श्रावस्ती के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. ए.के. सिंह ने मंगलवार सुबह लगभग 11:40 बजे जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें कई गंभीर अव्यवस्थाएं मिलीं। निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने ओपीडी कक्ष, जनरल वार्ड, इमरजेंसी और लेबर रूम का गहनता से जायजा लिया और पाई गई कमियों को लेकर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई, साथ ही तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, डायलिसिस यूनिट बंद पाई गई। जानकारी लेने पर पता चला कि पानी की आपूर्ति संबंधी समस्या के कारण यह सेवा संचालित नहीं हो पा रही थी और टंकी में नियमित रूप से पानी नहीं भरा जा रहा था। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कर्मचारियों को समस्या का तुरंत समाधान कर डायलिसिस सेवा को सुचारु रूप से चलाने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, एमआरआई विभाग के निरीक्षण में भी कई तकनीकी और व्यवस्थागत कमियां सामने आईं, जिन्हें मरीजों की असुविधा को रोकने के लिए शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी असंतोषजनक मिली, कई स्थानों पर गंदगी पाए जाने पर सीएमओ ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के समय अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
श्रावस्ती के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. ए.के. सिंह ने मंगलवार सुबह लगभग 11:40 बजे जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें कई गंभीर अव्यवस्थाएं मिलीं। निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने ओपीडी कक्ष, जनरल वार्ड, इमरजेंसी और लेबर रूम का गहनता से जायजा लिया और पाई गई कमियों को लेकर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई, साथ ही तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, डायलिसिस यूनिट बंद पाई गई। जानकारी लेने पर पता चला कि पानी की आपूर्ति संबंधी समस्या के कारण यह सेवा संचालित नहीं हो पा रही थी और टंकी में नियमित रूप से पानी नहीं भरा जा रहा था। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कर्मचारियों को समस्या का तुरंत समाधान कर डायलिसिस सेवा को सुचारु रूप से चलाने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, एमआरआई विभाग के निरीक्षण में भी कई तकनीकी और व्यवस्थागत कमियां सामने आईं, जिन्हें मरीजों की असुविधा को रोकने के लिए शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी असंतोषजनक मिली, कई स्थानों पर गंदगी पाए जाने पर सीएमओ ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के समय अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह ने थाना नवीन मॉडर्न श्रावस्ती में विवेचकगणों के साथ एक अर्दली रूम आयोजित किया। इस दौरान लंबित विवेचनाओं और लंबित प्रार्थना पत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, उनकी प्रगति की गहन समीक्षा की गई। विवेचकों को निर्देश दिए गए कि वे मामलों का त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आए और जनसामान्य को समय पर न्याय मिल सके। बैठक में गैंगेस्टर अधिनियम के तहत लंबित अभियोगों में धारा 14(1) उ०प्र० गैंगेस्टर अधिनियम के अंतर्गत की गई कार्यवाही, गुंडा अधिनियम के तहत की गई कार्यवाही में जिलाबदर की स्थिति और साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा भी की गई। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन प्राप्त प्रार्थना पत्रों की समीक्षा के साथ-साथ ऑपरेशन क्लीन, ऑपरेशन दहन और ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत की गई कार्रवाइयों का अवलोकन किया गया। पुरस्कार घोषित/वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा एनबीडब्लू/बीडब्लू के तामीला की स्थिति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक के बाद, आगामी बकरीद त्यौहार के मद्देनजर, अपर पुलिस अधीक्षक ने थाना नवीन मॉडर्न श्रावस्ती पुलिस के साथ कस्बा कटरा बाजार में पैदल गश्त की। इस गश्त का उद्देश्य शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना तथा आमजन को सुरक्षा का एहसास दिलाना था। इस अवसर पर थाना प्रभारी नवीन मॉडर्न श्रावस्ती, श्री जयहरी मिश्रा, सहित अन्य विवेचकगण और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- मंडलायुक्त ने मंगलवार को बलरामपुर पहुंचकर विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य और रिंग रोड परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के बाद, मंडलायुक्त ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्यों को हर हाल में पूरा कर लिया जाए। निरीक्षण के दौरान, मंडलायुक्त ने कार्यों की धीमी प्रगति पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंडलायुक्त ने निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ यह भी निर्देश दिया कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर ही पूरा किया जाए। संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर कार्य अधूरा है, वहाँ अतिरिक्त संसाधन लगाकर काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक युवक को सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, युवक द्वारा की गई टिप्पणी वाली पोस्ट तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद रानीपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और जेल भेज दिया। यह पूरा मामला अब इलाके भर में चर्चा का एक प्रमुख विषय बना हुआ है।1
- बहराइच जिले के दरगाह थाना क्षेत्र के चिचड़ी इलाके में एक सड़क हादसे में घायल हुई एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने महिला को घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेजा, जिसका पोस्टमार्टम मंगलवार को कराया गया। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में नानपारा बाईपास स्थित शिवाले बाग के पास सोमवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। बहराइच की ओर जा रही एक ऑटो और नानपारा की ओर से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान रिसिया थाना क्षेत्र के ग्राम समसा तरहर निवासी विपिन कुमार उर्फ फौजदार पुत्र जगपत के रूप में हुई है। बताया गया है कि हादसे के वक्त ऑटो में चालक सहित कुल आठ लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद हाईवे पर काफी भीड़ जमा हो गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही क़स्बा चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को हटाकर मार्ग को फिर से सुचारु कराया। मौके पर पहुँची एंबुलेंस की मदद से घायल व्यक्तियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा भेजा गया, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- आज दिनांक 25.05.26 को आगामी बकरीद त्योहार को ध्यान में रखते हुए थाना कोतवाली में एक पीस कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया।1
- श्रावस्ती जनपद के थाना सिरसिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बडरहवा में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलने के बाद थाना सिरसिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान रुबिया बेगम के रूप में हुई है, जिसकी शादी लगभग चार वर्ष पूर्व हुई थी। आरोप है कि महिला के साथ मारपीट करने के बाद उसे फांसी के फंदे से लटका दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव का पंचायतनामा भरा गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर थाना सिरसिया में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्राधिकारी भिनगा, भरत पासवान ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। घटना स्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।1
- एक युवक की मौत पर गंभीर सवाल उठने के बाद, उसके दफन किए जाने के ठीक 23 दिन बाद शव को कब्र खोदकर बाहर निकाला गया है। यह कार्रवाई हत्या के शक में की गई है, जिसके उपरांत पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।1
- यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब मुस्लिम समुदाय ने गाय माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की बात कही है, तो ऐसे समय में गौ रक्षक संगठन खामोश क्यों हैं। यह स्थिति उन गौ रक्षक संगठनों की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जो आमतौर पर गौ रक्षा के मुद्दे पर मुखर रहते हैं।1