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कालपी नगर में 6 मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की याद में सबील और लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान AIMIM के पदाधिकारी अमन पठान और उनके साथियों ने राहगीरों को शरबत पिलाया और लंगर वितरित किया। आयोजन के तहत पीने के पानी की सबील लगाई गई थी, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने पानी और शरबत ग्रहण किया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों द्वारा इंसानियत, सत्य एवं न्याय के लिए दी गई कुर्बानी को याद करने के लिए किया गया। कर्बला की घटना में सही गई प्यास और भूख की स्मृति को जीवित रखने के उद्देश्य से हर वर्ष मुहर्रम के दौरान सबील और लंगर का आयोजन होता है। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने इमाम हुसैन की शिक्षाओं को मानवता, भाईचारे और सेवा का संदेश बताया। इस आयोजन में नगर के कई गणमान्य नागरिक और युवा भी शामिल हुए।
पत्रकार विकाश सिंह
कालपी नगर में 6 मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की याद में सबील और लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान AIMIM के पदाधिकारी अमन पठान और उनके साथियों ने राहगीरों को शरबत पिलाया और लंगर वितरित किया। आयोजन के तहत पीने के पानी की सबील लगाई गई थी, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने पानी और शरबत ग्रहण किया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों द्वारा इंसानियत, सत्य एवं न्याय के लिए दी गई कुर्बानी को याद करने के लिए किया गया। कर्बला की घटना में सही गई प्यास और भूख की स्मृति को जीवित रखने के उद्देश्य से हर वर्ष मुहर्रम के दौरान सबील और लंगर का आयोजन होता है। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने इमाम हुसैन की शिक्षाओं को मानवता, भाईचारे और सेवा का संदेश बताया। इस आयोजन में नगर के कई गणमान्य नागरिक और युवा भी शामिल हुए।
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- कालपी नगर में 6 मुहर्रम के अवसर पर इमाम हुसैन की याद में सबील और लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान AIMIM के पदाधिकारी अमन पठान और उनके साथियों ने राहगीरों को शरबत पिलाया और लंगर वितरित किया। आयोजन के तहत पीने के पानी की सबील लगाई गई थी, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने पानी और शरबत ग्रहण किया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों द्वारा इंसानियत, सत्य एवं न्याय के लिए दी गई कुर्बानी को याद करने के लिए किया गया। कर्बला की घटना में सही गई प्यास और भूख की स्मृति को जीवित रखने के उद्देश्य से हर वर्ष मुहर्रम के दौरान सबील और लंगर का आयोजन होता है। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने इमाम हुसैन की शिक्षाओं को मानवता, भाईचारे और सेवा का संदेश बताया। इस आयोजन में नगर के कई गणमान्य नागरिक और युवा भी शामिल हुए।1
- जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जमकर बवाल हुआ। नायब तहसीलदार, लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ नगर पंचायत की टीम अवैध अतिक्रमण हटवाने पहुंची थी, तभी अतिक्रमणकारियों ने उन पर पत्थरबाजी कर हमला कर दिया। इस बवाल में नगर पंचायत के तीन कर्मचारी पत्थरबाजी से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा की गई पत्थरबाजी से बुलडोजर के शीशे भी टूट गए। बवाल की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचने पर मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद, एसडीएम और सीओ ने अपनी मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण हटवाया।4
- यह पोस्ट उन विभिन्न समूहों पर तीखा सवाल उठाता है और उनकी कड़ी निंदा करता है जिन्होंने अतीत में राम और राम मंदिर का विरोध किया। इसमें विशेष रूप से 'कार सेवकों को गोलियों से भूनने वालों' और 'राम के अस्तित्व को ही नकारने वालों' को निशाना बनाया गया है। आलोचना 'कांग्रेस के उन लोगों' तक भी जाती है जिन्होंने 'जीवन भर विपक्ष में बैठकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा', और लालू यादव पर जिन्होंने 'आडवाणी जी के रथ को बिहार में रोक कर जेल भेज दिया था'। लेखक राम मंदिर का विरोध करने वालों को तंज कसते हुए कहता है कि राम मंदिर निर्माण का निमंत्रण न मिलने पर वे 'शादी में आए फूफा की तरह मुंह फुला लेते हैं'। इसके विपरीत, पोस्ट में 'माननीय कल्याण सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री' के बलिदान की प्रशंसा की गई है, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर 'नैतिकता के आधार पर नहीं बल्कि आस्था के आधार पर' अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था, और उन्हें 'सच्चा राम भक्त' बताया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि जब रामलला स्थापित हो गए हैं, तब विरोधियों को 'बाल रूप रामलला' को थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी इच्छा से कहीं भी आते-जाते हैं। यह दृढ़ता से कहा गया है कि यह 'राम का फैसला है', और सवाल उठाया गया है कि अहंकारी और अज्ञानी लोग इसे 'इंसान की अदालत में' क्यों ले जाते हैं। पोस्ट उन लोगों को भी कड़ी फटकार लगाता है जो 'मोदी को महमूद गजनवी' बताते हैं। इसमें दावा किया गया है कि 'पिछले कई वर्षों में नालंदा से लेकर अयोध्या तक और अयोध्या से लेकर किष्किंधा तक राम के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करने वाले' अब 'अपने अस्तित्व को तरस रहे हैं', और कुछ तो 'भरी जवानी में ही निपट गए हैं'। 'कार सेवकों पर गोली चलाने वालों' से कहा गया है कि वे राम के अस्तित्व को नहीं समझ सकते, और चेतावनी दी गई है कि राम के अस्तित्व और नाम के साथ खिलवाड़ करना उनका दुर्भाग्य है, जिसके लिए राम शायद उन्हें कभी माफ न कर सकें। पोस्ट का समापन 'बोलो मेरे प्रभु राम, जय जय राम सियापति राम जय जय राम', 'जय श्री राधे हरे कृष्णा' और 'हर हर महादेव' के जयघोष के साथ होता है, और यह सवाल किया जाता है कि रामलला के अस्तित्व पर ही हमेशा क्यों प्रश्नचिह्न लगाया जाता है, क्योंकि 'ब्रह्मा, विष्णु, शंकर भी आ जाएं तो रामद्रोही को बचा नहीं पाएंगे'।1
- कस्बा रुरा के कमलानगर निवासी मनोरंजन शाह ने बिहार में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) के पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर चेयरमैन रामजी गुप्ता, मनोरंजन शाह के आवास पहुँचे। उन्होंने मनोरंजन शाह और उनके माता-पिता को फूल माला, शॉल पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
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- कानपुर देहात की संगसियापुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2016 से 2019 के बीच हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की कार्रवाई के तहत, जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्कालीन ग्राम प्रधान सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एक जांच समिति की रिपोर्ट के बाद की गई है, जिसमें लाखों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई थी। अकबरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली संगसियापुर ग्राम पंचायत में हुई जांच में ₹7,31,067 के गबन का खुलासा हुआ है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर, जिलाधिकारी के आदेश पर एडीओ पंचायत ने अकबरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मुकदमे में तत्कालीन ग्राम प्रधान राम सिंह, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी हरनाथ संखवार, तत्कालीन वीपीओ प्रियंका शुक्ला, और तत्कालीन वीडीओ स्नेहा राजपूत को नामजद किया गया है। इन पर सरकारी धन के उपयोग में अनियमितता बरतने और विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय गड़बड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी कपिल सिंह ने बताया कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई है। अकबरपुर थाना पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- जालौन के गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव में एक बुजुर्ग किसान की निर्मम हत्या कर दी गई। किसान अपने खेत पर स्थित ट्यूब वेल में सो रहा था, जब उस पर हमला हुआ। बुजुर्ग किसान के सिर में चोटों के गहरे निशान पाए गए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर एएसपी ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है।1