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ये होते पोलीस वालो की दादागिरी ये है पर श्वसन तर मी लगाने वाला कार्टून
Lucky Sen
ये होते पोलीस वालो की दादागिरी ये है पर श्वसन तर मी लगाने वाला कार्टून
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- छत्तरगढ़ सत्तासर क्षेत्र में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पिछले तीन माह से अपने मानदेय के भुगतान में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष न्यूज़ रिपोर्टर उदावत देवीसिंह की खबर के मुताबिक, इन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बीते तीन महीनों से मानदेय के 'लाले' पड़े हुए हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।1
- राजस्थान सरकार के निर्देश पर संचालित 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत, नागौर के सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने जिले के मीडिया प्रतिनिधियों के लिए पारंपरिक जल स्रोतों और जल संरक्षण स्थलों का फील्ड भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य आमजन तक जल संरक्षण के महत्व, पारंपरिक जल स्रोतों की उपयोगिता और जल संवर्धन के सफल स्थानीय मॉडलों की जानकारी पहुंचाना था। भ्रमण के दौरान, मीडिया प्रतिनिधियों ने जिले के विभिन्न तालाबों, सरोवरों और नर्सरी का अवलोकन किया, साथ ही ग्रामीणों और अधिकारियों से संवाद कर जल संरक्षण की व्यवस्थाओं, जल की उपलब्धता और उसके उपयोग संबंधी जानकारी जुटाई। फील्ड भ्रमण की शुरुआत गोगेलाव स्थित ऐतिहासिक गोगामेड़ी तालाब से हुई। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 20 मीटर गहरा यह विशाल जलग्रहण क्षेत्र वाला तालाब आसपास के गांवों के लिए वर्षभर पेयजल की जरूरतों को पूरा करता है। इसकी विशिष्टता यह है कि इसमें कोई मशीनरी या पाइपलाइन का उपयोग नहीं होता, बल्कि ग्रामीण महिलाएं आज भी मटकों और पारंपरिक साधनों से जल लेकर जाती हैं, जो स्थानीय समुदाय की जल स्रोत के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। इसके बाद, मीडिया ने गोगेलाव नर्सरी का भी भ्रमण किया, जहाँ उन्हें पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व से अवगत कराया गया। नर्सरी में खेजड़ी, नीम और पीपल सहित विभिन्न पौधों का अवलोकन कर जल संरक्षण और हरित आवरण के पूरक संबंध को समझाया गया। भ्रमण के अगले चरण में रोल के कासोलाई सरोवर का अवलोकन किया गया, जिसे ग्रामीणों ने लगभग 15 गांवों और 12 हजार की आबादी के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत बताया। सरोवर के तट पर स्थित धार्मिक स्थलों के कारण यह क्षेत्र सामाजिक एवं सांस्कृतिक रूप से भी अहम है। इसके पश्चात, डेह क्षेत्र के नौसर तालाब का निरीक्षण किया गया, जो आसपास के 13 गांवों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करता है। तालाब की संरचना, जलग्रहण क्षेत्र और जल संचयन क्षमता ने प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। भ्रमण के अंतिम चरण में जायल क्षेत्र के कठौती सरोवर का दौरा किया गया, जो ग्रामीणों के अनुसार आसपास के लगभग 20 गांवों के लिए वर्षभर जल उपलब्ध कराता है। यहाँ जल संरक्षण की पारंपरिक व्यवस्थाओं और स्थानीय समुदाय की सहभागिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस फील्ड भ्रमण के दौरान, मीडिया प्रतिनिधियों ने जल संरक्षण से जुड़े स्थानीय प्रयासों, पारंपरिक जल स्रोतों की उपयोगिता और सामुदायिक सहभागिता के विभिन्न आयामों को समझा। इस अभियान के तहत यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है। यह फील्ड भ्रमण जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मनीष जैन के नेतृत्व में हुआ, जिसमें नागौर ब्लॉक के विकास अधिकारी अमित चौधरी, जायल के विकास अधिकारी महावीर प्रसाद, सरपंच मनफूल सिंह डिडेल, सूचना केंद्र के घनश्याम मुंडेल और सूचना सहायक राकेश भादू ने योगदान दिया।4
- राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में स्थित अनूपगढ़ के एक वृद्ध आश्रम के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके एक विशेष हिंदी गाना तैयार किया गया है। यह गाना वृद्ध आश्रम, अनूपगढ़ के उद्देश्य से बनाया गया है। वृद्ध आश्रम की ओर से एक निवेदन किया गया है, जिसमें लोगों से इस गाने को अधिक से अधिक साझा करने, इस पर अपनी टिप्पणी देने और उनके पेज को फॉलो करने का आग्रह किया गया है। अधिक जानकारी या संपर्क के लिए 9672185366 नंबर उपलब्ध कराया गया है।1
- सीकर के नेछवा में गर्मी के मौसम के दौरान बाज़ार की स्थिति को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है।1
- सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी सुनार भाइयों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि जरा सी चूक से कोई भी दुर्घटना घट सकती है। इस संदेश में वर्तमान समय को 'कलिकाल' बताते हुए कहा गया है कि जहाँ पहले ग्राहक को देवता समान माना जाता था, वहीं अब वे दानवों जैसा व्यवहार करने लगे हैं। इसलिए, सुनार भाइयों को लगातार सतर्क रहने और अपनी नजर न हटाने के लिए आगाह किया गया है।1
- डीडवाना-कुचामन क्षेत्र में एक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों को लंबित आपराधिक मामलों का त्वरित निस्तारण करने और अपराधियों के प्रति सख्ती बरतने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।1
- पत्रकार देवी सिंह उदावत छत्तरगढ़ सत्तासर क्षेत्र से विशेष समाचार प्रस्तुत करते हैं।1
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन में नागौर पुलिस ने 13 माह पुराने एक ब्लाइंड मर्डर का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस मामले में आरोपी पति ने अपनी पत्नी की निर्मम हत्या को आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस टीम के बेहतर समन्वय, फील्ड इंटेलिजेंस, असाधारण आसूचना संकलन और तकनीकी अनुसंधान की बदौलत यह सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी पति चंद्रिका साहनी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 08 अप्रैल 2025 की रात की है, जब आरोपी ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी थी। आरोपी ने अपनी पत्नी के अवैध संबंधों की आशंका के चलते इस वारदात को अंजाम दिया और फिर पुलिस व परिजनों को गुमराह करने के लिए मृतका के शरीर को साड़ी से छत के पंखे से लटककर आत्महत्या करने जैसा दिखावा किया। इस संबंध में, 09 अप्रैल 2025 को आरोपी चंद्रिका सहनी के पुत्र मिथुन कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह अपने माता-पिता चंद्रिका और गिरजा देवी के साथ बंसल चूना भट्टा पर मजदूरी करता है। घटना वाली रात उसके माता-पिता कमरे में सो रहे थे और वह बाहर था। सुबह करीब 3-4 बजे, उनके मौसा ने पिता का बंद दरवाजा खटखटाया, तब उसकी माता गिरजा देवी की लाश कमरे में फर्श पर पड़ी थी। पिता ने उनसे कहा था कि रात में गिरजा देवी ने छत के पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी और उन्होंने ही उसे नीचे उतारा था। छत के पंखे से मां की साड़ी का फंदा लटक रहा था। चूना भट्टा के मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी और जिला अस्पताल खींवसर की मोर्चरी में रिपोर्ट पेश की गई, जहां से पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा। इस संबंध में थाना खींवसर में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। लगभग 13 माह बाद, 07 अप्रैल 2026 को, अजमेर रेंज, अजमेर के महानिरीक्षक पुलिस, श्री राजेंद्र सिंह ने नागौर वृत्त के वार्षिक निरीक्षण के दौरान थाना खींवसर में लंबित मर्गों की गहन जांच के निर्देश दिए। इन निर्देशों के अनुपालन में, सहायक पुलिस अधीक्षक जतिन जैन और प्रोबेशनरी आईपीएस व थानाधिकारी खींवसर सुश्री अदिति उपाध्याय ने लंबित मर्गों का गहनता से विश्लेषण किया। मर्ग संख्या 5/2025 के विश्लेषण के दौरान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट से यह पुष्टि हुई कि मृतका गिरजा देवी की गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस खुलासे के बाद, मामले को हत्या का मानते हुए प्रकरण संख्या 136/2026, धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया। पुलिस ने मृतका के संदिग्ध आरोपी पति को पकड़ने के लिए एक टीम गुजरात के राजकोट भेजी, जहां से उसे दस्तयाब कर लाया गया और गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान, आरोपी चंद्रिका सहनी, पुत्र लक्षनदेव, जाति मल्हार, उम्र 45 साल, निवासी हरका मनशाही, पुलिस थाना मिनापुर, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार ने अपनी पत्नी गिरजा देवी के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने की आशंका के चलते 08 अप्रैल 2025 की रात को गहरी नींद में सो रही अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या करना स्वीकार किया। उसने यह भी बताया कि परिवार और पुलिस को कोई शक न हो, इसके लिए उसने मृतका की साड़ी को कमरे में लगे छत के पंखे से लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप दिया था। पुलिस ने आरोपी पति चंद्रिका सहनी को गिरफ्तार कर लिया है, और इस प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान व पूछताछ जारी है।2
- “डीजल बचाओ अभियान” को लेकर एक गंभीर विसंगति की ओर ध्यान दिलाया गया है। बताया गया है कि इस अभियान में सबसे बड़ा 'सहयोग' नेताओं का है, क्योंकि उन्हें मुफ्त में डीजल उपलब्ध कराया जाता है। इसके विपरीत, आम जनता-जनार्दन को डीजल खरीदने के लिए अपना पैसा चुकाना पड़ता है। यह स्थिति इस अभियान की सार्थकता और नेताओं की भागीदारी पर सवाल खड़े करती है।1