नीट पेपर लीक के विरोध में सोनम वांगचुक ने 28 जून से जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक अनशन किया। इस दौरान हज़ारों छात्र सड़कों पर उतरे। मांग थी कि पेपर लीक की सीबीआई जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और छात्रों के भविष्य की गारंटी दी जाए। कई फिल्म स्टार भी इस अनशन में शामिल हुए। बीच में कुछ अपराधी और राजनीतिक तत्वों ने भी अपनी रोटियाँ सेंकीं। 26वें दिन, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से बातचीत हुई। इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और अनशन टूट गया। सरकार ने लिखित आश्वासन दिए कि छात्रों पर एफआईआर नहीं होगी, पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होगी। लेकिन सवाल अभी भी बाकी हैं: क्या सीबीआई जांच होगी? क्या दोषी बड़े गिरोह तक पहुँचेंगे? क्या अगली परीक्षाओं में पारदर्शिता आएगी? या फिर ये सब सिर्फ headlines तक सीमित रहेगा? हर साल लाखों छात्र, करोड़ों की फीस, माँ-बाप की उम्मीदें—एक लीक से सब दांव पर लग जाती हैं। न्याय सिर्फ बयानों से नहीं, कार्रवाई से मिलता है। अब सवाल यह है कि क्या इस अनशन का असर हुआ या यह सिर्फ शोर था? आपकी राय कमेंट में शेयर करें और वीडियो शेयर करें, ताकि आवाज़ दबे नहीं। जय भारत माता! छात्रों के भविष्य के लिए सरकार झुकी है, अब सरकार से निवेदन है कि दोषियों को शीघ्र सजा दे।
नीट पेपर लीक के विरोध में सोनम वांगचुक ने 28 जून से जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक अनशन किया। इस दौरान हज़ारों छात्र सड़कों पर उतरे। मांग थी कि पेपर लीक की सीबीआई जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और छात्रों के भविष्य की गारंटी दी जाए। कई फिल्म स्टार भी इस अनशन में शामिल हुए। बीच में कुछ अपराधी और राजनीतिक तत्वों ने भी अपनी रोटियाँ सेंकीं। 26वें दिन, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से बातचीत हुई। इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और अनशन टूट गया। सरकार ने लिखित आश्वासन दिए कि छात्रों पर एफआईआर नहीं होगी, पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होगी। लेकिन सवाल अभी भी बाकी हैं: क्या सीबीआई जांच होगी? क्या दोषी बड़े गिरोह तक पहुँचेंगे? क्या अगली परीक्षाओं में पारदर्शिता आएगी? या फिर ये सब सिर्फ headlines तक सीमित रहेगा? हर साल लाखों छात्र, करोड़ों की फीस, माँ-बाप की उम्मीदें—एक लीक से सब दांव पर लग जाती हैं। न्याय सिर्फ बयानों से नहीं, कार्रवाई से मिलता है। अब सवाल यह है कि क्या इस अनशन का असर हुआ या यह सिर्फ शोर था? आपकी राय कमेंट में शेयर करें और वीडियो शेयर करें, ताकि आवाज़ दबे नहीं। जय भारत माता! छात्रों के भविष्य के लिए सरकार झुकी है, अब सरकार से निवेदन है कि दोषियों को शीघ्र सजा दे।
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट दिल्ली जिले के सरस्वती विहार उप-जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन की संभावना पर स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी पार्टी अपने रास्ते पर ही चलेगी। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों में एआईएमआईएम और समाजवादी पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा। अखिलेश के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच सकती है, क्योंकि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही थीं।1
- तेलंगाना के हैदराबाद से बड़ी संख्या में पत्रकार दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे और भारत सरकार से अपनी मुख्य मांगे रखीं। पत्रकारों का यह समूह अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता है। इस समूह में शामिल पत्रकारों ने केंद्र सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगे रखीं, हालांकि स्रोत में यह नहीं बताया गया है कि ये मांगे क्या हैं। पत्रकारों का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और उन्होंने अपनी बात रखने के लिए जंतर मंतर को मंच के तौर पर चुना।1
- देश के युवाओं ने एकजुट होकर आवाज़ उठाई और नतीजा यह हुआ कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा। अब E20 के मुद्दे पर भी हमें एक होकर आवाज़ उठानी होगी। इस शनिवार को 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20' आयोजित किया जा रहा है, जिसमें शामिल होकर आप E20 पर अपनी बात रख सकते हैं। आप इसमें ऑनलाइन भी शामिल हो सकते हैं। आप सभी का आमंत्रण है। जैसा कि पहले देखा गया, युवाओं की एकजुटता और आवाज़ का असर होता है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा इसी का नतीजा है। अब E20 के मुद्दे पर भी हमें उसी तरह एकजुट होकर आवाज़ उठानी होगी।1
- अगर आप सच्चे देशवासी हैं तो बीजेकेएस ज्वाइन करें और इस अभियान का हिस्सा बनिए। इसके लिए आपको केवल एक वॉट्सऐप मैसेज भेजना है जिसमें लिखा हो 'बीजेकेएस ज्वाइन likhe'। यह मैसेज भेजकर आप इस अभियान से जुड़ सकते हैं। यह आह्वान जयहिन्द के साथ किया गया है। यह अभियान मध्य दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में विशेष रूप से प्रचारित किया जा रहा है।1
- दिल्ली के बुलंदशहर में सावन माह की कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस यात्रा के लिए जनपद को व्यवस्थित ढंग से 5 सुपर जोन, 19 जोन और 59 सेक्टरों में बांटा गया है। इस विभाजन का उद्देश्य यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को सुनिश्चित करना है।1
- नीट पेपर लीक के विरोध में सोनम वांगचुक ने 28 जून से जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक अनशन किया। इस दौरान हज़ारों छात्र सड़कों पर उतरे। मांग थी कि पेपर लीक की सीबीआई जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और छात्रों के भविष्य की गारंटी दी जाए। कई फिल्म स्टार भी इस अनशन में शामिल हुए। बीच में कुछ अपराधी और राजनीतिक तत्वों ने भी अपनी रोटियाँ सेंकीं। 26वें दिन, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से बातचीत हुई। इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और अनशन टूट गया। सरकार ने लिखित आश्वासन दिए कि छात्रों पर एफआईआर नहीं होगी, पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होगी। लेकिन सवाल अभी भी बाकी हैं: क्या सीबीआई जांच होगी? क्या दोषी बड़े गिरोह तक पहुँचेंगे? क्या अगली परीक्षाओं में पारदर्शिता आएगी? या फिर ये सब सिर्फ headlines तक सीमित रहेगा? हर साल लाखों छात्र, करोड़ों की फीस, माँ-बाप की उम्मीदें—एक लीक से सब दांव पर लग जाती हैं। न्याय सिर्फ बयानों से नहीं, कार्रवाई से मिलता है। अब सवाल यह है कि क्या इस अनशन का असर हुआ या यह सिर्फ शोर था? आपकी राय कमेंट में शेयर करें और वीडियो शेयर करें, ताकि आवाज़ दबे नहीं। जय भारत माता! छात्रों के भविष्य के लिए सरकार झुकी है, अब सरकार से निवेदन है कि दोषियों को शीघ्र सजा दे।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर हैदराबाद तेलंगाना से आए लोग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली आए हैं और जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए हैं। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि उनकी मांगों को पूरा करने के लिए वे यहां आए हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे। उनकी मांगों में क्या शामिल है, इस बारे में प्रदर्शनकारी लोगों ने बताया कि वे अपनी मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों की मांग कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी मांगों की विस्तृत सूची नहीं दी है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है और अभी तक किसी तरह की कोई हिंसा या अशांति की सूचना नहीं है।1
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर-हमीरपुर सीमा पर बाबा बालक नाथ मंदिर के पास रात को एक बस दुर्घटना हुई है। इस दुर्घटना पर दुख जताया गया है। महा सचिव मोहिंद्र सिंह डोगरा ने बताया कि इस बस दुर्घटना में बिलासपुर सेवक सभा पं० दिल्ली सभी घायलों के जल्द ठीक होने तथा मृतकों के लिए मोक्ष की कामना करती है।1