बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के काफिले के सामने UGC के विरोध में नारेबाज़ी। बिहार के बेगूसराय में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के काफिले के सामने कुछ लोगों ने UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाज़ी करते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया, जिसमें लोगों ने UGC से संबंधित फैसलों के खिलाफ आवाज़ उठाई और सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध जनता का अधिकार है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया है। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।
बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के काफिले के सामने UGC के विरोध में नारेबाज़ी। बिहार के बेगूसराय में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के काफिले के सामने कुछ लोगों ने UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाज़ी करते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया, जिसमें लोगों ने UGC से संबंधित फैसलों के खिलाफ आवाज़ उठाई और सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध जनता का अधिकार है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया है। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।
- बिहार के बेगूसराय में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के काफिले के सामने कुछ लोगों ने UGC से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाज़ी करते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया, जिसमें लोगों ने UGC से संबंधित फैसलों के खिलाफ आवाज़ उठाई और सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध जनता का अधिकार है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया है। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।1
- Post by Voice of Labour1
- Post by Ram Mishra1
- बसवा थाना क्षेत्र में महिला का शव मिलने से हड़कंप, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल..? 2 दिन पूर्व घर से लापता हुई महिला का शव बसवा थाना क्षेत्र के सबडावली गांव के जंगल में ग्रामीणों ने पड़ा देखा , जिसकी सूचना बसवा पुलिस को दी गई , पुलिस ने सबको कब्जे में लेकर बसवा सीएचसी पहुंचाया, महिला के शव की शिनाख्त दो दिन पहले आभानेरी से गायब हुई महिला के रुप में हुई , परिजनों ने रोते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाए1
- बांदीकुई।। से 23 लोको पायलट पदों को अन्यत्र स्थानांतरित करने के विरोध में रेल कर्मचारियों ने अजमेर-जम्मूतवी पूजा सुपरफास्ट ट्रेन पर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सांसद मुरारी लाल मीणा को एक ज्ञापन भी सौंपा।रेल कर्मचारियों ने सांसद को बताया कि 2025 के कैडर रिव्यू में बांदीकुई में कुल 24 पद बढ़ाए गए थे। इनमें लोको पायलट मेल का 1, लोको पायलट सवारी गाड़ी के 5, लोको पायलट मालगाड़ी के 7, वरिष्ठ सहायक लोको पायलट के 9 और सहायक लोको पायलट के 2 पद शामिल थे।हालांकि, पिन पॉइंटिंग के तहत लोको पायलट मेल का 1 पद, लोको पायलट सवारी गाड़ी के 5 पद बांदीकुई से जयपुर स्थानांतरित कर दिए गए। इसी तरह, लोको पायलट मालगाड़ी के 5 पद, वरिष्ठ सहायक लोको पायलट के 10 पद और सहायक लोको पायलट के 2 पद बांदीकुई से न्यू फुलेरा स्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिए गए, जिससे कुल 23 पद प्रभावित हुए।कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बांदीकुई लोको लॉबी के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी मेल के 3 पद बांदीकुई से जयपुर स्थानांतरित किए गए थे। बांदीकुई-टूंडला बीट का कार्य भी बांदीकुई के स्टाफ से न करवाकर एनसीआर के क्रू द्वारा करवाया जा रहा है, जबकि यह बीट पारंपरिक रूप से बांदीकुई स्टाफ द्वारा ही संचालित की जाती रही है।दौरान मानसिंह गांगुली, खेमराज मीणा, हरिश्चंद्र गुर्जर, विमलेश मीणा, दिनेश बैरवा, रघुवीरसिंह, महावीर, हरिवल्लभ, नरमचंद शर्मा, रामहरी, सुनील गुर्जर, रमेश चंद, नवल किशोर, मनीष गुर्जर, घनश्याम, देशराज, राजेश जांगिड़, अशोक मीणा और राजेश मीरवाल सहित कई रेलकर्मी मौजूद रहे।1
- चार साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, शहीद नितेश कुमार की अंतिम विदाई1
- Post by संवाददाता दैनिक कंचन केसरी1
- जसोल: राजस्थान के चर्चित जसोल परिवार से जुड़ी एक खबर इन दिनों चर्चा में है। खबरों और स्थानीय चर्चाओं के मुताबिक, यह सवाल उठ रहा है कि क्या मानवेंद्र सिंह ने दूसरी शादी कर ली है। हालांकि इस बारे में अभी तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसी बीच एक और मामला सुर्खियों में आ गया है। बताया जा रहा है कि मानवेंद्र सिंह की मां को घर के अंदर आने से रोक दिया गया, जिसके बाद परिवार के अंदर मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। इस घटना को लेकर जसोल क्षेत्र और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के अंदर चल रहे विवाद की वजह से यह स्थिति बनी है, लेकिन असली कारण क्या है, इसे लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।1