पुलिस ने निभाया सामाजिक सरोकार सफाई कर्मी की बेटी के विवाह में लिया भाग सफाई कर्मचारी की बेटी के विवाह में भरा भात पुलिस वालों ने* अक्सर अनुशासन और सख्ती के लिए पहचानी जाने वाली खाकी के पीछे एक बेहद संवेदनशील और मानवीय हृदय भी धड़कता है. इसकी एक जीवंत मिसाल कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नारायणपुर पुलिस थाने में देखने को मिली है. यहां के पुलिसकर्मियों ने न केवल कानून की रक्षा की, बल्कि सामाजिक सरोकार निभाते हुए अपने ही थाने के सफाई कर्मचारी की बेटी की शादी में मायरा (भात) भरकर इंसानियत का एक अनुपम उदाहरण पेश किया है. *जब 'खाकी' ने निभाया परिवार का फर्ज:* नारायणपुर थाने में सफाई कर्मचारी कैलाश लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. जब उनकी बेटी की शादी तय हुई, तो परिवार के सामने आर्थिक तंगहाली एक बड़ी चुनौती थी. जैसे ही यह बात थाना स्टाफ के संज्ञान में आई, बानसूर सीओ मेघा गोयल और थानाधिकारी रोहिताश कुमार के नेतृत्व में पूरे स्टाफ ने एकजुट होकर कैलाश की मदद करने का निर्णय लिया. पुलिसकर्मियों ने आपसी सहयोग से राशि एकत्रित की ताकि अपने सहकर्मी की बेटी की विदाई को यादगार बनाया जा सके. *थानेदार से लेकर सिपाही तक बने 'मायरेती:* शादी समारोह के दौरान जब खाकी वर्दी पहने पुलिसकर्मी हाथों में मायरे की थाल और उपहार लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया. पुलिसकर्मियों ने रस्मों को निभाते हुए 1 लाख 61 हजार रुपये की नकद राशि भेंट की. इसके साथ ही घरेलू उपयोग के विभिन्न सामान और कपड़े उपहार स्वरूप दिए. नवदंपती को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देते हुए पुलिसकर्मियों ने यह साबित कर दिया कि वे समाज के रक्षक ही नहीं, बल्कि सुख-दुख के साथी भी हैं. *छलक आए कैलाश के आंसू:* अपनी बेटी की शादी में पुलिस के इस अप्रत्याशित सहयोग को देखकर कैलाश और उनका परिवार भावुक हो गया. कैलाश ने नम आंखों से कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि थाने का स्टाफ इस तरह उनके परिवार की जिम्मेदारी को अपना मानकर साझा करेगा. *अधिकारी बोले- कैलाश हमारा परिवार है:* इस पहल के बारे में बानसूर सीओ मेघा गोयल और थानाधिकारी रोहिताश कुमार ने बताया कि कैलाश उनके थाने का महज एक कर्मचारी नहीं, बल्कि पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा है. एक सहकर्मी के नाते उसकी खुशियों में शामिल होना उनकी पारिवारिक जिम्मेदारी थी. वे चाहते थे कि बेटी की विदाई पूरे सम्मान के साथ हो... क्षेत्र की खबरों के लिए पत्रकार गोपेश शर्मा थानागाजी न्यूज़ नेटवर्क 995086 5219 पर संपर्क करें सभी तरह के विज्ञापन लगाए जाते हैं
पुलिस ने निभाया सामाजिक सरोकार सफाई कर्मी की बेटी के विवाह में लिया भाग सफाई कर्मचारी की बेटी के विवाह में भरा भात पुलिस वालों ने* अक्सर अनुशासन और सख्ती के लिए पहचानी जाने वाली खाकी के पीछे एक बेहद संवेदनशील और मानवीय हृदय भी धड़कता है. इसकी एक जीवंत मिसाल कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नारायणपुर पुलिस थाने में देखने को मिली है. यहां के पुलिसकर्मियों ने न केवल कानून की रक्षा की, बल्कि सामाजिक सरोकार निभाते हुए अपने ही थाने के सफाई कर्मचारी की बेटी की शादी में मायरा (भात) भरकर इंसानियत का एक अनुपम उदाहरण पेश किया है. *जब 'खाकी' ने निभाया परिवार का फर्ज:* नारायणपुर थाने में सफाई कर्मचारी कैलाश लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. जब उनकी बेटी की शादी तय हुई, तो परिवार के सामने आर्थिक तंगहाली एक बड़ी चुनौती थी. जैसे ही यह बात थाना स्टाफ के संज्ञान में आई, बानसूर सीओ मेघा गोयल और थानाधिकारी रोहिताश कुमार के नेतृत्व में पूरे स्टाफ ने एकजुट होकर कैलाश की मदद करने का निर्णय लिया. पुलिसकर्मियों ने आपसी सहयोग से राशि एकत्रित की ताकि अपने सहकर्मी की बेटी की विदाई को यादगार बनाया जा सके. *थानेदार से लेकर सिपाही तक बने 'मायरेती:* शादी समारोह के दौरान जब खाकी वर्दी पहने पुलिसकर्मी हाथों में मायरे की थाल और उपहार लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया. पुलिसकर्मियों ने रस्मों को निभाते हुए 1 लाख 61 हजार रुपये की नकद राशि भेंट की. इसके साथ ही घरेलू उपयोग के विभिन्न सामान और कपड़े उपहार स्वरूप दिए. नवदंपती को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देते हुए पुलिसकर्मियों ने यह साबित कर दिया कि वे समाज के रक्षक ही नहीं, बल्कि सुख-दुख के साथी भी हैं. *छलक आए कैलाश के आंसू:* अपनी बेटी की शादी में पुलिस के इस अप्रत्याशित सहयोग को देखकर कैलाश और उनका परिवार भावुक हो गया. कैलाश ने नम आंखों से कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि थाने का स्टाफ इस तरह उनके परिवार की जिम्मेदारी को अपना मानकर साझा करेगा. *अधिकारी बोले- कैलाश हमारा परिवार है:* इस पहल के बारे में बानसूर सीओ मेघा गोयल और थानाधिकारी रोहिताश कुमार ने बताया कि कैलाश उनके थाने का महज एक कर्मचारी नहीं, बल्कि पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा है. एक सहकर्मी के नाते उसकी खुशियों में शामिल होना उनकी पारिवारिक जिम्मेदारी थी. वे चाहते थे कि बेटी की विदाई पूरे सम्मान के साथ हो... क्षेत्र की खबरों के लिए पत्रकार गोपेश शर्मा थानागाजी न्यूज़ नेटवर्क 995086 5219 पर संपर्क करें सभी तरह के विज्ञापन लगाए जाते हैं
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
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- बिजनौर के धामपुर से जहां रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और सिलेंडर की समय पर आपूर्ति न होने से उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। गैस बुक कराने के करीब 25 दिन बाद भी डिलीवरी न मिलने और घरेलू सिलेंडर पर लगभग 60 रुपये की वृद्धि से लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसी को लेकर कई उपभोक्ता गैस एजेंसी पहुंच गए और विरोध जताते हुए कालाबाजारी की आशंका भी व्यक्त की। उपभोक्ता अदनान अहमद, दीपू शर्मा, सूर्य कुमार, सुरेन्द्र कुमार, सुरेश कुमार और मोहित सहित अन्य लोगों ने एजेंसी संचालिका डिम्पल गुप्ता से व्यवस्था सुधारने की मांग की। उनका कहना था कि सिलेंडर समय पर न मिलने से घरों की रसोई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एजेंसी पर बढ़ते हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मृदुल कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने उपभोक्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया और संबंधित समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया बाइट डिंपल गुप्ता संचालिका वेंकटेश्वर गैस एजेंसी धामपुर4
- बिहार के बेगूसराय में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के काफिले के सामने कुछ लोगों ने UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाज़ी करते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया, जिसमें लोगों ने UGC से संबंधित फैसलों के खिलाफ आवाज़ उठाई और सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध जनता का अधिकार है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया है। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।1
- Post by Voice of Labour1
- Post by Ram Mishra1
- कांस्टेबल राम प्रकाश को ₹10000 की रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है दौसा पुलिस एसीबी के अधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया कि परिवादी के द्वारा 6 तारीख को अपने माता-पिता व छोटे भाई के खिलाफ टहला थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था जिस पर दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया था जिस राजीनामे को रक्षित पत्रावली पर लाने के लिए हेड कांस्टेबल राम प्रकाश व रामनारायण के द्वारा परिवादी से ₹15000 लेने की तय हुई,और इस केस की जांच कांस्टेबल रामनारायण कर रहा था जिसका एसीबी टीम के द्वारा सत्यापन किया जाकर कार्यवाही की जिस पर गोलाकाबास पुलिस चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल राम प्रकाश ने₹10000 की रिश्वत ली और रिश्वत लेते ही एसीबी टीम के द्वारा रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है जिसमें एसीबी टीम ने राम प्रकाश को गिरफ्तार करके सैंथल पुलिस थाने पर लाकर के रिश्वत की राशि बरामद की और आगे की कार्यवाही एसीबी टीम के द्वारा जारी है2
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1