आबकारी ASI पर दबंगई का आरोप, कलेक्ट्री by 15 मिनट तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा डूंगरपुर जिले के मानपुर गांव में एक मामूली विवाद ने उस समय बड़ा रूप ले लिया जब आबकारी विभाग के एक एएसआई (ASI) पर पद के दुरुपयोग और मारपीट के गंभीर आरोप लगे। कलेक्ट्री परिसर में सोमवार को करीब 15 मिनट तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पीड़ित पक्ष ने जिला कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले की शुरुआत रविवार को मानपुर गांव में हुई। पीड़ित पक्ष के अनुसार, मानपुर निवासी और आबकारी विभाग में कार्यरत ASI कांतिलाल कटारा के परिवार का एक सदस्य दुकान पर 5 किलो सीमेंट लेने पहुंचा था। दुकानदार ने इतनी कम मात्रा में सीमेंट उपलब्ध होने से मना कर दिया, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। घर में घुसकर मारपीट का आरोप पीड़ित की पत्नी सुशीला कलाल ने बताया कि सोमवार सुबह जब उसके पति हरीशचंद कलाल पूजा कर रहे थे, तभी ASI कांतिलाल कटारा भारी जाब्ते के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि टीम ने घर में घुसकर हरीशचंद के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जबरन गाड़ी में बिठाने की कोशिश की। बीच-बचाव करने आई सुशीला के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिससे उनके पैर में चोट आई और खून निकलने लगा। परिजनों का आरोप है कि विरोध करने पर ASI ने वीडियो बना रहे उनके भतीजे का मोबाइल भी छीन लिया। कलेक्ट्री परिसर में हंगामा घटना के बाद जब पीड़ित पक्ष कानूनी सलाह लेने और रिपोर्ट लिखवाने के लिए कोर्ट परिसर (कलेक्ट्री) पहुंचा, तो वहां भी हंगामा खड़ा हो गया। आरोप है कि ASI कांतिलाल कटारा वहां भी जाब्ता लेकर पहुंच गए और हरीशचंद को सरेआम गाड़ी में बिठाने लगे। परिजनों के चिल्लाने पर राहगीरों और वकीलों की भारी भीड़ जमा हो गई। करीब 15 मिनट तक कलेक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस पूरे मामले में आबकारी अधिकारी भारत मीणा का कहना है कि यह कार्रवाई किसी निजी विवाद के कारण नहीं, बल्कि विभागीय प्रक्रिया के तहत की गई है। उनके अनुसार, हरीशचंद के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज है, जिसके चलते यह कार्रवाई अमल में लाई गई। पीड़ित सुशीला कलाल और उनके परिजनों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आबकारी ASI पर दबंगई का आरोप, कलेक्ट्री by 15 मिनट तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा डूंगरपुर जिले के मानपुर गांव में एक मामूली विवाद ने उस समय बड़ा रूप ले लिया जब आबकारी विभाग के एक एएसआई (ASI) पर पद के दुरुपयोग और मारपीट के गंभीर आरोप लगे। कलेक्ट्री परिसर में सोमवार को करीब 15 मिनट तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पीड़ित पक्ष ने जिला कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले की शुरुआत रविवार को मानपुर गांव में हुई। पीड़ित पक्ष के अनुसार, मानपुर निवासी और आबकारी विभाग में कार्यरत ASI कांतिलाल कटारा के परिवार का एक सदस्य दुकान पर 5 किलो सीमेंट लेने पहुंचा था। दुकानदार ने इतनी कम मात्रा में सीमेंट उपलब्ध होने से मना कर दिया, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। घर में घुसकर मारपीट का आरोप पीड़ित की पत्नी सुशीला कलाल ने बताया कि सोमवार सुबह जब उसके पति हरीशचंद कलाल पूजा कर रहे थे, तभी ASI कांतिलाल कटारा भारी जाब्ते के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि टीम ने घर में घुसकर हरीशचंद के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जबरन गाड़ी में बिठाने की कोशिश की। बीच-बचाव करने आई सुशीला के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिससे उनके पैर में चोट आई और खून निकलने लगा। परिजनों का आरोप है कि विरोध करने पर ASI ने वीडियो बना रहे उनके भतीजे का मोबाइल भी छीन लिया। कलेक्ट्री परिसर में हंगामा घटना के बाद जब पीड़ित पक्ष कानूनी सलाह लेने और रिपोर्ट लिखवाने के लिए कोर्ट परिसर (कलेक्ट्री) पहुंचा, तो वहां भी हंगामा खड़ा हो गया। आरोप है कि ASI कांतिलाल कटारा वहां भी जाब्ता लेकर पहुंच गए और हरीशचंद को सरेआम गाड़ी में बिठाने लगे। परिजनों के चिल्लाने पर राहगीरों और वकीलों की भारी भीड़ जमा हो गई। करीब 15 मिनट तक कलेक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस पूरे मामले में आबकारी अधिकारी भारत मीणा का कहना है कि यह कार्रवाई किसी निजी विवाद के कारण नहीं, बल्कि विभागीय प्रक्रिया के तहत की गई है। उनके अनुसार, हरीशचंद के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज है, जिसके चलते यह कार्रवाई अमल में लाई गई। पीड़ित सुशीला कलाल और उनके परिजनों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- सीमलवाड़ा। धंबोला थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए। तेज गति से जा रही बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में झाड़ियों में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार धंबोला थाना क्षेत्र के बांसिया ग्राम पंचायत कार्यालय के पास यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि एक बाइक तेज रफ्तार से गुजर रही थी, तभी अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे में बाइक पर सवार भेड़ू निवासी रवि खांट, मनोज खांट तथा एक युवती घायल हो गए। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद कर घायलों को बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस से तीनों घायलों को सीमलवाड़ा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आगे रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार घायल रवि खांट की हालत गंभीर बताई जा रही है। इधर घटना की सूचना धंबोला पुलिस को भी दे दी गई है। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।1
- डूंगरपुर। जील की कोतवाली थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात सामने आई है। चोरो ने शिक्षा के मंदिर को अपना निशाना बनाते हुए कक्षा कक्ष में इलेक्ट्रिक लाइन तोड़फोड़ करने के साथ ही वायर चोरी कर लिए घटना का पता सोमवार को स्कूल स्टाफ के पहुंचने पर चला। वही विद्यालय प्रशासन ने चोरी की वारदात को लेकर अब पुलिस में भी रिपोर्ट देकर खुलासे की मांग की है।1
- डूंगरपुर स्थित राजयोग भवन में आयोजित एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की बी.के. बहनों ने अपने अनुभव साझा कर जनसमूह को प्रेरित किया। मुख्य वक्ता, जापान एवं फिलीपींस की निदेशिका बी.के. रजनी दीदी ने पारिवारिक संबंधों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि परिवार में स्नेह और सौहार्द बनाए रखना एक अनूठी कला है। उन्होंने जापान की अनुशासित जीवनशैली का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां के लोग दुर्घटना जैसी विपरीत स्थितियों में भी झगड़ने के बजाय शालीनता और शांति का परिचय देते हैं, जो उनके उच्च आंतरिक व्यक्तित्व को दर्शाता है। इसी क्रम में ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय के महिला प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजक बी.के. डॉ. सविता दीदी ने वाणी के संयम को सुखद जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि शांति बाहर खोजने की वस्तु नहीं बल्कि राजयोग के नियमित अभ्यास से भीतर विकसित की जाने वाली शक्ति है। उन्होंने आगाह किया कि कड़वी वाणी के घाव कभी नहीं भरते, इसलिए शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। फिलीपींस से आईं बी.के. जेस्सी बहन ने अपनी सत्य की खोज और आध्यात्मिक यात्रा के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत में डूंगरपुर केंद्र की संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने अतिथियों का परिचय कराया। इस अवसर पर भारत विकास परिषद के गिरीश पानेरी सहित अन्य सदस्यों ने अतिथियों का पारंपरिक पगड़ी, उपरणा और मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहर के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे, जिन्होंने इन वैश्विक अनुभवों से प्रेरणा ली।1
- भासौर गांव के बाहरी हिस्से में स्थित विशाल बरसाती नाले में सफाई के अभाव के कारण पैदा हुए कीचड़ के दलदल में एक गाय गले तक धंस गई। लगभग 10 घंटों तक जिंदगी और मौत के बीच फंसी इस गाय की सूचना जब राहगीर ने गो रक्षा दल के मुकेश कुमार जोशी को दी, तो पूरी टीम और ग्रामीण युवा तुरंत मौके पर पहुंचे। युवाओं ने भारी मशक्कत कर गाय को सुरक्षित बाहर निकाला। इस रेस्क्यू में अनिल जगदीश पाटीदार, राहुल, हेमंत, भरत, मनोज, हिमांशु और समस्त गो रक्षक दल का विशेष सहयोग रहा। गौरतलब है कि इस खतरनाक नाले की स्थिति को लेकर पूर्व में प्रशासन को ड्रोन वीडियो के माध्यम से अवगत कराते हुए 1.5 किमी पक्की रिंग वॉल बनाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।1
- Post by Ram damor1
- महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर द्वारा आज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नवागांव (गढ़ी) के स्टॉफ जनो को हृदयाघात से बचाने प्राथमिक चिकित्सा के रूप मे जीवन रक्षक टैबलेट कीट वितरित की गई। समारोह के मुख्य वक्ता महावीर इंटरनेशनल के गवर्निंग काउंसिल सदस्य अजीत कोठिया थे, अध्यक्षता प्रधानाचार्य सलीम खां पठान ने की तथा विशिष्ट अतिथि शैलेंद्र दवे एवं श्रीमती वर्षा भट्ट थी। प्रारंभ में सलीम खां पठान ने महावीर इंटरनेशनल गढ़ी परतापुर द्वारा उनके विद्यालय का जीवन रक्षक टैबलेट कीट वितरण कार्यक्रम हेतु चयन करने पर अभिनंदन किया। मुख्य वक्ता अजीत कोठिया में महावीर इंटरनेशनल के जीवन रक्षक कीट संबंधी विस्तृत जानकारिया साझा करते हुए कहा कि कीट में एस्प्रिन 150मिग्रा, सार्बीट्रेट 10मिग्रा तथा अटोरवेस्टट्रिन 80मिग्रा है। जब भी हृदयाघात की संभावना लगे, चेस्ट पेन हो, पसीना पसीना हो रहा है, घबराहट हो तो इन तीन टैबलेट्स का सेट रोगी को राहत दे कर उसके जीवन काल बढ़ा कर हॉस्पिटल तक पहुंचने का समय दे सकता है। इस कीट को किसी भी हृदयाघात संभावित व्यक्ति को देकर उसके प्राण बचाए जा सकते हैं। कार्यक्रम को सलीम खां पठान, शैलेंद्र दवे तथा वर्षा भट्ट ने संबोधित किया। इस अवसर पर रामचंद्र सुथार, शबनम मंसूरी, वर्षिता पंचाल, नूरजहां पठान, डिम्पल भावसार, महेश चंद्र डामोर, फिरोज खान पठान तथा लक्षित पाटीदार सहित कई गुरुजन एवं स्टाफ सदस्यों का सान्निध्य मिला।संचालन अजीत कोठिया ने किया, आभार शैलेंद्र दवे ने व्यक्त किया।1
- Post by SHREE BALAJI MARKETING JHADOL1
- डूंगरपुर जिले के मानपुर गांव में एक मामूली विवाद ने उस समय बड़ा रूप ले लिया जब आबकारी विभाग के एक एएसआई (ASI) पर पद के दुरुपयोग और मारपीट के गंभीर आरोप लगे। कलेक्ट्री परिसर में सोमवार को करीब 15 मिनट तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पीड़ित पक्ष ने जिला कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले की शुरुआत रविवार को मानपुर गांव में हुई। पीड़ित पक्ष के अनुसार, मानपुर निवासी और आबकारी विभाग में कार्यरत ASI कांतिलाल कटारा के परिवार का एक सदस्य दुकान पर 5 किलो सीमेंट लेने पहुंचा था। दुकानदार ने इतनी कम मात्रा में सीमेंट उपलब्ध होने से मना कर दिया, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। घर में घुसकर मारपीट का आरोप पीड़ित की पत्नी सुशीला कलाल ने बताया कि सोमवार सुबह जब उसके पति हरीशचंद कलाल पूजा कर रहे थे, तभी ASI कांतिलाल कटारा भारी जाब्ते के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि टीम ने घर में घुसकर हरीशचंद के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जबरन गाड़ी में बिठाने की कोशिश की। बीच-बचाव करने आई सुशीला के साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिससे उनके पैर में चोट आई और खून निकलने लगा। परिजनों का आरोप है कि विरोध करने पर ASI ने वीडियो बना रहे उनके भतीजे का मोबाइल भी छीन लिया। कलेक्ट्री परिसर में हंगामा घटना के बाद जब पीड़ित पक्ष कानूनी सलाह लेने और रिपोर्ट लिखवाने के लिए कोर्ट परिसर (कलेक्ट्री) पहुंचा, तो वहां भी हंगामा खड़ा हो गया। आरोप है कि ASI कांतिलाल कटारा वहां भी जाब्ता लेकर पहुंच गए और हरीशचंद को सरेआम गाड़ी में बिठाने लगे। परिजनों के चिल्लाने पर राहगीरों और वकीलों की भारी भीड़ जमा हो गई। करीब 15 मिनट तक कलेक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस पूरे मामले में आबकारी अधिकारी भारत मीणा का कहना है कि यह कार्रवाई किसी निजी विवाद के कारण नहीं, बल्कि विभागीय प्रक्रिया के तहत की गई है। उनके अनुसार, हरीशचंद के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज है, जिसके चलते यह कार्रवाई अमल में लाई गई। पीड़ित सुशीला कलाल और उनके परिजनों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1