देवरिया जिले की भाटपाररानी पुलिस ने सवरेजी पुल के नीचे गंडक नदी में बीते 30 मई को मिले सुशील साहनी के शव की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह एक साधारण मौत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। इस मामले में मृतक सुशील साहनी के चार मित्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, भाटपाररानी थाना क्षेत्र के बड़का गांव के रहने वाले सुशील साहनी का शव गंडक नदी में तैरता मिला था। जांच में पता चला कि बीते 28 मई को सुशील साहनी जब अपने मोबाइल से बात कर रहा था, उसी दौरान उसके चार दोस्त दीपक गौड़, नईम अंसारी, कमल अंसारी और आशिक अंसारी उसके पास पहुंचे। इन चारों ने मिलकर शराब पार्टी का प्लान बनाया। जब मृतक समेत उसके चारों दोस्त नशे में चूर हो गए, तो शराब के नशे में उनके बीच विवाद हो गया। इसी विवाद के बाद इन चारों मित्रों ने मिलकर सुशील साहनी का गला घोंट दिया और उसके सीने पर चढ़कर उसकी जान ले ली। हत्या करने के बाद उन्होंने सुशील के शव को गंडक नदी में फेंक दिया। पुलिस को जांच के दौरान एक अहम सुराग मिला। मृतक सुशील ने 28 मई को फोन से बात करते समय अपने एक मित्र सुरेंद्र यादव को मोबाइल देकर कहा था कि वह उसे उसकी मां को दे दे और खुद अपने मित्रों के साथ घूमने जा रहा है। इसी बात से पुलिस का शक गहराया और जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल चारों आरोपी मित्रों दीपक गौड़, नईम अंसारी, कमल अंसारी और आशिक अंसारी को भाटपाररानी थाना क्षेत्र के बड़का गांव और धर्मखोर दुबे गांव से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना दोस्ती के रिश्ते का दर्दनाक अंत है, जहाँ दोस्ती ही मौत की वजह बन गई।
देवरिया जिले की भाटपाररानी पुलिस ने सवरेजी पुल के नीचे गंडक नदी में बीते 30 मई को मिले सुशील साहनी के शव की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह एक साधारण मौत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। इस मामले में मृतक सुशील साहनी के चार मित्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, भाटपाररानी थाना क्षेत्र के बड़का गांव के रहने वाले सुशील साहनी का शव गंडक नदी में तैरता मिला था। जांच में पता चला कि बीते 28 मई को सुशील साहनी जब अपने मोबाइल से बात कर रहा था, उसी दौरान उसके चार दोस्त दीपक गौड़, नईम अंसारी, कमल अंसारी और आशिक अंसारी उसके पास पहुंचे। इन चारों ने मिलकर शराब पार्टी का प्लान बनाया। जब मृतक समेत उसके चारों दोस्त नशे में चूर हो गए, तो शराब के नशे में उनके बीच विवाद हो गया। इसी विवाद के बाद इन चारों मित्रों ने मिलकर सुशील साहनी का गला घोंट दिया और उसके सीने पर चढ़कर उसकी जान ले ली। हत्या करने के बाद उन्होंने सुशील के शव को गंडक नदी में फेंक दिया। पुलिस को जांच के दौरान एक अहम सुराग मिला। मृतक सुशील ने 28 मई को फोन से बात करते समय अपने एक मित्र सुरेंद्र यादव को मोबाइल देकर कहा था कि वह उसे उसकी मां को दे दे और खुद अपने मित्रों के साथ घूमने जा रहा है। इसी बात से पुलिस का शक गहराया और जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल चारों आरोपी मित्रों दीपक गौड़, नईम अंसारी, कमल अंसारी और आशिक अंसारी को भाटपाररानी थाना क्षेत्र के बड़का गांव और धर्मखोर दुबे गांव से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना दोस्ती के रिश्ते का दर्दनाक अंत है, जहाँ दोस्ती ही मौत की वजह बन गई।
- monu yadav Navy1
- देवरिया में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष काली प्रसाद का कार्यकर्ताओं द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। रुद्रपुर मोड़ से लेकर कचहरी चौराहा, दीनदयाल पार्क, सुभाष चौक, क्वाप्रेटिव चौराहा, पुरवा चौराहा और जिला कार्यालय तक कार्यकर्ताओं ने कड़ी धूप में भी फूल-मालाओं से उनका जोरदार अभिनंदन किया। पुरवा चौराहे पर किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष पवन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टरों पर सवार होकर नए जिलाध्यक्ष का विशेष स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने नवनियुक्त जिलाध्यक्ष को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया और उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। सदर सांसद शशांक मणि ने बधाई देते हुए कहा कि भाजपा संगठन की यह खूबसूरती है कि यहां छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित कर सकता है, जो अन्य पार्टियों में नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि काली प्रसाद संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। पूर्व सांसद रमापति राम त्रिपाठी ने काली प्रसाद को संगठन का मर्मज्ञ बताते हुए कहा कि वे सभी कार्यकर्ताओं को साधते हुए संगठन को नई शिखर पर स्थापित करेंगे। वहीं, पूर्व सांसद रविंद्र कुशवाहा ने कहा कि काली प्रसाद के अध्यक्ष बनने से सभी कार्यकर्ताओं में उत्साह और खुशी की लहर है, और वे अपने कार्यों से संगठन को मजबूत और सुदृढ़ बनाएंगे। सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने अध्यक्ष चुनने में विलंब की बात स्वीकारते हुए कहा कि काली प्रसाद जी के रूप में संगठन को '24 कैरेट का कार्यकर्ता' मिला है, जिनके नेतृत्व में पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने भी नवनियुक्त जिलाध्यक्ष को अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। जिला प्रभारी संतराज यादव और निवर्तमान जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने भी नए अध्यक्ष का माला पहनाकर स्वागत किया। अपने भव्य स्वागत से अभिभूत नवनियुक्त जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने सभी कार्यकर्ताओं के अपार स्नेह और प्यार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे सदैव संगठन की मर्यादा और सिद्धांतों को सर्वोपरि रखेंगे।4
- Post by विजय कुमार1
- देवरिया जिले की भाटपाररानी पुलिस ने सवरेजी पुल के नीचे गंडक नदी में बीते 30 मई को मिले सुशील साहनी के शव की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह एक साधारण मौत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। इस मामले में मृतक सुशील साहनी के चार मित्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, भाटपाररानी थाना क्षेत्र के बड़का गांव के रहने वाले सुशील साहनी का शव गंडक नदी में तैरता मिला था। जांच में पता चला कि बीते 28 मई को सुशील साहनी जब अपने मोबाइल से बात कर रहा था, उसी दौरान उसके चार दोस्त दीपक गौड़, नईम अंसारी, कमल अंसारी और आशिक अंसारी उसके पास पहुंचे। इन चारों ने मिलकर शराब पार्टी का प्लान बनाया। जब मृतक समेत उसके चारों दोस्त नशे में चूर हो गए, तो शराब के नशे में उनके बीच विवाद हो गया। इसी विवाद के बाद इन चारों मित्रों ने मिलकर सुशील साहनी का गला घोंट दिया और उसके सीने पर चढ़कर उसकी जान ले ली। हत्या करने के बाद उन्होंने सुशील के शव को गंडक नदी में फेंक दिया। पुलिस को जांच के दौरान एक अहम सुराग मिला। मृतक सुशील ने 28 मई को फोन से बात करते समय अपने एक मित्र सुरेंद्र यादव को मोबाइल देकर कहा था कि वह उसे उसकी मां को दे दे और खुद अपने मित्रों के साथ घूमने जा रहा है। इसी बात से पुलिस का शक गहराया और जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल चारों आरोपी मित्रों दीपक गौड़, नईम अंसारी, कमल अंसारी और आशिक अंसारी को भाटपाररानी थाना क्षेत्र के बड़का गांव और धर्मखोर दुबे गांव से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना दोस्ती के रिश्ते का दर्दनाक अंत है, जहाँ दोस्ती ही मौत की वजह बन गई।1
- पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार का कैबिनेट विस्तार नबान्न में शुरू हो गया है, जहाँ राज्यपाल आर.एन. रवि 35 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिला रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी सरकार की पूरी कैबिनेट आज नबान्न में शपथ ले रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत में सबसे पहले आठ कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली। इसके बाद तीन राज्य मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं। इन वरिष्ठ नेताओं को विस्तारित मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो सौंपे जाने की उम्मीद है। कैबिनेट विस्तार के तहत मंत्री पद की शपथ लेने वाले नेताओं की संभावित सूची भी सामने आई है। इस सूची में अर्जुन सिंह, उमेश राय, डॉ. अजय कुमार पोद्दार, कलिता माझी, दीपक बर्मन, बिशाल लामा, शंकर घोष, मौमिता बिस्वास मिश्रा, जॉयल मुर्मू और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय का नाम शामिल है। इसके अलावा, सरद्योत मुखोपाध्याय, इंद्रनील खान, पूर्णिमा चक्रवर्ती, तापस रॉय, दुध कुमार मोंडोल, गार्गी घोष दास, मालती रावा रॉय, अशोक डिंडा, स्वपन दासगुप्ता और रूपा गांगुली भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इस बार मंत्रिमंडल में क्षेत्र और अनुभव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसमें अनुभवी और युवा दोनों तरह के नेताओं को जगह मिलने की उम्मीद है।1
- देवरिया में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष काली प्रसाद के आगमन पर कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपार उत्साह का प्रदर्शन करते हुए उनका भव्य स्वागत किया। उनके अभिनंदन में बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया, जो स्वागत कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण रहा। भाजपा कार्यालय और स्वागत स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे, जिन्होंने काली प्रसाद को फूल-मालाएं पहनाकर उनका जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर, पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य कार्यकर्ताओं ने काली प्रसाद को उनकी नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। सभी ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा। पूरे स्वागत कार्यक्रम के दौरान एक उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा, और कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में रोजगार सेवकों ने अपने मानदेय को लेकर गहरा दर्द व्यक्त किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि मात्र ₹6000 के मानदेय में उनके लिए घर का चूल्हा जलाना कैसे संभव हो पाएगा, जो उनके जीवनयापन के लिए अपर्याप्त है।1
- Post by विजय कुमार1