चित्तौड़गढ़ में ऑटो रिक्शा चालक यूनियन (इंटक) ने अपने अध्यक्ष अयूब अली को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देने और झूठे मुकदमों में फंसाने की सुनियोजित साजिश रचने वाले कुछ लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि अयूब अली ही उनके वैध अध्यक्ष हैं और कार्यकारिणी द्वारा उन्हें अध्यक्ष पद से किसी भी प्रकार से नहीं हटाया गया है। ऑटो रिक्शा चालक यूनियन (इंटक) चित्तौड़गढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात नियमों के तहत कार्य करती है। यह यूनियन आपातकाल और समय-समय पर सर्वधर्म अनुसार सेवाएँ प्रदान करती आ रही है। यूनियन के अध्यक्ष अयूब अली एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं, जिन्हें राज्य सरकार, संबंधित विभागों, यातायात विभाग, जिला कलेक्टर और राजनेताओं द्वारा उनकी सेवाओं के लिए समय-समय पर सम्मानित भी किया गया है। इसके बावजूद, यूनियन का आरोप है कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा उनके अध्यक्ष के साथ यह जघन्य अपराध किया जा रहा है। समस्त ऑटो रिक्शा चालक यूनियन (इंटक) चित्तौड़गढ़ ने कोतवाली पुलिस थाना चित्तौड़गढ़ को एक रिपोर्ट पेश कर मांग की है कि कथित अपराधियों और उनके गिरोह के खिलाफ तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। यूनियन ने अयूब अली और उनके परिवार की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने, तथा दोषियों द्वारा किए जा रहे भ्रामक प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने और उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर कार्रवाई का आदेश देने की भी अपील की है। ज्ञापन सौंपने वालों में रोशनलाल, आसिफ खान, सलीम बोकला, गोलू खान, साजिद खान, मंगल जाट, बाबू खां, अब्दल करीम खान, लल्लू वैष्णव, राहुल वैष्णव, सरफराज खान, शाहीद खान, युसुफ खान, साजन, राहुल कीर, किशन जटिया, समीर खान, दीपक कुमार, रईस मुंशी, तेजपाल, शकील खान, शिवलाल, मुन्ना, सुल्तान, युसुफ और राजू सहित कई ऑटो चालक मौजूद थे।
चित्तौड़गढ़ में ऑटो रिक्शा चालक यूनियन (इंटक) ने अपने अध्यक्ष अयूब अली को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देने और झूठे मुकदमों में फंसाने की सुनियोजित साजिश रचने वाले कुछ लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि अयूब अली ही उनके वैध अध्यक्ष हैं और कार्यकारिणी द्वारा उन्हें अध्यक्ष पद से किसी भी प्रकार से नहीं हटाया गया है। ऑटो रिक्शा चालक यूनियन (इंटक) चित्तौड़गढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात नियमों के तहत कार्य करती है। यह यूनियन आपातकाल और समय-समय पर सर्वधर्म अनुसार सेवाएँ प्रदान करती आ रही है। यूनियन के अध्यक्ष अयूब अली एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं, जिन्हें राज्य सरकार, संबंधित विभागों, यातायात विभाग, जिला कलेक्टर और राजनेताओं द्वारा उनकी सेवाओं के लिए समय-समय पर सम्मानित भी किया गया है। इसके बावजूद, यूनियन का आरोप है कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा उनके अध्यक्ष के साथ यह जघन्य अपराध किया जा रहा है। समस्त ऑटो रिक्शा चालक यूनियन (इंटक) चित्तौड़गढ़ ने कोतवाली पुलिस थाना चित्तौड़गढ़ को एक रिपोर्ट पेश कर मांग की है कि कथित अपराधियों और उनके गिरोह के खिलाफ तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। यूनियन ने अयूब अली और उनके परिवार की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने, तथा दोषियों द्वारा किए जा रहे भ्रामक प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने और उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर कार्रवाई का आदेश देने की भी अपील की है। ज्ञापन सौंपने वालों में रोशनलाल, आसिफ खान, सलीम बोकला, गोलू खान, साजिद खान, मंगल जाट, बाबू खां, अब्दल करीम खान, लल्लू वैष्णव, राहुल वैष्णव, सरफराज खान, शाहीद खान, युसुफ खान, साजन, राहुल कीर, किशन जटिया, समीर खान, दीपक कुमार, रईस मुंशी, तेजपाल, शकील खान, शिवलाल, मुन्ना, सुल्तान, युसुफ और राजू सहित कई ऑटो चालक मौजूद थे।
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- सुखपुरा में नालियों के पानी के कारण स्थानीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।1
- भीलवाड़ा के शाहपुरा नगर में 23 जून 2026 मंगलवार को प्रातः 9:15 बजे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नगर मंडल ने महेश नवमी के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान भाजपा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। शाहपुरा माहेश्वरी समाज द्वारा आयोजित इस शोभायात्रा पर, भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज सुगंधी के नेतृत्व में पार्टी के सदस्यों ने फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। इस कार्यक्रम में जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, विधानसभा संयोजक बजरंग सिंह राणावत, नगर महामंत्री जितेंद्र पाराशर और राजाराम पोरवाल सहित पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश मारू मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त, कार्यक्रम सहसंयोजक नवल सोनी, मोहन गुर्जर, गोपाल घूसर, शांतिलाल मामोडिया, देवेंद्र सिंह गहलोत, मंत्री मुकेश माली, राजेंद्र बोहरा, लादूराम खटीक, प्रेमचंद मीणा, गजराज खटीक, शारदा सोनी, मिथिलेश राणावत और राधा बोहरा जैसे कई सदस्य भी उपस्थित रहे।2
- केंद्र सरकार जहां स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं मांडल स्थित उप जिला चिकित्सालय की बदहाल हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मरीज जहां स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुँचते हैं, वहीं परिसर की गंदगी देखकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार सुबह 9 बजे मीडिया टीम के दौरे में अस्पताल का चौंकाने वाला नजारा सामने आया। अस्पताल के बाहर लगी शुद्ध मीठे पानी की प्याऊ गंदगी से अटी पड़ी मिली, जिसके आसपास जमा कीचड़ और गंदा पानी मच्छरों के पनपने का बड़ा कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, पूरे अस्पताल परिसर में जगह-जगह कंटीली झाड़ियाँ उगी हुई हैं, कचरा फैला है और आवारा पशु घूमते नजर आते हैं, जो व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ इस गंदगी और बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वे सवाल उठाते हैं कि जब स्वास्थ्य सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र की यह स्थिति है, तो आम स्थानों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अस्पताल प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतजार कर रहा है, और आखिर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली इन व्यवस्थाओं पर कब तक पर्दा डाला जाएगा? क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई अभियान चलाने, अस्पताल परिसर से झाड़ियों को हटाने तथा प्याऊ के आसपास फैली गंदगी को साफ कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।1
- केंद्र सरकार एक ओर जहाँ स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं भीलवाड़ा के मांडल स्थित उप जिला चिकित्सालय की हालत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मरीज यहाँ स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर पहुँचते हैं, लेकिन अस्पताल परिसर की गंदगी देखकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। अस्पताल के बाहर लगी शुद्ध मीठे पानी की प्याऊ गंदगी से अटी पड़ी है, और इसके आसपास जमा कीचड़ तथा गंदा पानी मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति के चलते डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। परिसर में जगह-जगह उगी कंटीली झाड़ियाँ, फैला कचरा और घूमते आवारा पशु भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के साथ-साथ गंदगी और बदबू का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र की ऐसी स्थिति है, तो आम स्थानों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अब क्षेत्रवासी यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या अस्पताल प्रशासन किसी बड़े हादसे या महामारी का इंतजार कर रहा है, और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली इन व्यवस्थाओं पर आखिर कब तक पर्दा डाला जाएगा। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल सफाई अभियान चलाने, अस्पताल परिसर से झाड़ियों को हटाने और प्याऊ के आसपास फैली गंदगी को साफ कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।4
- चित्तौड़गढ़ ज़िले में स्थित धनेतकलां काजवे पुलिया पर ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बजट में ओवरब्रिज के लिए घोषणाएं होने के बावजूद इसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। यह धनेतकलां काजवे पुलिया लगभग 25 गांवों के लिए जीवनरेखा का काम करती है, और हजारों राहगीर इस महत्वपूर्ण ओवरब्रिज के बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।1
- इंडिया ए और श्रीलंका के बीच हुए मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए धमाल मचा दिया। इस मुकाबले में उनका दमदार खेल देखने को मिला।1
- कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले थाने के भीतर यदि एक युवक भी सुरक्षित नहीं है, तो यह अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी घटनाओं के आरोप सामने आने से स्वाभाविक रूप से यह प्रश्न उठता है कि थाने में आने वाली महिलाओं की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जाएगी। जब न्याय और सुरक्षा प्रदान करने वाली संस्थाओं पर ही सवाल उठने लगते हैं, तो जनता का उन पर से भरोसा कमजोर होने लगता है। इसी के मद्देनजर, इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच की तत्काल आवश्यकता है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। जनता को यह विश्वास दिलाना अनिवार्य है कि थाना न्याय और सुरक्षा का केंद्र है, न कि भय और असुरक्षा का।1