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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट दिल्ली जिले के सरस्वती विहार उप-जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन की संभावना पर स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी पार्टी अपने रास्ते पर ही चलेगी। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों में एआईएमआईएम और समाजवादी पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा। अखिलेश के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच सकती है, क्योंकि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही थीं।
BHARAT TODAY NEWS
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट दिल्ली जिले के सरस्वती विहार उप-जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन की संभावना पर स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी पार्टी अपने रास्ते पर ही चलेगी। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों में एआईएमआईएम और समाजवादी पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा। अखिलेश के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच सकती है, क्योंकि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही थीं।
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- पूर्व DGP मैथली शरण गुप्त और पूर्व DGP अनिल प्रथम के बीच एक महत्वपूर्ण बातचीत दिल्ली के सिविल लाइंस में आयोजित की गई। इस बातचीत का आयोजन मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी विनय श्रीवास्तव ने करवाया। इस मुलाकात का उद्देश्य और विषय के बारे में स्रोत में विस्तार से नहीं बताया गया है, इसलिए इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती।1
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट दिल्ली जिले के सरस्वती विहार उप-जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने एआईएमआईएम के साथ गठबंधन की संभावना पर स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी पार्टी अपने रास्ते पर ही चलेगी। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि आगामी चुनावों में एआईएमआईएम और समाजवादी पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं होगा। अखिलेश के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच सकती है, क्योंकि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही थीं।1
- देश के युवाओं ने एकजुट होकर आवाज़ उठाई और नतीजा यह हुआ कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा। अब E20 के मुद्दे पर भी हमें एक होकर आवाज़ उठानी होगी। इस शनिवार को 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20' आयोजित किया जा रहा है, जिसमें शामिल होकर आप E20 पर अपनी बात रख सकते हैं। आप इसमें ऑनलाइन भी शामिल हो सकते हैं। आप सभी का आमंत्रण है। जैसा कि पहले देखा गया, युवाओं की एकजुटता और आवाज़ का असर होता है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा इसी का नतीजा है। अब E20 के मुद्दे पर भी हमें उसी तरह एकजुट होकर आवाज़ उठानी होगी।1
- गुजरात के राजकोट में एक बड़ी घटना घटी जब दुबई से मुंबई आ रही इंडिगो फ्लाइट को आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। इस फ्लाइट में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इस घटना के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को आवश्यक सहायता प्रदान की गई।1
- अगर आप सच्चे देशवासी हैं तो बीजेकेएस ज्वाइन करें और इस अभियान का हिस्सा बनिए। इसके लिए आपको केवल एक वॉट्सऐप मैसेज भेजना है जिसमें लिखा हो 'बीजेकेएस ज्वाइन likhe'। यह मैसेज भेजकर आप इस अभियान से जुड़ सकते हैं। यह आह्वान जयहिन्द के साथ किया गया है। यह अभियान मध्य दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में विशेष रूप से प्रचारित किया जा रहा है।1
- नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस जनता पार्टी के धरने और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बाद पूरे देश में हलचल मच गई। जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे। सरकार के विरोध में प्रदर्शन तेज़ हुआ और आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग मान ली गई। इस फैसले के बाद देशभर में जश्न का माहौल बन गया। दिल्ली के मंगोलपुरी में भी इसी तरह से जश्न मनाया गया। आम आदमी पार्टी ने इस जीत पर मंगोलपुरी में एक रैली निकाली। रैली में शामिल लोगों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया और छात्रों की आवाज को बुलंद करने के लिए एकजुटता दिखाई। जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में लाठियां भी बरसीं, लेकिन लोगों का हौसला नहीं डिगा। सोनम वांगचुक के समर्थन में लोगों ने भूख हड़ताल भी की, जो इस आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लंबे समय से चल रही थी और छात्रों तथा उनके समर्थकों ने इस मांग को लेकर सड़कों पर उतरना जारी रखा। आखिरकार, सरकार को झुकना पड़ा और मंत्री के इस्तीफे की मांग मान ली गई। इस घटना ने एक बार फिर से छात्र आंदोलन की ताकत को उजागर कर दिया और दिल्ली की राजनीति में हलचल मचा दी।1
- नीट पेपर लीक के विरोध में सोनम वांगचुक ने 28 जून से जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक अनशन किया। इस दौरान हज़ारों छात्र सड़कों पर उतरे। मांग थी कि पेपर लीक की सीबीआई जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और छात्रों के भविष्य की गारंटी दी जाए। कई फिल्म स्टार भी इस अनशन में शामिल हुए। बीच में कुछ अपराधी और राजनीतिक तत्वों ने भी अपनी रोटियाँ सेंकीं। 26वें दिन, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से बातचीत हुई। इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और अनशन टूट गया। सरकार ने लिखित आश्वासन दिए कि छात्रों पर एफआईआर नहीं होगी, पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होगी। लेकिन सवाल अभी भी बाकी हैं: क्या सीबीआई जांच होगी? क्या दोषी बड़े गिरोह तक पहुँचेंगे? क्या अगली परीक्षाओं में पारदर्शिता आएगी? या फिर ये सब सिर्फ headlines तक सीमित रहेगा? हर साल लाखों छात्र, करोड़ों की फीस, माँ-बाप की उम्मीदें—एक लीक से सब दांव पर लग जाती हैं। न्याय सिर्फ बयानों से नहीं, कार्रवाई से मिलता है। अब सवाल यह है कि क्या इस अनशन का असर हुआ या यह सिर्फ शोर था? आपकी राय कमेंट में शेयर करें और वीडियो शेयर करें, ताकि आवाज़ दबे नहीं। जय भारत माता! छात्रों के भविष्य के लिए सरकार झुकी है, अब सरकार से निवेदन है कि दोषियों को शीघ्र सजा दे।1
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर-हमीरपुर सीमा पर बाबा बालक नाथ मंदिर के पास रात को एक बस दुर्घटना हुई है। इस दुर्घटना पर दुख जताया गया है। महा सचिव मोहिंद्र सिंह डोगरा ने बताया कि इस बस दुर्घटना में बिलासपुर सेवक सभा पं० दिल्ली सभी घायलों के जल्द ठीक होने तथा मृतकों के लिए मोक्ष की कामना करती है।1