 2930 #जंतर_मंतर #सवर्ण_आर्मी #ठाकुर_शिवम्_सिंह
Journalist Shubham Pandey
बुलावे भेजे नहीं जाते सम्मान में , वीर खुद ही चले आते हैं मैदान में। 22 फरवरी दिल्ली चलो जंतर मंतर चलो संपर्क : - 858687 2930 #जंतर_मंतर #सवर्ण_आर्मी #ठाकुर_शिवम्_सिंह
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बुलावे भेजे नहीं जाते सम्मान में , वीर खुद ही चले आते हैं मैदान में। 22 फरवरी दिल्ली चलो जंतर मंतर चलो संपर्क : - 858687 2930 #जंतर_मंतर #सवर्ण_आर्मी #ठाकुर_शिवम्_सिंह1
- कौशांबी: पत्रकार इश्तेयाक अहमद के समर्थन में प्रेस क्लब का दूसरे दिन प्रदर्शन ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS *कौशांबी* कौशांबी। जनपद में पत्रकार इश्तेयाक अहमद के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमे के विरोध में दूसरे दिन भी प्रेस क्लब कौशांबी के पदाधिकारी और सदस्य सड़कों पर उतर आए। पत्रकारों ने जिला पंचायत कार्यालय से पैदल मार्च निकालते हुए डायट मैदान पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि किसी भी पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इश्तेयाक अहमद को साजिशन मुकदमे में नामजद कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।धरने के दौरान वक्ताओं ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। उनका कहना था कि यदि प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।पत्रकारों ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर जिलेभर के मीडिया कर्मी व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- *पत्रकार इश्तेयाक अहमद पर दर्ज मुकदमे के विरोध में उबाल, न्याय की मांग तेज* *कौशाम्बी संदेश* कौशाम्बी। जनपद में पत्रकार इश्तेयाक अहमद पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमे को लेकर पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न पत्रकार संगठनों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की है।पत्रकारों का कहना है कि सच लिखने की वजह से इश्तेयाक अहमद को निशाना बनाया गया है। उनका आरोप है कि बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई कर दी गई, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए फर्जी मुकदमा वापस लेने और पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग की।इस दौरान “इश्तेयाक अहमद को न्याय दो, फर्जी मुकदमा वापस लो”, “कलम की आवाज़ दबेगी नहीं” जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया चौथा स्तंभ है और यदि पत्रकारों को ही प्रताड़ित किया जाएगा तो जनहित के मुद्दे सामने नहीं आ पाएंगे।पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है। प्रशासन की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर जारी है।4
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- ठाकुर दिन दरोगा जिले में चर्चा में बना हुआ है ।1
- *पत्रकार उत्पीड़न के विरोध में कौशांबी में प्रदर्शन, इश्तियाक को फंसाने का आरोप* *कौशाम्बी संदेश* कौशाम्बी जनपद में पत्रकारों पर कथित उत्पीड़न के विरोध में मंगलवार को मंझनपुर स्थित डायट मैदान में सैकड़ों मीडिया कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। धरने के दौरान नारेबाजी करते हुए पत्रकारों ने साथी पत्रकार इश्तियाक को न्याय दिलाने की मांग उठाई।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संदीपन घाट थाना क्षेत्र में हुई मारपीट की घटना में इश्तियाक को साजिशन फंसाया गया है। उनका कहना है कि घटना के समय इश्तियाक एक शादी समारोह में मौजूद थे, जिसके संबंध में फोटो व अन्य साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी किए जाने का आरोप लगाया गया है।पत्रकार संगठनों ने इसे द्वेषपूर्ण कार्रवाई करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई और इश्तियाक के साथ अन्याय हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पूरा जिला धरने पर बैठने को बाध्य होगा।प्रदर्शन के दौरान निष्पक्ष जांच और दर्ज मुकदमे की समीक्षा की मांग की गई। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पत्रकार संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, डायट मैदान में आंदोलन जारी रहेगा।1
- Post by Shivnaresh प्रजापति1
- मैं भी भविष्यवक्ता तो नहीं हूं लेकिन एक बात जरूर कह सकता हूं कि:- UP की जनता याद रखेगी कि सामान्य वर्ग विरोधी, गरीब बच्चों के विरोधी UGC बिल का जब किसी ने समर्थन नहीं किया तब तथाकथित “पटेल” बिरादरी के वोटों की दावेदारी करने वाली पल्लवी पटेल ने विधानसभा में इन काले नियमों का समर्थन किया।1