कोरबा के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रामसागरपारा तालाब के पास मुख्य मार्ग पर रविवार रात हुई एक हिंसक घटना का वीडियो सामने आया है। इस घटना में बीच-बचाव करने पहुंचे युवक रवि यादव, जिनके पिता लेथ मशीन का काम करते हैं, के सिर पर डंडे से वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना में रामसागरपारा निवासी हर्षित और महेंद्र गंगवानी का नाम सामने आ रहा है, जो वायरल वीडियो में एक युवक हाथ में ईंट और दूसरा डंडा लिए हुए दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले हुए एक विवाद का बदला लेने की नीयत से ये लोग युवक के घर गए थे और वहां जमकर मारपीट की। युवक सड़क पर गिर पड़ा और आसपास के लोग जमा हो गए। इसी दौरान रवि यादव सफेद शर्ट में वहां पहुंचे और ईंट पकड़े युवक को समझाने व रोकने का प्रयास करने लगे। ईंट पकड़ा युवक भी अपने साथी को डंडा मारने से रोकने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एकाएक हमला कर दिया गया और रवि यादव के सिर पर जोरदार वार हुआ, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े। रवि यादव को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। संभवतः सिर में लगी गंभीर चोट के कारण उनकी मौत हुई है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने हर्षित व महेंद्र गंगवानी के घर पर जाकर अपना गुस्सा उतारने की कोशिश की, लेकिन हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई और आसपास के इलाकों में फैलकर आरोपियों के घर पर होने वाले संभावित हमले को समय रहते टाल दिया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिल सकी थी, लेकिन बाद में वार्ड क्रमांक 1 रामसागरपारा (कोरबा) निवासी महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि दो बच्चों की आपसी लड़ाई ने खूनी मोड़ ले लिया और वह 'हत्यारा पिता' बन गया।
कोरबा के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रामसागरपारा तालाब के पास मुख्य मार्ग पर रविवार रात हुई एक हिंसक घटना का वीडियो सामने आया है। इस घटना में बीच-बचाव करने पहुंचे युवक रवि यादव, जिनके पिता लेथ मशीन का काम करते हैं, के सिर पर डंडे से वार किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना में रामसागरपारा निवासी हर्षित और महेंद्र गंगवानी का नाम सामने आ रहा है, जो वायरल वीडियो में एक युवक हाथ में ईंट और दूसरा डंडा लिए हुए दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले हुए एक विवाद का बदला लेने की नीयत से ये लोग युवक के घर गए थे और वहां जमकर मारपीट की। युवक सड़क पर गिर पड़ा और आसपास के लोग जमा हो गए। इसी दौरान रवि यादव सफेद शर्ट में वहां पहुंचे और ईंट पकड़े युवक को समझाने व रोकने का प्रयास करने लगे। ईंट पकड़ा युवक भी अपने साथी को डंडा मारने से रोकने की कोशिश कर रहा था,
लेकिन एकाएक हमला कर दिया गया और रवि यादव के सिर पर जोरदार वार हुआ, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े। रवि यादव को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। संभवतः सिर में लगी गंभीर चोट के कारण उनकी मौत हुई है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने हर्षित व महेंद्र गंगवानी के घर पर जाकर अपना गुस्सा उतारने की कोशिश की, लेकिन हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई और आसपास के इलाकों में फैलकर आरोपियों के घर पर होने वाले संभावित हमले को समय रहते टाल दिया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिल सकी थी, लेकिन बाद में वार्ड क्रमांक 1 रामसागरपारा (कोरबा) निवासी महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि दो बच्चों की आपसी लड़ाई ने खूनी मोड़ ले लिया और वह 'हत्यारा पिता' बन गया।
- पूरे क्षेत्र में पीने के पानी को लेकर भारी त्राहिमाम मचा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, नगरवासी गंभीर जल संकट से लगातार जूझ रहे हैं और अत्यधिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।1
- चलते ट्रक से चावल की चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस मामले में गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- बिलासपुर पुलिस ने सोने की चेन स्नेचिंग करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। इन आरोपियों ने सकरी और सिरगिट्टी थाना क्षेत्रों सहित कई अन्य स्थानों पर वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस की जांच के दौरान, तोरवा निवासी नवीन साहू की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। जानकारी के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य उड़ीसा और बिलासपुर से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस इस मामले में आगे की जांच में जुटी हुई है।1
- बिलासपुर शहर के ओल्ड बस स्टैंड स्थित टेलीफोन एक्सचेंज रोड पर संचालित होटल हेवन पार्क का LIT (Life In Trance) क्लब एक बार फिर नियमों और प्रशासनिक निर्देशों को खुलेआम चुनौती देने के आरोपों के चलते सुर्खियों में है। यह क्लब शहर के व्यस्त व्यावसायिक और घनी आबादी वाले क्षेत्र में कथित तौर पर निर्धारित समय सीमा के बाद भी देर रात तक चलता रहता है। शनिवार रात भी क्लब के भीतर देर रात करीब 1 बजे तक पार्टी, संगीत और जाम का दौर जारी रहने की बात सामने आई है, जिससे क्षेत्रवासियों में अत्यधिक नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्लब प्रबंधन को न तो नियमों की परवाह है और न ही आसपास रहने वाले परिवारों की परेशानियों की चिंता। नागरिकों के अनुसार, क्लब अक्सर देर रात 2 बजे तक संचालित होता है, जिससे तेज संगीत, वाहनों की आवाजाही और नशे में धुत लोगों की मौजूदगी से पूरे इलाके का माहौल प्रभावित होता है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में असुरक्षा की भावना बढ़ती है और उनकी नींद हराम हो जाती है। लोगों ने सवाल उठाया है कि रिहायशी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं, और प्रशासन की नाक के नीचे नियमों की यह अनदेखी कैसे हो रही है। जानकारों का कहना है कि होटल हेवन पार्क और उसके क्लब को लेकर यह पहली शिकायत नहीं है। इससे पहले भी देर रात तक संचालन, नियमों के उल्लंघन और प्रबंधन की कथित मनमानी को लेकर कई शिकायतें प्रशासन तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि आबकारी विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में यह धारणा बन रही है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को कार्रवाई के बजाय संरक्षण मिल रहा है। बढ़ते जनआक्रोश के बीच सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आबकारी विभाग से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने क्लब परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की अपील की है ताकि संचालन का वास्तविक समय और गतिविधियां स्पष्ट हो सकें। लोगों का कहना है कि यदि जांच में निर्धारित समय सीमा के बाद क्लब संचालन की पुष्टि होती है, तो LIT क्लब का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर संचालकों के खिलाफ कड़ी वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। अब पूरा शहर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है, यह सवाल उठ रहा है कि क्या नियमों को चुनौती देने के आरोपों से घिरे इस क्लब पर कानून का शिकंजा कस पाएगा।1
- बिलासपुर पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाने वाले उड़ीसा के एक शातिर अंतर्राज्यीय चैन स्नैचिंग और लूट गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से थाना तोरवा और सिरगिट्टी क्षेत्र की तीन गंभीर वारदातों का खुलासा हुआ है, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध और आपराधिक षड्यंत्र की सख्त धाराएं जोड़ी गई हैं। पुलिस के अनुसार, 15 मई 2026 को तोरवा की शिवधाम कॉलोनी में सुबह सफाई कर रही एक महिला से स्कूटी सवार बदमाशों ने सोने की चैन लूट ली थी। सिरगिट्टी क्षेत्र में भी इसी तरह की एक वारदात सामने आई थी। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों और तकनीकी विश्लेषण की मदद से जांच शुरू की, जिसमें बिना नंबर की नीली स्कूटी पर संदिग्धों को देखा गया। इसी दौरान पुलिस ने गणेश नगर (सिरगिट्टी) में दबिश देकर स्थानीय सहयोगी नवीन साहू को हिरासत में लिया। नवीन साहू ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने उड़ीसा के अपराधियों को बिलासपुर बुलाकर अपने घर ठहराया था। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में जाकर स्थानीय मददगारों की सहायता से अकेले घूमने वाली महिलाओं को निशाना बनाता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उड़ीसा निवासी शिव सिंह, शक्ति प्रसाद, प्रमोद सिंह, अतुल मुंडा और बसंता खड़िया को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्कूटी भी जब्त की गई है। गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मोहल्ले या आसपास बाहर से आकर रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में दें, ताकि समय रहते अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।1
- एक जेल के बाथरूम के भीतर फंदे पर झूलते हुए एक कैदी का शव बरामद किया गया है।1
- एक मेडिकल कॉलेज में करोड़ों रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले का राज कॉलेज के एक गार्ड ने खोला है।1
- कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र में एक युवक सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसे के बाद वह लगातार तीन घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन उसे किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिल पाई। मदद न मिलने के कारण घायल युवक की मौत हो गई, जिसके बाद शासन-प्रशासन की योजनाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1