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नाबालिग से गलत काम करने वाले करन कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। राजधानी लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा की टीम को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग लड़के के साथ जबरदस्ती गलत काम करने वाले आरोपी करन कश्यप को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी पल्लेदारी का काम करता था। पुलिस टीम लगातार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
नाबालिग से गलत काम करने वाले करन कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। राजधानी लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा की टीम को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग लड़के के साथ जबरदस्ती गलत काम करने वाले आरोपी करन कश्यप को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी पल्लेदारी का काम करता था। पुलिस टीम लगातार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।
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- *ब्रेकिंग।* *नगर पंचायत बंथरा* बंथरा के महाराणा प्रताप वार्ड-8 में 200 मीटर सड़क पिछले डेढ़ साल से अधूरी पड़ी है। कई शिकायतों और नाप-जोख के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। नगर पंचायत पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, जबकि बरसात में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।1
- बस्ती में इलाज के नाम पर खेल? बड़ा खुलासा! 🔥🚨 👉 SK रोड बस्ती का एक डॉक्टर अब लोगों के निशाने पर! 💥 गंभीर आरोप क्या हैं? ➡️ बच्चों को जबरदस्ती भर्ती किया जा रहा है ➡️ इलाज के नाम पर खुली लूट ➡️ परिजनों से असभ्य व्यवहार ➡️ “पहले पैसा, फिर इलाज” जैसी मानसिकता! 😡 परिजनों का गुस्सा फूटा “बच्चे को डिस्चार्ज करने नहीं देते, जबरदस्ती रोककर पैसा बनाते हैं!” ⚠️ सबसे बड़ा सवाल: क्या बस्ती में अब इलाज भी मजबूरी नहीं, मजबूरी बनाकर कमाई का जरिया बन गया है? 📢 प्रशासन से सीधी मांग: 👉 तुरंत जांच हो 👉 दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो 👉 मरीजों के अधिकारों की रक्षा हो 🔥 अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो चुप मत रहिए! अपनी आवाज उठाइए, क्योंकि आज किसी और के साथ हो रहा है… कल आपके साथ भी हो सकता है!1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Journalist Rais Samachar News India2
- ग्राम मीर खेड़ा जेहटा में नाली की समस्या अब भी जस की तस खड़ी है, कई बार कहने पर भी काम न होना, जनता की मजबूरी बड़ी है। बातों से नहीं, काम से पहचान बनती है जनप्रतिनिधि की, उम्मीद अब भी बाकी है कि जिम्मेदारी निभेगी सही ढंग से।5
- कानपुर में नाबालिग के साथ हुई अमानवीय हरकत का वीडियो वायरल होने के बाद सनसनी फैल गई है। आरोप है कि दबंग युवक ने पीड़ित के साथ अपमानजनक व्यवहार किया और पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों पर कार्रवाई की बात कही है।1
- थाना नाका क्षेत्र में Bank of Baroda के पास लगी भीषण आग को बुझाने के दौरान कर्मचारी के आई चोट । मिली जानकारी के अनुसार, आग पर काबू पाने में जुटे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के ऊपर अचानक रास्ते/इमारत का बड़ा प्लास्टर का हिस्सा गिर गया। इस हादसे में एक कर्मचारी के कंधे पर गंभीर चोट आई है। फायर विभाग और पुलिस टीम पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही है, वहीं प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।3
- पत्रकारों की हुंकार से हिला भ्रष्ट तंत्र, 20 साल का वनवास खत्म, बेबस विधवा को प्रशासन ने दिलाया जमीन पर कब्जा (ब्यूरो चीफ लुकमान खान) पीलीभीत पीलीभीत। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की ताकत और कलम के सिपाहियों की एकजुटता के आगे आखिरकार पलिया तहसील प्रशासन को घुटने टेकने ही पड़े। पिछले 20 वर्षों से अपनी ही जमीन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही एक पत्रकार की बेबस मां को सोमवार को वह हक मिल गया, जिसके लिए भ्रष्ट लेखपाल और कानूनगो उसे सालों से टरका रहे थे। पत्रकारों के उग्र तेवर और आर-पार की जंग के ऐलान के बाद प्रशासन ने आनंद-फानन में एक्शन लेते हुए पीड़ित परिवार को जमीन पर कब्जा दिलाया। ग्राम नगला निवासी संजीदा बेगम का मामला प्रशासनिक निर्लज्जता का पराकाष्ठा था। 20 साल से उनकी 30 डिसमिल जमीन पर दबंगों ने ग्राम प्रधान के संरक्षण में अवैध कब्जा कर रखा था। हद तो तब हो गई जब शनिवार को लेखपाल और कानूनगो ने मौके पर जाकर पैमाइश की खानापूर्ति की और पीड़िता से सरेआम कह दिया कि कब्जा खुद कर लीजिए, हमसे नहीं होगा। प्रशासनिक अधिकारियों की इस कायरता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जब पत्रकार एकजुट हुए, तो पूरा सिस्टम हिल गया। सोमवार को पूरनपुर और पलिया क्षेत्र के तमाम पत्रकार पलिया तहसील पहुंचे और उप जिलाधिकारी का घेराव किया। पहले तो प्रशासन ने मामले को 10 तारीख तक टालने की कोशिश की और कोरा आश्वासन दिया। लेकिन पत्रकारों ने जब तहसील परिसर में ही उग्र धरना प्रदर्शन की सीधी चेतावनी दी, तो अधिकारियों के पसीने छूट गए। पत्रकारों की दो टूक थी कि न्याय अभी होगा, या फिर यहीं आंदोलन होगा। पत्रकारों के क्रांतिकारी रुख को देखते हुए उप जिलाधिकारी ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। प्रशासन ने आनन फानन में नायब तहसीलदार, संबंधित लेखपाल और भारी पुलिस फोर्स को मौके पर रवाना किया। जो अधिकारी कल तक पल्ला झाड़ रहे थे, वे पत्रकारों के दबाव में मौके पर खड़े होकर पैमाइश करवाने और कब्जा दिलाने को मजबूर हुए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दबंगों के हौसले पस्त किए गए और संजीदा बेगम को उनकी भूमि का वास्तविक हक सौंप दिया गया। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरनपुर से पत्रकार राजकुमार श्रीवास्तव, पत्रकार सबलू खान, लुकमान खां, फैजान खां, लल्ला खां और अफजल खां ने पलिया पहुंचकर मोर्चा संभाला। पलिया क्षेत्र से क्रांतिकारी पत्रकार संगठन के तहसील अध्यक्ष संजय सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज प्रजापति, संजीव झांजी, गुरसेठ पाल सहित दर्जनों पत्रकारों ने इस लड़ाई में अहम भूमिका निभाई।यह जीत उन भूमाफियाओं और भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो बिना रिश्वत के फाइल आगे नहीं बढ़ाते थे। संजीदा बेगम, जिन्होंने हताश होकर आत्महत्या की चेतावनी दी थी, आज उनकी आंखों में सुकून के आंसू हैं। पत्रकारों की इस एकजुटता ने साफ संदेश दे दिया है कि यदि कलम का सिपाही सड़क पर उतरा, तो भ्रष्टाचार की दीवारें गिरनी तय हैं।1