कितना अच्छा होता कि “HAPPY BIRTHDAY MODI JI” वाले इस राहत पैकेज में ही एक दिया, बाती और माचिस भी दे दी जाती सबको और फिर कहा जाता—यह सेवा का दिया है, आप इसे आशीर्वाद का 🪔 दिया समझकर जला ही लीजिएगा! अभाव के आँगन में किसी नेता के नाम पर आशीर्वाद का दिया 🪔 कैसे जल सकता है? बाढ़ के गंदे पानी में डूबे घरों की छतों पर रहने को मजबूर लोगों से “सेवा संकल्प अभियान” की बात करना, उनके हालात का उपहास करना नहीं होगा तो क्या होगा? जिस बिहार के 14 जिलों में 47 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं, वहाँ प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर “आशीर्वाद का दिया” जलाने का कार्यक्रम निष्ठुर आचरण जैसा ही लगेगा। शायद यही वजह है कि बिहार कोटे के 8 केंद्रीय मंत्रियों और बिहार NDA के तमाम नेताओं की इंटरनेट पर फजीहत भी हो रही है। सवाल बड़ा सीधा है—जिस बिहार में पिछले दो हफ्तों से बाढ़ की भयंकर त्रासदी लिपटी हुई है, जहाँ राहत देने के नाम पर सरकारी व्यवस्था बेहद सुस्त और पस्त नजर आ रही है, जहाँ हजारों लोग एक वक्त के खाने पर दिन काटने को मजबूर हैं, वहाँ क्या पूरी BJP की मशीनरी बड़े स्तर पर राहत पैकेज बाँटकर अपने प्रधानमंत्री का जन्मदिन नहीं मना सकती थी? कितना अच्छा होता कि “HAPPY BIRTHDAY MODI JI” वाले इस राहत पैकेज में ही एक दिया, बाती और माचिस भी दे दी जाती सबको और फिर कहा जाता—यह सेवा का दिया है, आप इसे आशीर्वाद का 🪔 दिया समझकर जला ही लीजिएगा!
कितना अच्छा होता कि “HAPPY BIRTHDAY MODI JI” वाले इस राहत पैकेज में ही एक दिया, बाती और माचिस भी दे दी जाती सबको और फिर कहा जाता—यह सेवा का दिया है, आप इसे आशीर्वाद का 🪔 दिया समझकर जला ही लीजिएगा! अभाव के आँगन में किसी नेता के नाम पर आशीर्वाद का दिया 🪔 कैसे जल सकता है? बाढ़ के गंदे पानी में डूबे घरों की छतों पर रहने को मजबूर लोगों से “सेवा संकल्प अभियान” की बात करना, उनके हालात का उपहास करना नहीं होगा तो क्या होगा? जिस बिहार के 14 जिलों में 47 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं, वहाँ प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर “आशीर्वाद का दिया” जलाने का कार्यक्रम निष्ठुर आचरण जैसा ही लगेगा। शायद यही वजह है कि बिहार कोटे के 8 केंद्रीय मंत्रियों और बिहार NDA के तमाम नेताओं की इंटरनेट पर फजीहत भी हो रही है। सवाल बड़ा सीधा है—जिस बिहार में पिछले दो हफ्तों से बाढ़ की भयंकर त्रासदी लिपटी हुई है, जहाँ राहत देने के नाम पर सरकारी व्यवस्था बेहद सुस्त और पस्त नजर आ रही है, जहाँ हजारों लोग एक वक्त के खाने पर दिन काटने को मजबूर हैं, वहाँ क्या पूरी BJP की मशीनरी बड़े स्तर पर राहत पैकेज बाँटकर अपने प्रधानमंत्री का जन्मदिन नहीं मना सकती थी? कितना अच्छा होता कि “HAPPY BIRTHDAY MODI JI” वाले इस राहत पैकेज में ही एक दिया, बाती और माचिस भी दे दी जाती सबको और फिर कहा जाता—यह सेवा का दिया है, आप इसे आशीर्वाद का 🪔 दिया समझकर जला ही लीजिएगा!
- कितना अच्छा होता कि “HAPPY BIRTHDAY MODI JI” वाले इस राहत पैकेज में ही एक दिया, बाती और माचिस भी दे दी जाती सबको और फिर कहा जाता—यह सेवा का दिया है, आप इसे आशीर्वाद का 🪔 दिया समझकर जला ही लीजिएगा! अभाव के आँगन में किसी नेता के नाम पर आशीर्वाद का दिया 🪔 कैसे जल सकता है? बाढ़ के गंदे पानी में डूबे घरों की छतों पर रहने को मजबूर लोगों से “सेवा संकल्प अभियान” की बात करना, उनके हालात का उपहास करना नहीं होगा तो क्या होगा? जिस बिहार के 14 जिलों में 47 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं, वहाँ प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर “आशीर्वाद का दिया” जलाने का कार्यक्रम निष्ठुर आचरण जैसा ही लगेगा। शायद यही वजह है कि बिहार कोटे के 8 केंद्रीय मंत्रियों और बिहार NDA के तमाम नेताओं की इंटरनेट पर फजीहत भी हो रही है। सवाल बड़ा सीधा है—जिस बिहार में पिछले दो हफ्तों से बाढ़ की भयंकर त्रासदी लिपटी हुई है, जहाँ राहत देने के नाम पर सरकारी व्यवस्था बेहद सुस्त और पस्त नजर आ रही है, जहाँ हजारों लोग एक वक्त के खाने पर दिन काटने को मजबूर हैं, वहाँ क्या पूरी BJP की मशीनरी बड़े स्तर पर राहत पैकेज बाँटकर अपने प्रधानमंत्री का जन्मदिन नहीं मना सकती थी? कितना अच्छा होता कि “HAPPY BIRTHDAY MODI JI” वाले इस राहत पैकेज में ही एक दिया, बाती और माचिस भी दे दी जाती सबको और फिर कहा जाता—यह सेवा का दिया है, आप इसे आशीर्वाद का 🪔 दिया समझकर जला ही लीजिएगा!1
- 🚨 भोजपुर में अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार! 📍 भोजपुर | बड़ी कार्रवाई जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा के आदेश पर मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो वाहनों से कुल 1,871.400 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। बताया गया कि शराब उत्तर प्रदेश से बिहार लाई जा रही थी। 16 सितंबर 2026 को बक्सर-पटना फोरलेन पर ज्ञानपुर पुल, गीधा थाना के पास एक चार पहिया वाहन के गुप्त तहखाने से 867.600 लीटर शराब बरामद हुई। वहीं गजराजगंज ओवरब्रिज के पास 12 चक्का ट्रक के गुप्त तहखाने से 1,003.800 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान दोनों वाहनों के चालक चंदन कुमार और वेद प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया गया। दोनों को अग्रतर कार्रवाई के लिए न्यायालय में सुपुर्द कर दिया गया। जप्त शराब में Officer's Choice, Royal Stag, Kingfisher Beer और 8 PM Special Whisky शामिल हैं। कुल 7,866 पीस शराब बरामद की गई, जिसकी बाजार कीमत करीब 23 लाख रुपये आंकी गई है। छापेमारी टीम में निरीक्षक प्रकाश चन्द्र, अवर निरीक्षक शिवम कुमार झा, सहायक अवर निरीक्षक राजकुमार राजा सहित मद्यनिषेध सिपाही, सैप एवं होमगार्ड के जवान शामिल रहे। मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग ने कहा कि अवैध शराब के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। 📢 जनता की आवाज आरा न्यूज़ 🎤 रिपोर्टर: पंकज सिंह #भोजपुर #आरा #अवैधशराब #शराबबरामद #मद्यनिषेध #बिहार #CrimeNews #AraNews #BhojpurNews1
- UPI रोल बैक मोदी जी नहीं तो आम जनता आपको रोल बैक करने में जायदा समय नहीं लोगा। जय राहुल गांधी1
- विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी शहीद भवन आरा मोदी और BJP की चारों तरफ से लंका लगी है। कुछ भी करो, अब गलत ही होता दिख रहा है। भारतीय राजनीति हर दिन, हर घंटे बदलती रहती है। लेकिन इन दिनों भारतीय जनता पार्टी का हाल देखकर ऐसा लगता है, जैसे उन्होंने कसम खा ली हो कि जितना संभव हो, उतना खुद को ही राजनीतिक नुकसान पहुँचाना है। एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जो न सिर्फ राजनीतिक रूप से, बल्कि सामाजिक रूप से भी उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। कैसे? इन तथ्यों को समझिए। पहला झटका — सवर्ण वोट यह माना जाता रहा है कि भारतीय जनता पार्टी सवर्णों और व्यापारियों के बीच मजबूत आधार रखती है। यही उसका एक महत्वपूर्ण समर्थन आधार रहा है। लेकिन UGC के एक नए नियम को लेकर जिस तरह नाराजगी सामने आई, उसने इसी आधार पर सवाल खड़े कर दिए। उस नियम के विरोध में उठी आवाजों की गूंज अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई है। “आरक्षण हटाओ आंदोलन” भी उसी नाराजगी की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में BJP सरकारों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए और बाद में कोर्ट के हस्तक्षेप से उन पर रोक लगी। इस पूरे घटनाक्रम में जिन सामाजिक समूहों को BJP के साथ माना जाता था, उनके बीच भी असंतोष दिखाई दिया। OBC का एक वर्ग भी इससे प्रभावित हुआ और मूल समर्थक वर्ग में भी नाराजगी की चर्चा शुरू हुई। दूसरा झटका — युवा और नए वोटर युवा वोटर के बीच मुद्दे और रोजगार, शिक्षा तथा भविष्य जैसे सवाल महत्वपूर्ण होते हैं। इसके बाद छात्र आंदोलन ने भी सरकार के सामने चुनौती खड़ी की। एक नई पीढ़ी, जो राजनीति में सक्रिय होने वाली थी और नए मतदाता के रूप में सामने आ रही थी, उसके बीच भी सवाल उठे। आंदोलनकारी छात्रों के साथ पुलिस की कार्रवाई और सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर जिस तरह बहस हुई, उससे युवाओं के एक हिस्से में नाराजगी देखने को मिली। बाद में मांगों पर सहमति बनी, लेकिन तब तक विवाद काफी आगे बढ़ चुका था। पढ़ाई और शिक्षा का मुद्दा ही वह मुद्दा है, जो अलग-अलग वर्गों को एक साथ ला सकता है। तीसरा झटका — व्यापारी वर्ग GST को लेकर पहले भी व्यापारियों के बीच कई तरह की नाराजगी और समस्याएं सामने आती रही हैं। अब UPI और उससे जुड़े नए बदलावों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यानी एक तरफ सवर्ण वर्ग में नाराजगी की चर्चा, दूसरी तरफ युवाओं के बीच शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे और अब व्यापारी वर्ग से जुड़े सवाल। भारतीय जनता पार्टी के लिए यह स्थिति राजनीतिक रूप से गंभीर चुनौती बन सकती है। क्या यह राजनीतिक आत्मघाती रणनीति है या बदलते समय के साथ नीतिगत फैसलों का असर—इस पर बहस हो सकती है। आने वाले चुनावों में इसका क्या असर होगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।1
- 🚨 आरा में बजाज पल्सर के तीन नए मॉडल लॉन्च, नई टेक्नोलॉजी और दमदार फीचर्स से लैस बाइक ने खींचा ध्यान 🏍️🔥 आरा। मां मालती बजाज, चंदवा मोड़ आरा के शोरूम में बजाज पल्सर के तीन नए मॉडलों की लॉन्चिंग की गई। इस मौके पर पटना से पहुंचे कंपनी के ASM सुमित कुमार मौजूद रहे और उन्होंने नए मॉडलों की खासियतों और आधुनिक तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शोरूम के MD संजीव गुप्ता ने बताया कि पल्सर के नए मॉडल नए रंग-रूप, आधुनिक टेक्नोलॉजी, माइलेज, आराम और मजबूत निर्माण के साथ नई पीढ़ी के ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। नए मॉडल के प्रमुख फीचर्स में 160cc इंजन, 18.5 PS पावर, 114.5 km/h तक की टॉप स्पीड, Intelligent Throttle, 4 Ride Modes, Traction Control, Crawl Tech, 37mm USD फोर्क और 5-इंच TFT स्क्रीन जैसे फीचर्स शामिल हैं। कंपनी के अनुसार 0-60 km/h की रफ्तार करीब 4.5 सेकंड में हासिल करने का दावा किया गया है। लॉन्चिंग के दौरान संकेत गुप्ता और संदीप गुप्ता सहित गणमान्य अतिथि और ग्राहक मौजूद रहे। कार्यक्रम में नई पल्सर के फीचर्स और तकनीक को लेकर लोगों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। 🏍️ नई पल्सर—Fast & Intelligent! 📍 मां मालती बजाज, चंदवा मोड़, आरा आपको नई बजाज पल्सर का कौन-सा फीचर सबसे ज्यादा पसंद आया? कमेंट में जरूर बताएं। 👇 #BajajPulsar #Pulsar #Pulsar160 #Bajaj #Ara #AraNews #BhojpurNews #BikeLovers #Bikelovers #BikeLaunch #NewPulsar #ARNEWS241
- अधिवक्ता योगेंद्र यादव ने आरोप लगाते हुए क्या कुछ कहा सुनिए-1
- जयप्रकाश विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ABVP और AISA का प्रदर्शन, छात्रों ने की तालाबंदी जयप्रकाश विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ABVP और AISA का प्रदर्शन, छात्रों ने की तालाबंदी परीक्षा पत्र में गलतियों और छात्र हित के मुद्दों को लेकर कुलपति के खिलाफ जताया आक्रोश, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी छपरा। जयप्रकाश विश्वविद्यालय में परीक्षा पत्र में लगातार सामने आ रही कथित त्रुटियों और छात्र हित से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) एवं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान AISA छात्र संगठन के कुणाल ने आरोप लगाया कि 2 सितंबर से ही परीक्षा पत्र में गलतियों और छात्र हित से जुड़े मामलों को लेकर वे लगातार कुलपति से मिलने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुलपति की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। कुणाल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता के कारण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा पत्र में हुई गलतियों को सुधारने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, ABVP कार्यकर्ताओं ने भी कुलपति पर छात्र हित में आवश्यक कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा पत्र की त्रुटियों और अन्य छात्र समस्याओं को लेकर पत्रों के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन से संवाद करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया गया। छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्र हित में ठोस कार्रवाई नहीं होती और परीक्षा पत्र की गलतियों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में अनशन करने की चेतावनी भी दी। प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर गतिविधियां प्रभावित हुईं। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हित में तत्काल पहल करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। #ᴛʀᴀɴᴅɪɴɢ #reelschallenge #follower #unfollowers #bbnmedialive1
- और भी बहुत कुछ है, जो आप सब जानते हैं और समय-समय पर देखते-सुनते रहे हैं। नोटबंदी, लॉकडाउन, ऑपरेशन लोटस, GST, खान मार्केट गैंग, दिमागी नक्सल, बेरोजगारी, महंगाई, खराब अर्थव्यवस्था, क्रोनी कैपिटलिज्म, किसान आंदोलन, पहलवान आंदोलन, NRC-CAA, गलवान घाटी, पेपर लीक, UPI टैक्स, गोल्ड हॉलमार्क चार्ज… और भी बहुत कुछ है, जो आप सब जानते हैं और समय-समय पर देखते-सुनते रहे हैं।1