प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के अंतर्गत मेजा रोड, नगर पंचायत सिरसा और रामनगर बाजार सहित विभिन्न इलाकों में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। इस पावन रथयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के जयकारे लगाए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई इस यात्रा में आकर्षक ढंग से सजे रथ पर भगवान विराजमान थे। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए और ढोल-नगाड़ों व बैंड-बाजे की धुन पर नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। मार्ग में कई जगह लोगों ने आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और प्रसाद व शीतल पेयजल की व्यवस्था की। रथयात्रा की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। नगर पंचायत सिरसा के चौकी प्रभारी प्रभाकर शुक्ला अपने पुलिस दल के साथ लगातार निगरानी करते रहे। प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और पूरी यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इस धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ से क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। आयोजन की सफलता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने रथयात्रा समिति के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और पुलिस प्रशासन के सक्रिय सहयोग की जमकर सराहना की।
प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के अंतर्गत मेजा रोड, नगर पंचायत सिरसा और रामनगर बाजार सहित विभिन्न इलाकों में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। इस पावन रथयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के जयकारे लगाए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई इस यात्रा में आकर्षक ढंग से
सजे रथ पर भगवान विराजमान थे। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए और ढोल-नगाड़ों व बैंड-बाजे की धुन पर नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। मार्ग में कई जगह लोगों ने आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और प्रसाद व शीतल पेयजल की व्यवस्था की। रथयात्रा की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। नगर पंचायत सिरसा के चौकी प्रभारी प्रभाकर शुक्ला अपने पुलिस दल के साथ लगातार निगरानी करते रहे। प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़
वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और पूरी यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इस धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ से क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। आयोजन की सफलता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने रथयात्रा समिति के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और पुलिस प्रशासन के सक्रिय सहयोग की जमकर सराहना की।
- उत्तर प्रदेश में आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासनिक शिकंजा लगातार कसता जा रहा है, जिससे राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को अवैध घोषित कर दिया है और प्रबंधन को इन निर्माणों को खुद हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है। इस अवधि के बाद प्रशासन द्वारा बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही, लोक निर्माण विभाग ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी के भीतर से गुजरने वाली 3 किलोमीटर लंबी सड़क को सार्वजनिक मार्ग घोषित कर दिया है। इस प्रशासनिक कार्रवाई ने उत्तर प्रदेश का सियासी पारा बेहद चढ़ा दिया है। समाजवादी पार्टी इसे बदले की राजनीति और सीधे तौर पर आजम खान को निशाना बनाने की कार्रवाई करार दे रही है। सपा का तर्क है कि इस तरह की कार्रवाई से यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले हजारों गरीब और पिछड़े छात्रों का भविष्य संकट में पड़ सकता है। समाजवादी पार्टी ने यह सवाल भी उठाया है कि अगर बिना नक्शे के किया गया निर्माण अवैध है, तो फिर सत्ताधारी दल से जुड़े शिक्षण संस्थानों की इसी तरह जांच क्यों नहीं की जाती। उधर, ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यूनिवर्सिटी पर केवल इसलिए कार्रवाई की जा रही है क्योंकि इसे आजम खान ने बनवाया है। हालांकि, इन आरोपों के बीच प्रशासन का साफ कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और जांच के दौरान ही 38 इमारतें बिना स्वीकृत नक्शे के पाई गई हैं। इन तमाम राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की एक अलग ही टेंशन खड़ी हो गई है। अखिलेश यादव के सामने दोहरी मुसीबत है; अगर वे खुलकर आजम खान का समर्थन करते हैं तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उन पर हावी हो सकती है। वहीं, दूसरी तरफ अगर वे इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप रहते हैं, तो कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के उन आरोपों की पुष्टि हो जाएगी जिसमें उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव मुसलमानों के मुद्दों पर लड़ाई नहीं लड़ते हैं।1
- कमिश्नरेट प्रयागराज के थाना सिविल लाइन्स पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहाँ पुलिस टीम ने काफी समय से वांछित चल रहे एक अभियुक्त ओम प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मुखबिर की सटीक सूचना पर की है। पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।1
- कौशाम्बी के सिराथू ब्लॉक अंतर्गत शमसाबाद बाजार में गुरुवार 16 जुलाई को समर्थ किसान पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर नारियल, धूप, दीप और गंगाजल से पूजन कर और लड्डू बांटकर कार्यालय की शुरुआत की गई। कार्यालय उद्घाटन के मौके पर मौजूद लोगों ने 'समर्थ किसान पार्टी जिंदाबाद' के नारे लगाए और खुशी जताई। इस दौरान कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता भी ली और समर्थ किसान पार्टी में शामिल हुए। कार्यालय का उद्घाटन करते हुए अजय सोनी ने बताया कि प्रत्येक माह की 15 तारीख को दोपहर 11 बजे से सकिपा की ग्राम मासिक बैठक इसी कार्यालय में आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर कई लोगों ने शमसाबाद बाजार से आसपास के शहरों में आवागमन के लिए कोई परिवहन सुविधा न होने की समस्या उठाई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी नेता अजय सोनी ने कहा कि शमसाबाद बाजार जिले का एक महत्वपूर्ण बाजार है और पीतल नगरी के नाम से प्रसिद्ध है। उन्होंने मांग की कि शमसाबाद बाजार से प्रयागराज और कानपुर के लिए रोडवेज बस सेवा चालू कराई जानी चाहिए। इस नए कार्यालय का प्रभारी श्रीराम प्रसाद कसेरा को बनाया गया है। उद्घाटन के अवसर पर अजय सोनी ने सभी को कार्यालय खोले जाने की बधाई दी और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस मौके पर पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राजेश यादव, बच्चालाल सोनी, वासुदेव कसेरा, सीताराम कसेरा, सुरेश चंद्र कसेरा, गुलाब कसेरा, रंजीत कसेरा और राकेश कसेरा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।1
- प्रयागराज के शाहगंज स्थित भगवान श्री आनंद बिहारी विराजमान राधा-कृष्ण मंदिर से गुरुवार को भगवान जगन्नाथ प्रभु की भव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। इस रथयात्रा का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसका नेतृत्व मंदिर के पुश्तैनी पुजारी पंडित दिगंबर प्रसाद त्रिपाठी ने किया। सुसज्जित रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। यह भव्य शोभायात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, शाहगंज, जॉनसेनगंज चौराहा, घंटाघर, फल मंडी, कोतवाली, ठठेरी बाजार और सब्जी मंडी से गुजरते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे यात्रा मार्ग के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए, उन पर पुष्पवर्षा की और 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। यात्रा में बज रहे सुमधुर भजनों, बैंड-बाजे और धार्मिक धुनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस रथयात्रा का आयोजन संयोजक महेंद्र चौरसिया के नेतृत्व में किया गया, जिसमें सीताराम जी, गौरी शंकर वर्मा, शरद राठौर, ओम प्रकाश चौरसिया, बिरजू सोनकर, आनंद बिहारी त्रिपाठी, बृज बिहारी, श्याम बिहारी, जय सिंह राठौर, दिनेश शेरवानी, कंचन साहू, पंकज शुक्ला, शेखर अवस्थी, रमेश सिंह, सनी सिंह, सुशील साहू और केशव देव सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। रथयात्रा के समापन के बाद रात के समय मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जो पुश्तैनी पुजारी पंडित दिगंबर प्रसाद त्रिपाठी के निर्देशन में विधिवत संपन्न हुआ।4
- कौशांबी में नया बस स्टैंड के पास पाता रोड स्थित राधिका हॉस्पिटल पर मरीजों के साथ धोखाधड़ी और भ्रामक प्रचार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह अस्पताल अपने कार्ड पर आईसीयू (ICU), 24x7 इमरजेंसी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं होने का बड़ा-बड़ा दावा करता है, लेकिन मौके पर ऐसी कोई भी सुविधा मौजूद नहीं है। अस्पताल के इन भ्रामक दावों को देखकर ग्रामीण और गरीब तबके के लोग इलाज के लिए यहां खिंचे चले आते हैं, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर न तो कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मिलता है और न ही कार्ड में लिखी अन्य सुविधाएं। गंभीर मरीजों को बिना इलाज के ही दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है और इलाज के नाम पर मोटी रकम भी वसूली जा रही है। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में मरीजों के साथ होने वाली किसी भी लापरवाही का सबूत मिटाने के लिए प्रबंधन ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को भी जानबूझकर खराब करवा दिया है ताकि जांच एजेंसियों को कोई सुराग न मिल सके। स्थानीय लोगों ने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन, रिन्यूअल और मानकों को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि जिले में सक्रिय अवैध अस्पतालों के दलालों की शह पर यह अस्पताल बिना किसी मानक के धड़ल्ले से चल रहा है। खबर सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अब तक इस पर कोई जांच शुरू नहीं की है। पीड़ितों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कौशांबी के जिलाधिकारी और सीएमओ से अस्पताल के रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों की डिग्री और स्टाफ की योग्यता का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि मानक पूरे न होने की स्थिति में अस्पताल को तुरंत सील कर संचालकों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाए। फिलहाल इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन या सीएमओ कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के अंतर्गत मेजा रोड, नगर पंचायत सिरसा और रामनगर बाजार सहित विभिन्न इलाकों में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। इस पावन रथयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के जयकारे लगाए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई इस यात्रा में आकर्षक ढंग से सजे रथ पर भगवान विराजमान थे। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए और ढोल-नगाड़ों व बैंड-बाजे की धुन पर नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। मार्ग में कई जगह लोगों ने आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और प्रसाद व शीतल पेयजल की व्यवस्था की। रथयात्रा की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। नगर पंचायत सिरसा के चौकी प्रभारी प्रभाकर शुक्ला अपने पुलिस दल के साथ लगातार निगरानी करते रहे। प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और पूरी यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इस धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ से क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। आयोजन की सफलता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने रथयात्रा समिति के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और पुलिस प्रशासन के सक्रिय सहयोग की जमकर सराहना की।3
- मध्यप्रदेश के छतरपुर से आंदोलन की एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां केन-बेतवा नदी-जोड़ो परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। भारत में अपनी तरह की यह पहली परियोजना वैसे तो पानी की कमी वाले क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है, लेकिन इसके निर्माण के कारण बड़े पैमाने पर जमीन और जंगल पानी में डूब रहे हैं, जिसका सीधा असर वहां के स्थानीय निवासियों पर पड़ रहा है। इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा पन्ना टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है, जिससे बाघों के प्राकृतिक आवास और जंगल के नष्ट होने का भारी खतरा मंडरा रहा है। इसी वजह से स्थानीय लोग न केवल अपनी जमीन, बल्कि पर्यावरण और जंगल को बचाने के लिए लगातार गुहार लगा रहे हैं। हकीकत तो यह है कि इन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सबसे भारी कीमत अक्सर उन गरीब और हाशिए पर रहने वाले आदिवासियों को चुकानी पड़ती है, जिनका पूरा जीवन जल, जंगल और जमीन पर ही निर्भर होता है। जब-जब विकास के नाम पर जंगलों पर संकट लाया गया है, तब-तब इन्हें बचाने के लिए हमेशा आदिवासी ही अगुवा बनकर सामने आए हैं।1
- प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र के जगदीश मेंदी में पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों के जानलेवा हमले का शिकार हुआ एक मजदूर दंपति अब उनके खौफ के कारण अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहाँ रहने को मजबूर है। धारदार हथियार, रॉड और कुल्हाड़ी से हुए इस प्राणघातक हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पीड़ित दंपति को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिसके चलते पीड़ित दंपति ने घर से पलायन कर दिया है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई ठोस कदम न उठाए जाने से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जगदीश मेंदी निवासी वीरेंद्र कुमार (पुत्र राम आधार) घर पर रहकर मजदूरी का काम करता है। बीते 23 जून को पुरानी रंजिश के चलते विपक्षियों ने वीरेंद्र और उसकी पत्नी गीता देवी पर घर में घुसकर धारदार हथियार, रॉड और कुल्हाड़ी से हमला कर उन्हें बेहोश कर दिया था। इस हमले में दंपति को तीन जगह से फ्रैक्चर हुए थे और वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ एक सप्ताह से अधिक समय तक चले इलाज और ऑपरेशन के बाद उनकी जान बच सकी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी अक्षय कुमार (पुत्र रामेश्वर प्रसाद) और अजय सिंह (पुत्र मुनेश्वर प्रसाद) के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने, जानलेवा हमला करने और बेहोश करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दबंगों के हौसले बुलंद हैं और वे दंपति को लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस अधिकारियों से भी गुहार लगा चुका है, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी डर की वजह से पीड़ित दंपति ने अपना घर छोड़ दिया है और रिश्तेदारों के यहाँ शरण ली है।1