आज शाम लगभग 7 बजे, जनपद बांदा में केन नदी पुल से कुछ पहले एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रहे दो बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे के बाद कार चालक घायल व्यक्तियों को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायलों में से एक युवक जनपद बांदा का निवासी बताया गया है, जबकि दूसरे घायल ने अपना नाम दीपक कुमार वर्मा बताया, जो फतेहपुर के निवासी हैं। घटना के समय वहां मौजूद समाजवादी पार्टी के नेता अजय निषाद ने मानवता का परिचय देते हुए तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी। उन्होंने अन्य स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर घायलों को अस्पताल पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पुलिस को भी घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना करने वाले वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है और फरार कार चालक की तलाश कर रही है। अजय निषाद और अन्य स्थानीय नागरिकों की तत्परता और घायलों की जान बचाने के प्रयासों के लिए सराहना की जा रही है।
आज शाम लगभग 7 बजे, जनपद बांदा में केन नदी पुल से कुछ पहले एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रहे दो बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे के बाद कार चालक घायल व्यक्तियों को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायलों में से एक युवक जनपद बांदा का निवासी बताया गया है, जबकि दूसरे घायल ने अपना नाम दीपक कुमार वर्मा बताया, जो फतेहपुर के निवासी हैं। घटना के समय वहां मौजूद समाजवादी पार्टी के नेता अजय निषाद ने
मानवता का परिचय देते हुए तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी। उन्होंने अन्य स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर घायलों को अस्पताल पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पुलिस को भी घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना करने वाले वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है और फरार कार चालक की तलाश कर रही है। अजय निषाद और अन्य स्थानीय नागरिकों की तत्परता और घायलों की जान बचाने के प्रयासों के लिए सराहना की जा रही है।
- मोहर्रम की पांचवीं तारीख के अवसर पर पारंपरिक ढाल सवारियां पूरे श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाली गईं।1
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बाँदा पुलिस ने 'पहले सेहत, फिर ड्यूटी' का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के तहत पुलिस लाइन में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक सहित सभी अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। शिविर में मौजूद योगाचार्यों और विशेषज्ञों ने विभिन्न योग आसनों और प्राणायाम की विस्तृत जानकारी दी और सभी जवानों से उनका अभ्यास कराया। जवानों ने शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार लाने, तनावमुक्त जीवन जीने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न आसन किए। यह पहल केवल पुलिस लाइन तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि जिले के हर थाने में भी योग शिविर लगाए गए, जहाँ थाना प्रभारियों से लेकर सिपाहियों तक सभी ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिसार निरीक्षक बेलास यादव सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी इन शिविरों में उपस्थित रहे। बाँदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल का मानना है कि 'योग से जवान तंदुरुस्त होगा, तो अपराधी होंगे पस्त'। इस आयोजन के माध्यम से वर्दीधारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि एक स्वस्थ और सेहतमंद पुलिस बल ही एक सुरक्षित समाज की गारंटी है।1
- देश के अमृतकाल में प्रवेश करने और विकास के तीव्र गति से आगे बढ़ने के तमाम दावों के बावजूद, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की मवई बुजुर्ग स्थित एक दलित बस्ती की जमीनी हकीकत इन दावों पर गंभीर सवाल उठाती है। यह बस्ती विकास की कथित 'राजपथ' से पूरी तरह कटी हुई है, जहां आज भी न कोई उचित सड़क है, न नाली की व्यवस्था है और न ही शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं। भले ही सरकारी फाइलों और चुनावी भाषणों में विकास 'संतोषजनक' दिखाया जाता हो, लेकिन इस बस्ती में वह आज भी रास्ता ही तलाश रहा है। बरसात का मौसम यहां के लोगों के लिए 'मुसीबत' बनकर आता है, जब पानी आसमान से कम और 'व्यवस्था की उदासीनता' से ज्यादा बरसता है, जिससे घरों के सामने दलदल बन जाता है। यहाँ के बच्चे बचपन से ही यह सीख जाते हैं कि विकास एक ऐसा शब्द है जो भाषणों में तो रहता है, पर बस्तियों तक नहीं पहुँचता। लोग वर्षों से अपनी फरियाद कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतें केवल आवेदनों में, आवेदन फाइलों में और फाइलें लंबे इंतजार में बदल जाती हैं, और उनकी आवाज उन वातानुकूलित कमरों तक नहीं पहुँच पाती जहाँ विकास की नई परिभाषाएँ गढ़ी जाती हैं। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आता है जब एक माँ अपनी बेटी की शादी से पहले दहेज की चिंता नहीं करती, बल्कि बारात के गाँव तक पहुँचने के लिए सड़क न होने की चिंता में रोती है। यह आँसू करोड़ों के विकास का दावा करने वाली व्यवस्था के चेहरे पर एक सवाल हैं, जो कुछ मीटर सड़क भी उपलब्ध नहीं करा पाती। इतिहास जब इस दौर को लिखेगा, तो वह यह जरूर दर्ज करेगा कि यह वह समय था जब विकास के महलों में जश्न मनाया जा रहा था और उसी देश के एक कोने में कुछ लोग कीचड़ में धँसकर यह पूछ रहे थे कि, 'क्या हम भी इसी भारत के नागरिक हैं, या सिर्फ़ आँकड़ों की भीड़ में गुम एक अनसुनी बस्ती?' और तब विकास शायद चुप रहेगा, क्योंकि उसके पास भाषण तो बहुत हैं, लेकिन इस बस्ती के सवालों का जवाब नहीं।1
- बाँदा-कानपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम बहुत तेजी से चल रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह कार्य करीब दो साल के भीतर पूरा हो जाएगा। इस दोहरीकरण के परिणामस्वरूप, बाँदा जिले को कई नई ट्रेनें मिलेंगी, जिससे लोगों को दूसरे जिलों से ट्रेन पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे यात्रियों का समय भी बचेगा और डबल लाइन बनने से लोगों में खुशी का माहौल है।1
- लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब विकास योजनाओं और सरकारी उपलब्धियों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाकर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बुंदेलखंड की 19 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को केवल तीन सीटें मिली थीं। हालांकि, हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में सपा ने क्षेत्र की चार में से तीन सीटों पर जीत हासिल कर भाजपा के सामने एक नई चुनौती पेश की है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए, जहां समाजवादी पार्टी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और पीडीए, संविधान तथा आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं भाजपा विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बना रही है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में झांसी, ललितपुर, महोबा और राठ का दौरा किया, जहां उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान दावा किया कि प्रदेश सरकार की योजनाओं से बुंदेलखंड में विकास को गति मिली है और पलायन पर भी नियंत्रण हुआ है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बुंदेलखंड में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। दोनों दल संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान के जरिए अपनी चुनावी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। हालांकि, विकास योजनाओं और राजनीतिक रणनीतियों का जनता पर कितना असर होगा, इसका फैसला आगामी विधानसभा चुनाव के नतीजे ही करेंगे।2
- हमीरपुर जिले में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामूहिक योगाभ्यास किया और नियमित रूप से योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मुख्य अतिथि ने उपस्थित जनसमूह के साथ मिलकर विभिन्न योगासन एवं प्राणायामों का अभ्यास कर योग के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताते हुए स्वस्थ जीवन के लिए प्रतिदिन योग करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान गायत्री परिवार के बच्चों ने योग पर आधारित अपनी आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनसे लोगों को जागरूक किया गया और वहाँ मौजूद सभी ने उनकी सराहना की। कार्यक्रम में सदर विधायक मनोज प्रजापति, नगर पालिका चेयरमैन, भाजपा जिला अध्यक्ष, खनिज निदेशक माला श्रीवास्तव और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सहित जिले के कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। योग शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का गहन अभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन लोगों से नियमित रूप से योग को अपनाने और एक स्वस्थ व निरोग जीवन जीने की अपील के साथ हुआ।1
- मौसम विभाग ने देश के कई क्षेत्रों में आगामी बारिश, तेज हवाओं और बदलते मौसम को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के मद्देनजर, लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। विभाग ने आगाह किया है कि मौसम में हो रहे इन बदलावों के कारण कुछ प्रभावित क्षेत्रों में दैनिक जीवन और यातायात पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मोहर्रम की पांचवीं तारीख पर पारंपरिक ढाल सवारियां पूरे श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाली गईं। शहर के विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख मार्गों से ये सवारियां अपने-अपने इमामबाड़ों से रवाना हुईं। इस दौरान मातमी धुनों और या हुसैन की सदाओं के बीच अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ढाल सवारियां शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए देर रात तक अपने निर्धारित स्थलों तक पहुंचीं, जहाँ जियारत और अन्य धार्मिक रस्में अदा की गईं। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने सवारियों का स्वागत किया और मोहर्रम की परंपराओं में भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा तथा जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। मोहर्रम की पांचवीं पर निकली इन ढाल सवारियों ने एक बार फिर बांदा की गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारे और धार्मिक सौहार्द की मिसाल पेश की।3