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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में रोजगार सेवकों ने अपने मानदेय को लेकर गहरा दर्द व्यक्त किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि मात्र ₹6000 के मानदेय में उनके लिए घर का चूल्हा जलाना कैसे संभव हो पाएगा, जो उनके जीवनयापन के लिए अपर्याप्त है।
MANOJ KUMAR YADAV
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में रोजगार सेवकों ने अपने मानदेय को लेकर गहरा दर्द व्यक्त किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि मात्र ₹6000 के मानदेय में उनके लिए घर का चूल्हा जलाना कैसे संभव हो पाएगा, जो उनके जीवनयापन के लिए अपर्याप्त है।
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- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी कल तमकुहीराज में “एनएचएआई पार्किंग” में पधार रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस आगमन को लेकर पूरा जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है, जहाँ जिले के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं सभी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी, कर्मचारी और सफाई कर्मी सभी दिन-रात एक करके तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इन तमाम तैयारियों के बीच, कार्यक्रम स्थल के ठीक बगल में नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा संचालित एक सार्वजनिक शौचालय की बदहाली एक अलग ही तस्वीर पेश कर रही है। यह शौचालय, जिसका मुख्य द्वार ताले से बंद है, जिसकी दीवारें बदहाल हैं और जिसके चारों ओर उपेक्षा पसरी हुई है, वह मानो सरकार की मंशा का ही उपहास कर रहा है। यह अफसोसजनक है कि जिस तरह तमकुहीराज से लेकर नेशनल हाईवे तक, जनप्रतिनिधियों के होर्डिंग, बैनर और पोस्टरों से पूरा इलाका पटा हुआ है, उसी तरह किसी जिम्मेदार की नजर एक बार भी इस सार्वजनिक शौचालय पर नहीं पड़ी, वरना शायद आज यह भी चमचमाता नजर आता। प्रचार-प्रसार की इस चकाचौंध में आम जनता की सुविधा से जुड़ी यह महत्वपूर्ण व्यवस्था उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले खुले इस बदहाल सार्वजनिक शौचालय ने न सिर्फ स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है, बल्कि व्यवस्थाओं की भी पोल खोल दी है।2
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- Post by विजय कुमार1
- देवरिया जिले की भाटपाररानी पुलिस ने सवरेजी पुल के नीचे गंडक नदी में बीते 30 मई को मिले सुशील साहनी के शव की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह एक साधारण मौत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। इस मामले में मृतक सुशील साहनी के चार मित्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, भाटपाररानी थाना क्षेत्र के बड़का गांव के रहने वाले सुशील साहनी का शव गंडक नदी में तैरता मिला था। जांच में पता चला कि बीते 28 मई को सुशील साहनी जब अपने मोबाइल से बात कर रहा था, उसी दौरान उसके चार दोस्त दीपक गौड़, नईम अंसारी, कमल अंसारी और आशिक अंसारी उसके पास पहुंचे। इन चारों ने मिलकर शराब पार्टी का प्लान बनाया। जब मृतक समेत उसके चारों दोस्त नशे में चूर हो गए, तो शराब के नशे में उनके बीच विवाद हो गया। इसी विवाद के बाद इन चारों मित्रों ने मिलकर सुशील साहनी का गला घोंट दिया और उसके सीने पर चढ़कर उसकी जान ले ली। हत्या करने के बाद उन्होंने सुशील के शव को गंडक नदी में फेंक दिया। पुलिस को जांच के दौरान एक अहम सुराग मिला। मृतक सुशील ने 28 मई को फोन से बात करते समय अपने एक मित्र सुरेंद्र यादव को मोबाइल देकर कहा था कि वह उसे उसकी मां को दे दे और खुद अपने मित्रों के साथ घूमने जा रहा है। इसी बात से पुलिस का शक गहराया और जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल चारों आरोपी मित्रों दीपक गौड़, नईम अंसारी, कमल अंसारी और आशिक अंसारी को भाटपाररानी थाना क्षेत्र के बड़का गांव और धर्मखोर दुबे गांव से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना दोस्ती के रिश्ते का दर्दनाक अंत है, जहाँ दोस्ती ही मौत की वजह बन गई।1
- ख़ान सर ने पत्रकार अंजना ओम कश्यप को करारा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि "हम लोग किसी के तलवे नहीं चाटते, सच बोलते हैं।"1
- कुशीनगर में पंचायत सहायक कर्मचारियों ने संसाधनों की कमी के विरोध में अपना कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है, जिसके तहत 15 जून तक मांगें न माने जाने पर लखनऊ कूच का ऐलान किया गया है। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने जिले के मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों से संबंधित एक पत्र जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को सौंपा। यह प्रदर्शन पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन, उत्तर प्रदेश, जनपद शाखा कुशीनगर के बैनर तले किया गया, जहाँ कर्मचारियों ने "कार्य बहिष्कार" और "#संसाधन_नहीं_तो_कार्य_नहीं" जैसे नारों वाले बैनर लहराए। उन्होंने "चलेगी नहीं, चलेगी नहीं, चलेगी पंचायत – जिंदाबाद" के नारे भी लगाए। यूनियन की प्रमुख मांगों में न्यूनतम ₹20,000 मानदेय, सेवा नियमावली का निर्धारण, विभागीय कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और मोबाइल आधारित कार्यों का बहिष्कार शामिल है। बैनर पर स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संसाधनों की कमी के चलते 1 जून, 2026 से मोबाइल आधारित सभी कार्य और ऑनलाइन हाजिरी का बहिष्कार किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, उनका काम बंद रहेगा। उन्होंने सरकार को 15 जून, 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद लखनऊ के इको गार्डन में एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन मांगों पर प्रशासन का अगला रुख क्या रहता है।4
- Post by विजय कुमार1
- आईपीएल फाइनल मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) ने गुजरात टाइटंस (जीटी) को शिकस्त देकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। इस निर्णायक मुकाबले में विराट कोहली ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 42 गेंदों में शानदार 75 रनों की पारी खेली, जो आरसीबी की जीत में महत्वपूर्ण रही।1
- कसया-पडरौना मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया है, जिसमें एक बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई।1