अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन में नागौर पुलिस ने 13 माह पुराने एक ब्लाइंड मर्डर का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस मामले में आरोपी पति ने अपनी पत्नी की निर्मम हत्या को आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस टीम के बेहतर समन्वय, फील्ड इंटेलिजेंस, असाधारण आसूचना संकलन और तकनीकी अनुसंधान की बदौलत यह सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी पति चंद्रिका साहनी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 08 अप्रैल 2025 की रात की है, जब आरोपी ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी थी। आरोपी ने अपनी पत्नी के अवैध संबंधों की आशंका के चलते इस वारदात को अंजाम दिया और फिर पुलिस व परिजनों को गुमराह करने के लिए मृतका के शरीर को साड़ी से छत के पंखे से लटककर आत्महत्या करने जैसा दिखावा किया। इस संबंध में, 09 अप्रैल 2025 को आरोपी चंद्रिका सहनी के पुत्र मिथुन कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह अपने माता-पिता चंद्रिका और गिरजा देवी के साथ बंसल चूना भट्टा पर मजदूरी करता है। घटना वाली रात उसके माता-पिता कमरे में सो रहे थे और वह बाहर था। सुबह करीब 3-4 बजे, उनके मौसा ने पिता का बंद दरवाजा खटखटाया, तब उसकी माता गिरजा देवी की लाश कमरे में फर्श पर पड़ी थी। पिता ने उनसे कहा था कि रात में गिरजा देवी ने छत के पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी और उन्होंने ही उसे नीचे उतारा था। छत के पंखे से मां की साड़ी का फंदा लटक रहा था। चूना भट्टा के मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी और जिला अस्पताल खींवसर की मोर्चरी में रिपोर्ट पेश की गई, जहां से पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा। इस संबंध में थाना खींवसर में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। लगभग 13 माह बाद, 07 अप्रैल 2026 को, अजमेर रेंज, अजमेर के महानिरीक्षक पुलिस, श्री राजेंद्र सिंह ने नागौर वृत्त के वार्षिक निरीक्षण के दौरान थाना खींवसर में लंबित मर्गों की गहन जांच के निर्देश दिए। इन निर्देशों के अनुपालन में, सहायक पुलिस अधीक्षक जतिन जैन और प्रोबेशनरी आईपीएस व थानाधिकारी खींवसर सुश्री अदिति उपाध्याय ने लंबित मर्गों का गहनता से विश्लेषण किया। मर्ग संख्या 5/2025 के विश्लेषण के दौरान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट से यह पुष्टि हुई कि मृतका गिरजा देवी की गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस खुलासे के बाद, मामले को हत्या का मानते हुए प्रकरण संख्या 136/2026, धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। पुलिस ने मृतका के संदिग्ध आरोपी पति को पकड़ने के लिए एक टीम गुजरात के राजकोट भेजी, जहां से उसे दस्तयाब कर लाया गया और गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, आरोपी चंद्रिका सहनी, पुत्र लक्षनदेव, जाति मल्हार, उम्र 45 साल, निवासी हरका मनशाही, पुलिस थाना मिनापुर, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार ने अपनी पत्नी गिरजा देवी के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने की आशंका के चलते 08 अप्रैल 2025 की रात को गहरी नींद में सो रही अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या करना स्वीकार किया। उसने यह भी बताया कि परिवार और पुलिस को कोई शक न हो, इसके लिए उसने मृतका की साड़ी को कमरे में लगे छत के पंखे से लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप दिया था। पुलिस ने आरोपी पति चंद्रिका सहनी को गिरफ्तार कर लिया है, और इस प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान व पूछताछ जारी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन में नागौर पुलिस ने 13 माह पुराने एक ब्लाइंड मर्डर का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस मामले में आरोपी पति ने अपनी पत्नी की निर्मम हत्या को आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस टीम के बेहतर समन्वय, फील्ड इंटेलिजेंस, असाधारण आसूचना संकलन और तकनीकी अनुसंधान की बदौलत यह सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी पति चंद्रिका साहनी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 08 अप्रैल 2025 की रात की है, जब आरोपी ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी थी। आरोपी ने अपनी पत्नी के अवैध संबंधों की आशंका के चलते इस वारदात को अंजाम दिया और फिर पुलिस व परिजनों को गुमराह करने के लिए मृतका के शरीर को साड़ी से छत के पंखे से लटककर आत्महत्या करने जैसा दिखावा किया। इस संबंध में, 09 अप्रैल 2025 को आरोपी चंद्रिका सहनी के पुत्र मिथुन कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह अपने माता-पिता चंद्रिका और गिरजा देवी के साथ बंसल चूना भट्टा पर मजदूरी करता है। घटना वाली रात उसके माता-पिता कमरे में सो रहे थे और वह बाहर था। सुबह करीब 3-4 बजे, उनके मौसा ने पिता का बंद दरवाजा खटखटाया, तब उसकी माता गिरजा देवी की लाश कमरे में फर्श पर पड़ी थी। पिता ने उनसे कहा था कि रात में गिरजा देवी ने छत के पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी और उन्होंने ही उसे नीचे उतारा था। छत के पंखे से मां की साड़ी का फंदा लटक रहा था। चूना भट्टा के मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी और जिला अस्पताल खींवसर की मोर्चरी में रिपोर्ट पेश की गई, जहां से पुलिस ने पोस्टमार्टम
करवाकर शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा। इस संबंध में थाना खींवसर में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। लगभग 13 माह बाद, 07 अप्रैल 2026 को, अजमेर रेंज, अजमेर के महानिरीक्षक पुलिस, श्री राजेंद्र सिंह ने नागौर वृत्त के वार्षिक निरीक्षण के दौरान थाना खींवसर में लंबित मर्गों की गहन जांच के निर्देश दिए। इन निर्देशों के अनुपालन में, सहायक पुलिस अधीक्षक जतिन जैन और प्रोबेशनरी आईपीएस व थानाधिकारी खींवसर सुश्री अदिति उपाध्याय ने लंबित मर्गों का गहनता से विश्लेषण किया। मर्ग संख्या 5/2025 के विश्लेषण के दौरान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट से यह पुष्टि हुई कि मृतका गिरजा देवी की गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस खुलासे के बाद, मामले को हत्या का मानते हुए प्रकरण संख्या 136/2026, धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। पुलिस ने मृतका के संदिग्ध आरोपी पति को पकड़ने के लिए एक टीम गुजरात के राजकोट भेजी, जहां से उसे दस्तयाब कर लाया गया और गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, आरोपी चंद्रिका सहनी, पुत्र लक्षनदेव, जाति मल्हार, उम्र 45 साल, निवासी हरका मनशाही, पुलिस थाना मिनापुर, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार ने अपनी पत्नी गिरजा देवी के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने की आशंका के चलते 08 अप्रैल 2025 की रात को गहरी नींद में सो रही अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या करना स्वीकार किया। उसने यह भी बताया कि परिवार और पुलिस को कोई शक न हो, इसके लिए उसने मृतका की साड़ी को कमरे में लगे छत के पंखे से लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप दिया था। पुलिस ने आरोपी पति चंद्रिका सहनी को गिरफ्तार कर लिया है, और इस प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान व पूछताछ जारी है।
- नागौर पुलिस ने ASP नागौर, आशाराम चौधरी के निर्देशन में चलाए जा रहे 'नशा मुक्त नागौर' अभियान के तहत नशे के सौदागरों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में अपराधियों द्वारा नशा बेचकर अर्जित की गई संपत्ति को NDPS एक्ट की धारा 68 एफ के तहत पुलिस ने फ्रीज कर दिया है, जिसे 'वज्र प्रहार' बताया गया है। पांचौड़ी निवासी रामस्वरूप बिश्नोई, जो अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्त का बड़ा तस्कर है, उसकी काली कमाई से चावण्डिया गांव में बने एक आलीशान मकान और एक बड़े हॉल को फ्रीज किया गया है। फ्रीज की गई इस संपत्ति की बाजार कीमत लगभग 37 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी और उसके साथियों के पास से काले रंग के प्लास्टिक के कुल 51 कट्टों में 801 किलो 600 ग्राम डोडा पोस्त पहले ही बरामद किया जा चुका है। आरोपी ने यह मकान एवं हॉल अपनी माता के नाम करवा रखा था। थानाधिकारी पांचौड़ी की प्रभावी पैरवी के बाद, सक्षम प्राधिकारी दिल्ली द्वारा संपत्ति फ्रीज करने के आदेश को कंफर्म कर दिया गया। नागौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि समाज को नशा बेचकर खोखला करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। यह पांचौड़ी पुलिस टीम की एक शानदार कार्रवाई मानी जा रही है।3
- डीडवाना-कुचामन क्षेत्र में एक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों को लंबित आपराधिक मामलों का त्वरित निस्तारण करने और अपराधियों के प्रति सख्ती बरतने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।1
- रियां बड़ी की निकटवर्ती ग्राम पंचायत कोड के कोड़िया गांव में बुधवार दोपहर हाई वोल्टेज विद्युत प्रवाह के कारण हुए शॉर्ट सर्किट से एक किसान के खेत में बने छप्पर में भीषण आग लग गई। इस हादसे में प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 8.50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। किसान विक्रम सिंह के खेत स्थित कुएं पर बने कच्चे छप्पर के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन में अचानक तेज वोल्टेज आने से शॉर्ट सर्किट हुआ। इससे निकली चिंगारियों ने छप्पर को चपेट में ले लिया और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने से छप्पर के नीचे खड़ा एक ट्रैक्टर, लगभग 50 फव्वारा पाइप, 15 फव्वारे, मूंगफली के बीज, डीएपी खाद के कट्टे और चारा काटने की मशीन सहित कृषि कार्य में उपयोग आने वाला अन्य सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, जिसके बाद काफी मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों की तत्परता से आग को आसपास के खेतों और क्षेत्रों में फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में अचानक हाई वोल्टेज आने के कारण कई घरों में लगे फ्रिज, कूलर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे गांव में व्यापक आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। हल्का पटवारी की प्रारंभिक रिपोर्ट में इस घटना से करीब 8.50 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से घटना की जांच करवाकर प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और विद्युत व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। घटना के बाद ग्रामीणों में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और बिजली व्यवस्था के रखरखाव को लेकर गहरी नाराजगी देखी गई।2
- बिहार की राजधानी पटना में चर्चित शिक्षक खान सर की कोचिंग के बाहर फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। इस घटना में कई राउंड फायरिंग की गई, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया। फायरिंग के बाद छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घायल गार्ड को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और पुलिस हमलावरों की तलाश में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। खान सर ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी कोचिंग में अन्य संस्थानों की तुलना में काफी कम फीस ली जाती है, जिससे कुछ कोचिंग संचालक नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराने की वजह से कुछ कोचिंग सेंटरों के हित प्रभावित हो रहे हैं, और इसी कारण उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। खान सर ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों को सस्ती और बेहतर शिक्षा मिलने से परेशान हैं और इसी वजह से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह और खान सर द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।1
- ये होते पोलीस वालो की दादागिरी ये है पर श्वसन तर मी लगाने वाला कार्टून1
- पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुई गोलीबारी से इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना में कोचिंग संस्थान का एक सिक्योरिटी गार्ड घायल हो गया है, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोलीबारी की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुँचकर मामले की जाँच में जुट गई हैं। इस बीच, खान सर ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील भी की है। इस घटना ने छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- राजस्थान सरकार के निर्देश पर संचालित 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत, नागौर के सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने जिले के मीडिया प्रतिनिधियों के लिए पारंपरिक जल स्रोतों और जल संरक्षण स्थलों का फील्ड भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य आमजन तक जल संरक्षण के महत्व, पारंपरिक जल स्रोतों की उपयोगिता और जल संवर्धन के सफल स्थानीय मॉडलों की जानकारी पहुंचाना था। भ्रमण के दौरान, मीडिया प्रतिनिधियों ने जिले के विभिन्न तालाबों, सरोवरों और नर्सरी का अवलोकन किया, साथ ही ग्रामीणों और अधिकारियों से संवाद कर जल संरक्षण की व्यवस्थाओं, जल की उपलब्धता और उसके उपयोग संबंधी जानकारी जुटाई। फील्ड भ्रमण की शुरुआत गोगेलाव स्थित ऐतिहासिक गोगामेड़ी तालाब से हुई। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 20 मीटर गहरा यह विशाल जलग्रहण क्षेत्र वाला तालाब आसपास के गांवों के लिए वर्षभर पेयजल की जरूरतों को पूरा करता है। इसकी विशिष्टता यह है कि इसमें कोई मशीनरी या पाइपलाइन का उपयोग नहीं होता, बल्कि ग्रामीण महिलाएं आज भी मटकों और पारंपरिक साधनों से जल लेकर जाती हैं, जो स्थानीय समुदाय की जल स्रोत के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। इसके बाद, मीडिया ने गोगेलाव नर्सरी का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्हें पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व से अवगत कराया गया। नर्सरी में खेजड़ी, नीम और पीपल सहित विभिन्न पौधों का अवलोकन कर जल संरक्षण और हरित आवरण के पूरक संबंध को समझाया गया। भ्रमण के अगले चरण में रोल के कासोलाई सरोवर का अवलोकन किया गया, जिसे ग्रामीणों ने लगभग 15 गांवों और 12 हजार की आबादी के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत बताया। सरोवर के तट पर स्थित धार्मिक स्थलों के कारण यह क्षेत्र सामाजिक एवं सांस्कृतिक रूप से भी अहम है। इसके पश्चात, डेह क्षेत्र के नौसर तालाब का निरीक्षण किया गया, जो आसपास के 13 गांवों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करता है। तालाब की संरचना, जलग्रहण क्षेत्र और जल संचयन क्षमता ने प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। भ्रमण के अंतिम चरण में जायल क्षेत्र के कठौती सरोवर का दौरा किया गया, जो ग्रामीणों के अनुसार आसपास के लगभग 20 गांवों के लिए वर्षभर जल उपलब्ध कराता है। यहाँ जल संरक्षण की पारंपरिक व्यवस्थाओं और स्थानीय समुदाय की सहभागिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस फील्ड भ्रमण के दौरान, मीडिया प्रतिनिधियों ने जल संरक्षण से जुड़े स्थानीय प्रयासों, पारंपरिक जल स्रोतों की उपयोगिता और सामुदायिक सहभागिता के विभिन्न आयामों को समझा। इस अभियान के तहत यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है। यह फील्ड भ्रमण जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मनीष जैन के नेतृत्व में हुआ, जिसमें नागौर ब्लॉक के विकास अधिकारी अमित चौधरी, जायल के विकास अधिकारी महावीर प्रसाद, सरपंच मनफूल सिंह डिडेल, सूचना केंद्र के घनश्याम मुंडेल और सूचना सहायक राकेश भादू ने योगदान दिया।4
- रियांबड़ी के कोडिया गांव में बुधवार, 3 जून 2026 की दोपहर को एक किसान के खेत में विद्युत लाइन के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस भीषण आगजनी में किसान विक्रम सिंह पुत्र सोन सिंह को कुल 8 लाख 41 हजार रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जिसमें उनका ट्रैक्टर सहित कई महत्वपूर्ण कृषि उपकरण और सामग्री जलकर राख हो गए। तेज हवा के कारण आग खेत में तेजी से फैली, जिसने कृषि उपकरणों और अन्य सामान को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। इन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घटना के बाद, हल्का पटवारी महिपाल चोयल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एक पंचनामा तैयार कर नुकसान का आकलन किया। मौका रिपोर्ट और पंचनामा के अनुसार, खेत में खड़ा मेसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर (आरजे-21 आर एन-5889) पूरी तरह जल गया, जिसकी अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, कृषि पाइप लाइन को 25 हजार रुपये, 10 एचपी मोटर को 50 हजार रुपये, स्प्रिंकलर सामग्री को 32 हजार रुपये, डीएपी खाद के कट्टों को 14 हजार रुपये, चारे को 20 हजार रुपये और अन्य कृषि सामग्री को 1 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। प्रभावित किसान विक्रम सिंह ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है, वहीं ग्रामीणों ने भी पीड़ित किसान को राहत दिलाने की अपील की है।1