रसौली राजबहा की कटान बनी किसानों की तबाही, 250 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न; मुआवजे की उठी मांग रसौली राजबहा की कटान बनी किसानों की तबाही, 250 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न; मुआवजे की उठी मांग जिला संवाददाता -विशाल गुप्ता बाराबंकी। मसौली विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के पास चौपला से निकली रसौली रजबहा में हुई भीषण कटान ने सैकड़ों किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। नहर का किनारा कटने के बाद तेज बहाव खेतों की ओर मुड़ गया, जिससे करीब ढाई सौ बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई। पानी लगातार फैल रहा है और नुकसान का दायरा बढ़ने से दादरा, मिर्जापुर, डमौरा समेत आसपास के गांवों के किसान गहरी चिंता में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में नहर में मामूली कटाव हुआ था, लेकिन समय रहते सिंचाई विभाग द्वारा मरम्मत नहीं कराई गई। धीरे-धीरे कटान बढ़ता गया और आखिरकार नहर टूट गई। इसके बाद पानी ने खेतों का रुख कर लिया और देखते ही देखते हरे-भरे धान के खेत तालाब में तब्दील हो गए। कई किसानों की पूरी फसल पानी में डूब चुकी है, जबकि अन्य खेतों में भी जलभराव लगातार बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष बारिश कम होने के कारण उन्होंने डीजल इंजन चलाकर खेतों में पानी पहुंचाया, महंगे बीज, खाद और मजदूरी पर भारी खर्च किया और बड़ी मुश्किल से धान की रोपाई की थी। अब फसल डूबने से उनकी महीनों की मेहनत और लाखों रुपये की लागत पर संकट खड़ा हो गया है। किसान राम सिंह ने बताया, "कटान जब छोटी थी, तभी अगर विभाग ने ध्यान दे दिया होता तो आज इतनी बड़ी तबाही नहीं होती। हमने ग्रामीणों के साथ मिलकर कटान रोकने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ नहीं कर सके। अब पूरा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।" किसान शिवकुमार वर्मा ने कहा, "हमने कर्ज लेकर और डीजल इंजन से सिंचाई करके धान की रोपाई की थी। आज पूरी फसल पानी में डूब गई है। अगर सरकार ने जल्द सर्वे कराकर मुआवजा नहीं दिया तो किसानों के सामने परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।" ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके पर पहुंचकर नहर की मरम्मत कराई जाए, जलभराव रोकने के प्रभावी इंतजाम किए जाएं और प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कर शीघ्र मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है तथा सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा जाएगा।
रसौली राजबहा की कटान बनी किसानों की तबाही, 250 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न; मुआवजे की उठी मांग रसौली राजबहा की कटान बनी किसानों की तबाही, 250 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न; मुआवजे की उठी मांग जिला संवाददाता -विशाल गुप्ता बाराबंकी। मसौली विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के पास चौपला से निकली रसौली रजबहा में हुई भीषण कटान ने सैकड़ों किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। नहर का किनारा कटने के बाद तेज बहाव खेतों की ओर मुड़ गया, जिससे करीब ढाई सौ बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई। पानी लगातार फैल रहा है और नुकसान का दायरा बढ़ने से दादरा, मिर्जापुर, डमौरा समेत आसपास के गांवों के किसान गहरी चिंता में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में नहर में मामूली कटाव हुआ था, लेकिन समय रहते सिंचाई विभाग द्वारा मरम्मत नहीं कराई गई। धीरे-धीरे कटान बढ़ता गया और आखिरकार नहर टूट गई। इसके बाद पानी ने खेतों का रुख कर लिया और देखते ही देखते हरे-भरे धान के खेत तालाब में तब्दील हो गए। कई किसानों की पूरी फसल पानी में डूब चुकी है, जबकि अन्य खेतों में भी जलभराव लगातार बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष बारिश कम होने के कारण उन्होंने डीजल
इंजन चलाकर खेतों में पानी पहुंचाया, महंगे बीज, खाद और मजदूरी पर भारी खर्च किया और बड़ी मुश्किल से धान की रोपाई की थी। अब फसल डूबने से उनकी महीनों की मेहनत और लाखों रुपये की लागत पर संकट खड़ा हो गया है। किसान राम सिंह ने बताया, "कटान जब छोटी थी, तभी अगर विभाग ने ध्यान दे दिया होता तो आज इतनी बड़ी तबाही नहीं होती। हमने ग्रामीणों के साथ मिलकर कटान रोकने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ नहीं कर सके। अब पूरा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।" किसान शिवकुमार वर्मा ने कहा, "हमने कर्ज लेकर और डीजल इंजन से सिंचाई करके धान की रोपाई की थी। आज पूरी फसल पानी में डूब गई है। अगर सरकार ने जल्द सर्वे कराकर मुआवजा नहीं दिया तो किसानों के सामने परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।" ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके पर पहुंचकर नहर की मरम्मत कराई जाए, जलभराव रोकने के प्रभावी इंतजाम किए जाएं और प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कर शीघ्र मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है तथा सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा जाएगा।
- गुम हुए तिरासी मोबाइल खोज लाई जिले की पुलिस करीब 17 लाख रुपये के मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाकर खिलाए चेहरे; आठ माह में 868 से अधिक फोन बरामद गुम हुए तिरासी मोबाइल खोज लाई जिले की पुलिस करीब 17 लाख रुपये के मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाकर खिलाए चेहरे; आठ माह में 868 से अधिक फोन बरामद धारा लक्ष्य समाचार बाराबंकी। गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को लेकर परेशान लोगों के लिए बाराबंकी पुलिस ने बड़ी राहत दी है। पुलिस की सर्विलांस सेल और थाना स्तर की संयुक्त टीमों ने तकनीकी निगरानी के जरिए करीब 17 लाख रुपये कीमत के 83 गुम मोबाइल फोन बरामद कर लिए। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर गुम मोबाइलों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया गया। सर्विलांस सेल और विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने सीईआईआर पोर्टल (केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर) के माध्यम से मोबाइल फोन की तकनीकी जांच और निगरानी की। लगातार प्रयास के बाद टीमों ने 83 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की। रविवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर आलोक कुमार पाठक ने बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। खोया मोबाइल और उसमें सुरक्षित जरूरी डाटा वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खिल उठे। मोबाइल स्वामियों ने बाराबंकी पुलिस का आभार जताते हुए पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस की मोबाइल बरामदगी टीम लगातार गुम मोबाइलों की तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, पिछले आठ माह में 868 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ 73 लाख रुपये बताई गई है। सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए हैं। मोबाइल लौटाने के साथ ही पुलिस ने लोगों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए। साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने तथा साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। इसके अलावा लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम अथवा चोरी होने पर तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर भी रिपोर्ट करें। पोर्टल के माध्यम से गुम मोबाइल को बंद कराने, उसकी निगरानी करने और बरामदगी में मदद मिल सकती है। मोबाइल बरामदगी अभियान में सर्विलांस सेल प्रभारी उपनिरीक्षक अजय सिंह, हेड कांस्टेबल मजहर अहमद, चंद्रभान, बृजेश कुमार, कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार, प्रवीण शुक्ल, अंकुर, रवींद्र कुमार, महिला कांस्टेबल सुनिधि पांडेय समेत सर्विलांस सेल और सभी थानों की सीईआईआर पोर्टल टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- रसौली राजबहा की कटान बनी किसानों की तबाही, 250 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न; मुआवजे की उठी मांग रसौली राजबहा की कटान बनी किसानों की तबाही, 250 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न; मुआवजे की उठी मांग जिला संवाददाता -विशाल गुप्ता बाराबंकी। मसौली विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के पास चौपला से निकली रसौली रजबहा में हुई भीषण कटान ने सैकड़ों किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। नहर का किनारा कटने के बाद तेज बहाव खेतों की ओर मुड़ गया, जिससे करीब ढाई सौ बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई। पानी लगातार फैल रहा है और नुकसान का दायरा बढ़ने से दादरा, मिर्जापुर, डमौरा समेत आसपास के गांवों के किसान गहरी चिंता में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में नहर में मामूली कटाव हुआ था, लेकिन समय रहते सिंचाई विभाग द्वारा मरम्मत नहीं कराई गई। धीरे-धीरे कटान बढ़ता गया और आखिरकार नहर टूट गई। इसके बाद पानी ने खेतों का रुख कर लिया और देखते ही देखते हरे-भरे धान के खेत तालाब में तब्दील हो गए। कई किसानों की पूरी फसल पानी में डूब चुकी है, जबकि अन्य खेतों में भी जलभराव लगातार बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष बारिश कम होने के कारण उन्होंने डीजल इंजन चलाकर खेतों में पानी पहुंचाया, महंगे बीज, खाद और मजदूरी पर भारी खर्च किया और बड़ी मुश्किल से धान की रोपाई की थी। अब फसल डूबने से उनकी महीनों की मेहनत और लाखों रुपये की लागत पर संकट खड़ा हो गया है। किसान राम सिंह ने बताया, "कटान जब छोटी थी, तभी अगर विभाग ने ध्यान दे दिया होता तो आज इतनी बड़ी तबाही नहीं होती। हमने ग्रामीणों के साथ मिलकर कटान रोकने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ नहीं कर सके। अब पूरा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।" किसान शिवकुमार वर्मा ने कहा, "हमने कर्ज लेकर और डीजल इंजन से सिंचाई करके धान की रोपाई की थी। आज पूरी फसल पानी में डूब गई है। अगर सरकार ने जल्द सर्वे कराकर मुआवजा नहीं दिया तो किसानों के सामने परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।" ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके पर पहुंचकर नहर की मरम्मत कराई जाए, जलभराव रोकने के प्रभावी इंतजाम किए जाएं और प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कर शीघ्र मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है तथा सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा जाएगा।2
- BREAKING: बाराबंकी पुलिस की बड़ी कामयाबी 📱 83 गुम मोबाइल बरामद, कीमत करीब ₹17 लाख सर्विलांस सेल व पुलिस टीम ने CEIR पोर्टल की मदद से मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे। #Barabanki #UPPolice #BreakingNews #MobileRecovery BREAKING: बाराबंकी पुलिस की बड़ी कामयाबी 📱 83 गुम मोबाइल बरामद, कीमत करीब ₹17 लाख सर्विलांस सेल व पुलिस टीम ने CEIR पोर्टल की मदद से मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे। Barabanki1
- बाराबंकी: लोधेश्वर महादेवा मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन मुस्तैद! DM, SP और एडिशनल SP ने अधिकारियों व पुलिस बल के साथ समीक्षा बैठक कर दिए सख्त निर्देश #barabanki #instagramreels #sawan #mahadev #viralreels बाराबंकी: लोधेश्वर महादेवा मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन मुस्तैद! DM, SP और एडिशनल SP ने अधिकारियों व पुलिस बल के साथ समीक्षा बैठक कर दिए सख्त निर्देश #barabanki #instagramreels #sawan #mahadev #viralreels बाराबंकी: लोधेश्वर महादेवा मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन मुस्तैद! DM, SP और एडिशनल SP ने अधिकारियों व पुलिस बल के साथ समीक्षा बैठक कर दिए सख्त निर्देश #barabanki #instagramreels #sawan #mahadev #viralreels बाराबंकी: लोधेश्वर महादेवा मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन मुस्तैद! DM, SP और एडिशनल SP ने अधिकारियों व पुलिस बल के साथ समीक्षा बैठक कर दिए सख्त निर्देश #barabanki #instagramreels #sawan #mahadev #viralreels1
- पुलिस टीम द्वारा 01 शातिर अन्तर्जनपदीय चोर/अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार कब्जे से चोरी की 02 मोटरसाइकिल व 08 मोबाइल किये गये बरामद। बाराबंकी।पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय द्वारा जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने तथा जनपद में हुई लूट व चोरी की घटनाओं का शीघ्र अनावरण करने व अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया। इसी क्रम में आज दिनांक 01.08.2026 को थाना बड्डूपुर पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0 305/2025 धारा 35/317(2)/317(4)/317(5) बीएनएस से सम्बन्धित अभियुक्त आजाद पुत्र सप्पू निवासी ग्राम डफरापुर थाना बड्डूपुर जनपद बाराबंकी को सलेमपुर कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे/निशांदेही से चोरी की 02 अदद मोटरसाइकिल हीरो एक्सट्रीम व टीवीएस अपाचे व चोरी के 08 अदद मोबाइल बरामद किये गये। पूछताछ एवं जांच से ज्ञात हुआ अभियुक्त द्वारा अपने एक अन्य साथी विवेक वर्मा के साथ मिलकर दिनांक 30.07.2026 को टीवीएस अपाचे को बाबागंज बाजार, घुंघटेर से चोरी की गया था जिस सम्बन्ध में थाना घुंघटेर पर मु0अ0सं0 164/2024 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत है। दिनांक 15.07.2026 को हीरो एक्सट्रीम मोटरसाइकिल को गौडैचा चौराहे, सीतापुर के पास से तथा प्राप्त वीवो मोबाइल को बिलौली बाजार, महमूदाबाद से चोरी किया गया था जिस सम्बन्ध में क्रमश: मु0अ0सं0 203/2026 धारा 303(2) बीएनएस थाना सदरपुर, मु0अ0सं0 295/2026 धारा 303(2) बीएनएस थाना महमूदाबाद जनपद सीतापुर पंजीकृत है। शेष वांछित अभियुक्त विवेक वर्मा की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे है।1
- भगवान मुनिसुब्रत नाथ के गर्भ कल्याणक पर हुए धार्मिक कार्यक्रम संयम और आत्म कल्याण का संदेश देकर मनाया गर्भ कल्याण का महोत्सव भगवान मुनिसुब्रत नाथ के गर्भ कल्याणक पर हुए धार्मिक कार्यक्रम संयम और आत्म कल्याण का संदेश देकर मनाया गर्भ कल्याण का महोत्सव सवाई माधोपुर सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से शुक्रवार को जैन धर्म के बीस वे तीर्थंकर भगवान मुनि सुब्रत नाथ का गर्भ कल्याण का महोत्सव श्रद्धा भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया आलनपुर स्थित दिगंबर जैन नेमिनाथ अतिशय क्षेत्र दीवान जी की नसिया में सुबह मंगलाष्टक के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ इसके बाद मंत्र उच्चारण के बीच रजत कलशो से अभिषेक एवं शांति धारा कर विश्व शांति की जनकल्याण की कामना की गई भगवान मुनि सुब्रत नाथ की पूजा अर्चना कर गर्भ कल्याण मनाया गया चमत्कार की मंदिर के पंडित आशीष जैन शास्त्री ने गर्भ कल्याणक की महत्वता बताते हुए कहा कि यह पर्व संयम आत्म शुद्धि और सदाचार का संदेश देता है कार्यक्रम में धर्म आराधना के साथ विश्व की सुख समृद्धि और शांति की प्रार्थना की गई पूजन के दौरान बिना गंगवाल निर्मल जैन श्रीमाल एवं हेमलता गंगवाल ने भक्ति में भजनों की प्रस्तुति थी एवं पूजा अर्चना की शांति पाठ विसर्जन एवं भगवान की मंगल आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ इस अवसर पर समाज की पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे धर्मेंद्र श्रीमाल सुनील श्रीमाल कमलेश श्रीमाल विक्रम श्रीमाल सोरभ श्रीमाल रतन गंगवाल श्रवण लोगया लोकेशन सवाई माधोपुर न्यूज रिपोर्टर मुकेश कुमार जैन1
- नाला निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी? 80 फीटा रोड पर ‘नागिन डांस’ करता नाला बना चर्चा का केंद्र, कहीं मोटा तो कहीं पतला—ढलाई में बाहर झांक रही गिट्टी नाला निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी? 80 फीटा रोड पर ‘नागिन डांस’ करता नाला बना चर्चा का केंद्र, कहीं मोटा तो कहीं पतला—ढलाई में बाहर झांक रही गिट्टी धारा लक्ष्य समाचार बाराबंकी। नगर पालिका परिषद नवाबगंज क्षेत्र के 80 फीटा रोड, सोहन टिंबर के पास कराए जा रहे नाला निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तरीके को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। मौके की स्थिति देखकर लोग इसे नाला निर्माण कम और ‘नागिन डांस’ करता हुआ नाला अधिक बता रहे हैं। कहीं नाला चौड़ा दिखाई देता है तो कहीं उसकी चौड़ाई और गहराई में अंतर नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। नाले की ढलाई में जगह-जगह गिट्टी बाहर झांकती दिखाई दे रही है, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि ढलाई में सीमेंट, बालू और गिट्टी का मिश्रण निर्धारित अनुपात में नहीं रखा गया और पर्याप्त तरीके से कंक्रीटिंग नहीं की गई तो पहली ही बरसात में निर्माण की असली तस्वीर सामने आ सकती है। नाले के निर्माण में एकरूपता न दिखाई देने को लेकर भी स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि जब निर्माण सरकारी धन से हो रहा है तो इसकी चौड़ाई, गहराई, ढलाई और बेस में समानता क्यों नहीं दिखाई दे रही? क्या निर्माण से पहले इसका तकनीकी निरीक्षण किया गया या फिर ठेकेदार को अपनी सुविधा के अनुसार काम करने की खुली छूट दे दी गई? सबसे बड़ा सवाल नाले की फिलिंग को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलिंग के दौरान भी अनियमितता बरती जा रही है। यदि नाले के नीचे और आसपास की भराई को ठीक तरीके से दबाकर मजबूत नहीं किया गया तो बारिश के पानी के दबाव और मिट्टी के बैठने से निर्माण जल्द क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहेगी। बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और ऐसे समय में नाला निर्माण का काम तेजी से नहीं कराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ काम पूरा नहीं किया जा रही सिर्फ जल्दबाजी दिखाई दे रही है। सवाल यह भी है कि बारिश के बीच निर्माण सामग्री और फिलिंग की गुणवत्ता को किस तरह सुनिश्चित किया जा रहा है? स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि मौके पर तकनीकी टीम भेजकर नाले की चौड़ाई, गहराई, ढलाई की मोटाई, सामग्री की गुणवत्ता और फिलिंग की जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर यदि कहीं मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद नवाबगंज के जिम्मेदार अधिकारी इस नागिन डांस’ करते नाले की शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं या फिर सरकारी धन से बन रहे इस निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल बारिश के पानी में बहते रहेंगे। वही इस सम्बन्ध में अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ला से जब संपर्क किया गया तो उनका फोन नॉटरिचबुल रहा।1
- बाराबंकी: नारायणपुर में गोवध की सूचना से हड़कंप, विश्व हिंदू महासंघ सक्रिय | बाराबंकी: नारायणपुर में गोवध की सूचना से हड़कंप, विश्व हिंदू महासंघ सक्रिय |1