मनमानी फीस,ड्रेस और शिक्षा नीतियों को लेकर उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल ने सौंपा ज्ञापन बरेली। उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल ने अध्यक्ष गौरव सक्सेना के नेतृत्व में सत्र 2026-27 में विद्यालयों में लागू की जा रही शिक्षा नीतियों और शुल्क व्यवस्था को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और नियमों के पालन को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018, जो 9 अप्रैल 2018 से लागू है, का उद्देश्य निजी स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाना है। यह अधिनियम ₹20,000 से अधिक वार्षिक फीस वाले स्कूलों पर लागू होता है। वर्ष 2020 के संशोधन में आपातकालीन परिस्थितियों में शुल्क नियंत्रण, मंडलीय अपीलीय प्राधिकरण के गठन और दंड प्रावधानों को और सख्त किया गया है। इसके तहत फीस वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही सीमित रखी जा सकती है। मंडल ने सवाल उठाया कि क्या जनपद के निजी विद्यालय उक्त अधिनियम का पालन कर रहे हैं तथा क्या शुल्क विनियमन समिति का गठन हुआ है। यदि गठन हुआ है तो उसकी निष्पक्षता और निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए ठोस व्यवस्था बनाने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि स्कूलों द्वारा हर साल यूनिफॉर्म और किताबें बदलने पर रोक लगाई जाए तथा पांच वर्ष से पहले ड्रेस में बदलाव के लिए समिति की अनुमति अनिवार्य की जाए। स्कूल छोड़ने पर सुरक्षा राशि को ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर ई-पेमेंट के माध्यम से लौटाने के नियम का पालन कराया जाए। पदाधिकारियों ने यह भी मांग की कि विद्यालयों में नियमों को बड़े अक्षरों में प्रदर्शित किया जाए, ताकि अभिभावक जागरूक हो सकें। साथ ही आर टी ई के तहत हुए प्रवेशों की जानकारी सार्वजनिक करने, प्ले-ग्रुप और किंडरगार्टन स्कूलों की फीस की जांच करने तथा अभिभावकों की शिकायतों को गोपनीय रखते हुए एक सप्ताह में समाधान सुनिश्चित करने की बात कही गई। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई कि किसी भी स्कूल द्वारा अभिभावकों को बंधी दुकान से किताबें या ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस दौरान दिलीप खुराना, चेतन गुजराल, आकाश शर्मा, अमित कंचन, पुनीत अनेजा, रौनक जॉली, नवीन राजपूत, मोहित अग्निहोत्री और शैलेंद्र सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद।
मनमानी फीस,ड्रेस और शिक्षा नीतियों को लेकर उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल ने सौंपा ज्ञापन बरेली। उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल ने अध्यक्ष गौरव सक्सेना के नेतृत्व में सत्र 2026-27 में विद्यालयों में लागू की जा रही शिक्षा नीतियों और शुल्क व्यवस्था को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और नियमों के पालन को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018, जो 9 अप्रैल 2018 से लागू है, का उद्देश्य निजी स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाना है। यह अधिनियम ₹20,000 से अधिक वार्षिक फीस वाले स्कूलों पर लागू होता है। वर्ष 2020 के संशोधन में आपातकालीन परिस्थितियों में शुल्क नियंत्रण, मंडलीय अपीलीय प्राधिकरण के गठन और दंड प्रावधानों को और सख्त किया गया है। इसके तहत फीस वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही सीमित रखी जा सकती है। मंडल ने सवाल उठाया कि क्या जनपद के निजी विद्यालय उक्त अधिनियम का पालन कर रहे हैं तथा क्या शुल्क विनियमन समिति का गठन हुआ है। यदि गठन हुआ है तो उसकी निष्पक्षता और निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए ठोस व्यवस्था बनाने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि स्कूलों द्वारा हर साल यूनिफॉर्म और किताबें बदलने पर रोक लगाई जाए तथा पांच वर्ष से पहले ड्रेस में बदलाव के लिए समिति की अनुमति अनिवार्य की जाए। स्कूल छोड़ने पर सुरक्षा राशि को ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर ई-पेमेंट के माध्यम से लौटाने के नियम का पालन कराया जाए। पदाधिकारियों ने यह भी मांग की कि विद्यालयों में नियमों को बड़े अक्षरों में प्रदर्शित किया जाए, ताकि अभिभावक जागरूक हो सकें। साथ ही आर टी ई के तहत हुए प्रवेशों की जानकारी सार्वजनिक करने, प्ले-ग्रुप और किंडरगार्टन स्कूलों की फीस की जांच करने तथा अभिभावकों की शिकायतों को गोपनीय रखते हुए एक सप्ताह में समाधान सुनिश्चित करने की बात कही गई। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई कि किसी भी स्कूल द्वारा अभिभावकों को बंधी दुकान से किताबें या ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस दौरान दिलीप खुराना, चेतन गुजराल, आकाश शर्मा, अमित कंचन, पुनीत अनेजा, रौनक जॉली, नवीन राजपूत, मोहित अग्निहोत्री और शैलेंद्र सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद।
- बरेली। थाना भमोरा क्षेत्र में मोटरसाइकिल पोल से टकराने के बाद दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। परिजनों ने बताया जिला बदायूं के थाना विनवार क्षेत्र के रहने वाले 25 वर्षीय रोहित शर्मा पुत्र महेंद्र पाल शर्मा मोटरसाइकिल से अपने दोस्त 18 वर्षीय अमित शर्मा पुत्र रामसेवक शर्मा के घर बिशारतगंज आए थे। रात में बिशारतगंज के इफको कालोनी निवासी अमित शर्मा दोस्त रोहित के साथ दोनों देवचरा जाने के लिए बिशारतगंज से मोटरसाइकिल से निकले थे थाना भमोरा क्षेत्र के गांव रमपुरा के पास रेलवे के बने अंडरपास में मोटरसाइकिल पोल से टकरा गई जिसमें दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया डॉक्टर ने दोनों मृत घोषित कर दिया पुलिस ने परिवार वालों को सूचना दी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया रोहित शर्मा की शादी को 5 वर्ष हो गए पत्नी नीता शर्मा और एक बेटा है परिवार में सभी का रो रो कर बुरा हाल है।1
- बरेलीशरीफ़,हाफिज़वकारीशाकिररज़ामठबरेलीशरीफ़, हाफिज़काशिफरज़ामठबरेलीशरीफ़,हाफिज़समीररज़ा मठबरेली1
- कुल शरीफ से हुआ शाहजी रफीकुल औलिया (र •अ•)का उर्स मुकम्मल बरेली। खानकाहे आलिया मोहम्मदिया क़दीरिया रफ़ीक़िया मस्जिद रफीकुल औलिया में 16 वा सलाना उर्स रफीकुल औलिया का उर्स कुल के साथ मुकामल हुआ कुल शरीफ में खानकाहे शाहजी मोहम्मद शेर मियां (र•अ•) के साहिबे सज्जादा हजरत मुन्ने मियां साहब किल्बा पीलीभीत शरीफ से तशरीफ लाए महफ़िल में खानकाह वामीकिया से आये हज़रत असलम मियाँ ने खुसूसी खिताब भी फरमाया व साहिबे सज्जादा हज़रत मोहिब मियाँ ने शाहजी रफीकुल औलिया के पैग़ामात को आम किया । इसके बाद नमाज़ जोहर के बाद कुल शरीफ की महफ़िल सजाई गई । जिसमें हाफ़िज़ सलीम , सय्यद मुहम्मद वसी , मौलाना समी अख्तर रामपुरी , कारी गुलाम यासीन , नौशाद सीतापुरी , कैफ रफीक ने अपनर अपने अंदाज में कलाम पेश किए । कुल शरीफ की महफ़िल में पीलीभीत से आये मौलाना अतीक ने आने खिताब में फरमाया कि शाहजी रफीकुल औलिया ने अपनी ज़िन्दगी अपने पीर की मुहब्बत में वक़्फ़ कर दी । मौलाना अतीक ने शेर में फरमाते हुए कहा तेरे क़दमों में मुक़द्दर से जगह पाई है तेरी निस्बत मुझे दरबार मे ले आई है महफ़िल में कुलशरीफ की फातिहा में सज्जादा नबीराए शाहजी रफीकुल औलिया हज़रत मोहिब मियाँ ने खुसूसी दुआए फरमाई । इस मौके पर नायब सज्जादा हज़रत फय्यूख अहमद , शहज़ादए शाहजी हसीन अहमद , व दूर दराज से आये हाफिज शायर उलेमा आदि मौजूद रहे । कुल की महफ़िल में जनाब फैजी मुमताज ,जनाब जुनैद रफीकी ,जनाब फैजान रफीकी जनाब नन्ने भाई ,जनाब नबी हसन, जनाब इरशाद रफीकी अली रफीकी वा शाहजी मियां के हज़ारों चाहने वालों ने शिरकत की और अपनी अपनी मुरादें हासिल की ।1
- Post by भूपेंद्र शर्मा1
- Post by Abhinay Rastogi1
- बरेली: चेकिंग के दौरान अवैध तमंचा व कारतूस सहित एक अभियुक्त गिरफ्तार बरेली से कविता मौर्य की रिपोर्ट1
- बरेली में 6 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म, पुलिस ने FIR दर्जकर बुजुर्ग को किया गिरफ्तार बरेली :जिले के भुता थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग पर 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप लगा है. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग पर करीब 15 दिन पहले बच्ची को खंडहरनुमा मकान में ले जाकर दुष्कर्म करने का आरोप है. प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने मीडिया को बताया कि गुरुवार को पुलिस ने क्षेत्र के उदयपुर के पास से आरोपी (82) को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म भी स्वीकार कर लिया है. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बच्ची पर गलत नजर रखता था और वह मौके की तलाश में था. करीब 15 दिन पहले उसने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने खंडहरनुमा मकान में लेकर गया, जहां उसने दुष्कर्म किया. पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपी बुजुर्ग बच्ची को अपने साथ ले जा रहा था, इस दौरान युवक ने पीछा कर पूरी घटना का वीडियो बना लिया. घटना का खुलासा तब हुआ, जब बच्ची के पिता ने मोबाइल में घटना का वीडियो देखा. जिसके बाद पीड़ित बच्ची के परिजनों के बुजुर्ग के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मुकदमा दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है. घटना 31 मार्च की बताई जा रही है पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 65 (2), 351 (2), बीएनए की धारा 2023 एवं 5m/6 पॉस्को एक्ट, 67 आईटी एक्ट में मुकदमा दर्जकर आरोपी को कोर्ट के सामने पेश किया है, जहां से आरोपी को जेल भेजा जाएगा.1
- बरेली। उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल ने अध्यक्ष गौरव सक्सेना के नेतृत्व में सत्र 2026-27 में विद्यालयों में लागू की जा रही शिक्षा नीतियों और शुल्क व्यवस्था को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और नियमों के पालन को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018, जो 9 अप्रैल 2018 से लागू है, का उद्देश्य निजी स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाना है। यह अधिनियम ₹20,000 से अधिक वार्षिक फीस वाले स्कूलों पर लागू होता है। वर्ष 2020 के संशोधन में आपातकालीन परिस्थितियों में शुल्क नियंत्रण, मंडलीय अपीलीय प्राधिकरण के गठन और दंड प्रावधानों को और सख्त किया गया है। इसके तहत फीस वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही सीमित रखी जा सकती है। मंडल ने सवाल उठाया कि क्या जनपद के निजी विद्यालय उक्त अधिनियम का पालन कर रहे हैं तथा क्या शुल्क विनियमन समिति का गठन हुआ है। यदि गठन हुआ है तो उसकी निष्पक्षता और निरीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए ठोस व्यवस्था बनाने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि स्कूलों द्वारा हर साल यूनिफॉर्म और किताबें बदलने पर रोक लगाई जाए तथा पांच वर्ष से पहले ड्रेस में बदलाव के लिए समिति की अनुमति अनिवार्य की जाए। स्कूल छोड़ने पर सुरक्षा राशि को ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर ई-पेमेंट के माध्यम से लौटाने के नियम का पालन कराया जाए। पदाधिकारियों ने यह भी मांग की कि विद्यालयों में नियमों को बड़े अक्षरों में प्रदर्शित किया जाए, ताकि अभिभावक जागरूक हो सकें। साथ ही आर टी ई के तहत हुए प्रवेशों की जानकारी सार्वजनिक करने, प्ले-ग्रुप और किंडरगार्टन स्कूलों की फीस की जांच करने तथा अभिभावकों की शिकायतों को गोपनीय रखते हुए एक सप्ताह में समाधान सुनिश्चित करने की बात कही गई। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई कि किसी भी स्कूल द्वारा अभिभावकों को बंधी दुकान से किताबें या ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस दौरान दिलीप खुराना, चेतन गुजराल, आकाश शर्मा, अमित कंचन, पुनीत अनेजा, रौनक जॉली, नवीन राजपूत, मोहित अग्निहोत्री और शैलेंद्र सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद।1