भारी बर्फबारी से पांगी का संपर्क कटा, जनजीवन अस्त-व्यस्त। प्रशासन ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने की दी सलाह। प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे। जिला चंबा के जनजातीय उपमंडल पांगी में लगातार बारिश और भारी बर्फबारी के चलते क्षेत्र का संपर्क प्रदेश, देश और विश्व से पूरी तरह कट गया है। खराब मौसम के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालांकि मौसम साफ होने पर तांदी–संसारी नाला सड़क को बहाल करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन वर्तमान हालात में यह मार्ग बंद पड़ा है। पांगी के अंदरूनी क्षेत्रों सहित कुल्लू–किलाड़ के बीच चलने वाली बस सेवा भी पूरी तरह ठप हो गई है। निजी वाहनों से सफर करना भी जोखिम भरा हो गया है। लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण जगह-जगह हिमस्खलन (एवलांच), भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार पांगी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब तीन फीट तक और निचले इलाकों में दो फीट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। शुक्रवार को सुराल, हुडान, कुमार परमार, प्रेग्राम, चस्क, मूर्छ, चस्क भटोरी, सुण, उदीन, चलोली, कुठाह सहित अन्य ऊंचाई वाले गांवों में 12 से 15 इंच ताजा बर्फबारी हुई, जबकि मुख्यालय किलाड़ और आसपास के क्षेत्रों में 8 से 10 इंच बर्फ गिरी है। वाहनों की आवाजाही ठप होने से लोगों को जरूरी कार्यों के लिए पैदल ही सफर करना पड़ रहा है, जो बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है। वहीं, बर्फबारी के कारण किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। कई पशुपालकों के पास चारे की कमी होने लगी है और यदि मौसम ऐसे ही बना रहा तो पशुओं के लिए चारे का संकट गहरा सकता है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि मार्च माह के मध्य के बाद हुई बर्फबारी से खुबानी और ठंगी के फूलों को नुकसान पहुंचता है, जिससे इस बार ठंगी और जीरा की फसल प्रभावित होने की आशंका है। एसडीएम पांगी अमन दीप सिंह का बयान उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) पांगी अमन दीप सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “मौजूदा मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें। क्षेत्र में भूस्खलन, पत्थर गिरने और हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। सभी लोग जहां हैं, वहीं सुरक्षित रहें। प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है, लेकिन इसमें जनता के सहयोग की भी आवश्यकता है।” उन्होंने बताया कि सीमा सड़क संगठन (BRO) ने तांदी–संसारी नाला मार्ग पर मशीनरी तैनात कर रखी है, लेकिन सड़क बहाली का कार्य मौसम साफ होने के बाद ही संभव हो पाएगा।
भारी बर्फबारी से पांगी का संपर्क कटा, जनजीवन अस्त-व्यस्त। प्रशासन ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने की दी सलाह। प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे। जिला चंबा के जनजातीय उपमंडल पांगी में लगातार बारिश और भारी बर्फबारी के चलते क्षेत्र का संपर्क प्रदेश, देश और विश्व से पूरी तरह कट गया है। खराब मौसम के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालांकि मौसम साफ होने पर तांदी–संसारी नाला सड़क को बहाल करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन वर्तमान हालात में यह मार्ग बंद पड़ा है। पांगी के अंदरूनी क्षेत्रों सहित कुल्लू–किलाड़ के बीच चलने वाली बस सेवा भी पूरी तरह ठप हो गई है। निजी वाहनों से सफर करना भी जोखिम भरा हो गया है। लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण जगह-जगह हिमस्खलन (एवलांच), भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार पांगी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब तीन फीट तक और निचले इलाकों में दो फीट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। शुक्रवार को सुराल, हुडान, कुमार परमार, प्रेग्राम, चस्क, मूर्छ, चस्क भटोरी, सुण, उदीन, चलोली, कुठाह सहित अन्य ऊंचाई वाले गांवों में 12 से 15 इंच ताजा बर्फबारी हुई, जबकि मुख्यालय किलाड़ और आसपास के क्षेत्रों में 8 से 10 इंच बर्फ गिरी है। वाहनों की आवाजाही ठप होने से लोगों को जरूरी कार्यों के लिए पैदल ही सफर करना पड़ रहा है, जो बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है। वहीं, बर्फबारी के कारण किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। कई पशुपालकों के पास चारे की कमी होने लगी है और यदि मौसम ऐसे ही बना रहा तो पशुओं के लिए चारे का संकट गहरा सकता है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि मार्च माह के मध्य के बाद हुई बर्फबारी से खुबानी और ठंगी के फूलों को नुकसान पहुंचता है, जिससे इस बार ठंगी और जीरा की फसल प्रभावित होने की आशंका है। एसडीएम पांगी अमन दीप सिंह का बयान उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) पांगी अमन दीप सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “मौजूदा मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें। क्षेत्र में भूस्खलन, पत्थर गिरने और हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। सभी लोग जहां हैं, वहीं सुरक्षित रहें। प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है, लेकिन इसमें जनता के सहयोग की भी आवश्यकता है।” उन्होंने बताया कि सीमा सड़क संगठन (BRO) ने तांदी–संसारी नाला मार्ग पर मशीनरी तैनात कर रखी है, लेकिन सड़क बहाली का कार्य मौसम साफ होने के बाद ही संभव हो पाएगा।
- प्रतिनिधि पांगी न्यूज़ टुडे। जिला चंबा के जनजातीय उपमंडल पांगी में लगातार बारिश और भारी बर्फबारी के चलते क्षेत्र का संपर्क प्रदेश, देश और विश्व से पूरी तरह कट गया है। खराब मौसम के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालांकि मौसम साफ होने पर तांदी–संसारी नाला सड़क को बहाल करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन वर्तमान हालात में यह मार्ग बंद पड़ा है। पांगी के अंदरूनी क्षेत्रों सहित कुल्लू–किलाड़ के बीच चलने वाली बस सेवा भी पूरी तरह ठप हो गई है। निजी वाहनों से सफर करना भी जोखिम भरा हो गया है। लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण जगह-जगह हिमस्खलन (एवलांच), भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार पांगी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब तीन फीट तक और निचले इलाकों में दो फीट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। शुक्रवार को सुराल, हुडान, कुमार परमार, प्रेग्राम, चस्क, मूर्छ, चस्क भटोरी, सुण, उदीन, चलोली, कुठाह सहित अन्य ऊंचाई वाले गांवों में 12 से 15 इंच ताजा बर्फबारी हुई, जबकि मुख्यालय किलाड़ और आसपास के क्षेत्रों में 8 से 10 इंच बर्फ गिरी है। वाहनों की आवाजाही ठप होने से लोगों को जरूरी कार्यों के लिए पैदल ही सफर करना पड़ रहा है, जो बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है। वहीं, बर्फबारी के कारण किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। कई पशुपालकों के पास चारे की कमी होने लगी है और यदि मौसम ऐसे ही बना रहा तो पशुओं के लिए चारे का संकट गहरा सकता है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि मार्च माह के मध्य के बाद हुई बर्फबारी से खुबानी और ठंगी के फूलों को नुकसान पहुंचता है, जिससे इस बार ठंगी और जीरा की फसल प्रभावित होने की आशंका है। एसडीएम पांगी अमन दीप सिंह का बयान उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) पांगी अमन दीप सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “मौजूदा मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें। क्षेत्र में भूस्खलन, पत्थर गिरने और हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। सभी लोग जहां हैं, वहीं सुरक्षित रहें। प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है, लेकिन इसमें जनता के सहयोग की भी आवश्यकता है।” उन्होंने बताया कि सीमा सड़क संगठन (BRO) ने तांदी–संसारी नाला मार्ग पर मशीनरी तैनात कर रखी है, लेकिन सड़क बहाली का कार्य मौसम साफ होने के बाद ही संभव हो पाएगा।1
- dharamshala triund!1
- जिला उपायुक्त चंबा मुकेश रैपसवाल ने जिला चंबा में खराब मौसम के चलते प्रेस के माध्यम से अहम जानकारी देते हुए कहा जरूरी काम होने पर ही घर से निकले और एक टोल फ्री नंबर भी बताया है जिससे पता चल सकता है की रोड कहां पर बंद है और कहां खुले हैं संपर्क कर सकते हैं1
- लाहौल के केलांग में हो रही बर्फबारी। जो कि खेती के लिहाज से बहुत अच्छी है स्थानीय ग्रामीणों में उत्साह और खुशी की लहर। लाहौल में बर्फ पड़ने से जलस्रोत भरते हैं और गर्मियों में पानी की कमी नहीं होती। इससे खेती के लिए नमी बनी रहती है। बर्फ पर्यावरण संतुलन बनाए रखती है और कीटों को कम करती है। साथ ही, बर्फबारी से पर्यटन बढ़ता है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है।1
- Ram चन्द सिंगर🌹🔱फ़ॉलो करो1
- बैजनाथ के चकोल बेहड़ू गांव में एक विवाहित युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान 33 वर्षीय रामपाल पुत्र स्वर्गीय दीवाना के रूप में हुई है। पुलिस जानकारी अनुसार युवक ने बुधवार को अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना का पता वीरवार सुबह उस समय चला जब परिजनों ने युवक के कमरे का दरवाजा काफी देर तक न खुलने पर उसे खोला। अंदर जाकर देखा तो युवक फंदे पर लटका हुआ था। बताया जा रहा है कि घटना के समय युवक घर में अकेला था, जबकि उसकी पत्नी कुछ दिन पहले ही अपने मायके गई हुई थी।घटना के बाद परिजनों ने बहू मनीषा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह युवक को परेशान करती थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें युवक ने अपनी मर्जी से आत्महत्या करने की बात लिखी है। थाना प्रभारी यादेश ठाकुर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल बैजनाथ में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।1
- Post by Varun Slathia1
- अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग चंबा ने खराब मौसम के चलते प्रेस के माध्यम से दिए हमें जानकारी अधिशासी अभियंता बोले ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हमारी पहले से ही तैयारीयां होती हैं1