कोटा विधायक संदीप शर्मा ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने सड़क, पानी, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी अपनी दिक्कतें विधायक के समक्ष रखीं। विधायक शर्मा ने कोटा के रामपुरा स्थित श्री मथुराधीश जी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण कार्य को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर निर्माण की फाइल मंत्री स्तर पर भेजी गई थी, जहां से इसे आगे बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विधायक शर्मा ने केडीए अधिकारियों के साथ पहले ही बैठक कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाना है, जिसके तहत मंदिर परिसर में आवास, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उनके अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र आध्यात्मिक रूप से और अधिक सशक्त होगा, जिससे कोटा में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही, विधायक संदीप शर्मा ने कोटा न्यू मेडिकल अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के मामले में दवाइयों की जांच रिपोर्ट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दवा कंपनी के मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। विधायक शर्मा ने जोर दिया कि जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी बताया कि वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संबंधित दवा कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
कोटा विधायक संदीप शर्मा ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने सड़क, पानी, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी अपनी दिक्कतें विधायक के समक्ष रखीं। विधायक शर्मा ने कोटा के रामपुरा स्थित श्री मथुराधीश जी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण कार्य को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर निर्माण की फाइल मंत्री स्तर पर भेजी गई थी, जहां से इसे आगे बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विधायक शर्मा ने केडीए अधिकारियों के साथ पहले ही बैठक कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाना है, जिसके तहत मंदिर परिसर में आवास, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उनके अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र आध्यात्मिक रूप से और अधिक सशक्त होगा, जिससे कोटा में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही, विधायक संदीप शर्मा ने कोटा न्यू मेडिकल अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के मामले में दवाइयों की जांच रिपोर्ट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दवा कंपनी के मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। विधायक शर्मा ने जोर दिया कि जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी बताया कि वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संबंधित दवा कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
- बूंदी जिले के लाखेरी स्थित एसीसी अडाणी सीमेंट फैक्ट्री में लंबे समय से उत्पादन बंद पड़ा है, जिससे नाराज़ होकर स्थानीय लोगों ने अब सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अडाणी ग्रुप एशिया की इस सबसे पुरानी कंपनी को बंद करने की साज़िश रच रहा है। यह फैक्ट्री लाखेरी और आसपास के सैकड़ों गांवों के लिए जीवनरेखा है, और यदि यह बंद होती है तो लाखेरी में कुछ भी नहीं बचेगा। लोगों का कहना है कि सरकार, जो देश ही क्या विदेशों तक में जाकर अडाणी के लिए दलाली करती है, उसे इस स्थिति से कोई फर्क नहीं पड़ता।1
- कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें जांच के लिए कोलकाता भेजे गए दवाओं के नमूनों में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का एक सैंपल फेल पाया गया है। ड्रग कंट्रोल विभाग के अनुसार, जैक्सन लैबोरेट्रीज अमृतसर द्वारा निर्मित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का बैच नंबर 1-7881 अवमानक मिला। इस इंजेक्शन को स्थानीय फर्म राजस्थान मेडिकल ने मेडिकल कॉलेज और जेके लोन अस्पताल को सप्लाई किया था। इस मामले के सामने आते ही विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लगभग 3,500 इंजेक्शन जब्त कर लिए हैं, जबकि यह आशंका जताई जा रही है कि 15 हजार से अधिक इंजेक्शन पहले ही इस्तेमाल किए जा चुके हैं। विभाग अब संबंधित फर्म के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर देवेंद्र गर्ग का कहना है कि अभी केवल इस इंजेक्शन से मौत होने की संभावना नहीं मानी जा रही है, लेकिन पूरे मामले की गहन जांच लगातार जारी है।2
- कोटा शहर इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच एक गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा है, जिससे स्टूडेंट्स और आम नागरिकों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में लगे सार्वजनिक वाटर कूलर या तो खराब पड़े हैं या उनमें पानी ही खत्म हो चुका है, जिसके चलते लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। इस मजबूरी में लोगों को या तो गर्म पानी पीना पड़ रहा है, या फिर प्यास बुझाने के लिए उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इस स्थिति से सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर के स्टूडेंट्स हैं, जिन्हें पानी के लिए लंबा इंतज़ार करते देखा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग की लापरवाही के कारण यह संकट और गहरा गया है, क्योंकि विभाग ने कहीं भी पानी के टैंकर जैसी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है, जिससे लोग पूरे दिन परेशान होते रहे। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आमजन ने प्रशासन से सख्त मांग की है कि पेयजल व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारू किया जाए और शहर में खराब पड़े सभी वाटर कूलरों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए।1
- कोटा के न्यू क्लॉथ मार्केट, गुमानपुरा में एक व्यक्ति ने किराए पर शेरवानी और लहंगा बुक करते एक जोड़े को देखा, जहाँ उन्हें ₹25,000 की शेरवानी मात्र ₹7,000 में और ₹35,000 का लहंगा मात्र ₹10,000 में मिल रहा था। दूल्हा-दुल्हन इस बात से खुश थे, लेकिन इस घटना ने देखने वाले के मन में एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया कि क्या शादी जैसे पवित्र संस्कार में किराए के कपड़े पहनना सही है? वास्तु और ऊर्जा विज्ञान के अनुसार, हर वस्तु का अपना एक आभामंडल (Aura) होता है। जिस लहंगे और शेरवानी को पहले दर्जनों लोग पहन चुके होते हैं, उनकी खुशियां, दुख, तनाव, रिश्तों की ऊर्जा और किस्मत का प्रभाव भी उन वस्त्रों से जुड़ जाता है। यह पोस्ट इस बात पर जोर देती है कि विवाह केवल कपड़ों का दिखावा नहीं है, बल्कि यह दो आत्माओं और दो परिवारों के लिए एक नई ऊर्जा की शुरुआत होती है। इसलिए, यह सलाह दी गई है कि सस्ते के चक्कर में अपनी नई जिंदगी की शुरुआत को खराब न करें। सादगी बनाए रखें, लेकिन शुभता, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा से किसी भी कीमत पर समझौता न करें। यहां तक कि यदि मजबूरी में किराए पर वस्त्र लेने भी पड़ें, तो उनके लिए आवश्यक उपाय अवश्य किए जाने चाहिए। यह जानकारी वास्तु ज्योतिष इंडिया के भग्येश गौतम द्वारा दी गई है।1
- कोटा शहर में इस समय भीषण पेयजल संकट व्याप्त है, जिसके चलते स्टूडेंट और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी के दौरान शहर के कई स्थानों पर लगे वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिसके कारण लोगों को गर्म पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो मौजूद पानी भी खत्म हो गया, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। इस स्थिति से सबसे ज़्यादा परेशानी स्टूडेंट्स को हुई, जो लंबे समय तक पानी का इंतजार करते देखे गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग द्वारा कहीं भी वैकल्पिक पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण लोग पूरे दिन परेशान होते रहे। आमजन ने प्रशासन से जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था को सुचारू करने और खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक करवाने की मांग की है।3
- बारां में आयोजित श्रीराम महायज्ञ के दौरान विधायक प्रमोद जैन भाया ने एक बड़ी सौगात दी।1
- एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ नाबालिग दोस्तों के बीच हुए झगड़े के चलते एक 10 साल के मासूम बच्चे की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद बच्चे के शव को जंगल में फेंक दिया गया। जब शव मिला, तो उसे जंगली जानवरों ने बुरी तरह नोंच डाला था, और उसका सिर तथा धड़ अलग-अलग पाए गए, जो इस भयावह वारदात की क्रूरता को दर्शाते हैं।1
- कोटा के लाड़पुरा निवासी आशु अंसारी ने फैशन की दुनिया में एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए 'रैंप एक्स मिस्टर राजस्थान 2026' का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है। कोटा के अलाजना रिसॉर्ट में आयोजित ग्रूमिंग ग्रैंड फाइनल फैशन मॉडलिंग शो में आशु ने राजस्थानभर से आए अन्य प्रतिभागियों के बीच अपने शानदार रैंप वॉक, आत्मविश्वास और बेहतरीन प्रस्तुति से निर्णायकों का दिल जीता। एवी प्रोडक्शन हाउस और रैंप एक्स राजस्थान द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम 17 से 24 मई तक चला था। आशु अंसारी की इस उपलब्धि से कोटा के युवाओं और मॉडलिंग जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।1
- कोटा शहर इस समय एक भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहा है, जिसके चलते छात्र और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी के दौरान शहर के कई स्थानों पर लगे वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिसके कारण लोगों को गर्म पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो पीने का पानी खत्म हो गया, जिससे लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। इस स्थिति से सबसे ज़्यादा परेशानी छात्रों को हुई, जिन्हें लंबे समय तक पानी का इंतजार करते देखा गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलदाय विभाग द्वारा कहीं भी वैकल्पिक पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोग पूरे दिन परेशान होते रहे। आमजन ने प्रशासन से जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था को सुचारू करने और खराब पड़े वाटर कूलरों को ठीक करवाने की मांग की है।1