सिसई : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्या आशा लकड़ा ने सुनी जन समस्या आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा हेतु दिये कई दिशा निर्देश सिसई (गुमला)। प्रखंड मुख्यालय सभागार में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या आशा लकड़ा ने की जन सुनवाई। इस अहम बैठक में सीओ अशोक बड़ाईक, बीडीओ रमेश कुमार यादव, जिप सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी सहित सभी पंचायत के जनप्रतिनिधि एवं सिसई व पुसो थाना प्रभारी और जेएसएलपीएस के महिला समूह तथा प्रखंड व अंचल कर्मी मौजूद थे। वहीं अनुसूचित जनजाति समुदाय के आम नागरिक अपने अपने क्षेत्र के समस्याओं को लेकर इस बैठक में मजूद थे। बैठक से पहले प्रखंड परिसर में स्थित ललित उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बैठक के दौरान अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों ने गैर कानूनी तरीके से जमीन का हस्तांतरण एवं जमीन जिहाद, सड़क, पेयजल एवं शहीद तेलंगा खड़िया आवास सहित विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। जिसे सुनने के बाद सभी शिकायतों का राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को कहा। और उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी सभी समस्याओं का निवारण होगा। इस विषय पर संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश भी दिए गए। आशा लकड़ा ने अनुसूचित समुदाय के हक व अधिकार की बात करते हुए कहा कि यह आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 (क) के तहत कार्यरत है। जिसके तहत यदि किसी आदिवासी की जमीन कोई गैर आदिवासी द्वारा ले लिया जाता है तो आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं यदि कोई गैर आदिवासी किसी आदिवासी व्यक्ति या उसके परिवार के साथ मारपीट करता है या जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करता है तो आयोग में शिकायत करें तत्काल इसपर सुनवाई होगी। आदिवासी समुदाय यू टचिंग का केस हो तो बेझिझक शिकायत आयोग में कर सकते हैं। उन्होंने धरती आबा जन जातीय उत्कर्ष अभियान के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि गुमला क्षेत्र में लाह की खेती बहुत होती है स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि लाह से चूड़ी बनाने के रोजगार से जुड़ें और एक अच्छी आमदनी का सृजन करें। और अंत में उन्होंने कहा कि सरना कोई जाति नहीं है यह एक पूजा स्थल है जहां आदिवासी समुदाय पूजा करने के लिए जाते हैं इसलिए आदिवासी समुदाय खुद को सरना कहना बंद करें वे सिर्फ अनुसूचित जनजाति के हैं खुद को गर्व के साथ उरांव, खड़िया, मुंडा इत्यादि कह सकते हैं।
सिसई : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्या आशा लकड़ा ने सुनी जन समस्या आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा हेतु दिये कई दिशा निर्देश सिसई (गुमला)। प्रखंड मुख्यालय सभागार में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या आशा लकड़ा ने की जन सुनवाई। इस अहम बैठक में सीओ अशोक बड़ाईक, बीडीओ रमेश कुमार यादव, जिप सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी सहित सभी पंचायत के जनप्रतिनिधि एवं सिसई व पुसो थाना प्रभारी और जेएसएलपीएस के महिला समूह तथा प्रखंड व अंचल कर्मी मौजूद थे। वहीं अनुसूचित जनजाति समुदाय के आम नागरिक अपने अपने क्षेत्र के समस्याओं को लेकर इस बैठक में मजूद
थे। बैठक से पहले प्रखंड परिसर में स्थित ललित उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बैठक के दौरान अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों ने गैर कानूनी तरीके से जमीन का हस्तांतरण एवं जमीन जिहाद, सड़क, पेयजल एवं शहीद तेलंगा खड़िया आवास सहित विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। जिसे सुनने के बाद सभी शिकायतों का राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को कहा। और उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी सभी समस्याओं का निवारण होगा। इस विषय पर संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश भी दिए गए। आशा लकड़ा ने अनुसूचित समुदाय के हक व
अधिकार की बात करते हुए कहा कि यह आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 (क) के तहत कार्यरत है। जिसके तहत यदि किसी आदिवासी की जमीन कोई गैर आदिवासी द्वारा ले लिया जाता है तो आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं यदि कोई गैर आदिवासी किसी आदिवासी व्यक्ति या उसके परिवार के साथ मारपीट करता है या जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करता है तो आयोग में शिकायत करें तत्काल इसपर सुनवाई होगी। आदिवासी समुदाय यू टचिंग का केस हो तो बेझिझक शिकायत आयोग में कर सकते हैं। उन्होंने धरती आबा जन जातीय उत्कर्ष
अभियान के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि गुमला क्षेत्र में लाह की खेती बहुत होती है स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि लाह से चूड़ी बनाने के रोजगार से जुड़ें और एक अच्छी आमदनी का सृजन करें। और अंत में उन्होंने कहा कि सरना कोई जाति नहीं है यह एक पूजा स्थल है जहां आदिवासी समुदाय पूजा करने के लिए जाते हैं इसलिए आदिवासी समुदाय खुद को सरना कहना बंद करें वे सिर्फ अनुसूचित जनजाति के हैं खुद को गर्व के साथ उरांव, खड़िया, मुंडा इत्यादि कह सकते हैं।
- सिसई (गुमला)। सिसई में केंद्रीय महावीर मंडल के द्वारा रामनवमी पर भव्य जुलूस निकाला गया। प्रखंड क्षेत्र के कुदरा, भदौली, गुरगांव, पोटरो, सकरौली सहित विभिन्न गावों के महावीर अखाड़ों ने महावीरी झण्डा लेकर सिसई के थाना रोड स्थित शिव मंंदिर के प्रांगण में झण्डा मिलान किया। तत्पश्चात केंद्रीय महावीर मंडल के अध्यक्ष संदीप गुप्ता, तेजमोहन साहु व विहिप बजरंग दल के अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, आशीष यादव की अगुवाई में विभिन्न मार्गों से होते हुए सतासिली रामनवमी मैदान पहुंचे। वहीं प्रखंड क्षेत्र के लगभग 40 अखाड़ों की टीम अपने अपने महावीरी झंडों के साथ रामनवमी मैदान में एकत्रित हुए और झंडा मिलान किया। जुलूस के दौरान सभी रामभक्त जय श्री राम, जय श्री हनुमान व हर हर महादेव के जयघोष करते आगे बढ़ रहे थे।पुरा क्षेत्र जय श्री राम के नाम से गुंजायमान था। रामनवमी मैदान पहुँचने पर सतासिली महावीर मंडली ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, पुलिस प्रशासन के अधिकारी सहित सभी अखाड़ा प्रमुखों को अंगवस्त्र व बेच पहनाकर जोरदार स्वागत किया। पूरे प्रखंड क्षेत्र से हज़ारों की संख्या में लोग रामनवमी मैदान में आयोजित मेले में जुलूस देखने पहुंचे थे। मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष किरण बाड़ा, विशिष्ट अतिथि जिप सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी, हिन्दू जागरण के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, आशीष यादव, आनंद साहु,पंसस बरगांव रेखा देवी, बरगांव दक्षिणी मुखिया शोभा देवी, अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक, प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव, थाना प्रभारी नीरज कुमार, एसआई आशीष कुमार, भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय महतो, चरवा उरांव, लक्ष्मी यादव, पूर्व सांसद प्रतिनिधि निरंजन सिंह, सहित कई पदाधिकारीगण व गणमान्य लोग मंच पर मंचासीन थे। *मुख्य आकर्षण :* सिसई के मातृ शक्ति दुर्गा वाहिनी की कन्याओं द्वारा बाइक रैली निकाली गयी जहाँ उन्होंने नारी शक्ति का परिचय देते हुए अपनी मौजूदगी दर्ज करायी जो लोगों में आकर्षण का केंद्र बना रहा। यह रैली सिसई मेन रोड से होते हुए सतासिली रामनवमी मैदान पहुंचकर अपनी नारी शक्ति का प्रदर्शन किया। वहीं बरगांव के बच्चों द्वारा राम,सीता, लक्ष्मण, हनुमान व बानर सेना के झांकी का प्रदर्शन भी किया जा रहा था जो एक और आकर्षण का केंद्र रहा। मैदान में सभी अखाड़ों ने अपने अपने अस्त्रों के साथ कला का प्रदर्शन करते नजर आये जिसे देखने के लिए हज़ारों की संख्या में लोग की भीड़ जुटि हुई थी। मुख्य अतिथि ने मेले में मौजूद सभी भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि रामनवमी का पर्व हम सभी सरना सनातनी प्रभु श्रीराम जी का जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं क्योंकि आज के ही दिन चैत्र शुक्ल पक्ष के नवमी को प्रभु श्रीराम जी का जन्म हुआ था। उन्होंने सभी लोगों से सौहार्दपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने की अपील की। और मेले में उपस्थित सभी लोगों को रामनवमी की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय महावीर मंडल के नेतृत्व में जुलूस देर रात भदौली कुदरा दुर्गा मंडप के प्रांगण में पहुंचा जहाँ पुनः विभिन्न अखाड़ों द्वारा अपने अपने अस्त्रों के साथ कला प्रदर्शन किया गया। केंद्रीय महावीर मंडल, विहिप बजरंग दल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर सफलतापूर्वक जुलूस संपन्न कराया। कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। इस दौरान असमाजिक तत्वों से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गए थे। सभी मार्गों में पुलिस बल के अतिरिक्त जवान तैनात थे वहीं ड्रोन कैमरे के द्वारा विशेष नजर रखी जा रही थी। सीओ ,बीडीओ द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पल पल का जायजा लिया जा रहा था। केंद्रीय महावीर मंडल सिसई व सतासिली महावीर मंडली ने शांतिपूर्ण तरीके से रामनवमी जुलूस संपन्न कराने के लिए प्रशासन को दिल से धन्यवाद किया।4
- सिसई प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की शाम को अचानक आए आंधी तूफान से भारी नुकसान हुआ हैं। प्रखंड के विभिन्न गांवों में विशाल पेड़ गिर गए हैं। जिससे बिजली का तार टूट कर छतीग्रस्त हो गया है जिससे बिजली बाधित हो गया हैं।1
- गुमला शहर के बड़ाइक मोहल्ले में रामनवमी जुलूस के दौरान चाकूबाजी की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। आपसी विवाद में हुए हमले में एक युवक के पेट में चाकू घोंप दिया गया, जो उसके पेट में ही फंसा रह गया। गंभीर हालत में उसे तत्काल सदर अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार, बडाइक मोहल्ला की एक गली में कुछ लोगों के बीच आपसी विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और चाकूबाजी की घटना घटित हो गई। हमले में बढ़ाइक मोहल्ला निवासी अमित कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गुमला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि घायल युवक ने हमलावर की पहचान कर ली है, जो उसी मोहल्ले का रहने वाला है। हालांकि, चाकूबाजी की असली वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है, जबकि घायल युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।1
- Post by AAM JANATA1
- Post by Jharkhand local news1
- Post by Niraj kumar Sahu3
- ब्रेकिंग न्यूज़: शाम 6 बजे भीषण सड़क हादसा, घटना का वीडियो आया सामने, 28 March 2026 Tati mode Near Kuru Lohardaga आज शाम लगभग 6:00 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा होने की खबर सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना काफी भीषण थी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।4
- सिसई (गुमला)। प्रखंड मुख्यालय सभागार में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या आशा लकड़ा ने की जन सुनवाई। इस अहम बैठक में सीओ अशोक बड़ाईक, बीडीओ रमेश कुमार यादव, जिप सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी सहित सभी पंचायत के जनप्रतिनिधि एवं सिसई व पुसो थाना प्रभारी और जेएसएलपीएस के महिला समूह तथा प्रखंड व अंचल कर्मी मौजूद थे। वहीं अनुसूचित जनजाति समुदाय के आम नागरिक अपने अपने क्षेत्र के समस्याओं को लेकर इस बैठक में मजूद थे। बैठक से पहले प्रखंड परिसर में स्थित ललित उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बैठक के दौरान अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों ने गैर कानूनी तरीके से जमीन का हस्तांतरण एवं जमीन जिहाद, सड़क, पेयजल एवं शहीद तेलंगा खड़िया आवास सहित विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। जिसे सुनने के बाद सभी शिकायतों का राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को कहा। और उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी सभी समस्याओं का निवारण होगा। इस विषय पर संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा निर्देश भी दिए गए। आशा लकड़ा ने अनुसूचित समुदाय के हक व अधिकार की बात करते हुए कहा कि यह आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 (क) के तहत कार्यरत है। जिसके तहत यदि किसी आदिवासी की जमीन कोई गैर आदिवासी द्वारा ले लिया जाता है तो आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं यदि कोई गैर आदिवासी किसी आदिवासी व्यक्ति या उसके परिवार के साथ मारपीट करता है या जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज करता है तो आयोग में शिकायत करें तत्काल इसपर सुनवाई होगी। आदिवासी समुदाय यू टचिंग का केस हो तो बेझिझक शिकायत आयोग में कर सकते हैं। उन्होंने धरती आबा जन जातीय उत्कर्ष अभियान के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि गुमला क्षेत्र में लाह की खेती बहुत होती है स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि लाह से चूड़ी बनाने के रोजगार से जुड़ें और एक अच्छी आमदनी का सृजन करें। और अंत में उन्होंने कहा कि सरना कोई जाति नहीं है यह एक पूजा स्थल है जहां आदिवासी समुदाय पूजा करने के लिए जाते हैं इसलिए आदिवासी समुदाय खुद को सरना कहना बंद करें वे सिर्फ अनुसूचित जनजाति के हैं खुद को गर्व के साथ उरांव, खड़िया, मुंडा इत्यादि कह सकते हैं।4