मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर विजय कल सहित सैकड़ो कांग्रेस कर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन *मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन* रिपोर्टर- बाल्मीक यादव स्वतंत्रत भारत 24 जिला ब्यूरो *जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने से रोकने का आरोप, मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक पुलिस की निगरानी में रखे गए कांग्रेस कार्यकर्ता* उमरिया, 14 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिला प्रवास के दौरान जिले की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने की तैयारी कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित जिले भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन डिटेन कर लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष को उनके कार्यालय में ही रोक दिया गया, जबकि अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक बाहर निकलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी विजय कोल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उमरिया जिले की जनता की वर्षों से लंबित समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के उद्देश्य से अपनी आवाज उठाना चाहते थे। लेकिन जनसमस्याओं पर संवाद करने का अवसर देने के बजाय पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का रास्ता अपनाया। जनता की समस्याएं उठाना अपराध है क्या? जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने कहा कि मुख्यमंत्री का जिले में आगमन जनता के लिए अपनी समस्याएं रखने का महत्वपूर्ण अवसर था। जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिन पूर्व ही प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले की छह प्रमुख जनसमस्याओं को सार्वजनिक किया था और अपेक्षा की थी कि मुख्यमंत्री इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे। इंजी विजय कोल ने कहा है कि जिले के आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। जिले का युवा हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग और बदहाल सड़कों की समस्या से परेशान हैं। किसान खरीफ फसल पंजीयन और सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि विद्यार्थी लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण नहीं होने से जिले के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी करना यदि अपराध है, तो जनता की आवाज उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। उमरिया की छह प्रमुख समस्याओं पर मुख्यमंत्री से जवाब चाहती है कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखने की तैयारी की थी— 1. आदिवासियों की जमीन पर कथित जबरन कब्जे की निष्पक्ष जांच: बजरंग कोल माइंस एवं अन्य कोल माइंस से संबंधित भूमि विवादों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय एवं उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 2. हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण: पूर्व में घोषित 13.26 करोड़ रुपये की परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक कर निर्माण कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए। 3. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे ओवरब्रिज की समस्या: वर्ष 2014 से लंबित बताए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज संबंधी कार्य की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा बदहाल सड़क की मरम्मत कराकर नागरिकों को राहत दी जाए। 4. किसानों के खरीफ फसल पंजीयन की समस्या: पंजीयन से वंचित पात्र किसानों को दोबारा अवसर देकर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। 5. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती पर रोक: विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त एवं नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। 6. नवनिर्मित अस्पताल का शीघ्र संचालन: अस्पताल के लोकार्पण में हो रही देरी के कारण स्पष्ट कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं और अस्पताल को शीघ्र आम जनता के लिए शुरू किया जाए। सवालों से बचने के बजाय जनता को जवाब दे सरकार इंजी. विजय कोल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच संवाद होना चाहिए। मुख्यमंत्री का दायित्व केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने तथ्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लेने से न तो जिले की समस्याएं समाप्त होंगी और न ही जनता की आवाज को दबाया जा सकेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार उमरिया जिले में विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो आदिवासियों की जमीन, किसानों की परेशानी, युवाओं के खेल संसाधन, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों को सुनने में परहेज क्यों किया जा रहा है? जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस ने मांग की कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का उचित अवसर दिया जाए तथा इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उमरिया जिले की जनता के अधिकारों, आदिवासी परिवारों के न्याय, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रहेगी। पुलिस की कार्रवाई से कांग्रेस का जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कमजोर नहीं होगा, बल्कि जनता की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया का स्पष्ट संदेश है—जनता की आवाज को पुलिस के पहरे में कैद नहीं किया जा सकता। उमरिया की समस्याओं का समाधान होने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिले में आगमन से पहले *जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के कार्यालय उमरिया में* जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंजी विजय कोल, पुष्पराज सिंह, मिथलेश राय, वीरेंद्र सिंह सेंगर, शिशुपाल यादव, दुर्गेश साहू *थाना नौरोज़ाबाद* में अनुराग सिंह अंबुज जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस, अजय सिंह सोमवंशी, रविंद्र कुमार संत, नवीन कठौतिया, भरत नामदेव, श्रेयांस तिवारी, हिमांशु कुशवाहा, आयुष सिंह, सोमचंद साहू, महेंद्र मोहोबिया *थाना चौकी घुनघुटी* आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, छोटी बाई, सुमित्रा, सुमन सिंह, सुशीला, ऊषा सिंह, अरुण सिंह *थाना मानपुर* उमाशंकर पटेल, रोशनी सिंह, विजय गौतम, रवि सेन, ऋतिक पयाशी, पंकज गौतम, कृष्ण कुमार पटेल, कुश परिहार, राम नरेश सिंह *थाना कोतवाली उमरिया* एनएस यूआई अध्यक्ष असलम शेर *थाना चंदिया* शोयब रज्जब खान, मुकीम अहमद अल्लू, हिमांशु सिंह लकी, अमित द्विवेदी, अशब खान, अख्तर खान, साजन रावत, आनंद प्रजापति, घनश्याम प्रजापति, शेषमणि कोल, विक्रम प्रताप सिंह, संजय अग्रवाल, गजेंद्र शुक्ला सहित अन्य कांग्रेसजन रहे। जारीकर्ता: जिला कांग्रेस कमेटी, उमरिया (मध्य प्रदेश)
मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर विजय कल सहित सैकड़ो कांग्रेस कर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन *मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन* रिपोर्टर- बाल्मीक यादव स्वतंत्रत भारत 24 जिला ब्यूरो *जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने से रोकने का आरोप, मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक पुलिस की निगरानी में रखे गए कांग्रेस कार्यकर्ता* उमरिया, 14 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिला प्रवास के दौरान जिले की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने की तैयारी कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित जिले भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन डिटेन कर लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष को उनके कार्यालय में ही रोक दिया गया, जबकि अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक बाहर निकलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी विजय कोल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उमरिया जिले की जनता की वर्षों से लंबित समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के उद्देश्य से अपनी आवाज उठाना चाहते थे। लेकिन जनसमस्याओं पर संवाद करने का अवसर देने के बजाय पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का रास्ता अपनाया। जनता की समस्याएं उठाना अपराध है क्या? जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने कहा कि मुख्यमंत्री का जिले में आगमन जनता के लिए अपनी समस्याएं रखने का महत्वपूर्ण अवसर था। जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिन पूर्व ही प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले की छह प्रमुख जनसमस्याओं को सार्वजनिक किया था और अपेक्षा की थी कि मुख्यमंत्री इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे। इंजी विजय कोल ने कहा है कि जिले के आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। जिले का युवा हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग और बदहाल सड़कों की समस्या से परेशान हैं। किसान खरीफ फसल पंजीयन और सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि विद्यार्थी लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण नहीं होने से जिले के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी करना यदि अपराध है, तो जनता की आवाज उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। उमरिया की छह प्रमुख समस्याओं पर मुख्यमंत्री से जवाब चाहती है कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखने की तैयारी की थी— 1. आदिवासियों की जमीन पर कथित जबरन कब्जे की निष्पक्ष जांच: बजरंग कोल माइंस एवं अन्य कोल माइंस से संबंधित भूमि विवादों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय एवं उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 2. हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण: पूर्व में घोषित 13.26 करोड़ रुपये की परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक कर निर्माण कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए। 3. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे ओवरब्रिज की समस्या: वर्ष 2014 से लंबित बताए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज संबंधी कार्य
की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा बदहाल सड़क की मरम्मत कराकर नागरिकों को राहत दी जाए। 4. किसानों के खरीफ फसल पंजीयन की समस्या: पंजीयन से वंचित पात्र किसानों को दोबारा अवसर देकर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। 5. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती पर रोक: विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त एवं नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। 6. नवनिर्मित अस्पताल का शीघ्र संचालन: अस्पताल के लोकार्पण में हो रही देरी के कारण स्पष्ट कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं और अस्पताल को शीघ्र आम जनता के लिए शुरू किया जाए। सवालों से बचने के बजाय जनता को जवाब दे सरकार इंजी. विजय कोल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच संवाद होना चाहिए। मुख्यमंत्री का दायित्व केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने तथ्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लेने से न तो जिले की समस्याएं समाप्त होंगी और न ही जनता की आवाज को दबाया जा सकेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार उमरिया जिले में विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो आदिवासियों की जमीन, किसानों की परेशानी, युवाओं के खेल संसाधन, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों को सुनने में परहेज क्यों किया जा रहा है? जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस ने मांग की कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का उचित अवसर दिया जाए तथा इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उमरिया जिले की जनता के अधिकारों, आदिवासी परिवारों के न्याय, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रहेगी। पुलिस की कार्रवाई से कांग्रेस का जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कमजोर नहीं होगा, बल्कि जनता की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया का स्पष्ट संदेश है—जनता की आवाज को पुलिस के पहरे में कैद नहीं किया जा सकता। उमरिया की समस्याओं का समाधान होने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिले में आगमन से पहले *जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के कार्यालय उमरिया में* जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंजी विजय कोल, पुष्पराज सिंह, मिथलेश राय, वीरेंद्र सिंह सेंगर, शिशुपाल यादव, दुर्गेश साहू *थाना नौरोज़ाबाद* में अनुराग सिंह अंबुज जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस, अजय सिंह सोमवंशी, रविंद्र कुमार संत, नवीन कठौतिया, भरत नामदेव, श्रेयांस तिवारी, हिमांशु कुशवाहा, आयुष सिंह, सोमचंद साहू, महेंद्र मोहोबिया *थाना चौकी घुनघुटी* आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, छोटी बाई, सुमित्रा, सुमन सिंह, सुशीला, ऊषा सिंह, अरुण सिंह *थाना मानपुर* उमाशंकर पटेल, रोशनी सिंह, विजय गौतम, रवि सेन, ऋतिक पयाशी, पंकज गौतम, कृष्ण कुमार पटेल, कुश परिहार, राम नरेश सिंह *थाना कोतवाली उमरिया* एनएस यूआई अध्यक्ष असलम शेर *थाना चंदिया* शोयब रज्जब खान, मुकीम अहमद अल्लू, हिमांशु सिंह लकी, अमित द्विवेदी, अशब खान, अख्तर खान, साजन रावत, आनंद प्रजापति, घनश्याम प्रजापति, शेषमणि कोल, विक्रम प्रताप सिंह, संजय अग्रवाल, गजेंद्र शुक्ला सहित अन्य कांग्रेसजन रहे। जारीकर्ता: जिला कांग्रेस कमेटी, उमरिया (मध्य प्रदेश)
- *मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन* *जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने से रोकने का आरोप, मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक पुलिस की निगरानी में रखे गए कांग्रेस कार्यकर्ता* उमरिया, 14 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिला प्रवास के दौरान जिले की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने की तैयारी कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित जिले भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन डिटेन कर लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष को उनके कार्यालय में ही रोक दिया गया, जबकि अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक बाहर निकलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी विजय कोल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उमरिया जिले की जनता की वर्षों से लंबित समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के उद्देश्य से अपनी आवाज उठाना चाहते थे। लेकिन जनसमस्याओं पर संवाद करने का अवसर देने के बजाय पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का रास्ता अपनाया। जनता की समस्याएं उठाना अपराध है क्या? जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने कहा कि मुख्यमंत्री का जिले में आगमन जनता के लिए अपनी समस्याएं रखने का महत्वपूर्ण अवसर था। जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिन पूर्व ही प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले की छह प्रमुख जनसमस्याओं को सार्वजनिक किया था और अपेक्षा की थी कि मुख्यमंत्री इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे। इंजी विजय कोल ने कहा है कि जिले के आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। जिले का युवा हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग और बदहाल सड़कों की समस्या से परेशान हैं। किसान खरीफ फसल पंजीयन और सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि विद्यार्थी लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण नहीं होने से जिले के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी करना यदि अपराध है, तो जनता की आवाज उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। उमरिया की छह प्रमुख समस्याओं पर मुख्यमंत्री से जवाब चाहती है कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखने की तैयारी की थी— 1. आदिवासियों की जमीन पर कथित जबरन कब्जे की निष्पक्ष जांच: बजरंग कोल माइंस एवं अन्य कोल माइंस से संबंधित भूमि विवादों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय एवं उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 2. हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण: पूर्व में घोषित 13.26 करोड़ रुपये की परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक कर निर्माण कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए। 3. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे ओवरब्रिज की समस्या: वर्ष 2014 से लंबित बताए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज संबंधी कार्य की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा बदहाल सड़क की मरम्मत कराकर नागरिकों को राहत दी जाए। 4. किसानों के खरीफ फसल पंजीयन की समस्या: पंजीयन से वंचित पात्र किसानों को दोबारा अवसर देकर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। 5. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती पर रोक: विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त एवं नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। 6. नवनिर्मित अस्पताल का शीघ्र संचालन: अस्पताल के लोकार्पण में हो रही देरी के कारण स्पष्ट कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं और अस्पताल को शीघ्र आम जनता के लिए शुरू किया जाए। सवालों से बचने के बजाय जनता को जवाब दे सरकार इंजी. विजय कोल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच संवाद होना चाहिए। मुख्यमंत्री का दायित्व केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने तथ्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लेने से न तो जिले की समस्याएं समाप्त होंगी और न ही जनता की आवाज को दबाया जा सकेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार उमरिया जिले में विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो आदिवासियों की जमीन, किसानों की परेशानी, युवाओं के खेल संसाधन, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों को सुनने में परहेज क्यों किया जा रहा है? जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस ने मांग की कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का उचित अवसर दिया जाए तथा इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उमरिया जिले की जनता के अधिकारों, आदिवासी परिवारों के न्याय, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रहेगी। पुलिस की कार्रवाई से कांग्रेस का जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कमजोर नहीं होगा, बल्कि जनता की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया का स्पष्ट संदेश है—जनता की आवाज को पुलिस के पहरे में कैद नहीं किया जा सकता। उमरिया की समस्याओं का समाधान होने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिले में आगमन से पहले *जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के कार्यालय उमरिया में* जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंजी विजय कोल, पुष्पराज सिंह, मिथलेश राय, वीरेंद्र सिंह सेंगर, शिशुपाल यादव, दुर्गेश साहू *थाना नौरोज़ाबाद* में अनुराग सिंह अंबुज जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस, अजय सिंह सोमवंशी, रविंद्र कुमार संत, नवीन कठौतिया, भरत नामदेव, श्रेयांस तिवारी, हिमांशु कुशवाहा, आयुष सिंह, सोमचंद साहू, महेंद्र मोहोबिया *थाना चौकी घुनघुटी* आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, छोटी बाई, सुमित्रा, सुमन सिंह, सुशीला, ऊषा सिंह, अरुण सिंह *थाना मानपुर* उमाशंकर पटेल, रोशनी सिंह, विजय गौतम, रवि सेन, ऋतिक पयाशी, पंकज गौतम, कृष्ण कुमार पटेल, कुश परिहार, राम नरेश सिंह *थाना कोतवाली उमरिया* एनएस यूआई अध्यक्ष असलम शेर *थाना चंदिया* शोयब रज्जब खान, मुकीम अहमद अल्लू, हिमांशु सिंह लकी, अमित द्विवेदी, अशब खान, अख्तर खान, साजन रावत, आनंद प्रजापति, घनश्याम प्रजापति, शेषमणि कोल, विक्रम प्रताप सिंह, संजय अग्रवाल, गजेंद्र शुक्ला सहित अन्य कांग्रेसजन रहे। जारीकर्ता: जिला कांग्रेस कमेटी, उमरिया (मध्य प्रदेश)1
- मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर विजय कल सहित सैकड़ो कांग्रेस कर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन *मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन* रिपोर्टर- बाल्मीक यादव स्वतंत्रत भारत 24 जिला ब्यूरो *जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने से रोकने का आरोप, मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक पुलिस की निगरानी में रखे गए कांग्रेस कार्यकर्ता* उमरिया, 14 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिला प्रवास के दौरान जिले की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने की तैयारी कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित जिले भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन डिटेन कर लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष को उनके कार्यालय में ही रोक दिया गया, जबकि अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक बाहर निकलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी विजय कोल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उमरिया जिले की जनता की वर्षों से लंबित समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के उद्देश्य से अपनी आवाज उठाना चाहते थे। लेकिन जनसमस्याओं पर संवाद करने का अवसर देने के बजाय पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का रास्ता अपनाया। जनता की समस्याएं उठाना अपराध है क्या? जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने कहा कि मुख्यमंत्री का जिले में आगमन जनता के लिए अपनी समस्याएं रखने का महत्वपूर्ण अवसर था। जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिन पूर्व ही प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले की छह प्रमुख जनसमस्याओं को सार्वजनिक किया था और अपेक्षा की थी कि मुख्यमंत्री इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे। इंजी विजय कोल ने कहा है कि जिले के आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। जिले का युवा हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग और बदहाल सड़कों की समस्या से परेशान हैं। किसान खरीफ फसल पंजीयन और सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि विद्यार्थी लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण नहीं होने से जिले के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी करना यदि अपराध है, तो जनता की आवाज उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। उमरिया की छह प्रमुख समस्याओं पर मुख्यमंत्री से जवाब चाहती है कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखने की तैयारी की थी— 1. आदिवासियों की जमीन पर कथित जबरन कब्जे की निष्पक्ष जांच: बजरंग कोल माइंस एवं अन्य कोल माइंस से संबंधित भूमि विवादों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय एवं उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 2. हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण: पूर्व में घोषित 13.26 करोड़ रुपये की परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक कर निर्माण कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए। 3. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे ओवरब्रिज की समस्या: वर्ष 2014 से लंबित बताए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज संबंधी कार्य की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा बदहाल सड़क की मरम्मत कराकर नागरिकों को राहत दी जाए। 4. किसानों के खरीफ फसल पंजीयन की समस्या: पंजीयन से वंचित पात्र किसानों को दोबारा अवसर देकर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। 5. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती पर रोक: विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त एवं नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। 6. नवनिर्मित अस्पताल का शीघ्र संचालन: अस्पताल के लोकार्पण में हो रही देरी के कारण स्पष्ट कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं और अस्पताल को शीघ्र आम जनता के लिए शुरू किया जाए। सवालों से बचने के बजाय जनता को जवाब दे सरकार इंजी. विजय कोल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच संवाद होना चाहिए। मुख्यमंत्री का दायित्व केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने तथ्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लेने से न तो जिले की समस्याएं समाप्त होंगी और न ही जनता की आवाज को दबाया जा सकेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार उमरिया जिले में विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो आदिवासियों की जमीन, किसानों की परेशानी, युवाओं के खेल संसाधन, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों को सुनने में परहेज क्यों किया जा रहा है? जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस ने मांग की कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का उचित अवसर दिया जाए तथा इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उमरिया जिले की जनता के अधिकारों, आदिवासी परिवारों के न्याय, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रहेगी। पुलिस की कार्रवाई से कांग्रेस का जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कमजोर नहीं होगा, बल्कि जनता की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया का स्पष्ट संदेश है—जनता की आवाज को पुलिस के पहरे में कैद नहीं किया जा सकता। उमरिया की समस्याओं का समाधान होने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिले में आगमन से पहले *जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के कार्यालय उमरिया में* जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंजी विजय कोल, पुष्पराज सिंह, मिथलेश राय, वीरेंद्र सिंह सेंगर, शिशुपाल यादव, दुर्गेश साहू *थाना नौरोज़ाबाद* में अनुराग सिंह अंबुज जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस, अजय सिंह सोमवंशी, रविंद्र कुमार संत, नवीन कठौतिया, भरत नामदेव, श्रेयांस तिवारी, हिमांशु कुशवाहा, आयुष सिंह, सोमचंद साहू, महेंद्र मोहोबिया *थाना चौकी घुनघुटी* आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, छोटी बाई, सुमित्रा, सुमन सिंह, सुशीला, ऊषा सिंह, अरुण सिंह *थाना मानपुर* उमाशंकर पटेल, रोशनी सिंह, विजय गौतम, रवि सेन, ऋतिक पयाशी, पंकज गौतम, कृष्ण कुमार पटेल, कुश परिहार, राम नरेश सिंह *थाना कोतवाली उमरिया* एनएस यूआई अध्यक्ष असलम शेर *थाना चंदिया* शोयब रज्जब खान, मुकीम अहमद अल्लू, हिमांशु सिंह लकी, अमित द्विवेदी, अशब खान, अख्तर खान, साजन रावत, आनंद प्रजापति, घनश्याम प्रजापति, शेषमणि कोल, विक्रम प्रताप सिंह, संजय अग्रवाल, गजेंद्र शुक्ला सहित अन्य कांग्रेसजन रहे। जारीकर्ता: जिला कांग्रेस कमेटी, उमरिया (मध्य प्रदेश)2
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरुवाही हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरुवाही हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत उमरिया, 14 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उमरिया जिले के गुरुवाही (ताला) हेलीपैड पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त अंतरित करने के लिए मानपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गुरुवाही में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उनके साथ जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान भी मौजूद रहे। इस अवसर पर शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह, मानपुर विधायक मीना सिंह, बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, उपाध्यक्ष ओम नारायण सिंह, पूर्व मंत्री पुष्पराज सिंह, शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता, आईजी एन. चैत्रा, डीआईजी विवेक सिंह, कलेक्टर राखी सहाय, जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय, वनमंडलाधिकारी विवेक सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत-अभिनंदन किया।4
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया के गुरुवाही में आयोजित "मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना" राशि अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम परिसर में लगी प्रदर्शनी के दौरान आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना अंतर्गत आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह की महिलाओं को वाहन की चाबियां भेंट कीं।1
- शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयलारी जिला उमरिया में दो कमरों में चल रही है तीन कक्षाएं l मुकेश कुमार दुबे मास्टर ऑफ जर्नलिस्ट संवाददाता जिला उमरिया मध्य प्रदेश l उमरिया जिला उमरिया मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कोलारी है जहां शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्थित है जिसमें कुल कक्षा 6 ,7 ,8 तीनों मिलकर कल 66 बच्चे हैं l पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयलारी में वर्तमान में तीन कक्षाएं प्रारंभ है l तीन कक्षा संचालित करने के लिए शासन को कम से कम तीन कमरे ही स्कूल को देने चाहिए किंतु वर्तमान में पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयलारी के कक्षा 6 से लेकर 8 तक के बच्चों की कक्षाएं 2 दो कमरे में ही लगाई जा रही हैl1
- CM मोहन यादव के उमरिया दौरे से पहले कांग्रेस सक्रिय, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन! CM मोहन यादव के उमरिया दौरे से पहले कांग्रेस सक्रिय, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन!1
- मुख्यमंत्री के उमरिया आगमन से पहले सियासी हलचल, यूथ कांग्रेस के काले झंडे दिखाने के ऐलान से बढ़ी चर्चा उमरिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया आगमन को लेकर जिले में तैयारियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया जाएगा। वहीं, लाड़ली बहना योजना के हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से किस्त की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जहां प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष द्वारा जारी किए गए एक प्रेस नोट ने जिले की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। लाड़ली बहनों को मिलेगी किस्त, विकास कार्यों की मिलेगी सौगात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने उमरिया प्रवास के दौरान लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए किस्त की राशि भेजेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले की लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन और पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के दौरे को जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूथ कांग्रेस के प्रेस नोट से गरमाई राजनीति मुख्यमंत्री के आगमन से पहले यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष द्वारा एक प्रेस नोट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस प्रेस नोट में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की बात कही गई थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में इस विषय को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के बीच इस तरह के ऐलान ने कांग्रेस संगठन के भीतर की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस मामले में जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय कोल का रुख सामने आने के बाद राजनीतिक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। विजय कोल बोले—मुझे प्रेस नोट की जानकारी नहीं यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष द्वारा मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने संबंधी प्रेस नोट जारी किए जाने के मामले में जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय कोल का कहना है कि उन्हें इस प्रेस नोट की जानकारी ही नहीं है। उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने यह निर्णय संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा किए बिना लिया है? फिलहाल, मुख्यमंत्री के उमरिया आगमन को लेकर विकास कार्यों और लाड़ली बहना योजना की किस्त के साथ-साथ काले झंडे दिखाने के ऐलान पर भी लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री का दौरा किस तरह संपन्न होता है और इस राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस संगठन की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।2
- गांवों में सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे 50 लाख परिवारों को उनकी जमीन की रजिस्ट्री निःशुल्क प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रामराज्य के संकल्प को साकार करते हुए हर बहन को पक्का मकान और इज्जत घर उपलब्ध कराने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। अब गांव के गरीब और आदिवासी भाई-बहनों को उनके मकान का मालिकाना हक देकर उन्हें सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान की जाएगी। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरित होकर हमारी सरकार धरतीपुत्रों के कल्याण और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रतिबद्ध है।1