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नरेश उर्फ नीलू यादव बंडोल/सिवनी लूट के 7 आरोपियों का बंडोल पुलिस ने निकाला जुलूस...?(६९२६-८९२६)

1 hr ago
user_Naresh Kumar Yadav
Naresh Kumar Yadav
सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

नरेश उर्फ नीलू यादव बंडोल/सिवनी लूट के 7 आरोपियों का बंडोल पुलिस ने निकाला जुलूस...?(६९२६-८९२६)

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • लूट के 7 आरोपियों का बंडोल पुलिस ने निकाला जुलूस...?(६९२६-८९२६)
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    लूट के 7 आरोपियों का बंडोल पुलिस ने निकाला जुलूस...?(६९२६-८९२६)
    user_Naresh Kumar Yadav
    Naresh Kumar Yadav
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • Seoni News: बाथरूम में घुसते ही उड़ गए होश! कुंडली मारकर बैठा था विशालकाय अजगर
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    Seoni News: बाथरूम में घुसते ही उड़ गए होश! कुंडली मारकर बैठा था विशालकाय अजगर
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • 52,923 विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित, कलेक्टर ने दिए अभियान चलाने के निर्देश सिवनी। जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक में कलेक्टर नेहा मीना ने आधार केन्द्रों की कार्यशीलता और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। जिले में 94 में से 76 आधार किट कार्यशील हैं और अगस्त में 29,205 लेन-देन हुए। विद्यार्थियों के 52,923 अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट लंबित पाए गए, जिनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।
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    52,923 विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित, कलेक्टर ने दिए अभियान चलाने के निर्देश
सिवनी। जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की बैठक में कलेक्टर नेहा मीना ने आधार केन्द्रों की कार्यशीलता और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। जिले में 94 में से 76 आधार किट कार्यशील हैं और अगस्त में 29,205 लेन-देन हुए। विद्यार्थियों के 52,923 अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट लंबित पाए गए, जिनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • कर्माझिरी के स्वैच्छिक विस्थापन पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग कर्माझिरी के स्वैच्छिक विस्थापन पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग असहमति रखने वाले परिवारों पर दबाव और धमकी के आरोप, मूलभूत सुविधाएं रोकने की शिकायत; ग्रामसभा के प्रस्ताव, सहमति और विस्थापन संबंधी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग सिवनी। कर्माझिरी वनग्राम एवं आसपास के बफर क्षेत्र के ग्रामवासियों ने कर्माझिरी के कथित “स्वैच्छिक विस्थापन” की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि विस्थापन से असहमति रखने वाले परिवारों पर गांव, मकान और भूमि खाली करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है तथा कार्रवाई और बेदखली की धमकियां दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में कहा है कि यदि कर्माझिरी का विस्थापन वास्तव में “Voluntary Relocation” यानी स्वैच्छिक विस्थापन है, तो प्रत्येक परिवार की स्वतंत्र एवं स्वैच्छिक सहमति को सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि विस्थापन प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक परिवार की मूल सहमति, ग्रामसभा की प्रमाणित कार्यवाही, प्रस्ताव, उपस्थिति पत्रक एवं कोरम से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं। 138 से 150 परिवारों की सहमति को लेकर भी मांगा रिकॉर्ड ग्रामीणों ने पूर्व में बताई गई 138 परिवारों की सहमति वाले सर्वे तथा वर्तमान में बताए जा रहे 150 परिवारों की स्थिति और सहमति से संबंधित मूल दस्तावेज प्रशासन के समक्ष सार्वजनिक करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए पूरे रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। रास्तों पर बेरिकेडिंग और तार फेंसिंग का मुद्दा भी उठाया शिकायत में ग्रामीणों ने पारंपरिक आवागमन वाले रास्तों पर बेरिकेडिंग और घाटकोहका बफर रेंज सहित अन्य मार्गों पर तार फेंसिंग किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे ग्रामीणों का आवागमन, कृषि कार्य और आजीविका प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित फेंसिंग एवं बेरिकेडिंग के आदेश तथा उसकी वैधानिकता की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। होम-स्टे और ईको विकास समितियों को लेकर सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कर्माझिरी के कुछ परिवारों की आजीविका का साधन रहे होम-स्टे को बंद या बाधित किया गया है। इसके अलावा ईको विकास समितियों को बंद करने तथा समिति की राशि विभागीय स्तर पर निकाले जाने की शिकायत भी आवेदन में की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित समितियों के बैंक खातों, लेन-देन एवं राशि के उपयोग की जांच कर पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। मूलभूत सुविधाएं रोकने का लगाया आरोप ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि विस्थापन से असहमति रखने वाले परिवारों को बिजली, पानी, सड़क, आवास, कृषि एवं अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित किए जाने अथवा संबंधित विभागों को कार्य करने से रोकने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी नागरिक की मूलभूत सुविधाओं को विस्थापन की सहमति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। फसल क्षति मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास का मामला बफर क्षेत्र में वन्यजीवों द्वारा फसल नुकसान के लंबित मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने की मांग भी ग्रामीणों ने की है। साथ ही पात्र परिवारों के प्रधानमंत्री आवास निर्माण में बाधा डाले जाने की शिकायत करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि यदि किसी आवास को रोकने का कोई आदेश है तो संबंधित परिवार को उसका लिखित कारण एवं वैधानिक आधार उपलब्ध कराया जाए। पार्क के मुख्य गेट और सेंचुरी घोषणा पर भी उठाए सवाल ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्तमान में पार्क पर्यटक विभाग का मुख्य गेट जिस स्थान पर है, उसे यथावत रखा जाए। वहीं बिना ग्रामसभा के प्रस्ताव के सेंचुरी घोषित किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने इसकी वैधानिकता की जांच कर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है। ईको विकास समिति के गठन को लेकर मांगा स्पष्टीकरण ग्रामीणों ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि वन क्षेत्र से लगे गांवों में गठित की जाने वाली ईको विकास समिति का गठन कथित रूप से जंगल से करीब 22 किलोमीटर दूर किया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि ऐसा किस नियम या कानून के तहत किया गया और इसकी प्रक्रिया क्या थी। उन्होंने वन विभाग से पूरे मामले में लिखित स्पष्टीकरण देने की मांग की है। “हम वन्यजीव संरक्षण के विरोधी नहीं, अधिकारों की रक्षा चाहते हैं” ग्रामीणों ने अपने आवेदन में कहा कि वे वन्यजीव संरक्षण के विरोधी नहीं हैं। उनका कहना है कि वन्यजीव संरक्षण के साथ आदिवासी एवं ग्रामीण समुदायों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और जल-जंगल-जमीन से जुड़े हितों की भी रक्षा होनी चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि “यदि विस्थापन स्वैच्छिक है, तो हमारी ‘ना’ को भी उतना ही सम्मान मिलना चाहिए, जितना किसी परिवार की ‘हां’ को।” उन्होंने प्रशासन से टकराव के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकालने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कर्माझिरी उनके लिए सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि पीढ़ियों की स्मृतियों, संस्कृति, आजीविका और जल-जंगल-जमीन से जुड़ा घर है। अब पूरे मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।
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    कर्माझिरी के स्वैच्छिक विस्थापन पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
कर्माझिरी के स्वैच्छिक विस्थापन पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
असहमति रखने वाले परिवारों पर दबाव और धमकी के आरोप, मूलभूत सुविधाएं रोकने की शिकायत; ग्रामसभा के प्रस्ताव, सहमति और विस्थापन संबंधी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
सिवनी। कर्माझिरी वनग्राम एवं आसपास के बफर क्षेत्र के ग्रामवासियों ने कर्माझिरी के कथित “स्वैच्छिक विस्थापन” की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि विस्थापन से असहमति रखने वाले परिवारों पर गांव, मकान और भूमि खाली करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है तथा कार्रवाई और बेदखली की धमकियां दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में कहा है कि यदि कर्माझिरी का विस्थापन वास्तव में “Voluntary Relocation” यानी स्वैच्छिक विस्थापन है, तो प्रत्येक परिवार की स्वतंत्र एवं स्वैच्छिक सहमति को सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि विस्थापन प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक परिवार की मूल सहमति, ग्रामसभा की प्रमाणित कार्यवाही, प्रस्ताव, उपस्थिति पत्रक एवं कोरम से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं।
138 से 150 परिवारों की सहमति को लेकर भी मांगा रिकॉर्ड
ग्रामीणों ने पूर्व में बताई गई 138 परिवारों की सहमति वाले सर्वे तथा वर्तमान में बताए जा रहे 150 परिवारों की स्थिति और सहमति से संबंधित मूल दस्तावेज प्रशासन के समक्ष सार्वजनिक करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए पूरे रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
रास्तों पर बेरिकेडिंग और तार फेंसिंग का मुद्दा भी उठाया
शिकायत में ग्रामीणों ने पारंपरिक आवागमन वाले रास्तों पर बेरिकेडिंग और घाटकोहका बफर रेंज सहित अन्य मार्गों पर तार फेंसिंग किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे ग्रामीणों का आवागमन, कृषि कार्य और आजीविका प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित फेंसिंग एवं बेरिकेडिंग के आदेश तथा उसकी वैधानिकता की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
होम-स्टे और ईको विकास समितियों को लेकर सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कर्माझिरी के कुछ परिवारों की आजीविका का साधन रहे होम-स्टे को बंद या बाधित किया गया है। इसके अलावा ईको विकास समितियों को बंद करने तथा समिति की राशि विभागीय स्तर पर निकाले जाने की शिकायत भी आवेदन में की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित समितियों के बैंक खातों, लेन-देन एवं राशि के उपयोग की जांच कर पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है।
मूलभूत सुविधाएं रोकने का लगाया आरोप
ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि विस्थापन से असहमति रखने वाले परिवारों को बिजली, पानी, सड़क, आवास, कृषि एवं अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित किए जाने अथवा संबंधित विभागों को कार्य करने से रोकने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी नागरिक की मूलभूत सुविधाओं को विस्थापन की सहमति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
फसल क्षति मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास का मामला
बफर क्षेत्र में वन्यजीवों द्वारा फसल नुकसान के लंबित मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने की मांग भी ग्रामीणों ने की है। साथ ही पात्र परिवारों के प्रधानमंत्री आवास निर्माण में बाधा डाले जाने की शिकायत करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि यदि किसी आवास को रोकने का कोई आदेश है तो संबंधित परिवार को उसका लिखित कारण एवं वैधानिक आधार उपलब्ध कराया जाए।
पार्क के मुख्य गेट और सेंचुरी घोषणा पर भी उठाए सवाल
ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्तमान में पार्क पर्यटक विभाग का मुख्य गेट जिस स्थान पर है, उसे यथावत रखा जाए। वहीं बिना ग्रामसभा के प्रस्ताव के सेंचुरी घोषित किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने इसकी वैधानिकता की जांच कर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है।
ईको विकास समिति के गठन को लेकर मांगा स्पष्टीकरण
ग्रामीणों ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि वन क्षेत्र से लगे गांवों में गठित की जाने वाली ईको विकास समिति का गठन कथित रूप से जंगल से करीब 22 किलोमीटर दूर किया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि ऐसा किस नियम या कानून के तहत किया गया और इसकी प्रक्रिया क्या थी। उन्होंने वन विभाग से पूरे मामले में लिखित स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
“हम वन्यजीव संरक्षण के विरोधी नहीं, अधिकारों की रक्षा चाहते हैं”
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में कहा कि वे वन्यजीव संरक्षण के विरोधी नहीं हैं। उनका कहना है कि वन्यजीव संरक्षण के साथ आदिवासी एवं ग्रामीण समुदायों के अधिकार, सम्मान, आजीविका और जल-जंगल-जमीन से जुड़े हितों की भी रक्षा होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने कहा कि “यदि विस्थापन स्वैच्छिक है, तो हमारी ‘ना’ को भी उतना ही सम्मान मिलना चाहिए, जितना किसी परिवार की ‘हां’ को।” उन्होंने प्रशासन से टकराव के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकालने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि कर्माझिरी उनके लिए सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि पीढ़ियों की स्मृतियों, संस्कृति, आजीविका और जल-जंगल-जमीन से जुड़ा घर है। अब पूरे मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • वार्डों में सप्लाई हो रहा दुषित पानी छिंदवाड़ा जिले के परासिया के नेताप्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह ने कहा की परासिया नगरपालिका को जनता के दुःख तकलीफो से कोई लेना-देना नहीं तभी तो शहर में दुषित पानी की सप्लाई हो रही है जिससे आमजनों को इस दुषित पानी पीने से बीमारी होने का खतरा बना हुआ जबकि 3 इंजन सरकार केंद्र राज्य और खुद नगरपालिका परासिया होने के बावजूद यह हाल है बरसात में 5 दिन में पानी दिया जा रहा है वह भी दुषित गंदा बदबुदार पानी है इससे पहले माह गर्मी में केवल 2 बार ही पानी दिया है उन्होंने कहा कि भाजपा की नगरपालिका ने फरवरी माह से जून माह तक शहर में 15 -15 दिन में नल दिया है जिससे उन्होंने जलकर माफ करने की मांग की थीवहीं 22/1/2025 को भाजपा की नगरपालिका द्वारा जलकर बढ़ाकर 100 रुपए प्रतिमाह ले रही पूर्व में 60 रुपए जलकर था जिसे बढ़ाकर भाजपा की परिषद ने 22/1/2025 को 100 रुपए कर दिया है वैसे भी लगभग 4 सालों से पेंच नदी मे खदान का पानी मिल रहा है जिससे नदी का पानी दूषित हो गया है वही पानी शहर में भी सप्लाई किया जा रहा है जिससे आम जनों को दूषित पानी पीने से बीमारी हो रही है वही लगातार चार माह से स्टेशन रोड के आम जनों द्वारा भी खराब गंदा मटमैला बदबूदार पानी आने की शिकायत की जा रही थी लगभग 4 सालों से आमजनों द्वारा पानी की 20 रुपय एवं 30 रुपए प्रतिदिन केन खरीदने पर मजबूर हैं इससे पहले गर्मी में विगत 6 माह से आम जनों द्वारा पानी न आने पर टैंकर से पानी खरीदा गया है जिसकी कीमत 500-600 रुपए रही है इसलिए उन्होंने 6 माह के जलकर माफ़ करने की मांग की थी वहीं अभी भीसाफ स्वच्छ पानी लेने आम जनों अपने-अपने वाहनों से विभिन्न स्रोतों से पानी लाया गया है जिन्हे उन्हें मानसिक शारीरिक आर्थिक रूप से भी परेशान होना पड़ा नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर दुषित पानी पर तत्काल कार्यवाही करने को कहा है वहीं पूर्व में कहा है कि जब नगर पालिका शहर में पानी की नियमित स्वच्छ पानी नहीं दे पा रही है ऐसे में उसे जलकर लेने का कोई अधिकार नहीं है उन्होंने कहा कि भाजपा की परिषद को तो जब से यह परिषद आई है लगभग 4 आमजनों को दुषित पानी पीने में मजबूर हैं उन्होंने साफ स्वच्छ पानी सप्लाई करने की मांग की ऐसा न होने पर आमजनों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा प्रतिलिपि एसडीम महोदय परासिया नगर पालिका अध्यक्ष परासिया जनसभापति परासिया को भेजा है।
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    वार्डों में सप्लाई हो रहा दुषित पानी
छिंदवाड़ा जिले के परासिया के नेताप्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह ने कहा की  परासिया नगरपालिका को जनता के दुःख तकलीफो से कोई लेना-देना नहीं तभी तो शहर में दुषित पानी की सप्लाई हो रही है जिससे आमजनों को इस दुषित पानी पीने से बीमारी होने का खतरा बना हुआ जबकि 3 इंजन सरकार केंद्र राज्य और खुद नगरपालिका परासिया होने के बावजूद  यह हाल है बरसात में 5 दिन में पानी दिया जा रहा है वह भी दुषित गंदा बदबुदार पानी है इससे पहले माह गर्मी में केवल 2 बार ही पानी दिया है उन्होंने कहा कि  भाजपा की नगरपालिका ने फरवरी माह से जून माह तक शहर में 15 -15 दिन में नल दिया है जिससे उन्होंने जलकर माफ करने की मांग की थीवहीं 22/1/2025 को भाजपा की नगरपालिका द्वारा जलकर बढ़ाकर 100 रुपए प्रतिमाह ले रही पूर्व में 60 रुपए जलकर था जिसे  बढ़ाकर भाजपा की परिषद ने 22/1/2025 को 100 रुपए कर दिया है वैसे भी  लगभग 4 सालों से पेंच नदी मे खदान का पानी मिल रहा है जिससे नदी का पानी दूषित हो गया है वही पानी शहर में भी सप्लाई किया जा रहा है जिससे आम जनों को दूषित पानी पीने से बीमारी हो रही है वही लगातार चार माह से स्टेशन रोड के आम जनों द्वारा भी खराब गंदा मटमैला बदबूदार पानी आने की शिकायत की जा रही थी  लगभग 4 सालों से आमजनों द्वारा पानी की 20 रुपय एवं 30 रुपए प्रतिदिन केन खरीदने पर मजबूर हैं इससे पहले गर्मी में विगत 6 माह से आम जनों द्वारा पानी न आने पर टैंकर से पानी खरीदा गया है जिसकी कीमत 500-600 रुपए रही है इसलिए उन्होंने 6 माह के जलकर माफ़ करने की मांग की थी वहीं अभी भीसाफ स्वच्छ पानी लेने आम जनों अपने-अपने वाहनों से विभिन्न स्रोतों से पानी लाया गया है जिन्हे उन्हें मानसिक शारीरिक आर्थिक रूप से भी परेशान होना पड़ा नेता प्रतिपक्ष वीर बहादुर सिंह ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर दुषित पानी पर तत्काल कार्यवाही करने को कहा है वहीं पूर्व में  कहा है कि जब नगर पालिका शहर में पानी की नियमित स्वच्छ पानी नहीं दे पा रही है ऐसे में उसे जलकर लेने का कोई अधिकार नहीं है उन्होंने कहा कि भाजपा की परिषद को तो जब से यह परिषद आई है लगभग 4 आमजनों को दुषित पानी पीने में मजबूर हैं उन्होंने साफ स्वच्छ पानी सप्लाई करने की मांग की ऐसा न होने पर आमजनों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा प्रतिलिपि एसडीम महोदय परासिया नगर पालिका अध्यक्ष परासिया जनसभापति परासिया को भेजा है।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • LP डील ग्राहकों के विश्वास में खरा उतर रहा है,,,शहर और जिलों में 20 सी ब्रांच का शुभारंभ अमरवाड़ा में हुआ ।।। बड़े शहर की तर्ज पर छिंदवाड़ा में भी शॉपिंग कंपलेक्स का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है किसी क्रम में छिंदवाड़ा की LP डील वेबसाइट के रूप में जगह-जगह पर फ्रेंचाइजी देकर ग्राहकों को सर्वोत्तम सुविधा प्रदान करने का काम कर रही है ।।।। छिंदवाड़ा परासिया तामिया चौरई आदि क्षेत्रों में अपनी शाखा का विस्तार कर रही है इसी क्रम में अमरवाड़ा की जनता एवं ग्राहकों के लिए है 20 वो ब्रांच का शुभारंभ किया गया ।।।। जहाँ सभी उपयोगी रोजमर्रा की सामग्री ऑफर के साथ उपलब्ध रहती हैं । फ्रेंचाइजी बढ़ने से स्थानीय लोगों को कुछ रोजगार की प्राप्ति हो जाती है ।
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    LP डील ग्राहकों के विश्वास में खरा उतर रहा है,,,शहर और जिलों में 20 सी ब्रांच का शुभारंभ अमरवाड़ा में हुआ ।।।
बड़े शहर की तर्ज पर छिंदवाड़ा में भी शॉपिंग कंपलेक्स का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है किसी क्रम में छिंदवाड़ा की 
LP डील वेबसाइट के रूप में जगह-जगह पर फ्रेंचाइजी देकर ग्राहकों को सर्वोत्तम सुविधा प्रदान करने का काम कर रही है ।।।।
छिंदवाड़ा परासिया तामिया चौरई आदि क्षेत्रों में अपनी शाखा का विस्तार कर रही है इसी क्रम में अमरवाड़ा की जनता एवं ग्राहकों के लिए है 20 वो  ब्रांच का शुभारंभ किया गया ।।।।
जहाँ सभी उपयोगी रोजमर्रा की सामग्री ऑफर के साथ उपलब्ध रहती हैं ।
फ्रेंचाइजी बढ़ने से स्थानीय लोगों को कुछ रोजगार की प्राप्ति हो जाती है ।
    user_Ranjeet Dehariya
    Ranjeet Dehariya
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बाबा मन महेश्वर की शोभा यात्रा में उमरा जन सैलाब सोनाखार में भक्तों ने निकाली पालकी यात्रा छिंदवाड़ा लिंगायत गवळी समाज के आई तुझा आशीर्वाद समिति एवं शिव तांडव ग्रुप के तत्वधान मंे भोले बाबा की शाही सवारी सात सितंबर दिन सोमवार को उज्जैन की तर्ज पर नगर में निकाली जाएगी। इस सवारी में प्रजा का हाल जानने बाबा मनमहेश्वर राजसी ठाट बाट, पारंपरिक उद्घोषक, ढोल, नगाड़ो की थाप, गूंजती शहनाई, खरताल, मंजीरे के साथ शाही सवारी नगर में भ्रमण करेगी। बाबा की शाही सवारी समाज के मोठी आई मंदिर प्रांगण से होते हुए इंदिरा नगर, खड़ेला चैक, बजरंग मोहल्ला, यादव मोहल्ला, भूमकाबाबा मोहल्ला, गौली मोहल्ला होते हुए वापस मंदिर प्रांगण पहुंचंेगी जिसके पश्चात् हवन,पूजन कर महाआरती की जाएगी। बाबा मनमहेश्वर की शाही सवारी से नगर का पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है। शिव तांडव ग्रुप के सुरेंद्र गोलें बताते हैं कि प्रतिवर्ष अनुसार लगभग 7 वर्षों से यहां महाकाल बाबा की शशिपाल की पूरे सोनाखार क्षेत्र में ब्राह्मण कराई जाती है और फिर पूजा अर्चना के बाद महाप्रसाद का वितरण किया जाता है
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    बाबा मन महेश्वर की शोभा यात्रा में उमरा जन सैलाब सोनाखार में भक्तों ने निकाली पालकी यात्रा
छिंदवाड़ा लिंगायत गवळी समाज के आई तुझा आशीर्वाद समिति एवं शिव तांडव ग्रुप के तत्वधान मंे भोले बाबा की शाही सवारी सात सितंबर दिन सोमवार को उज्जैन की तर्ज पर नगर में निकाली जाएगी। इस सवारी में प्रजा का हाल जानने बाबा मनमहेश्वर राजसी ठाट बाट, पारंपरिक उद्घोषक, ढोल, नगाड़ो की थाप, गूंजती शहनाई, खरताल, मंजीरे के साथ शाही सवारी नगर में भ्रमण करेगी। बाबा की शाही सवारी समाज के मोठी आई मंदिर प्रांगण से होते हुए इंदिरा नगर, खड़ेला चैक, बजरंग मोहल्ला, यादव मोहल्ला, भूमकाबाबा मोहल्ला, गौली मोहल्ला होते हुए वापस मंदिर प्रांगण पहुंचंेगी जिसके पश्चात् हवन,पूजन कर महाआरती की जाएगी।  बाबा मनमहेश्वर की शाही सवारी से नगर का पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है। शिव तांडव ग्रुप के सुरेंद्र गोलें बताते हैं कि प्रतिवर्ष अनुसार लगभग 7 वर्षों से यहां महाकाल बाबा की शशिपाल की पूरे सोनाखार क्षेत्र में ब्राह्मण कराई जाती है और फिर पूजा अर्चना के बाद महाप्रसाद का वितरण किया जाता है
    user_Cwa
    Cwa
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • नरेश उर्फ नीलू यादव बंडोल/सिवनी लूट के 7 आरोपियों का बंडोल पुलिस ने निकाला जुलूस...?(६९२६-८९२६)
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    नरेश उर्फ नीलू यादव बंडोल/सिवनी

लूट के 7 आरोपियों का बंडोल पुलिस ने निकाला जुलूस...?(६९२६-८९२६)
    user_Naresh Kumar Yadav
    Naresh Kumar Yadav
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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