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बिहार में खान सर पर तीखा निशाना साधते हुए उनके दोहरे व्यवहार को उजागर किया गया है। खान सर वही हैं जो पहले गाना गाने और नाचने वाले लोगों को 'नचनिया' कहकर संबोधित करते थे और उन्हें नीचा दिखाते थे। लेकिन आज वे खुद सबके सामने नाच रहे हैं, जिससे यह साफ तौर पर साबित होता है कि वे खुद भी एक 'नचनिया' ही हैं।
Abhishek Kumar eMedia
बिहार में खान सर पर तीखा निशाना साधते हुए उनके दोहरे व्यवहार को उजागर किया गया है। खान सर वही हैं जो पहले गाना गाने और नाचने वाले लोगों को 'नचनिया' कहकर संबोधित करते थे और उन्हें नीचा दिखाते थे। लेकिन आज वे खुद सबके सामने नाच रहे हैं, जिससे यह साफ तौर पर साबित होता है कि वे खुद भी एक 'नचनिया' ही हैं।
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- बिहार में खान सर पर तीखा निशाना साधते हुए उनके दोहरे व्यवहार को उजागर किया गया है। खान सर वही हैं जो पहले गाना गाने और नाचने वाले लोगों को 'नचनिया' कहकर संबोधित करते थे और उन्हें नीचा दिखाते थे। लेकिन आज वे खुद सबके सामने नाच रहे हैं, जिससे यह साफ तौर पर साबित होता है कि वे खुद भी एक 'नचनिया' ही हैं।1
- रोहतास जिले के सासाराम अंतर्गत मोकर पंचायत सरकार भवन में सहयोग मेला का आयोजन किया गया। इस मेले में एसडीएम मैडम ने भी शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों के राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया।1
- रोहतास के सासाराम में राम मंदिर में चोरी, महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस कमेटी के लोगों ने प्रदर्शन किया। रोहतास कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश पांडेय की मौजूदगी में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारी सासाराम धर्मशाला चौक स्थित महात्मा गांधी की मूर्ति से रवाना होकर पुरानी जीटी रोड करहगर मोड़ होते हुए सासाराम पोस्ट ऑफिस चौक पर पहुंचे। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के लोगों ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हीं लोगों ने राम मंदिर में ट्रस्ट के पैसे की चोरी कराई है, जिससे लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। ऐसे में गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। राम मंदिर में चोरी के साथ-साथ शिक्षा में भ्रष्टाचार को लेकर भी रोहतास कांग्रेस ने विरोध जताया है। कांग्रेस के लोगों ने चेतावनी दी है कि न्याय मिलने तक आगे भी आंदोलन और प्रदर्शन जारी रहेगा।4
- बिहार के रोहतास जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल मां तुतला भवानी धाम में मानसून की लगातार बारिश के बाद बहुप्रतीक्षित झरना पूरी तरह से शुरू हो गया है। इस झरने के चालू होने से पर्यटकों, श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों का लंबा इंतजार खत्म हो गया है और अब हर दिन बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर मनमोहक छटा का आनंद ले रहे हैं। यह मनोरम स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऊंची पहाड़ियों, घने जंगलों और मां तुतला भवानी के प्राचीन मंदिर के लिए पूरे बिहार सहित पड़ोसी राज्यों में भी बेहद लोकप्रिय है। बारिश के इस मौसम में पहाड़ों से तेजी से गिरता पानी एक भव्य झरने का रूप ले लेता है, जिसे देखने के लिए हर साल हजारों सैलानी यहां आते हैं। झरने के आसपास की हरियाली, ठंडी हवाएं और बहता पानी लोगों को आकर्षित कर रहा है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज हो गई हैं। कई लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहां पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की इस बढ़ती संख्या से स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों में भी खुशी का माहौल है, क्योंकि इससे उनके कारोबार को गति मिलने की बड़ी उम्मीद है। हालांकि, बारिश के मौसम में झरने के आसपास की चट्टानें और रास्ते फिसलन भरे हो जाते हैं। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने सैलानियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने, गहरे पानी में जाने से बचने, खतरनाक स्थानों पर सेल्फी न लेने और बच्चों पर विशेष नजर रखने की हिदायत दी है। आने वाले दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे रोहतास जिले के पर्यटन को एक नई रफ्तार मिलेगी।1
- जंतर-मंतर पर हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान बच्चों पर बर्बर ज़ुल्म ढाए जा रहे हैं। यहाँ बीजेपी की पुलिस द्वारा बच्चों पर इस तरह का घोर अत्याचार किया जा रहा है।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड स्थित हसपुरा पंचायत और टाल पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का औपचारिक उद्घाटन बीडीओ, बीपीआरओ और मुखिया द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।1
- दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवा छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मंगलवार को औरंगाबाद में आक्रोश मार्च निकाला। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए यह मार्च रमेश चौक पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। मार्च का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और घायल छात्रों के लिए बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि पार्टी छात्रों के हितों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो भविष्य में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।1
- सासाराम में आज प्रदर्शन निकाला गया, जहां छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। इसके साथ ही, दिल्ली में इसके पक्ष में बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर भी अभद्र तरीके से लाठीचार्ज किया गया है। छात्रों पर हुए इस लाठीचार्ज के लिए सीधे तौर पर बीजेपी और अमित शाह जिम्मेदार हैं।1