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मिर्जापुर और लापता लेडीज जैसी नामचीन फिल्मों में काम कर चुके एक्टर सत्येंद्र सोनी एक मुश्किल में फंस गए थे, जिसका एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे रोते हुए मदद की गुहार लगाते दिखे। सत्येंद्र ने दावा किया कि डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने उनसे काम तो करवा लिया लेकिन उनके बकाया पैसे नहीं दिए, और साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद एक्टर मध्य प्रदेश के मैहर में फंस गए थे। सत्येंद्र द्वारा वीडियो साझा कर मदद मांगे जाने पर, मध्य प्रदेश पुलिस सहित कई लोगों ने उनकी सहायता की, जिसके बाद अब वे सुरक्षित हैं। एक्टर ने अपने वीडियो में पूरी कहानी विस्तार से बताई थी।
आदर्श भारत TV
मिर्जापुर और लापता लेडीज जैसी नामचीन फिल्मों में काम कर चुके एक्टर सत्येंद्र सोनी एक मुश्किल में फंस गए थे, जिसका एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे रोते हुए मदद की गुहार लगाते दिखे। सत्येंद्र ने दावा किया कि डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने उनसे काम तो करवा लिया लेकिन उनके बकाया पैसे नहीं दिए, और साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद एक्टर मध्य प्रदेश के मैहर में फंस गए थे। सत्येंद्र द्वारा वीडियो साझा कर मदद मांगे जाने पर, मध्य प्रदेश पुलिस सहित कई लोगों ने उनकी सहायता की, जिसके बाद अब वे सुरक्षित हैं। एक्टर ने अपने वीडियो में पूरी कहानी विस्तार से बताई थी।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- गाजियाबाद की क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी की एक वारदात का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई 26 जून को लालकुआं निवासी सत्यम द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई, जिसमें उन्होंने बताया था कि नोएडा से लौटते समय एबीईएस कॉलेज कट के पास ऑटो में सफर के दौरान उनकी जेब से मोबाइल चोरी हो गया था। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर पांचशील पार्क सोसाइटी के पास से नौशाद नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल चोरी की वारदात कबूल करते हुए बताया कि उसने पैसों की जरूरत के चलते यह चोरी की थी। आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि वह पहले कबाड़ का काम करता था और अब बाल काटने का काम करता है। पुलिस के अनुसार, नौशाद के खिलाफ पहले से ही चोरी, लूट, अवैध हथियार और आबकारी अधिनियम सहित कुल 9 मुकदमे दर्ज हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर के बर्रा-2 इलाके में दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कथित तौर पर एक युवक ने बीच सड़क पर दूसरे व्यक्ति की कनपटी पर पिस्टल तानकर उसे जान से मारने की धमकी दी, और कहा कि 'यहीं भेजा उड़ा दूंगा'। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुट गई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है, और पुलिस की जांच के बाद ही घटना के सभी तथ्य स्पष्ट हो पाएंगे।1
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गाजियाबाद के लोनी स्थित राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में देवी अहिल्याबाई होलकर के 301वें जन्मोत्सव समारोह में शिरकत की। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा राजनीतिक दावा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में फिर से कमल खिलेगा। केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि जिस तरह अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है, वैसे ही काशी और मथुरा में भी मंदिर बनाए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पूर्व मुखिया ने राम भक्तों पर गोली चलाने का पाप किया था। उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी कि इस मुद्दे पर कुछ न बोलें तो बेहतर होगा। डिप्टी सीएम ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव आज तक राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गए, और उनके बयान राम मंदिर व राम भक्तों को बदनाम करने वाले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि आंदोलन में अखिलेश यादव का कोई योगदान नहीं रहा है, इसलिए उन्हें श्रीराम मंदिर पर इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। केशव प्रसाद मौर्य ने उनके बयान की कड़ी आलोचना की। यह कार्यक्रम भाजपा के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।1
- गाजियाबाद के लोनी स्थित ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के सी-8 सेक्टर में, जिला प्रशासन, पुलिस और यूपीसीडा की एक संयुक्त टीम ने रविवार को सरकारी भूमि पर बने एक अवैध मजार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व एडीएम सिटी विकास कश्यप और एसडीएम लोनी दीपक सिंगनवाल ने किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही, जिसके कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन के अनुसार, सी-8 सेक्टर की यह भूमि यूपीसीडा के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सरकारी जमीन है। जांच में पाया गया कि यह मजार राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं था और इसके निर्माण के लिए कोई वैध अनुमति भी नहीं ली गई थी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई की गई। इस दौरान यूपीसीडा की परियोजना अधिकारी शर्मिला पटेल, सीनियर मैनेजर एन.के. जैन, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम सहित राजस्व, यूपीसीडा और पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। एडीएम सिटी विकास कश्यप ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है और सार्वजनिक या सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीएम लोनी दीपक सिंगनवाल ने बताया कि कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार की गई, जिसमें कोई विरोध या व्यवधान नहीं हुआ। यूपीसीडा की परियोजना अधिकारी शर्मिला पटेल ने भी दोहराया कि औद्योगिक क्षेत्र की भूमि का उपयोग केवल निर्धारित औद्योगिक उद्देश्यों के लिए हो सकता है और अवैध निर्माण के खिलाफ भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी और एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने कानून-व्यवस्था सामान्य रहने और किसी अप्रिय घटना की सूचना न मिलने की पुष्टि की। जिला प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।4
- गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में निवासी जल निगम की अपर्याप्त पानी सप्लाई से गंभीर रूप से परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जल निगम का पानी प्रतिदिन केवल 20 से 30 मिनट के लिए आता है, जो गर्मी के मौसम में सभी परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में अक्षम है। इस स्थिति के कारण कई परिवारों को ₹20 से ₹25 में बंद बोतल का पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें सरकारी पानी की सुविधा होने के बावजूद अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। समुदाय निवासियों का आरोप है कि यह बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति में विफलता है और संबंधित विभाग के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी इस समस्या का जल्द समाधान होगा और उन्हें पर्याप्त तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह रिपोर्ट संवाददाता रेनू पुरी द्वारा प्रस्तुत की गई है।3
- जनपद बुलंदशहर में भीषण गर्मी के बीच कोतवाली नगर पुलिसकर्मियों ने सड़क पर उतरकर राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाया, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिली। पुलिसकर्मियों ने तपती सड़क से गुजर रहे राहगीरों, ई-रिक्शा चालकों, बाइक सवारों और मजदूरों को रोककर शरबत वितरित किया। पुलिस की इस पहल को आम जनता ने खूब सराहा। लोगों ने इसे केवल शरबत वितरण नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक प्रयास बताया। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे अभियान पुलिस की छवि को बदलने और जनता के साथ विश्वास व आत्मीयता का रिश्ता बनाने में सहायक होते हैं।3
- मिर्जापुर और लापता लेडीज जैसी नामचीन फिल्मों में काम कर चुके एक्टर सत्येंद्र सोनी एक मुश्किल में फंस गए थे, जिसका एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे रोते हुए मदद की गुहार लगाते दिखे। सत्येंद्र ने दावा किया कि डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने उनसे काम तो करवा लिया लेकिन उनके बकाया पैसे नहीं दिए, और साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद एक्टर मध्य प्रदेश के मैहर में फंस गए थे। सत्येंद्र द्वारा वीडियो साझा कर मदद मांगे जाने पर, मध्य प्रदेश पुलिस सहित कई लोगों ने उनकी सहायता की, जिसके बाद अब वे सुरक्षित हैं। एक्टर ने अपने वीडियो में पूरी कहानी विस्तार से बताई थी।1
- राजधानी लखनऊ में यूपी एसटीएफ को एक बड़ी सफलता मिली है। पीजीआई थाना क्षेत्र के चर्चित संदीप सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर और ₹1 लाख के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। वह संदीप सिंह हत्याकांड में मुख्य शूटर के रूप में सामने आया था और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था। जानकारी के अनुसार, यूपी एसटीएफ और बदमाश संजय उर्फ संजीव के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान वह घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संजय उर्फ संजीव पर हत्या सहित कई अन्य जघन्य अपराध दर्ज थे, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने ₹1 लाख का इनाम घोषित किया था। इस आरोपी की मौत के बाद अब पुलिस उसके अन्य साथियों और पूरे गैंग के नेटवर्क की जांच में जुट गई है।1