नवापारा में हर्षोल्लास के साथ मना विजयादशमी पर्व, प्रभु श्रीराम ने किया रावण का वध हरिहर स्कूल मैदान में हुआ रामलीला का मंचन, रावण दहन देखने उमड़े हजारों दर्शक नवापारा-राजिम। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व नवापारा नगर में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर में उत्सव का माहौल रहा। लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दशहरा पर्व मनाकर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। नगर के हरिहर स्कूल के विशाल मैदान में दशहरा उत्सव के अवसर पर भव्य रामलीला का मंचन किया गया। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों और रावण के अहंकार की कथा का सजीव चित्रण किया गया। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध के प्रसंग ने दर्शकों का मन मोह लिया। अंततः प्रभु श्रीराम के हाथों अहंकारी रावण का वध हुआ, जिसके साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश गूंज उठा। रावण वध के पश्चात मैदान में आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। इस ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा के साक्षी बनने के लिए नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में दशहरा पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। विजयादशमी का यह पर्व लोगों को संदेश देता है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है तथा अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।
नवापारा में हर्षोल्लास के साथ मना विजयादशमी पर्व, प्रभु श्रीराम ने किया रावण का वध हरिहर स्कूल मैदान में हुआ रामलीला का मंचन, रावण दहन देखने उमड़े हजारों दर्शक नवापारा-राजिम। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व नवापारा नगर में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर में उत्सव का माहौल रहा। लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दशहरा पर्व मनाकर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। नगर के हरिहर स्कूल के विशाल मैदान में दशहरा उत्सव के अवसर पर भव्य रामलीला का मंचन किया गया। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों और रावण के अहंकार की कथा का सजीव चित्रण किया गया। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध के प्रसंग ने दर्शकों का मन मोह लिया। अंततः प्रभु श्रीराम के हाथों अहंकारी रावण का वध हुआ, जिसके साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश गूंज उठा। रावण वध के पश्चात मैदान में आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। इस ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा के साक्षी बनने के लिए नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में दशहरा पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। विजयादशमी का यह पर्व लोगों को संदेश देता है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है तथा अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।
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- शीतलापारा के रावणभांठा में रामलीला का भव्य मंचन, अंगद-रावण संवाद ने बांधा समां रावण वध के साथ गूंजे जय श्रीराम के जयघोष, रामलीला देखने उमड़े श्रद्धालु गोबरा नवापारा। नगर के शीतलापारा स्थित रावण भाठा में पारंपरिक दशहरा उत्सव श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। राधा-कृष्ण मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कुहरापारा रामलीला मंडली ने रामायण के प्रमुख प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के लिए 25 फीट ऊंचे सीमेंट निर्मित रावण के समीप स्थायी रंगमंच तैयार किया गया था। मंच पर अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, कुंभकर्ण वध और राम-रावण युद्ध के दृश्यों का सजीव चित्रण किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। रावण वध के साथ ही पूरे परिसर में जय श्रीराम और सीताराम के जयघोष गूंज उठे। रामलीला के दौरान माता सीता की वापसी के लिए भगवान श्रीराम ने अंगद को रावण के दरबार में दूत बनाकर भेजा। अंगद के रूप में लोकेश मेहर, रावण के रूप में जितेंद्र चक्रधारी, लक्ष्मण के रूप में भागवत चक्रधारी, सुग्रीव के रूप में चंदन चौहान तथा बजरंगबली की भूमिका में बंटी प्रजापति ने अपने अभिनय से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। अंगद-रावण संवाद ने बढ़ाया रोमांच रावण के दरबार में अंगद और रावण के बीच हुए तीखे संवादों ने वातावरण को रोमांच से भर दिया। अंगद ने अपना पैर जमीन पर जमा दिया, जिसे रावण की सेना के योद्धा तक हिला नहीं सके। इसके बाद युद्ध के प्रसंग में लक्ष्मण और मेघनाद के बीच भीषण मुकाबला हुआ, जिसमें लक्ष्मण मूर्छित हो गए। आगे के प्रसंग में लक्ष्मण ने मेघनाद का वध कर दिया। अपनी सेना को कमजोर पड़ता देख रावण ने कुंभकर्ण को युद्ध के लिए भेजा, जिसका अंत रामदल के हाथों हुआ। रामलीला के माध्यम से कलाकारों ने सत्य, धर्म और न्याय की विजय का संदेश दिया। आयोजन ने नगरवासियों को धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ ही रामायण के आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।इस अवसर पर काफी संख्या में नगर वासी उपस्थित थे1
- बोड़ला में धूमधाम से मनाया गया विजयादशमी का पर्व: रथ पर सवार होकर निकले राम-लक्ष्मण, रावण वध के साथ अधर्म पर धर्म की हुई विजय बोड़ला। नगर में विजयादशमी का पावन पर्व अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर में विविध धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पर्व के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रभु श्री राम और लक्ष्मण जी भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। जगह-जगह नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर और आरती उतारकर रथ यात्रा का आत्मीय स्वागत किया। पूरा नगर "जय श्री राम" के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। नगर भ्रमण के पश्चात रावण वध का मंचन किया गया, जहाँ प्रभु श्री राम ने अहंकारी रावण का वध कर असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया। ज्योत कलश व जवारा विसर्जन नवरात्र के समापन पर नगर के देवी मंदिरों में स्थापित मनोकामना ज्योत कलश एवं माता के जवारा का पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ विसर्जन किया गया। श्रद्धालु जन बाजे-गाजे के साथ माता की भक्ति में लीन होकर जवारा विसर्जन यात्रा में शामिल हुए और क्षेत्र की समृद्धि व शांति की कामना की। दशहरा उत्सव के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे और पूरे नगर में उत्सव व उल्लास का माहौल बना रहा।1
- अभनपुर: - बस्तीपारा सकरी मे शान्ति से मातारानी जी का विसर्जन सम्पन्न हुआ !1
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- विजयदशमी के पावन अवसर पर पुलिस लाइन गरियाबंद में हुआ पारंपरिक शस्त्र पूजन *पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने की जिले की सुख-समृद्धि और शांति की कामना।* *गरियाबंद* - आज विजयदशमी (दशहरा) पर्व के पावन अवसर पर रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) गरियाबंद में पूर्ण विधि-विधान और पारंपरिक गरिमा के साथ शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया। इस विशेष अनुष्ठान में पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुलिस विभाग के आधुनिक एवं पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों तथा वाहनों का तिलक लगाकर, अक्षत और पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से पूजन किया। शस्त्र पूजन के इस गरिमामयी कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कर्ण सिंह उके, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री लितेश सिंह, एस.डी.ओ.पी. सुश्री निशा सिन्हा एवं रक्षित निरीक्षक श्री सनत कुमार ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। पूजा संपन्न होने के उपरांत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा हर्षोल्लास के साथ एक-दूसरे को विजयादशमी पर्व की बधाई व शुभकामनाएं दी गईं। इस शुभ अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर ने संपूर्ण पुलिस परिवार, उनके परिजनों तथा समस्त गरियाबंद जिलेवासियों को विजयदशमी की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए पुलिस परिवार और जिले की जनता के जीवन में अपार सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज में बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देता है और पुलिस बल सदैव जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर पुलिस लाइन के अन्य अधिकारी, अधीनस्थ कर्मचारी एवं पुलिस परिवार के सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।1
- बम्बू राफ्टिंग के माध्यम से मां दुर्गा की प्रतिमा का किया गया विसर्जन ग्रामीण क्षेत्रो मे पूरे 9 दिनो तक भक्ति भाव के साथ मा दुर्गा की पूजा अर्चना के बाद अब विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। नवरात्रि के दौरान गुरुर तहसील भक्ति मय माहौल मे डूबा रहा, बालोद जिले सहित छत्तीसगढ़ मे भी विख्यात मां सियादेवी मंदिर के अलावा मां कंकालिन मैया मंदिर कनेरी, मां दुर्गा मैया मंदिर तार्री, मां चंडी मंदिर कंवर, प्राचीन काल भैरव देऊर मंदिर गुरुर सहित विभिन्न मंदिरो मे भी नवरात्रि के दौरान माता सेवा, जस गीत, महाआरती चलता रहा,जहां क्षेत्र के श्रद्धालु मंदिर मे पहुंचकर देवी दर्शन कर घर परिवार मे सुख समृद्धि के लिए कामना की। गांव-गांव में अब मा दुर्गा की प्रतिमा एवं जोत जवारा का विधि विधान के साथ पूजा अर्चना के बाद विसर्जन किया जा रहा है। विसर्जन के पूर्व गांव के प्रमुख गली मोहल्ले मे माता सेवा, जस गीत गाते हुए तथा विभिन्न देवी देवता के प्रतीक डांग डोरी के साथ शोभायात्रा निकाली जा रही है जहां ग्रामीणो द्वारा पूजा अर्चना कर मंगल कामना की जा रही है।1
- नवापारा में हर्षोल्लास के साथ मना विजयादशमी पर्व, प्रभु श्रीराम ने किया रावण का वध हरिहर स्कूल मैदान में हुआ रामलीला का मंचन, रावण दहन देखने उमड़े हजारों दर्शक नवापारा-राजिम। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व नवापारा नगर में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर में उत्सव का माहौल रहा। लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दशहरा पर्व मनाकर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। नगर के हरिहर स्कूल के विशाल मैदान में दशहरा उत्सव के अवसर पर भव्य रामलीला का मंचन किया गया। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों और रावण के अहंकार की कथा का सजीव चित्रण किया गया। मंचन के दौरान भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध के प्रसंग ने दर्शकों का मन मोह लिया। अंततः प्रभु श्रीराम के हाथों अहंकारी रावण का वध हुआ, जिसके साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश गूंज उठा। रावण वध के पश्चात मैदान में आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। इस ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा के साक्षी बनने के लिए नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में दशहरा पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। विजयादशमी का यह पर्व लोगों को संदेश देता है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है तथा अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।1