लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध और अराजकता के बीच एक स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध मर्यादा की सीमाओं को पार कर जाता है, तो वह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत माना जाता है। आज प्रधानमंत्री के आवास के बाहर जिस प्रकार का घटनाक्रम देखने को मिला, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। जिन मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई थी, उन्हें स्वीकार किए जाने के बाद भी यदि संवाद की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती, तो इससे गंभीर राजनीतिक प्रश्न खड़े होते हैं। लोकतंत्र में संवाद, बहस और चर्चा ही समस्याओं के समाधान का सर्वोत्तम माध्यम हैं। संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों का दायित्व है कि वे उसकी गरिमा बनाए रखें। देश की जनता अपने जनप्रतिनिधियों से जिम्मेदार, संयमित और मर्यादित आचरण की अपेक्षा करती है। इस बीच, आज राहुल गांधी का आचरण पूरी तरह से अशोभनीय और निंदनीय रहा। नेता प्रतिपक्ष जैसा गरिमामय पद होने के बावजूद उन्होंने उस पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार नहीं किया।
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध और अराजकता के बीच एक स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध मर्यादा की सीमाओं को पार कर जाता है, तो वह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत माना जाता है। आज प्रधानमंत्री के आवास के बाहर जिस प्रकार का घटनाक्रम देखने को मिला, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। जिन मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई थी, उन्हें स्वीकार किए जाने के बाद भी यदि संवाद की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती, तो इससे गंभीर राजनीतिक प्रश्न खड़े होते हैं। लोकतंत्र में संवाद, बहस और चर्चा ही समस्याओं के समाधान का सर्वोत्तम माध्यम हैं। संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों का दायित्व है कि वे उसकी गरिमा बनाए रखें। देश की जनता अपने जनप्रतिनिधियों से जिम्मेदार, संयमित और मर्यादित आचरण की अपेक्षा करती है। इस बीच, आज राहुल गांधी का आचरण पूरी तरह से अशोभनीय और निंदनीय रहा। नेता प्रतिपक्ष जैसा गरिमामय पद होने के बावजूद उन्होंने उस पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार नहीं किया।
- जबलपुर से आई एक बेहद प्रेरणादायक खबर में शारीरिक अक्षमता को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाकर हिमांशु सोनी ने सफलता की नई मिसाल कायम की है। डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन उन्होंने कलेक्टर के साथ जनसुनवाई में शामिल होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और आत्मविश्वास के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। हिमांशु सोनी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं। इस जज़्बे को सलाम!1
- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर एमसीबी जिले में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस ने संयुक्त रूप से व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित पार्टी के सांसदों एवं वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में जिले में प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मनेंद्रगढ़ के खेड़िया तिराहा में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और छात्र हितों की रक्षा के समर्थन में नारे लगाए। वहीं चिरमिरी के हल्दीबाड़ी में युवा कांग्रेस ने जिला अध्यक्ष हाफिज़ मेमन के नेतृत्व में आक्रोश जताया, और एनएसयूआई ने जिला अध्यक्ष कासिम अंसारी की अगुवाई में बड़ी बाजार स्थित दुर्गा पंडाल में प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। इसके साथ ही महिला कांग्रेस ने पूर्व जिला अध्यक्ष रूमा चटर्जी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर विपक्षी नेताओं, महिलाओं और छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई की निंदा की तथा संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दों को उठाने वाले प्रतिनिधियों और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिलेभर में एकजुट होकर किए गए इन प्रदर्शनों ने जनहित और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संगठन के संघर्ष को और मजबूत संदेश दिया है।4
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के चिरमिरी स्थित हल्दीबाड़ी में युवा कांग्रेस ने जिला अध्यक्ष हाफिज़ मेमन के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनहित के मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी की तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्ष की आवाज़ दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका कांग्रेस लगातार विरोध करती रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी संविधान और जनाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा अन्याय और दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।1
- 'किसान, मजदूर बचाओ अभियान, फेस-3' का पूरा वीडियो देखने की अपील की गई है। इस अभियान से संबंधित पूरा वीडियो 'AnnaPurna Muhim' यूट्यूब चैनल पर देखने के लिए कहा गया है।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कोतमा क्षेत्र की ग्राम पंचायत खमरौध से विकास के तमाम दावों की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है। यहाँ बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें गाँव के लोग पंचायत प्रशासन के खिलाफ अपना भारी आक्रोश जाहिर करते नजर आ रहे हैं। ग्राम खमरौध में बुनियादी सुविधाओं के नाम पर सिर्फ खोखले वादे और अनदेखी मिलने से लोगों का चलना तक मुश्किल हो गया है। इस बदहाली से आक्रोशित जनता ने गाँव की दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर पंचायत की कमान संभाल रहे सरपंच पिंकी सिंह और सचिव मोहन को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पद पर बैठने के बाद भी पंचायत प्रशासन गाँव की समस्याओं की तरफ से आँखें मूँदकर बैठा है और पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।1
- लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध और अराजकता के बीच एक स्पष्ट अंतर होता है। जब विरोध मर्यादा की सीमाओं को पार कर जाता है, तो वह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत माना जाता है। आज प्रधानमंत्री के आवास के बाहर जिस प्रकार का घटनाक्रम देखने को मिला, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं कहा जा सकता। जिन मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई थी, उन्हें स्वीकार किए जाने के बाद भी यदि संवाद की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती, तो इससे गंभीर राजनीतिक प्रश्न खड़े होते हैं। लोकतंत्र में संवाद, बहस और चर्चा ही समस्याओं के समाधान का सर्वोत्तम माध्यम हैं। संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों का दायित्व है कि वे उसकी गरिमा बनाए रखें। देश की जनता अपने जनप्रतिनिधियों से जिम्मेदार, संयमित और मर्यादित आचरण की अपेक्षा करती है। इस बीच, आज राहुल गांधी का आचरण पूरी तरह से अशोभनीय और निंदनीय रहा। नेता प्रतिपक्ष जैसा गरिमामय पद होने के बावजूद उन्होंने उस पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार नहीं किया।1
- यह संदेश उन लोगों पर निशाना साधते हुए जारी किया गया है जो सत्ता के नशे में अंधे बने हुए हैं। पूरा वीडियो देखकर यह समझने की बात कही गई है कि सत्ता का ऐसा नशा बिल्कुल सही नहीं है और जो भी गलत है, उसका हर हाल में विरोध किया जाना चाहिए।1