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घर पर बनाएं माटी के गणेश, गमले में करें विसर्जन नारायणगंज में विद्यार्थियों ने सीखी मूर्ति बनाने की कला घर पर बनाएं माटी के गणेश, गमले में करें विसर्जन नारायणगंज में विद्यार्थियों ने सीखी मूर्ति बनाने की कला आगामी गणेश चतुर्थी पर्व को पर्यावरण के अनुकूल मनाने और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से मप्र जन अभियान परिषद मंडला एवं नारायणगंज नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में माटी गणेश, सिद्ध गणेश पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 सितंबर रविवार दो बजे आयोजित किया गया। यह आयोजन जिला समन्वयक सुशील बर्मन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक राशि अग्रवाल ने विद्यार्थियों को मिट्टी के गणेश जी बनाने की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने स्वयं मूर्ति बनाकर दिखाई और विद्यार्थियों से भी इसका अभ्यास कराया। इस दौरान सभी परामर्शदाता राकेश अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, इंद्रा उइके, सुमित हथाले और सुरेश सोनी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समाज को पर्यावरण स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। वक्ताओं ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों के नदी-तालाबों में विसर्जन से जल गंभीर रूप से प्रदूषित होता है। इसके समाधान के रूप में लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों में मिट्टी के गणेश जी स्थापित करें और घर पर ही किसी बड़े बर्तन या टब में उनका विसर्जन करें। विसर्जन के बाद उस मिट्टी का उपयोग गमलों या पौधों में किया जा सकता है। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में वक्ताओं ने उपस्थित विद्यार्थियों को यह जिम्मेदारी सौंपी कि वे मूर्ति बनाने की इस कला को अपने-अपने गांवों में जाकर अन्य लोगों को भी सिखाएं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस ईको फ्रेंडली पहल से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर ईको फ्रेंडली प्रतिमा बनाकर अपने घर में ही विसर्जित करें। 00000000000000000000000000

1 hr ago
user_Prahlad Kachhwaha
Prahlad Kachhwaha
Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

घर पर बनाएं माटी के गणेश, गमले में करें विसर्जन नारायणगंज में विद्यार्थियों ने सीखी मूर्ति बनाने की कला घर पर बनाएं माटी के गणेश, गमले में करें विसर्जन नारायणगंज में विद्यार्थियों ने सीखी मूर्ति बनाने की कला आगामी गणेश चतुर्थी पर्व को पर्यावरण के अनुकूल मनाने और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से मप्र जन अभियान परिषद मंडला एवं नारायणगंज नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में माटी गणेश, सिद्ध गणेश पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 सितंबर रविवार दो बजे आयोजित किया गया। यह आयोजन जिला समन्वयक सुशील बर्मन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक राशि अग्रवाल ने विद्यार्थियों को मिट्टी के गणेश जी बनाने की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने स्वयं मूर्ति बनाकर दिखाई और विद्यार्थियों से भी इसका अभ्यास कराया। इस दौरान सभी परामर्शदाता राकेश अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, इंद्रा उइके, सुमित हथाले और सुरेश सोनी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समाज को पर्यावरण स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। वक्ताओं ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों के नदी-तालाबों में विसर्जन से जल गंभीर रूप से प्रदूषित होता है। इसके समाधान के रूप में लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों में मिट्टी के गणेश जी स्थापित करें और घर पर ही किसी बड़े बर्तन या टब में उनका विसर्जन करें। विसर्जन के बाद उस मिट्टी का उपयोग गमलों या पौधों में किया जा सकता है। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में वक्ताओं ने उपस्थित विद्यार्थियों को यह जिम्मेदारी सौंपी कि वे मूर्ति बनाने की इस कला को अपने-अपने गांवों में जाकर अन्य लोगों को भी सिखाएं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस ईको फ्रेंडली पहल से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर ईको फ्रेंडली प्रतिमा बनाकर अपने घर में ही विसर्जित करें। 00000000000000000000000000

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  • घर पर बनाएं माटी के गणेश, गमले में करें विसर्जन नारायणगंज में विद्यार्थियों ने सीखी मूर्ति बनाने की कला घर पर बनाएं माटी के गणेश, गमले में करें विसर्जन नारायणगंज में विद्यार्थियों ने सीखी मूर्ति बनाने की कला आगामी गणेश चतुर्थी पर्व को पर्यावरण के अनुकूल मनाने और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से मप्र जन अभियान परिषद मंडला एवं नारायणगंज नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में माटी गणेश, सिद्ध गणेश पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 सितंबर रविवार दो बजे आयोजित किया गया। यह आयोजन जिला समन्वयक सुशील बर्मन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक राशि अग्रवाल ने विद्यार्थियों को मिट्टी के गणेश जी बनाने की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने स्वयं मूर्ति बनाकर दिखाई और विद्यार्थियों से भी इसका अभ्यास कराया। इस दौरान सभी परामर्शदाता राकेश अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, इंद्रा उइके, सुमित हथाले और सुरेश सोनी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समाज को पर्यावरण स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। वक्ताओं ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों के नदी-तालाबों में विसर्जन से जल गंभीर रूप से प्रदूषित होता है। इसके समाधान के रूप में लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों में मिट्टी के गणेश जी स्थापित करें और घर पर ही किसी बड़े बर्तन या टब में उनका विसर्जन करें। विसर्जन के बाद उस मिट्टी का उपयोग गमलों या पौधों में किया जा सकता है। एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में वक्ताओं ने उपस्थित विद्यार्थियों को यह जिम्मेदारी सौंपी कि वे मूर्ति बनाने की इस कला को अपने-अपने गांवों में जाकर अन्य लोगों को भी सिखाएं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस ईको फ्रेंडली पहल से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर ईको फ्रेंडली प्रतिमा बनाकर अपने घर में ही विसर्जित करें। 00000000000000000000000000
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    घर पर बनाएं माटी के गणेश, गमले में करें विसर्जन
नारायणगंज में विद्यार्थियों ने सीखी मूर्ति बनाने की कला
घर पर बनाएं माटी के गणेश, गमले में करें विसर्जन
नारायणगंज में विद्यार्थियों ने सीखी मूर्ति बनाने की कला
आगामी गणेश चतुर्थी पर्व को पर्यावरण के अनुकूल मनाने और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से मप्र जन अभियान परिषद मंडला एवं नारायणगंज नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में माटी गणेश, सिद्ध गणेश पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 सितंबर रविवार दो बजे आयोजित किया गया।  यह आयोजन जिला समन्वयक सुशील बर्मन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक राशि अग्रवाल ने विद्यार्थियों को मिट्टी के गणेश जी बनाने की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने स्वयं मूर्ति बनाकर दिखाई और विद्यार्थियों से भी इसका अभ्यास कराया। इस दौरान सभी परामर्शदाता राकेश अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, इंद्रा उइके, सुमित हथाले और सुरेश सोनी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समाज को पर्यावरण स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। वक्ताओं ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों के नदी-तालाबों में विसर्जन से जल गंभीर रूप से प्रदूषित होता है। इसके समाधान के रूप में लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों में मिट्टी के गणेश जी स्थापित करें और घर पर ही किसी बड़े बर्तन या टब में उनका विसर्जन करें। विसर्जन के बाद उस मिट्टी का उपयोग गमलों या पौधों में किया जा सकता है। 
एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में वक्ताओं ने उपस्थित विद्यार्थियों को यह जिम्मेदारी सौंपी कि वे मूर्ति बनाने की इस कला को अपने-अपने गांवों में जाकर अन्य लोगों को भी सिखाएं, जिससे अधिक से अधिक लोग इस ईको फ्रेंडली पहल से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर ईको फ्रेंडली प्रतिमा बनाकर अपने घर में ही विसर्जित करें। 
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    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मंडला - नगर पालिका की चौखट पर ही गंदगी का ढेर, स्वच्छता अभियान के दावों की खुली पोल,गंदगी, दुर्गंध और अव्यवस्था के बीच नगर पालिका परिषद मंडला,लाखों के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण ठेके पर सवाल
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    मंडला - नगर पालिका की चौखट पर ही गंदगी का ढेर, स्वच्छता अभियान के दावों की खुली पोल,गंदगी, दुर्गंध और अव्यवस्था के बीच नगर पालिका परिषद मंडला,लाखों के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण ठेके पर सवाल
    user_Govardhan kushwaha
    Govardhan kushwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • भरे बारिश में गिरा घर बाल बाल बचे बैगा परिवार मंडला में लगातार हो रही बारिश के चलते मंडला जिले के विकास खंड मोहगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत पलेहरा निवासी श्रीमती रामबाई बैगा के घर पूरी तरह गिर गई है गनीमत रहा कि कोई जनहानि नहीं हुई आपको बता दें रामबाई बैगा एक गरीब परिवार से आती है इनका रहना खाना यहीं पर होता था लेकिन लगातार बारिश होने के कारण रामबाई बैगा का घर गिर गया है और रामबाई बैगा बेघर हो गई है अभी बारिश में रामबाई के पास घर नहीं है और ऐसे स्थिति में जाए तो कहां जाए रामबाई बैगा ने बताया लगातार तीन दिन से ग्राम पंचायत की चक्कर काट रही लेकिन ग्राम पंचायत जनप्रतिनिधि और सचिव कोई रामबाई बैगा की फरियाद नहीं सुन रही है प्रशासन उसे संज्ञान में ले ओर रामबाई बैगा की सहायता करें
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    भरे बारिश में गिरा घर बाल बाल बचे बैगा परिवार मंडला में लगातार हो रही बारिश के चलते मंडला जिले के विकास खंड मोहगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत पलेहरा निवासी श्रीमती रामबाई बैगा के घर पूरी तरह गिर गई है गनीमत रहा कि कोई जनहानि नहीं हुई आपको बता दें रामबाई बैगा एक गरीब परिवार से आती है इनका रहना खाना यहीं पर होता था लेकिन लगातार बारिश होने के कारण रामबाई बैगा का घर गिर गया है और रामबाई बैगा बेघर हो गई है अभी बारिश में रामबाई के पास घर नहीं है और ऐसे स्थिति में जाए तो कहां जाए रामबाई बैगा ने बताया लगातार तीन दिन से ग्राम पंचायत की चक्कर काट रही लेकिन ग्राम पंचायत जनप्रतिनिधि और सचिव कोई रामबाई बैगा की फरियाद नहीं सुन रही है  प्रशासन उसे संज्ञान में ले ओर रामबाई बैगा की सहायता करें
    user_Rajju Bhartiya
    Rajju Bhartiya
    मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • 🔴 जबलपुर। विस्थापन के 5 महीने बाद भी 800 परिवार बेहाल! न पक्का घर, न स्कूल… सांप-बिच्छुओं के बीच गुजर रही जिंदगी - जबलपुर। मेडिकल कॉलेज क्षेत्र से करीब 5 महीने पहले विस्थापित किए गए 800 से अधिक परिवारों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासन और नगर निगम ने इन परिवारों को करीब 15 किलोमीटर दूर तेवर गांव के पास बसाया था। उस समय सड़क, पानी, बिजली, मकान और बच्चों की पढ़ाई जैसी मूलभूत सुविधाएं देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन रहवासियों का आरोप है कि आज भी कई सुविधाएं अधूरी हैं। - बारिश के मौसम में हालात और खराब हो गए हैं। कच्चे और कीचड़ भरे रास्तों के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। रहवासियों का कहना है कि बस्ती के आसपास सांप, गोह और अन्य जहरीले जीव-जंतु दिखाई देते हैं, जिससे परिवारों में डर का माहौल बना हुआ है। - 🏠 घर के नाम पर बांस, बल्ली और पन्नी! - रहवासियों का आरोप है कि उन्हें पक्के मकान का भरोसा दिया गया था और घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता की बात भी कही गई थी। लेकिन अब तक कई परिवार पन्नी और अस्थायी सामग्री से बने घरों में रहने को मजबूर हैं। बारिश के दौरान इन घरों में पानी भर जाता है और लोगों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ता है। - 💧 पानी और बिजली की व्यवस्था पर सवाल - सैकड़ों परिवारों के लिए सीमित पानी की व्यवस्था होने का आरोप है। कुछ रहवासियों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त और साफ पानी नहीं मिल रहा। वहीं रात के समय बिजली और कम वोल्टेज की समस्या भी बताई जा रही है। - 🎒 स्कूल दूर हुआ तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित - विस्थापन का सबसे बड़ा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। पहले मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में रहने वाले बच्चे आसानी से स्कूल पहुंच जाते थे, लेकिन तेवर में बसने के बाद स्कूल की दूरी बढ़ गई है। आने-जाने में समय और खर्च बढ़ने के कारण कई बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आई है। - हालांकि बस्ती में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए एक स्थानीय महिला द्वारा मंदिर में बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जा रहा है। - 🚽 खराब मोबाइल टॉयलेट, खुले में जाने की मजबूरी - रहवासियों के मुताबिक, सैकड़ों परिवारों के लिए लगाए गए मोबाइल टॉयलेट कुछ समय बाद खराब हो गए। इसके चलते कई लोगों को खुले में जाने की मजबूरी का सामना करना पड़ रहा है। जंगल और आसपास के इलाकों में सांप-बिच्छुओं का डर भी बना रहता है। - 🏙️ कई परिवार शहर लौटे - बस्ती के हालात से परेशान कुछ परिवार तेवर छोड़कर वापस शहर में किराए के मकानों में रहने लगे हैं। उनका कहना है कि परिवार और बच्चों की सुरक्षा के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। - 🗣️ नगर निगम कमिश्नर ने दिया आश्वासन - मामले पर जबलपुर नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि समस्या उनके संज्ञान में आई है। अधिकारियों को मौके पर भेजकर रहवासियों की समस्याओं को नोट कराया जाएगा और बारिश समाप्त होने के बाद प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की बात कही गई है। , 📍 तेवर गांव | जबलपुर | मध्य प्रदेश - सवाल यह है कि विस्थापन के दौरान किए गए वादे आखिर कब पूरे होंगे और इन 800 परिवारों को मूलभूत सुविधाएं कब मिलेंगी? - 📰 सच तक पत्रिका NEWS 🎤 Report: Deepak Vishwakarma
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    🔴 जबलपुर। विस्थापन के 5 महीने बाद भी 800 परिवार बेहाल! न पक्का घर, न स्कूल… सांप-बिच्छुओं के बीच गुजर रही जिंदगी
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जबलपुर। मेडिकल कॉलेज क्षेत्र से करीब 5 महीने पहले विस्थापित किए गए 800 से अधिक परिवारों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासन और नगर निगम ने इन परिवारों को करीब 15 किलोमीटर दूर तेवर गांव के पास बसाया था। उस समय सड़क, पानी, बिजली, मकान और बच्चों की पढ़ाई जैसी मूलभूत सुविधाएं देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन रहवासियों का आरोप है कि आज भी कई सुविधाएं अधूरी हैं।
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बारिश के मौसम में हालात और खराब हो गए हैं। कच्चे और कीचड़ भरे रास्तों के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। रहवासियों का कहना है कि बस्ती के आसपास सांप, गोह और अन्य जहरीले जीव-जंतु दिखाई देते हैं, जिससे परिवारों में डर का माहौल बना हुआ है।
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🏠 घर के नाम पर बांस, बल्ली और पन्नी!
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रहवासियों का आरोप है कि उन्हें पक्के मकान का भरोसा दिया गया था और घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता की बात भी कही गई थी। लेकिन अब तक कई परिवार पन्नी और अस्थायी सामग्री से बने घरों में रहने को मजबूर हैं। बारिश के दौरान इन घरों में पानी भर जाता है और लोगों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ता है।
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💧 पानी और बिजली की व्यवस्था पर सवाल
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सैकड़ों परिवारों के लिए सीमित पानी की व्यवस्था होने का आरोप है। कुछ रहवासियों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त और साफ पानी नहीं मिल रहा। वहीं रात के समय बिजली और कम वोल्टेज की समस्या भी बताई जा रही है।
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🎒 स्कूल दूर हुआ तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
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विस्थापन का सबसे बड़ा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। पहले मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में रहने वाले बच्चे आसानी से स्कूल पहुंच जाते थे, लेकिन तेवर में बसने के बाद स्कूल की दूरी बढ़ गई है। आने-जाने में समय और खर्च बढ़ने के कारण कई बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आई है।
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हालांकि बस्ती में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए एक स्थानीय महिला द्वारा मंदिर में बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जा रहा है।
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🚽 खराब मोबाइल टॉयलेट, खुले में जाने की मजबूरी
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रहवासियों के मुताबिक, सैकड़ों परिवारों के लिए लगाए गए मोबाइल टॉयलेट कुछ समय बाद खराब हो गए। इसके चलते कई लोगों को खुले में जाने की मजबूरी का सामना करना पड़ रहा है। जंगल और आसपास के इलाकों में सांप-बिच्छुओं का डर भी बना रहता है।
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🏙️ कई परिवार शहर लौटे
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बस्ती के हालात से परेशान कुछ परिवार तेवर छोड़कर वापस शहर में किराए के मकानों में रहने लगे हैं। उनका कहना है कि परिवार और बच्चों की सुरक्षा के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।
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🗣️ नगर निगम कमिश्नर ने दिया आश्वासन
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मामले पर जबलपुर नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि समस्या उनके संज्ञान में आई है। अधिकारियों को मौके पर भेजकर रहवासियों की समस्याओं को नोट कराया जाएगा और बारिश समाप्त होने के बाद प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की बात कही गई है।
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📍 तेवर गांव | जबलपुर | मध्य प्रदेश
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सवाल यह है कि विस्थापन के दौरान किए गए वादे आखिर कब पूरे होंगे और इन 800 परिवारों को मूलभूत सुविधाएं कब मिलेंगी?
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📰 सच तक पत्रिका NEWS
🎤 Report: Deepak Vishwakarma
    user_Deepak Vishwakarma
    Deepak Vishwakarma
    Photographer जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में जैविक खेती प्रशिक्षण का पांचवा दिन, विशेषज्ञों ने कहा - जैविक खेती समय की मांग* *युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर : राम अभिषेक तिवारी* डिंडौरी।* मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना अंतर्गत शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में चल रहे एक माह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम *"ऑर्गेनिक फार्मिंग: इसकी आवश्यकता और वैश्विक संभावनाएं"* का पांचवा दिन बेहद प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक रहा। *अवकाश के दिन भी लगी कक्षाएं, दिखी प्रशिक्षण की गंभीरता* शासन के स्पष्ट निर्देशानुसार विद्यार्थियों के कौशल विकास और प्रशिक्षण की समय-सीमा को देखते हुए अवकाश के दिनों में भी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। महाविद्यालय प्रशासन पूरी निष्ठा के साथ छात्र-छात्राओं को जैविक खेती की बारीकियों में दक्ष बनाने में जुटा है। छात्र भी अभूतपूर्व उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। *विशिष्ट अतिथि बोले - युवा अपनाएं पर्यावरण-अनुकूल तकनीक* कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रबुद्ध व्यक्तित्व *श्री राम अभिषेक तिवारी* ने कहा, "जैविक खेती न केवल भूमि की सेहत सुधारती है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार खोलती है। युवा आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीक अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।" *विषय विशेषज्ञों ने बताए सफलता के मंत्र* प्रशिक्षण के मुख्य सत्र में विषय विशेषज्ञ *श्री बिहारी लाल साहू एवं श्री प्रकाश झारिया* ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि डिंडौरी जैसे जनजातीय क्षेत्र जैविक खेती के लिए प्राकृतिक रूप से अनुकूल हैं। लगातार रासायनिक खादों के उपयोग से मृत हो रही मृदा को जीवामृत, घनजीवामृत और वर्मी कंपोस्ट से कैसे पुनर्जीवित किया जा सकता है, इसकी वैज्ञानिक जानकारी दी। साथ ही वैश्विक बाजार में जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग और डिंडौरी के कोदो-कुटकी को नर्मदा मिलेट्स ब्रांड से जोड़कर किसान कैसे समृद्ध हो सकते हैं, इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। *थ्योरी के बाद अब प्रैक्टिकल की बारी - होगी फील्ड विजिट* कार्यक्रम समन्वयक *डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर, सहायक प्राध्यापक सांख्यिकी* ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह रोजगारोन्मुखी है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही विद्यार्थियों को फील्ड विजिट कराई जाएगी, जहां वे अपने हाथों से जीवामृत, वर्मी कंपोस्ट, गोबर गैस, अग्नीअस्त्र, दशपर्णी अर्क और जैविक कीटनाशक बनाना सीखेंगे, ताकि भविष्य में स्वयं आत्मनिर्भर बनकर दूसरों को भी प्रेरित कर सकें। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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    शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में जैविक खेती प्रशिक्षण का पांचवा दिन, विशेषज्ञों ने कहा - जैविक खेती समय की मांग*
*युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर : राम अभिषेक तिवारी*
डिंडौरी।* मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना अंतर्गत शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में चल रहे एक माह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम *"ऑर्गेनिक फार्मिंग: इसकी आवश्यकता और वैश्विक संभावनाएं"* का पांचवा दिन बेहद प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक रहा।
*अवकाश के दिन भी लगी कक्षाएं, दिखी प्रशिक्षण की गंभीरता*
शासन के स्पष्ट निर्देशानुसार विद्यार्थियों के कौशल विकास और प्रशिक्षण की समय-सीमा को देखते हुए अवकाश के दिनों में भी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। महाविद्यालय प्रशासन पूरी निष्ठा के साथ छात्र-छात्राओं को जैविक खेती की बारीकियों में दक्ष बनाने में जुटा है। छात्र भी अभूतपूर्व उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।
*विशिष्ट अतिथि बोले - युवा अपनाएं पर्यावरण-अनुकूल तकनीक*
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रबुद्ध व्यक्तित्व *श्री राम अभिषेक तिवारी* ने कहा, "जैविक खेती न केवल भूमि की सेहत सुधारती है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार खोलती है। युवा आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीक अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।"
*विषय विशेषज्ञों ने बताए सफलता के मंत्र*
प्रशिक्षण के मुख्य सत्र में विषय विशेषज्ञ *श्री बिहारी लाल साहू एवं श्री प्रकाश झारिया* ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि डिंडौरी जैसे जनजातीय क्षेत्र जैविक खेती के लिए प्राकृतिक रूप से अनुकूल हैं। लगातार रासायनिक खादों के उपयोग से मृत हो रही मृदा को जीवामृत, घनजीवामृत और वर्मी कंपोस्ट से कैसे पुनर्जीवित किया जा सकता है, इसकी वैज्ञानिक जानकारी दी। साथ ही वैश्विक बाजार में जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग और डिंडौरी के कोदो-कुटकी को नर्मदा मिलेट्स ब्रांड से जोड़कर किसान कैसे समृद्ध हो सकते हैं, इस पर विस्तार से प्रकाश डाला।
*थ्योरी के बाद अब प्रैक्टिकल की बारी - होगी फील्ड विजिट*
कार्यक्रम समन्वयक *डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर, सहायक प्राध्यापक सांख्यिकी* ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह रोजगारोन्मुखी है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही विद्यार्थियों को फील्ड विजिट कराई जाएगी, जहां वे अपने हाथों से जीवामृत, वर्मी कंपोस्ट, गोबर गैस, अग्नीअस्त्र, दशपर्णी अर्क और जैविक कीटनाशक बनाना सीखेंगे, ताकि भविष्य में स्वयं आत्मनिर्भर बनकर दूसरों को भी प्रेरित कर सकें।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • रांझी पुलिस की सख्त कार्रवाई: मढ़ई क्षेत्र में व्यापारियों से मारपीट करने वाले आरोपियों का निकला जुलूस, कान पकड़कर मांगी माफी
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    रांझी पुलिस की सख्त कार्रवाई: मढ़ई क्षेत्र में व्यापारियों से मारपीट करने वाले आरोपियों का निकला जुलूस, कान पकड़कर मांगी माफी
    user_Rishi Rajak
    Rishi Rajak
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ | जबलपुर इनकम टैक्स चौराहे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, खस्ताहाल सड़कों को लेकर हल्लाबोल! जबलपुर में नगर निगम की कार्यप्रणाली और सड़कों की खराब गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया। नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने इनकम टैक्स चौराहे पर ‘भ्रष्टाचार की मटकी’ लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर में हाल ही में बनी सड़कें पहली बारिश में ही उखड़कर मिट्टी और गिट्टी में तब्दील हो गई हैं। इससे जनता को परेशानी के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों की भूमिका की जांच की मांग की। साथ ही नगर निगम की आर्थिक स्थिति और महापौर की ब्रांडिंग व विज्ञापनों पर खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस की चेतावनी: खराब सड़कों से निकली मिट्टी और गिट्टी को मटकी में एकत्र कर नगर निगम पहुंचाया जाएगा। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो नगर निगम के सामने बड़े स्तर पर ‘भ्रष्टाचार की मटकी फोड़’ आंदोलन किया जाएगा। #Jabalpur #BreakingNews #Congress #AmrishMishra #नगरनिगम #खस्ताहालसड़कें #भ्रष्टाचारकीमटकी #मटकीफोड़आंदोलन #जबलपुरन्यूज़ #AawazNews #टेक
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    ब्रेकिंग न्यूज़ | जबलपुर
इनकम टैक्स चौराहे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, खस्ताहाल सड़कों को लेकर हल्लाबोल!
जबलपुर में नगर निगम की कार्यप्रणाली और सड़कों की खराब गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में विरोध जताया। नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने इनकम टैक्स चौराहे पर ‘भ्रष्टाचार की मटकी’ लेकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर में हाल ही में बनी सड़कें पहली बारिश में ही उखड़कर मिट्टी और गिट्टी में तब्दील हो गई हैं। इससे जनता को परेशानी के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों की भूमिका की जांच की मांग की। साथ ही नगर निगम की आर्थिक स्थिति और महापौर की ब्रांडिंग व विज्ञापनों पर खर्च को लेकर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस की चेतावनी: खराब सड़कों से निकली मिट्टी और गिट्टी को मटकी में एकत्र कर नगर निगम पहुंचाया जाएगा। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो नगर निगम के सामने बड़े स्तर पर ‘भ्रष्टाचार की मटकी फोड़’ आंदोलन किया जाएगा।
#Jabalpur #BreakingNews #Congress #AmrishMishra #नगरनिगम #खस्ताहालसड़कें #भ्रष्टाचारकीमटकी #मटकीफोड़आंदोलन #जबलपुरन्यूज़ #AawazNews #टेक
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer पनागर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    10 min ago
  • प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सजगता से बची दो मासूमों की जान 🚨 प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सजगता से बची दो मासूमों की जान! 🏥 मंडला के बीजाडांडी ब्लॉक (ग्राम दहना) में मलेरिया और गंभीर एनीमिया (हीमोग्लोबिन मात्र 4 ग्राम) से जूझ रहे दो बच्चों को नया जीवन मिला है। परिजन इलाज के लिए बड़े अस्पताल जाने से हिचकिचा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार शिखर सोनी और CBMO डॉ. अजयतोष मरावी ने खुद परिजनों की लंबी काउंसलिंग की। अधिकारियों की समझाइश के बाद, स्वास्थ्य टीम की निगरानी में दोनों बच्चों (नित्यम- 3 वर्ष, नमस्वी- 6 वर्ष) को मेडिकल कॉलेज जबलपुर में सफलतापूर्वक भर्ती करा दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय पहल को सलाम! 👏
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    प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सजगता से बची दो मासूमों की जान
🚨 प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सजगता से बची दो मासूमों की जान! 🏥
मंडला के बीजाडांडी ब्लॉक (ग्राम दहना) में मलेरिया और गंभीर एनीमिया (हीमोग्लोबिन मात्र 4 ग्राम) से जूझ रहे दो बच्चों को नया जीवन मिला है। परिजन इलाज के लिए बड़े अस्पताल जाने से हिचकिचा रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार शिखर सोनी और CBMO डॉ. अजयतोष मरावी ने खुद परिजनों की लंबी काउंसलिंग की। अधिकारियों की समझाइश के बाद, स्वास्थ्य टीम की निगरानी में दोनों बच्चों (नित्यम- 3 वर्ष, नमस्वी- 6 वर्ष) को मेडिकल कॉलेज जबलपुर में सफलतापूर्वक भर्ती करा दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय पहल को सलाम! 👏
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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