कपास किसान मेले में 350 किसानों की भागीदारी, आधुनिक तकनीकों से बढ़ेगी पैदावार बांसवाड़ा जिले के छोटी सरवा स्थित सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्या निकेतन में कपास विकास एवं अनुसंधान संघ द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत “कपास विशेष परियोजना” के तहत भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया इस अवसर पर लगभग 350 किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की मुख्य अतिथि डॉक्टर हरगिलास मीणा (क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक, कृषि अनुसंधान केंद्र बांसवाड़ा) ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर ही अधिक उत्पादन और बेहतर आय संभव है उन्होंने अतिदीर्घ रेशा (ईएलएस) कपास की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता के साथ बेहतर बाजार मूल्य मिल सके डॉक्टर जी एस आमेटा (परियोजना समन्वयक, राजस्थान) ने “कस्तूरी कपास भारत” पहल की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना किसानों को वैश्विक स्तर की गुणवत्ता वाला कपास उत्पादन करने के लिए प्रेरित करती है वहीं क्षेत्रीय प्रभारी भरत कुमावत ने उन्नत बीज संतुलित उर्वरक उचित दूरी पर बुवाई तथा समय पर कीट रोग नियंत्रण जैसी वैज्ञानिक विधियों को अपनाने की सलाह दी कार्यक्रम के दौरान किसानों को उन्नत किस्मों एवं आधुनिक खेती तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया विशेष रूप से जनजाति किसानों द्वारा पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन में हुई वृद्धि को सराहा गया इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया गया तथा प्रश्नोत्तर सत्र में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया कार्यक्रम में छगन जी डामा (सहायक निदेशक, कुशलगढ़) भरत जी कुमावत (समन्वयक, सुयश ट्रस्ट, पुणे) राकेश जी वड़किया (मंडल अध्यक्ष) संतोष जी पारगी (सहायक कृषि अधिकारी, छोटी सरवा) शांतिलाल जी (सरपंच) देवेन्द्र जोशी (स्थानीय व्यापारी) एवं राहुल रावल (कृषि विभाग) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर जी एस आमेटा के निर्देशन में हुआ जिसमें राजूलाल कुमावत सहित परियोजना दल का विशेष योगदान रहा किसानों ने नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लेते हुए आयोजन की सराहना की
कपास किसान मेले में 350 किसानों की भागीदारी, आधुनिक तकनीकों से बढ़ेगी पैदावार बांसवाड़ा जिले के छोटी सरवा स्थित सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्या निकेतन में कपास विकास एवं अनुसंधान संघ द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत “कपास विशेष परियोजना” के तहत भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया इस अवसर पर लगभग 350 किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की मुख्य अतिथि डॉक्टर हरगिलास मीणा (क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक, कृषि अनुसंधान केंद्र बांसवाड़ा) ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर ही अधिक उत्पादन और बेहतर आय संभव है उन्होंने अतिदीर्घ रेशा (ईएलएस) कपास की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता के साथ बेहतर बाजार मूल्य मिल सके डॉक्टर जी एस आमेटा (परियोजना समन्वयक, राजस्थान) ने “कस्तूरी कपास भारत” पहल की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना किसानों को वैश्विक स्तर की गुणवत्ता वाला कपास उत्पादन करने के लिए प्रेरित करती है वहीं क्षेत्रीय प्रभारी भरत कुमावत ने उन्नत बीज संतुलित उर्वरक उचित दूरी पर बुवाई तथा समय पर कीट रोग नियंत्रण जैसी वैज्ञानिक विधियों को अपनाने की सलाह दी कार्यक्रम के दौरान किसानों को उन्नत किस्मों एवं आधुनिक खेती तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया विशेष रूप से जनजाति किसानों द्वारा पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन में हुई वृद्धि को सराहा गया इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया गया तथा प्रश्नोत्तर सत्र में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया कार्यक्रम में छगन जी डामा (सहायक निदेशक, कुशलगढ़) भरत जी कुमावत (समन्वयक, सुयश ट्रस्ट, पुणे) राकेश जी वड़किया (मंडल अध्यक्ष) संतोष जी पारगी (सहायक कृषि अधिकारी, छोटी सरवा) शांतिलाल जी (सरपंच) देवेन्द्र जोशी (स्थानीय व्यापारी) एवं राहुल रावल (कृषि विभाग) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर जी एस आमेटा के निर्देशन में हुआ जिसमें राजूलाल कुमावत सहित परियोजना दल का विशेष योगदान रहा किसानों ने नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लेते हुए आयोजन की सराहना की
- बांसवाड़ा जिले के छोटी सरवा स्थित सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्या निकेतन में कपास विकास एवं अनुसंधान संघ द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत “कपास विशेष परियोजना” के तहत भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया इस अवसर पर लगभग 350 किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की मुख्य अतिथि डॉक्टर हरगिलास मीणा (क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक, कृषि अनुसंधान केंद्र बांसवाड़ा) ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर ही अधिक उत्पादन और बेहतर आय संभव है उन्होंने अतिदीर्घ रेशा (ईएलएस) कपास की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता के साथ बेहतर बाजार मूल्य मिल सके डॉक्टर जी एस आमेटा (परियोजना समन्वयक, राजस्थान) ने “कस्तूरी कपास भारत” पहल की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना किसानों को वैश्विक स्तर की गुणवत्ता वाला कपास उत्पादन करने के लिए प्रेरित करती है वहीं क्षेत्रीय प्रभारी भरत कुमावत ने उन्नत बीज संतुलित उर्वरक उचित दूरी पर बुवाई तथा समय पर कीट रोग नियंत्रण जैसी वैज्ञानिक विधियों को अपनाने की सलाह दी कार्यक्रम के दौरान किसानों को उन्नत किस्मों एवं आधुनिक खेती तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया विशेष रूप से जनजाति किसानों द्वारा पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन में हुई वृद्धि को सराहा गया इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया गया तथा प्रश्नोत्तर सत्र में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया कार्यक्रम में छगन जी डामा (सहायक निदेशक, कुशलगढ़) भरत जी कुमावत (समन्वयक, सुयश ट्रस्ट, पुणे) राकेश जी वड़किया (मंडल अध्यक्ष) संतोष जी पारगी (सहायक कृषि अधिकारी, छोटी सरवा) शांतिलाल जी (सरपंच) देवेन्द्र जोशी (स्थानीय व्यापारी) एवं राहुल रावल (कृषि विभाग) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे कार्यक्रम का सफल संचालन डॉक्टर जी एस आमेटा के निर्देशन में हुआ जिसमें राजूलाल कुमावत सहित परियोजना दल का विशेष योगदान रहा किसानों ने नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लेते हुए आयोजन की सराहना की1
- जय गुरु देव आश्रम उज्जैन 🙏🙏6
- Post by Bapulal Ahari1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (।कुशलगढ़ ,,, धिक्कार है इंसान,साफ सफाई के अभाव में गंदा क्यु शमशान ,आखीर कौन करे समाधान!) जीस रस्ते सारी दुनिया जाती तुझे उसी पर जाना है,आंख खोल कर देख बावंरे जगत मुसाफिर खाना है,जी हां आज हम राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ नगर में बने मुक्ति धाम पर नजर डालें तो यह चंद कड़वी सच्चाई दिखाईं देती नजर आईं, कुशलगढ़ में बने मुक्ति धाम में इन दिनों गंदगी का आलम है, मुक्ति धाम पर इन दिनों काफी गंदगी फैली है पर इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है यहां जगह जगह बगुलों का बीट बास मारता है! वहीं विक्रांत भैरव की चौकी भी एक पालिए से ढकी हुई सी लगतीं हैं,और तो और जब अंतिम संस्कार के लिए मुर्दे को अंतिम विश्राम देने वहां भी गंदगी का आलम है, देखना यह होगा कि क्या कौई इस और ध्यान देगा या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा?1
- साइबर ठगों के खिलाफ राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, “ऑपरेशन म्यूल हंटर” में 12 आरोपी गिरफ्तार डूंगरपुर जिले में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है… पुलिस ने 12 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, वहीं 1 नाबालिग को निरुद्ध किया गया है… गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक थार एसयूवी कार, 25 मोबाइल फोन, 50 फर्जी सिम कार्ड, 2 डेबिट कार्ड और 10 हजार रुपये नकद जब्त किए गए हैं… जानकारी के अनुसार ये ठग बेहद शातिर तरीके से सुनसान इलाकों—जैसे जंगल, खंडहर, खेतों के मचान और डेम के टापुओं को अपना ठिकाना बनाकर देशभर के लोगों को निशाना बना रहे थे… पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आसपुर थाना क्षेत्र के सोम कमला आंबा गांव के पास डेम के टापू पर कुछ युवक साइबर ठगी कर रहे हैं… जिस पर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने दबिश देकर सभी आरोपियों को मौके से धर दबोचा… जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर Locanto, Skokka जैसी वेबसाइट्स पर फर्जी विज्ञापन डालते थे… इसके बाद व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए अश्लील फोटो भेजकर लोगों को झांसे में लेते थे… और एडवांस पेमेंट के नाम पर फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर करवाकर ठगी को अंजाम देते थे… पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये युवक मौज-मस्ती और शौक पूरे करने के लिए साइबर अपराध कर रहे थे… इतना ही नहीं, इनके साथ जुड़े नाबालिग भी इस ठगी के गुर सीख रहे थे… अब तक 11 नाबालिगों को भी अलग-अलग मामलों में निरुद्ध किया जा चुका है… पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार आईपीएस के निर्देशन में और साइबर सेल की निगरानी में यह पूरी कार्रवाई की गई… वहीं “ऑपरेशन साइबर हंट” के तहत जिले में अब तक 20 मामलों में 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है… पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं… फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की तैयारी में जुटी हुई है…1
- हेडलाइन- टापू पर 'डिजिटल डाकू, 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' में 12 साइबर ठगों को दबोचा, टापू पर बैठकर चला रहे थे ठगी का नेटवर्क एंकर इंट्रो - राजस्थान में साइबर अपराधियों के बढ़ते ग्राफ को ध्वस्त करने के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन म्युल हंटर के तहत डूंगरपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। डीएसटी, आसपुर व दोवडा थाने की संयुक्त टीम ने आसपुर थाना क्षेत्र के सोम कमला आम्बा डैम के बीच एक सुनसान टापू पर छापा मारकर देशभर में फर्जी एस्कोर्ट सर्विस के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 12 शातिर ठगों को गिरफ्तार करने के साथ एक बाल अपचारी को डिटेन किया है | वही उनके कब्जे से थार कार, 25 स्मार्ट फोन, 50 फर्जी सिम कार्ड, 2 डेबिट कार्ड और 10 हजार रुपए जब्त किये है | बॉडी- डूंगरपुर एसपी ने बताया कि साइबर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि आसपुर थाना क्षेत्र के सोम कमला आम्बा गांव के पास डैम के पेटे में बने एक टापू पर कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। एसपी के निर्देश पर डीएसटी, आसपुर थाना पुलिस व दोवडा थाने की संयुक्त टीमों ने नाव और निजी वाहनों के जरिए घेराबंदी कर दबिश दी, तो टापू पर बबूल के पेड़ों के नीचे बैठकर 10-12 युवक मोबाइल के जरिए लोगों को ठग रहे थे। पुलिस ने घेराडालकर मौके से 13 युवको पकड़ा वही उनके मोबाइल की जाँच की | जिसमे सोशल मीडिया, एप व खातो की डिटेल चेक की गई तो पाया गया कि सभी युवक फर्जी एस्कोर्ट सर्विस का कार्य कर देशभर में लोगो को लडकियों के अश्लील फोटो भेजकर साइबर ठगी को अंजाम देते है और फर्जी खातो में ठगी की राशी ऐठना पाया गया | जिस पर पुलिस ने मौके से आसपुर, साबला और दोवडा क्षेत्र के अलग-अलग गाँवों के नरेश पाटीदार, गणेश पाटीदार, मेहुल सुथार, प्रकाश पाटीदार, विजय, हितेश, तेजपाल, दिनेश, भावेश और मनीष कुल ठगों को गिरफ्तार किया | वही एक बाल अपचारी को डिटेन किया | पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से थार कार, 25 स्मार्ट फोन, 50 फर्जी सिम कार्ड, 2 डेबिट कार्ड और 10 हजार रुपए जब्त किये है | ऐसे देते थे ठगी को अंजाम पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी लोकेंटो, ओक्ल्युट, स्डुको जैसी वेबसाइट्स पर फर्जी 'एस्कॉर्ट सर्विस' के विज्ञापन डालते थे। इसके बाद व्हाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक के माध्यम से अश्लील फोटो भेजकर लोगों को झांसे में लेते थे। झांसे में आए लोगों से 'एडवांस बुकिंग' और अन्य शुल्कों के नाम पर फर्जी बैंक खातों में लाखों-करोड़ों रुपए ठगते थे। वही आरोपी ठगी की राशी का उपयोग अपने मौज शोक पूरा करने के लिए करते थे | बाईट- मनीष कुमार एसपी डूंगरपुर1
- Post by Baba1
- कुशलगढ़ नगर में गोवंश की सेवा को समर्पित आदित्य गौ सेवा समिति एक बार फिर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल बनी। बिना किसी सरकारी सहायता के संचालित इस गौशाला के कार्यकर्ता निरंतर समर्पण भाव से सेवा कार्य में जुटे हैं। जानकारी अनुसार केदारनाथ मंदिर के पीछे स्थित मैदान में एक गौमाता ने प्रसव के दौरान बछड़े को जन्म दिया। खुले मैदान में असहाय स्थिति में पड़ी गाय और नवजात बछड़े की सूचना मिलते ही समिति के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और दोनों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की। समिति के अध्यक्ष भावेश राठौर अपने साथियों के साथ रात करीब 8 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं बछड़े को उठाकर बड़ी सावधानी से गाय को गौशाला पहुंचाया, जहां दोनों की देखभाल शुरू की गई। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए भावुक कर देने वाला रहा। अध्यक्ष भावेश राठौर ने कहा कि गोवंश हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है, उनकी सेवा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि समिति के कार्यकर्ता हर परिस्थिति में सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। घटना ने नगर में एक गंभीर समस्या भी उजागर की है, जहां कई पशुपालक अपने गोवंश को खुले में छोड़ देते हैं, विशेषकर जब वे दुधारू नहीं रहते। इससे गोवंश को कष्ट और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। समिति ने प्रशासन से लापरवाह पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गोवंश संरक्षण की ठोस व्यवस्था की मांग की है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे गोवंश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और उन्हें बेसहारा न छोड़ें। ऐसे में आदित्य गौ सेवा समिति जैसे सेवाभावी संगठन समाज में मानवता और करुणा का संदेश देते हुए उम्मीद की किरण बनकर सामने आ रहे हैं।1