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देहरादून के पटेल नगर थाना क्षेत्र में मुख्य सड़क पर एक गरीब व्यक्ति की कार में कथित तौर पर आग लगा दी गई। इस घटना के सामने आने के बाद से ही पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। हालांकि, इस पूरी घटना को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान सामने आना बाकी है।
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देहरादून के पटेल नगर थाना क्षेत्र में मुख्य सड़क पर एक गरीब व्यक्ति की कार में कथित तौर पर आग लगा दी गई। इस घटना के सामने आने के बाद से ही पुलिस की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। हालांकि, इस पूरी घटना को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान सामने आना बाकी है।
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- अगर आपसे कोई यह सवाल पूछे कि बीजेपी ने आखिर क्या किया है, तो उन्हें जवाब के तौर पर यह वीडियो भेजने के लिए कहा गया है।1
- उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट द्वारा दिए गए बयान को लेकर कड़ा विरोध जताया गया है। कहा गया है कि उनके इस बयान ने देश की नौजवान छात्राओं की भावनाओं को गहराई से आहत किया है।1
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- राजस्थान के बाड़मेर में जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर अपनी मांगों को लेकर आंबाराम मेघवाल पिछले 54 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन से लगातार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। आंबाराम मेघवाल ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। लंबे समय से चल रहे इस धरने ने स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का ध्यान आकर्षित किया है, और अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।1
- असम में लगातार हो रही भारी बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस भीषण आपदा के कारण 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और कई गाँव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। हालात को देखते हुए हजारों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बाढ़ के पानी से सड़कें, पुल और बड़े पैमाने पर खेती की जमीन जलमग्न हो गई है, जिससे यातायात और कृषि को भारी नुकसान पहुँचा है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस तबाही में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। जमीनी स्तर पर प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मुस्तैदी से राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं, हालांकि कई जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँचना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।1