श्रावस्ती जनपद के थाना सिरसिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बडरहवा में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने के बाद थाना सिरसिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान रुबिया बेगम के रूप में हुई है, जिसकी शादी लगभग चार वर्ष पूर्व हुई थी। आरोप है कि महिला के साथ मारपीट करने के बाद उसे फांसी के फंदे से लटका दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव का पंचायतनामा भरा गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर थाना सिरसिया में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्राधिकारी भिनगा, भरत पासवान ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। घटना स्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
श्रावस्ती जनपद के थाना सिरसिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बडरहवा में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने के बाद थाना सिरसिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान रुबिया बेगम के रूप में हुई है, जिसकी शादी लगभग चार वर्ष पूर्व हुई थी। आरोप है कि महिला के साथ मारपीट करने के बाद उसे फांसी के फंदे से लटका दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव का पंचायतनामा भरा गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर थाना सिरसिया में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्राधिकारी भिनगा, भरत पासवान ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। घटना स्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
- श्रावस्ती जनपद के इकौना थाना क्षेत्र के अंतर्गत कटघर स्थित हनुमान मंदिर में ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगलवार के अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भव्य भंडारे का आयोजन अटल बिहारी पाण्डेय जी द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विधायक पंडित राम फिरान जी उपस्थित रहे।1
- श्रावस्ती जिले में ‘‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’’ के अंतर्गत कलेक्ट्रेट स्थित तथागत हाल में कुल 77 जोड़ों का विवाह सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद और उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव ने द्वीप प्रज्वलित कर और कलश की पूजा करके किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने नवविवाहित वर-वधुओं को प्रमाण पत्र और उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में सभी सामाजिक/धार्मिक मान्यताओं और परम्पराओं का सम्मान करते हुए सर्वधर्म-समभाव और सामाजिक समरसता के साथ वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न हुए। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में योजना को गरीबों के लिए एक ऐतिहासिक कदम और वरदान बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना ऐसे गरीब परिवारों के लिए है जो अपनी निर्धनता के कारण बेटियों का विवाह करने में कठिनाई महसूस करते थे, और अब सरकार उनके खर्च पर विवाह संपन्न करा रही है। योजना के तहत, प्रत्येक लाभार्थी जोड़े को कुल एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है, जिसमें से 60 हजार रुपये सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, 25 हजार रुपये के उपहार दिए जाते हैं, जबकि 15 हजार रुपये खाना, टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर व्यय होते हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने भी इस योजना को गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए वरदान बताते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी बेटियों की शादी के लिए चिंतित होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना की जिम्मेदारी नोडल विभाग, यानी समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई है, जिसके माध्यम से पात्रों का चयन कर लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विकास खण्ड इकौना से 14, गिलौला से 12, हरिहरपुररानी से 15, जमुनहा से 08 और सिरसिया से 17 जोड़े शामिल थे। इसके अतिरिक्त, नगर पालिका भिनगा से 08 और नगर पंचायत इकौना से 03 जोड़ों ने भी विवाह किया। इन 77 जोड़ों में अल्पसंख्यक वर्ग के 24, अन्य पिछड़ा वर्ग के 24, अनुसूचित जाति के 15, अनुसूचित जनजाति के 02 और सामान्य वर्ग के 12 जोड़े सम्मिलित थे। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. अमरनाथ यति ने इस अवसर पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उप निदेशक समाज कल्याण जी. राम प्रजापति, परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अजय कुमार यादव, जिला बचत अधिकारी रामप्रसाद, जिला प्रोबेशन अधिकारी मो. मुमताज, सभी खण्ड विकास अधिकारीगण सहित अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी और वर-वधुओं के परिवारीजन उपस्थित रहे।1
- इकौना-बलरामपुर मार्ग पर दिन भर छुट्टा जानवरों की भरमार रहती है, जिसके कारण आए दिन राहगीर चोटिल होते रहते हैं। इन दुर्घटनाओं का शिकार गौवंश भी लगातार बन रहे हैं। यह स्थिति विशेष रूप से इकौना बाईपास और इकौना कस्बे में देखी जाती है, जहाँ प्रतिदिन कोई न कोई हादसा होता ही रहता है। सड़कों पर पूरे समय इन जानवरों के घूमने से दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।1
- बलरामपुर जनपद के विकास खंड तुलसीपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनपुर दयालीडीह में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाया गया सामुदायिक शौचालय अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बन गया है। सरकारी अभिलेखों में इसके संचालन, मरम्मत और सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021-22 में इस सामुदायिक शौचालय के निर्माण और मरम्मत के नाम पर लगभग 9 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद, इसकी स्थिति बेहद दयनीय है। मौके पर टूटी हुई फर्श, उखड़े हुए टाइल्स, खराब फ्लश सिस्टम, टूटे वाश बेसिन और जलापूर्ति पूरी तरह गायब मिली। शौचालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा है, जिससे ग्रामीणों को सुविधा मिलने के बजाय केवल परेशानी ही हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सामुदायिक शौचालय केवल कागजों में ही संचालित हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण और रखरखाव के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं, जबकि धरातल पर सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार खुले में शौच मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण ये महत्वपूर्ण योजनाएं दम तोड़ रही हैं। यह बड़ा सवाल खड़ा करता है कि लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी सुविधाएं कहाँ गईं? क्या अधिकारियों ने बिना जांच के ही भुगतान कर दिया, या फिर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट हुई? ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और शौचालय को तत्काल प्रभाव से चालू कराने की मांग की है।4
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में दफन एक युवक के शव को बाहर निकाला गया है। बताया गया है कि इस मामले में अब युवक के शव का दोबारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।1
- दुनिया से यह स्पष्ट आह्वान किया गया है कि वह इस्लाम को मानने वाले लोगों की स्थिति को देखे। इस संदेश में उन लोगों पर सीधा आरोप लगाया गया है जो मुस्लिमों को 'अंधभक्त' बना रहे हैं।2
- बकरीद पर्व से पहले बहराइच जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रानीपुर थाना पुलिस ने थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक विराट और ऐतिहासिक फ्लैग मार्च निकाला। इस ‘सिंघम’ स्टाइल फ्लैग मार्च के दौरान गांव-गांव में सायरन गूंजे, जहाँ भारी पुलिस फोर्स और बाइक दस्तों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं। थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार मिश्रा स्वयं लगातार सड़कों पर उतरकर संवेदनशील इलाकों की निगरानी करते दिखे। पुलिस ने रानीपुर, ताजपुर, गोबरहा, सर्वा, रमवापुर चौराहा, कटघरी चौराहा और कुट्टी बाजार सहित कई क्षेत्रों में पैदल मार्च कर जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट करने या शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस मुस्तैदी को देखते हुए जनता ने भी कहा, “ऐसी मुस्तैद पुलिस हो तो डर कैसा!”1
- श्रावस्ती के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. ए.के. सिंह ने मंगलवार सुबह लगभग 11:40 बजे जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें कई गंभीर अव्यवस्थाएं मिलीं। निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने ओपीडी कक्ष, जनरल वार्ड, इमरजेंसी और लेबर रूम का गहनता से जायजा लिया और पाई गई कमियों को लेकर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई, साथ ही तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, डायलिसिस यूनिट बंद पाई गई। जानकारी लेने पर पता चला कि पानी की आपूर्ति संबंधी समस्या के कारण यह सेवा संचालित नहीं हो पा रही थी और टंकी में नियमित रूप से पानी नहीं भरा जा रहा था। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कर्मचारियों को समस्या का तुरंत समाधान कर डायलिसिस सेवा को सुचारु रूप से चलाने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, एमआरआई विभाग के निरीक्षण में भी कई तकनीकी और व्यवस्थागत कमियां सामने आईं, जिन्हें मरीजों की असुविधा को रोकने के लिए शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी असंतोषजनक मिली, कई स्थानों पर गंदगी पाए जाने पर सीएमओ ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के समय अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।1